Showing posts with label jaipur. Show all posts
Showing posts with label jaipur. Show all posts

Tuesday, November 9, 2021

Vimarsh - Savitri - Sri Aurobindo's vision of Integrated India




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी जयपुर विभाग द्वारा रविवार 8 अगस्त 2021 को विमर्श का आयोजन किया गया। इस आयोजन के मुख्य वक्ता डॉक्टर अश्विन कपड़िया (पूर्व कुलपति, दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय) रहे। जिन्होंने "सावित्री- संगठित भारत हेतु श्री अरविंद की दृष्टि" विषय पर सभी का मार्गदर्शन किया। इस आयोजन में कुल उपस्थिति 74 रही।  

यूट्यूब लिंक - https://youtu.be/qSAdySaOTcM

Friday, October 22, 2021

गुरु पूर्णिमा उत्सव - जयपुर



 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, जयपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव पर 2 कार्यक्रम मुख्य रूप से आयोजित किये गये :-

1. विवेकानन्दा केन्द्र कन्याकुमारी जयपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन स्वाध्याय वर्ग में शनिवार 24 जुलाई 2021 को समय 6:00 से 7:00 बजे तक किया गया। इसमें गुरु भजन के पश्चात विवेकानन्दा केन्द्र की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष माननीय निवेदिता दीदी के  पत्र का वाचन किया तथा उस पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में उपस्थिति 35 रही I

 2. विवेकानन्दा केन्द्र जयपुर द्वारा रविवार 25 जुलाई 2021 को प्रातः 10:00 से 11:00 बजे तक गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया गया। गुरु स्तोत्र व भजन के पश्चात श्री रामकृष्ण मिशन जयपुर के अध्यक्ष स्वामी श्री देव प्रभानंद जी महाराज का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रश्नोत्तरी व शांति मंत्र के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थिति 66 रही I

Tuesday, June 22, 2021

ई - योग सत्र:- विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, जयपुर विभाग




 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी जयपुर विभाग की ओर से 19 मई से 2 जून 2021 तक ई-योग सत्र का आयोजन किया गया। इस ई- योग सत्र के आयोजन के लिए 13 कार्यकर्ताओं ने 8 दिन का तीन सत्रों में गहन प्रशिक्षण लिया I इस आयोजन हेतु 214 रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए I 19 मई को प्रातः 5:45 से 7:00 बजे तक प्रातः स्मरण, गीता पठन, शिथिलीकरण व्यायाम, सूर्य नमस्कार, आसन, प्राणायाम  के साथ पतंजलि के अष्टांग योग सिद्धांत पर चर्चा और केंद्र प्रार्थना आदि का अभ्यास किया। इस कार्यक्रम में लगभग 40 से 50 प्रतिभागियों की उपस्थिति प्रतिदिन रही। बुधवार 2 जून 2021 को इस ई- योग सत्र के समापन समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान प्रांत प्रमुख “श्री भगवान सिंह जी” रहे। इस 15 दिवसीय योग सत्र के समापन में सभी लोगों ने इसे एक अच्छा अनुभव बताया और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। समापन सत्र में उपस्थिति  33 रही।

सभी प्रतिभागियों के आग्रह पर  इसे गुरुवार 3 जून से प्रातः 6:00 से 7:00 बजे तक नियमित ई-योग वर्ग के रूप में आयोजित किया जाएगाI 3 जून से प्रारंभ योग वर्ग में  प्रतिदिन, प्रातः 5:55 पर जुड़ने का लिंक- https://meet.google.com/dxg-tmyu-bzg। प्रातः 5.45 से ध्यान होगा।


Friday, July 21, 2017

गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम जयपुर

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी जयपुर शाखा की ओर से रविवार को आयोजित गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में शहर भर के युवा कार्यकर्ताओं ने केंद्र में गुरु रूप में प्रतिष्ठित  ओंकार के महत्व को समझ कर राष्ट्र कार्य में खुद को समर्पित करने के बारे में जाना। केंद्र के चांदी की टकसाल स्थित कार्यालय में आयोजित गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र के विभाग संचालक सीताराम सेठी ने कार्यकर्ताओं से समय नियोजन, वाणी संयम, आत्मीयता, निरहंकारिता और आत्म अवलोकन करने को कहा। उन्होंने जीवन में वैदिक सिद्धांतों को शामिल करने को कहा। उन्होंने समाज में सभी वर्गों तक स्वामी विवेकानंद के संदेशों को जाने के लिए युवाओं से आग्रह किया। श्री सेठी ने केंद्र प्रार्थना के महत्व का उल्लेख करते हुए बताया कि बिना किसी व्यक्तिगत लाभ के समाज की सेवा ही ईश्वर की आराधना है। इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र जयपुर महानगर की साल भर की गतिविधियों को लेकर प्रकाशित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में जयपुर शहर के युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भारतीय संस्कृति और गुरु परंपरा के बारे में जाना।

विवेकानंद केंद्र की नगर संगठक श्वेता ने बताया कि विवेकानंद केंद्र के पांच प्रमुख वार्षिक कार्यक्रमों में गुरुपूर्णिमा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि इस साल जड़ों को सींचे विषय पर ध्यान केंद्रित कर यह कार्यक्रम मनाया गया।

Wednesday, January 13, 2016

Swami Vivekananda Jayanti : Jaipur

Swami Vivekananda Jayanti and Bharat Mata Poojan at Albert Hall Jaipur on 11th January 2016

Saturday, April 11, 2015

राजस्थान प्रांत की गतिविधियाँ

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा - भीलवाड़ा: 20 मार्च को मेवाड़ चेम्बर डवलमेन्ट ट्रस्ट एवं विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा - भीलवाड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता माननीय निवेदिता दीदी ने भीलवाड़ा शहर के प्रसिद्ध युवा उद्योगपतियों के बीच में ‘व्यावहारिक जीवन में आध्यात्मिक दृष्टिकोण’ इस विषय पर बोलते हुए बताया कि अगर जीवन में (1) समत्व यानि आत्मभाव में स्थित रहना, भावनात्मक से भी अधिक आध्यात्मिक बनना। (2) सन्तोष अर्थात् आनन्द प्राप्त करना। (3) सर्वसमावेशक अर्थात् सबको जोड़ने वाला एवं पूर्णत्व की ओर जाने वाला। (4) संयम अर्थात् फायदे के लिए देश, समाज को नुकसान न पहुँचाना। (5) सेवा करना, जहाँ आवश्यक है वहाँ तुरन्त पहुँचना, आध्यात्मिकता के आधारित अक्षय विकास पर काम करना।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पी.एम. बेसवाल जी एवं अध्यक्ष आर.एन. नौलखा जी ने सभी का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

22 मार्च को माननीय एकनाथजी जन्मशती पर्व पर ‘दानदाता सम्मेलन’ का आयोजन माननीया निवेदिता दीदी एवं माननीया रेखा दवे की अध्यक्षता में किया जिसमें ‘राष्ट्र निर्माण में योगदान’ इस विषय पर प्रश्नोत्तर के जवाब में माननीया दीदी ने बताया कि केन्द्र आज देशभर में 836 शाखाओं और प्रकल्पों के माध्यम से देश में जागरण का कार्य हो रहा है, कार्यक्रम में माननीय एकनाथजी पर बनी फिल्म को दिखाया गया। कार्यक्रम में कुल 86 लोग उपस्थित रहे।

माण्डलगढ़: 24 मार्च को विवेकानन्द केन्द्र की ओर से भारतीय संस्कृति की प्रासंगिकता पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. निवेदिता दीदी ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द के अमेरिका में सभा संबोधन से पूर्व आई समस्याओं से भागे बिना आत्मविश्वास के साथ भाग लेने को तत्पर रहने से सभा संबोधन के बाद पूरे विश्व द्वारा वाहवाही करने का विस्तार से विवरण पेश किया। साथ ही सभी को उठो जागो, आगे बढ़ो की तर्ज पर जीवन यापन करने के लिए प्रेरित किया। सभी को भारतीय संस्कृति, गोमाता, धरती माता का संरक्षण करने में अग्रणी भूमिका निभाने, ईश्वर को सर्वत्र व्याप्त मानते हुए सफल सेवा भाव अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में विवेकानन्द के आदर्शों पर आधारित एक फिल्म केमाध्यम से लोगों को दिखाया गया। कार्यक्रम मेंमाननीया रेखा दीदी व भगवानसिंह भी उपस्थित रहे।

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा - जयपुर: 19 मार्च को केन्द्र कार्यकर्ताओं के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीया निवेदिता दीदी ने संवाद में बताया कि कार्यकर्ता का स्वाध्याय कृतिशील होना है, जिसमें सप्ताह/महीने में एक दिन को ऐसे स्ािान पर सफाई या ऐतिहासिक स्थान पर स्वाध्याय करना चाहिए। केन्द्र वर्ग में सभी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रहें इस पर जोर देना है। कार्यक्रम में 16 कार्यकर्ता प्रेरित हुए।

फुलेरा: 20 मार्च को विवेकानन्द केन्द्र की ओर से ‘परिवार स्नेह मिलन’ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य उद्बोधन केन्द्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्षा माननीया निवेदिता दीदी का रहा। दीदी ने बताया कि अपने परिवार में प्रेम और बचत के कारण अर्थतंत्र में कितनी भी मुश्किलें आने पर भी हमारे बच्चे सर्वश्रेष्ठ कार्य करते हैं। बच्चों को जीवन का उद्देश्य बताना, साथ ही स्वयं के भीतर ईश्वर पर विश्वास करना सीखाना, जिसमें 47 परिवार प्रेरित हुए।

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा - कोटा : वर्द्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय एवं विवेकानन्द केन्द्र शाखा कोटा के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला आयोजित की गई। ‘सफल युवा समृद्ध भारत’ विषय पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि विवेकानन्द को जानना जितना जरूरी है उतना ही उसके आदर्शों पर जीना भी जरूरी है। मुख्य अतिथि प्रमुख उद्यमी गोविन्दराम मित्तल ने भारत के बढ़ते औद्योगिक विकास में युवाओं के लिए अवसरों के बारे में बताया। केन्द्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष माननीया निवेदिता दीदी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द गरीबों का जीवन स्तर प्रदान करने के लिए तत्पर थे। वे देश को विश्व पटल पर स्थापित करने के प्रेरक माने जाते हैं। कार्यशाला संयोजक प्रो. वी.के. शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।




Wednesday, October 22, 2014

जयपुर में युवा विमर्श

विवेकानंद केंद्र जयपुर की ओर से विश्व बंधुत्व दिवस पर कल जयपुर के रामकृष्ण मिशन सभागार में युवा विमर्श कार्यक्रम संपन्न हुआ। संघर्श से शिखर तक विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य  अतिथि भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारी डा. जितेंद्र कुमार सोनी ने युवाओं  का आह्वान किया कि वे अपने सपनों को सदा अपनी आंखों में जिंदा रखे और उन्हें साकार करने के लिए संघर्ष  करते रहें। श्री सोनी  ने कहा कि सफलता के लिए युवाओं के भीतर आत्मविश्वास के साथ-साथ संवेदनशीलता का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण के लिए कृतित्व की जरूरत होती है। कार्यक्रम में जापान की ओसाका विश्वविद्यालय में सह आचार्य चैतन्य प्रकाश ने मन के भीतर संघर्ष के बारे में बताया। कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त आलोक शर्मा और राजकीय महाविद्यालय गांधी नगर की प्राचार्या ज्योत्सना ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।

Friday, April 12, 2013

जयपुर शहर में निकली विशाल शोभायात्रा

जयपुर 12 जनवरी। स्वामी विवेकानन्द की 150 वीं जयन्ती वर्ष के पूर्ण होने पर ‘‘स्वामी विवेकानन्द सार्धशती समारोह’’ के नाम से किये जाने वाले वर्षभर के कार्यक्रमों का भव्य शुभारम्भ आज विषाल शोभायात्रा द्वारा गुलाबी नगर सहित सम्पूर्ण देषं में प्रारम्भ हुआ।
राजस्थान क्षेत्र के लगभग 700 स्थानों पर विवेकानंदजी की विशाल शोभा यात्रा निकाली गयी। शहर में कार्यक्रम के संयोजक हरीहर पारिक ने बताया की जयपुर में दो स्थानों से विषाल  शोभायात्राएं निकली।
दो स्थानों से शोभायात्रा
स्वामी  विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति द्वारा जयपुर में दो स्थानों चांदपोल गेट व सांगानेरी गेट से विषाल शोभा यात्राएं निकाली। दोपहर 1 बजे से शोभायात्राएं प्रारम्भ होकर विभिन्न मार्गो से होते हुए मेडिकल कालेज पर सम्पन्न हुई।
मार्ग 1 - चांदपोल, छोटी चैपड, त्रिपोलीया गेट, चैडारास्ता, न्यू गेट, रामनिवास बाग होते हुए मेडिकल कालेज पर सम्पन्न ।
मार्ग 2 - सांगानेरी गेट, जौहरी बाजार, बडी चैपड, त्रिपोलीया गेट, चैडारास्ता, न्यू गेट, रामनिवास बाग होते हुए मेडिकल कालेज पर सम्पन्न ।
150 विवेकानन्द मुख्य आकार्षण
स्वामी विवेकानंद सार्ध शती समारोह समिति द्वारा निकलने वाली शोभायात्राओं में 150 विवेकानन्द मुख्य आकार्षण रहे। शोभायात्रा में हाथी घोडो के लवाजमें के साथ बलवन्त व्यायामषाला तथा स्वामी विवेकानन्द के जीवन का दर्षन कराती लगभग 100 झांकीयां बैण्ड बाजो के साथ निकली।
सम्पूर्ण समाज हुआ शामिल
विवेकानन्द सार्धषती अयोजन समिति द्वारा निकाली गई विषाल शोभायात्रा में पारीक समाज, सिंधी समाज, माली समाल, कोली समाज, खण्डेलवाल समाज, खटीक समाज, सहित विष्व हिन्दू परिषद, मजदूर संघ, व़िद्यार्थी परिषद, दुर्गा वाहिनी, सुरमन संस्थान, सेवाभारती के साथ 50 विद्यालयो के 8 हजार विद्यार्थी झांकियो सहिम शामिल हुए।
संत समाज व धार्मिक संस्थान हुए शामिल
विवेकानन्द सार्धषती अयोजन समिति की शोभा यात्रा में श्री गणेष मन्दिर मोती डूंगरी, दक्षिणमुखी बालाजी, हाथोज, श्री सुधांषु जी महाराज, रामकृष्ण मिषन, गायत्री परिवार, स्वामी रामदेव, माता अमृतानंदमयर जी, अमरापुरा संस्थान के साथ विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी की झांकिया सम्मिलित थी।

Monday, March 5, 2012

‘‘संस्कृति-रेणु’’ : भारतीय संस्कृति तथा साहित्य चल प्रदर्शनी

Samskruti renu ratha a mobile libraryस्वामी विवेकानन्द के साहित्य और विचारों को जन जन तक, प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए संस्कृति-रेणु भारतीय संस्कृति तथा साहित्य चल प्रदर्शनी को एक पुस्तकालय का रूप भी  दिया गया है। जिसमें स्वामी विवेकानन्द के साहित्य को भली भांति प्रदर्शित किया गया हैं। १८ फ़रवरी, शनिवार को गोविंददेवजी मंदिर के सत्संग भवन में विवेकानंद केन्द्र राजस्थान की ओर से आयोजित ’’संस्कृति-रेणु’’ वाहन के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विवेकानंद केन्द्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मा. बालकृष्णन ने कहा कि केन्द्र का उद्देष्य भारतीयों को संगठित कर उनमें आत्मिक शक्ति पैदा करना है। केन्द्र शिक्षा, ग्रामविकास, स्वास्थ्य, योग एवं सूर्य नमस्कार के माध्यम से देश की युवापीढ़ी को जागृत करने का काम कर रहा है।



उन्होंने कहा कि अगले वर्ष (2013-2014) को स्वामी विवेकानन्द की सार्ध षती समारोह के रूप में मनाया जाएगा। इसको ध्यान में रखते हुए हमने भारत को पाँच आयामों - युवक, सवंर्धिनी (महिला), प्रबुद्ध भारत (बुद्धिशक्ति), ग्रामायण और वनवासी को विषेष रूप से अपने सामने रखा है। इन क्षेत्रों में विवेकानन्द का संदेश ले जाने के लिए पूरे साल कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने पूर्वांचल के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि आज भी वहाँ के कुछ राज्यों के लिए अपने को बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। इसलिए ऐसी जनजातियों के बीच जाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर उनमें देशभक्ति की भावना जगाई जाएगी।


Samskruti renu ratha a mobile libraryदूरदर्शन केन्द्र जयपुर के निदेषक आर.पी.मीणा ने कहा कि स्वामीजी के संदेश किसी धर्म विशेष के लिए न होकर मानव मात्र के लिए हैं। विवेकानन्द का राजस्थान से विशेष लगाव था और वे खेतड़ी, किशनगढ़ और अजमेर आए थे। उनकी प्रेरणा से कई लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन केन्द्र जयपुर ने भी उनके जीवन पर आधारित चार डाक्यूमेंट्री फिल्में बनाई हैं। गोस्वामी अंजनकुमार (मन्दिर के महन्त) ने विवेकानन्द को युवाओं का प्रेरणा स़्त्रोत बताते हुए कहा कि आज जो युवा अपना मार्ग भटक गए हैं वे उनके बताए मार्ग पर चलें ताकि भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे ले जाया जा सके।

अअमेरिका से आई श्रीमती रेणु मल्होत्रा जिनके सौजन्य से यह चल प्रदर्शनी राजस्थान को प्राप्त हुई है, ने कहा कि विदेशों में लोग हिन्दू धर्म के बारे में जानना चाहते हैं। उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि एक बार चर्च में जब उन्हें हिन्दू धर्म के बारे में कुछ जानकारी देने के लिए कहा गया तो उन्होंने बताया कि हिन्दू धर्म तो बहुत आसान है ‘‘हम भी सुखी रहें आप भी सुखी रहो’’ यह प्रेरणा मुझे स्वामी विवेकानन्द की पुस्तकों से मिली। बंगाली मूल की श्रीमती मल्होत्रा बताती हैं कि 45 वर्ष पहले जब वे अमेरिका गई थीं तो उनकी माँ ने स्वामी विवेकानन्द की एक पुस्तक उन्हें दी थी तब से ही विवेकानन्द के विचारों की ओर उनका रुझान बढ़ता गया।
इस अवसर पर राजस्थान विवेकानंद केन्द्र के संचालक डाँ. बद्रीप्रसाद पंचोली, श्री सुदर्शन कुमार मल्होत्रा, लोग उपस्थित थे।