Friday, November 20, 2020

Vivekananda Kendra Delegation (J&K)

 Vivekananda Kendra Delegation (J&K)  met founding trustee of Gayatri Parivaar Shanti kunj, Sh. Ashok Gupta Ji at his residence. He had already visited our Headquarter (Kanyakumari) and VK SRMA Nagdandi (Kashmir). He is very supportive for organisational efforts for society. It was a great experience for us to meet an experienced person.
#Loksampark
#EkBharatVijayiBharat
#inspirationalmeet

Navratri Devi Aradhana & Mathru Pooja -Vibhag: Kerala; Branch: Thiruvananthapuram; Karya Sthan: Punnakulam)



 Punnakulam Team celebrated Navratri festival on 25th Oct with Devi Aradhana and Mathru Pooja under the guidance of Ma.Radha Didi. 8 Children got the opportunity of ultimate blessing. The programme was coordinated by Sreejith Ji & Murali Ji.  The programme was well accepted by families and created spiritual & emotional atmosphere around. The heart touching event was well received by all families. (The event was restricted for minimum number of people to maintain COVID protocol). Total 41 people participated in the program.

"किशोरी विकास कार्यशाला" विवेकानंद केंद्र, मध्य प्रांत द्वारा आयोजित

 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, मध्य प्रांत द्वारा किशोरी विकास कार्यशाला का आयोजन दिनांक 4 अक्टूबर (रविवार) को किया गया l

सुश्री रेखा चूड़ासामा जी विद्या भारती की पूर्ण कालीन कार्यकर्ता एवं अखिल भारतीय बालिका शिक्षा  संयोजक  ने उद्घाटन सत्र में आपने किशोरी अवस्था में आए बदलाव के बारे में बहुत ही सरल तरीके से प्रस्तुति दी ।

किशोरियों में  कैसे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक बदलाव आते है उसके बारे में सटीक चीजें बतलाई,  जिसे गहराई से अध्ययन कर, समझ कर हम किशोरियों को उचित मार्गदर्शन सरलता से दे पाएंगे l उन्होंने कहा नचर्या में असुंतलन होने से क्या प्रभाव होगा बताना अति अनिवार्य है । व्यवस्थित दिनचर्या व उसके असर के बारे में बताना आवश्यक है । सुबह कब जागना, उठना,भोजन लेना, पढ़ना,सोना,कैसे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो  स्वस्थ जीवनशैली दिनचर्या अपनाना के बारे में विस्तार से बताया गया l

दायित्व बोध कराया गया - घर,बहार,शाला,समाज में क्या क्या करना चाहिए। जैसे घर पर  मेहमान आए तो नमस्कार करना ,पानी देना, जल पान पकड़वाना आदि । परिवार में मां को घरेलू कार्यों में सहायता देना,पड़ोस में कोई मदद चाहिए तो आगे बढ सहायता देना,शाला में सह पाठियों  को विषय समझने में मदद करनी चाहिए।

व्यवहार कैसा होना चाहिए के बारे में जानकारी दीं - छोटों,बड़ों,,परिवार,रिश्तेदार,पड़ोसी आदि को कैसे सकारात्मक सोच के साथ सहयोग करे।

उन्होंने आगे बताया कि हमारे देश में पर्यावरण संकट है तो पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरूकता आवश्यक है ।  घर में अगर नल खुला है तो बंद करना, पंखा लाइट अनावश्यक चालू है तो बंद कर बिजली बचाना, परंपरा,पूजा,पाठ,संस्कृति को समझना, एवं अन्यों को भी सिखाना । महिलाए पुरुष के अपेक्षा ज्यादा सुसंस्कृत* होती है अतः अच्छी किशोरी अच्छी महिला अच्छी  नागरिक बनेगी l

स्वावलंबन के गुणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा -  स्वदेशी चीजें खरीदे व उपयोग करे,आत्म निर्भर बनना,अपने कपड़े स्वयं धोना,तय करना,नाश्ता बनवाना, परोसना, स्वयं काम करना आना चाहिए।

मातृ भाषा में बात करना चाहिए l शब्दों को सोच कर सजा कर उपयोग करें l मीठा बोलें,आत्म निर्भर भारत बनाने में अपना सक्रिय योगदान दे।

उन्होंने बताया भोजन बनाने में, आहार, पाक शास्त्र की वैज्ञानिकता को समझना चाहिए , पाक शाला के गुण,भोजन बनाने की कला, चावल कूकर & भगोने दोनों में बनाना,भोजन और आहार का ज्ञान देने के बारे में जानकारी दीं ।

मेरा घर कैसे सुंदर बने, घर व्यवस्थित, स्वच्छ,सजा कर रखें ताकि घर व समान के प्रति आत्यमियता बढ़े।

स्वास्थ्य के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा -  किशोर अवस्था में आहार पर्याप्त मात्रा में लें एवं अपने स्वस्थ का बोध कर पौष्टिक आहार लेना, परिश्रम करना आवश्यक है । झाड़ू पोछा करना ताकि कमर पतली रहे, कपड़े धोना हांथ मजबूत होगे, स्वास्थ्य का बोध करवाना, चबा चबा कर खाना l पेट साफ रहे ये ध्यान दें l उन्होंने कहा इन सभी विषयों पर चर्चा करना चाहिए ।

उनके द्वारा सुझाव दिया गया कि व्यायाम नित्य करना, सीढ़ी से उतरे लिफ्ट का उपयोग कम करे, बाज़ार जाए तो कपड़े की थैली लेकर जाए प्लास्टिक का उपयोग ना करें l

अपने परिवार के इतिहास का गौरव का जिक्र फक्र से करना l उन्होंने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि मेरी दादी चूल्हे में कई लोगो का भोजन बनाती थी, दादा जी साइकिल से दस किलमीटर जाती थीं, मेहनती थीं, ये सभी बातें बताना तो आत्मीयता बढ़ेगी।

मितव्ययता के सम्बन्ध में एक दृष्टान्त बताते हुए उन्होंने कहा - पहले चादर के रूपों में उपयोग करें फिर पोछे के कपड़े तक उपयोग करना, पूरा उपयोग करना  l Use and Throw से बचना एवं एक चीज को बार - बार उपयोग करना। स्टील के बर्तन का प्रयोग करें, डिस्पोजल का उपयोग यथासंभव कम करें ।

 किशोरी जब नारी बनेगी तो कबाड़ से जुगाड़ करना सीखेगी। शादी की पत्रिका से नए रुपांतरण से उपयोगी वस्तुएँ बनाना, राखी घर में बनाना, अभिनंदन कर्ड बनाना आदि हमें सीखना एवं करना चाहिए ।

उन्होंने इस करोना महामारी के समय, उपयोग, मितव्यती, के बारे में बताया । वैज्ञानिक रूप से बालिका पेट से ही सक्रिय,मजबूत होती है। नैसर्गिक है, धैर्य,सहनशीलता,आत्मविश्वास,समन्वय करने का गुण, समायोजन करना,मातृत्व ,कर्तव्य,नेतृत्व क्षमता का विकास आदि बचपन से करना चाहिए। किशोरी में मातृत्व के गुण रहते है ,श्रेष्ठ विकास, कर्तव्य व नेतृत्व का विकास करना चाहिए।  घर में दस लोग है एक बाथरूम है तो कैसे उपयोग करे अर्थात उन्होंने संतुलन बनाने के बारे में बताया ।

उनका कहना था कि हम अपने घरों में -  स्वयं,परिवार, घर,समाज, राष्ट्र के विकास के लिए छोटी - छोटी चीजें बताए । सामाजिक कार्य में भी नेतृत्व का महत्व बताए ।



उन्होंने कर्तव्य के बारे में बताते हुए कहा कि किशोरियों को हम विकास के आयाम, बोलने, समझने, अच्छा व्यवहार,आचरण,सब को लेकर चलना, कैसे अपने कर्तव्य से स्वयं,परिवार,समाज राष्ट्र हित के लिए कार्य करना है, इन सब के बारे में बताएं, जिससे संपूर्ण चहुंमुखी विकास हो सके।

उन्होंने बोला चर्चा सत्र होना चाहिए जिसमें सभी बोले,सुने,समझे कोई जिज्ञासा हो तो परामर्श ले। देश में किशोरियां ने हर क्षेत्र में संघर्षों का, चुनौतियों का सामना कर नाम कमाया,धैर्य ,साहस से आगे बढ़ी, अपने मेहनत से मुकाम हासिल किए l उनके उदहारण भी बताए ।

बालिका विकास में ध्यान दे l बालिका बालक की नकल करती है, उन्हें बताए ऐसा ना करें - वो ज्यादा शक्तिशाली,सहनशील है, सृजनशीलता है  ऐसे गुण जगाए विकसित करें । आज की किशोरी कल की मां है ये गौरव उत्पन्न करें।

उन्होंने चार प्रकार के संयम - अर्थ संयम, स्वाद संयम, इन्द्रिय संयम,समय संयम का महत्व विस्तृत में बताया । उन्होंने कहा - विभिन्न प्रतियोगिता रखे, गतिविधियाँ करना,शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करें, स्वयं, परिवार, समाज,राष्ट्र के हित की सोचे स्वयं और राष्ट्र को एक माने ऐसे विचार विकसित करें।

उक्त कार्यशाला में खेल एवं परिचर्चा द्वारा  53 बहनों की सहभागिता रही l

Thursday, November 19, 2020

Weekly Swadhyay Varg at Thiruvananthapuram


 Vivekananda Kendra Thiruvananthapuram has been Conducting Weekly Swadhyaya Varga from July 2020 from 3pm to 4pm on the book "Jeevitha Ratha Yatra" by Swami Chidanadapuri Maharaj. The Session aim at understanding and discussing the thought provoking views put forward by Swami ji. Session being lead by Ma.Radha Didi. Ashokan ji & Vishnu ji ( Samparka Pramukh-Kerala). 23 people were part of the session and shared their views, real life experiences and thus encouraged and enlightening the session.

Bhajan Sandhya @ Thiruvananthapuram, Kerala

 




Vivekananda Kendra- Kerala Vibhag has been conducting Bhajan Sandhya on all Purnima Days. Bhajan on Oct 1st was taken up by Thiruvananthapuram Branch of the Vibhag with 44 participants. Bhajan Sandhya was charged with extremely soothing and calming devotional songs and popular songs.


Devotional Contribution across the state included. Online Bhajan Sandhya was anchored by Kum.Drishya, Bhajan Sandhya started with the Shanti Path by Su.Sutapa Didi. Bhajan on Guru, Ganesh, Muruga, Shiva, Devi, Ram, Krishna, were includided followed by Meditation with Shaanti Mantra by Prant Sangathak Ma. RadhaDidi and with Kendra Prayer Bhajan Sandhya concluded.

All the participants were lucky enough with the presence of Ma.Lakshmi Didi (Director VVF, ex-President VRM & VK) and had the privilege to interact too.

People from Kerala are invited to join the various activities by registering themselves by dropping email to kerala@vkendra.org

Universal Brotherhood Day Celebration at Kodungallur



 As part of the celebration of universal brotherhood day online Competitions were kept for the school students and also for the adults.

1) All Kerala Elocution competition in Malayalam based on the Chicago speech of Swami Ji was for the classes V to VII; Elocution competition in English was for the High school students from class VIII to X.

2) All India Quiz competition in English was designed for the students of classes X, XI and XII. Topic was based on the videos of Mananeya Lakshmi Kumari Didi on  series of  her talks on 'Love India as Swami Ji loved Her'

3) All India Essay competition in English, Hindi, or Malayalam for adults from 19 years to 30 years. The topic was similar to the quiz competition.

140 students registered for the elocution competition out of which 63 students sent their videos. 16 students from 5 different schools around Kodungallur were from the junior section and 47were senior students from 13 different schools of Kodungallur, Thiruvananthapuram, Thrissur, and Ernakulam.

267 students registered for the Quiz and 113 only could appear online for the Quiz competition. Among them 250 students were from 21  VKVs of Arunachal Pradesh, 8 were from 3 VKVs of Assam, 2 were fro VKV Kallubalu  and the rest were Govt school students of Arunachal Pradesh( 3 students) and other schools of Maharashtra( 4 students)

121 participants registered for the essay competition. Out of them, only 61 submitted their essays. Out of the 55 participants were from the different VKVs of Assam and Arunachal Pradesh and the rest from Bihar, Uttarakhand, Maharashtra, and Kerala.

On  11th September, Universal Brotherhood Day was celebrated in two sessions one in the morning from 10 a.m to 11.15 am and the second session from 4 pm to 5:50 pm. Both were online sessions through Google Meet.

For the first session Mananeya Balakrishnan Ji, All India President- Vivekananda Rock Memorial & Vivekananda Kendra, was the Chief Guest.

Attendance was more than 250, hence many had to watch through the You-tube link. Participants included that of Essay, Quiz, and other local wellwishers. Sushree Radha Didi (Dakshina Prant Sangathak), introduced Mananeya Balakrishnan Ji and Ma. Lakshmi Didi.

Ma. Balakrishnan Ji was very pleased to see many VKV teachers among those who attended the Meet and addressed the audience after Mananeeya Didi's introductory speech. After this, the Winners of the essay competition were declared. All the three winners of the First, Second, and Consolation positions were VKV teachers.

Essay written by Su. Sanchita Roy of VKV Doyan -Nagaland was chosen to be the best among the 61 essays.

As for the online Quiz, it was unanimously decided that a second round of the same would be conducted in the month of November and winners declared on Sadhana Divas. Many of the 267 students who had registered, could not appear for the quiz for various reasons.

For the second session in the evening from 4 pm to 5 pm was arranged for all Kerala participants. Dr T.P.Sasikumar, a Space scientist by profession and a close well-wisher of Vivekananda Kendra, was invited as the Chief Guest. 65 people attended.Ma. Didi and Chief Guest  Dr. T.P. Sashikumar was introduced and welcomed to the session by Sushree Radha Didi. After a short address by Ma. Didi and an inspiring talk by Dr. Shashi Kumar, the prize winners of the elocution competitions were declared.  

Kum Rithupurna of Class VI from Bharatiya Vidya Bhavans Kodungallur from the junior section and Kum. Sanjana of Class VII from Arya Central School, Tvm, from the senior was declared as First prize winners of the elocution competitions. Cash prizes of Rs 1000/- for the first prize winners, Rs 750/- for the second prize winners, and Rs 500/- for the third prize winners, will be received by the winners. A follow session every month with Dr. TP Sasikumar is being thought of for the participating children, which will help them in their jokurney ahead.

Universal Brotherhood Day in Thiruvananthapuram



 Universal Brotherhood Day was celebrated by Vivekananda Kendra, Thiruvananthapuram Branch,Kerala g in which more than 60 people participated.

Radha devi Didi, Prant Sangathak of Dakshin Prant conveyed the Universal Brotherhood Day message stressing upon our work to strengthen culture and tradition of our country. The message also encompassed the birth of Vivekananda Kendra and 50th Anniversary celebration of Vivekananda Rock Memorial. Participants were thrilled to listen to Radha Didi explaining the sacrifice and purity of Swami Ji and how he conquered the world sending across the glorious message of Bharat. The message was woven with practical examples and anecdotes from her life in Vivekananda Kendra.

Nagar Sangathak, Kalyani Raje Didi invoked Swami Ji by her soul stirring Bhajan on Swami Ji. Sri Vishnu ji conducted the session and the participants had an interaction with the Didi at the end. The celebration turned in to a promising one for the Karyakartas of Kerala Vibhag  to take up the activities of Kendra in Kerala which is the land of Shankaracharya.

विवेकानंद केंद्र मध्य प्रान्त द्वारा विश्व बंधुत्व दिवस पर विमर्श का आयोजन


 कन्याकुमारी में विवेकानंद शिला स्मारक के निर्माण के पचास वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विवेकानंद केंद्र मध्य प्रान्त ने विमर्श का आयोजन किया। इसका प्रसारण विवेकानंद केन्द्र की  यू ट्यूब चैनल पर 11 सितम्बर 2020 को सायं सात बजे से किया गया।

विवेकानंद केंद्र की राष्ट्रीय उपाधाक्ष्या पद्मश्री आदरणीया निवेदिता दीदी इस विमर्श में मुख्यवक्ता थीं। उन्होंने कन्याकुमारी से अपने उद्वोधन में विवेकानंद शिला स्मारक के निर्माण के पचास वर्ष पूरे होने के महत्त्व को बताया। उन्होंने कहा कि शिला स्मारक का निर्माण स्वामी जी के 11 सितम्बर 1893 को शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन के सन्देश से कई प्रकार से जुड़ा हुआ है।

पहली बात यह है कि स्वामी जी के 11 सितम्बर 1893 को शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन के सन्देश के समान ही शिला स्मारक का निर्माण भी सर्व समावेशकता का उदाहरण है। इसीलिए माननीय एकनाथ जी ने उसी तिथि को शिला स्मारक के उद्घाटन के लिए चुना था। दीदी ने बताया कि शिला स्मारक के निर्माण में माननीय एकनाथ जी का दृष्टिकोण ‘संघर्ष नहीं सर्व सम्मति’ का था। उन्होंने इस कार्य के लिए 323 सांसदों से समर्थन प्राप्त किया था चाहे वह किसी राजनैतिक विचारधारा, क्षेत्र या धर्म के रहे हों। लगभग सभी राज्य सरकारों ने शिला स्मारक ने निर्माण में आर्थिक सहयोग किया और 85 लाख रूपये तो पूरे देश के सामान्य जन के एक - दो रूपये के योगदान से प्राप्त हुए थे। सही अर्थों में यह एक राष्ट्रीय स्मारक है और सर्वसमावेशकता का मूर्त रूप है।

दीदी ने बताया कि दूसरी बात जो शिला स्मारक को स्वामी जी के विश्व धर्म सम्मेलन के सन्देश से जोड़ती है वह यह है कि स्वामी जी ने वहां से भारत के पुनरुत्थान का कार्य प्रारंभ किया था और विवेकानंद शिला स्मारक उसी कार्य का एक मूर्त रूप है। भारत पर विदेशी आक्रमणों के बाद यह पहला नूतन निर्माण कार्य है जो अपने धर्म और परम्परा से जुड़ा है।

तीसरी बात है, स्वामी जी ने शिकागो के अपने व्याख्यानों में कहा था विश्व बंधुत्व का कार्य भारत के द्वारा होना है और वह आत्मीयता और निष्काम सेवा के द्वारा होगा। इसी संकेत को लेते हुए माननीय एकनाथ जी ने स्मारक निर्माण के पश्चात् ‘विवेकानंद केंद्र – एक अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन’ का निर्माण किया।

चौथी बात है, जिस प्रकार स्वामीजी शिकागो में भारत की सभी आध्यात्मिक परम्पराओं का प्रतिनिधित्व कर रहे थे उसी प्रकार यह स्मारक और विवेकानंद केंद्र भी सभी आध्यात्मिक परम्पराओं का प्रतिनिधित्व करता है।

दीदी ने अपने उद्बोधन के अंत में सभी से अपना निश्चित समय और ऊर्जा राष्ट्र कार्य में लगाने का आह्वान किया।

विमर्श के प्रारंभ में मध्य प्रान्त के संचालक माननीय श्री मनोहर देव जी स्वागत भाषण दिया एवं विमर्श की भूमिका रखी। उन्होंने कहा कि  ‘एक भारत विजयी भारत’ अभियान में माननीय एकनाथ जी की ही तरह हम सभी को जोड़ कर व्यापक संपर्क अभियान दुगनी शक्ति के साथ करना चाहेंगे। विमर्श के अंत में मध्य प्रान्त संपर्क प्रमुख श्री अतुल सेठ जी ने सभी का आभार व्यक्त किया, केंद्र की गतिविधियाँ संक्षेप में साझा कीं और ‘एक भारत - विजयी भारत’  से सभी को जुड़ने का आव्हान किया।

विमर्श का सञ्चालन मध्य प्रान्त प्रमुख श्री भंवर सिंह राजपूत ने किया। विदिशा नगर संगठक पूर्णिमा दीदी ने गीत और भोपाल विभाग संपर्क प्रमुख मनोज गुप्ता ने विवेक वाणी प्रस्तुत की। सम्पूर्ण कार्यक्रम का तकनिकी कार्य बीना नगर के कार्यकर्त्ता श्री रीतेश रस्तोगी द्वारा किया गया।

इस विमर्श को आज 12 सितम्बर 2020 दोपहर तक यू ट्यूब चैनल पर 1000 से अधिक व्यक्तियों द्वारा देखा गया है। इसे केंद्र के विभिन्न फेसबुक पेज पर भी लाइव किया गया था जिस पर 2000 से अधिक व्यक्तियों द्वारा देखे जाने का अनुमान है।

 

https://youtu.be/tR9S2od1uRU

Universal Brotherhood Day Celebration West Bengal




 Vivekananda Kendra Kanyakumari, Paschimbanga Prant organised a webinar (to commemorate the 127th year of Swami Vivekananda's world famous Chicago Address) on 26th Sept, Saturday  from 7:00pm to 8:00pm on Google Meet.

The introductory speech was given by Prof. Rakesh Das (Prant Pramukh , Paschimbanga Prant) followed by Vivek Vani was lead by Smt. Rupali Dey Mondal (Karyakarta , Bagla Prakasan Vibhag)

On the auspicious occasion, honourable Chief Guest Prof. Kalyan Kumar Ganguly (Professor, Ramakrishna Mission Vivekananda Educational and Research Institute ,Deemed University)  gave a talk on the topic " Vasudhaiva Kutumbakam" &  share his personal experience  on the effect of Swamiji’s  speech on the common people of America . Another Vivek Vani was lead by Smt. Mitali Dutta .

Ma. Bhanudas Dhakras ( All India General Secretary , Vivekananda Kendra) , the Chief Speaker of the program gave a talk on the topic of “Vasudhaiva Kutumbakam” and explained the meaning of Vasudhaiva Kutumbakam in the context of Bharatiya Sanskriti , the sankalpana of Swamiji behind Vasudhaiva Kutumbakam .

The programme concluded with Vote of thanks by Ma.Nirmalya Bhattacharya (Saha Sanchalak , Paschimbanga  Prant). 102 people joined online on this auspicious occasion.

Universal Brotherhood Day Celebration by Bangla Prakashan Vibhag




 The observation of Universal Brotherhood Day was held by a Webinar on 21st September, 2020 between 7- 8p.m. organized by Bangla Prakashan Vibhag of Paschimbanga Pranta.

Program started with 3 Omkaras and Shanti path followed by the inaugural song  by Susri Anindita Gupta,member of Bangla Prakashan Vibhag. Shri Joydip Banerjee, karyakarta bangla prakashan vibhag delivered the Welcome speech followed by presentation of the Chicago speech by Shri Vidyapati Chakraborty .

Ma. Dr Purnendu Shekhar Das, the retired Principal, now one of the members of Bangla Prakashan Vibhag, esteemed speaker of the program focused on the history of Christopher  Columbus' discovery of America and its relation with the Parliament of Religions,1893  on Exclusive and Inclusive Religion and concluded his speech with a brief note on Vivekananda Kendra Kanyakumari.

Ma.  Someswar Boral,a writer and social worker, delivered his speech with an emphasis on developing the Brotherhood spirit .He appealed that we should make genuine attempt to unite the whole world in a bond of brotherhood. The initial part and the concluding part of the Chicago speech of Swami Vivekananda were read out in Bengali by Smt. Sathi Malakar ,member of Prakashan Vibhag and Smt Soma Chatterjee, respectively.

Vote of thanks was given by Smt. Malabika Chatterjee,  Bangla Prakashan Vibhag Pramukh. The Program concluded with Santi mantra by Su Vanita Jharkhandi. The whole program was compered by Smt. Rupali De Mondal , Karyakarta of Bangla Prakashan Vibhag. 67 people joined online on this auspicious occasion.

Universal Brotherhood Day Celebration at Eknath Vibhag , WB



 Vivekananda Kendra Kanyakumari, Paschimbanga Prant, Eknath Vibhag organized a webinar (to commemorate the 127th year of Swami Vivekananda's world famous Chicago Address) on 24th Sept, Thursday from 7:00pm to 8:00pm on Google Meet.
       
The introductory speech was given by Smt.Malabika Chatterjee (Bangla Prakashan Vibhag Pramukh).
Vivek Vani was lead by Ku.Divya Sharma (Yuva Toli Sadasya) & Geet was lead by Smt.Rupali Mondal (Sadasya, Bangla Prakashan Vibhag).

On the auspicious occasion, honourable Chief Speaker Shri Somnath Bandyopadhyay (Deputy General Manager, District Central Co-operative Bank)  gave a talk on the topic "Vishwa Bandhutwa" & elaborated the meaning of Bandhutwa in Swamiji's perspective.

The programme concluded with Vote of thanks by Shri Ardhendu Shekhar Das. The whole  program was  coordinated by Ku.Shubhangi Upadhyay (Yuva Pramukh, Eknath Vibhag). 56 people joined online on this auspicious occasion.

Universal Brotherhood Day at ShantiNiketan Vibhag, WB




 Vivekananda Kendra Kanyakumari, Paschimbanga Prant , Shantiniketan Vibhag celebrated  Universal Brotherhood Day on 19 sept. On this occasion a Webinar was organised on the topic "Vishwa Bandhutwa: Bharatiya Sankalpna". Program started with 3 Omkaras and Shanti path. Ma. Debasish Lahiri Nagar Sanchalak , Durgapur Nagar welcomed all present and gave Introductory lecture on the  topic followed by Swadesh Mantra Path by Nagar Karyapadhati Pramukh. Later program Co-Ordinator Shri Subrata Mondal ,Sampark Pramukh ,Durgapur Nagar introduced Prof.(Dr) Harish Hirani Director of CMERI Durgapur , the chief guest and he enlightened us about Aatma Nirbhar Bharat in the context of Vishwa Bandhutwa followed by a song on Swamiji by sanskar Varga karyakarta . With this continuation our chief speaker Padmashri Ma. Nivedita Bhide (Vice President- Vivekananda Kendra Kanyakumari) gave a talk on the topic "Vishwa Bandhutwa: Bharatiya Sankalpna" to explained the ideology of Swami Vivekananda's brotherhood in the context of current era.

Vote of thanks was given by Shri Manas Bhattacharya, Bolpur Karyasthan Karyakarta . Program concluded with shanti mantra.


Total 163 Participants were participated in this Program .

North East Calling Webinar 2020


 Since last 5 years, Vivekananda Kendra Kanyakumari has been organized special program on North-East India. In addition to this year is auspicious occassion of 50th years of Vivekananda Rock Memorial. This year, program was organized online on 12 september 2020.


Hon. Niveditadidi Bhide, Vice President, Vivekananda Kendra narrated the story behind construction of Vivekananda Rock Memorial, foundation of Vivekananda Kendra and their importance in present days with special documentary on Vivekananda Rock Memorial and Vivekananda Kendra.

Hon. Ajitji Doval, National Security Adviser for India discussed specialty of North East Region, its importance for India, problems there, actions needed and contribution of Vivekananda Kendra.

Hon. Gurumurthiji, well-known journalist, economist and currently President of Vivekananda International Foundation enlightened the audience regarding concept of "Atmanirbhar Bharat" embedded in Indian Philosophy for thousands of years, current thinking and way forward.

Hon. NIveditadidi Bhide conveyed the vote of thanks to the pannel and audience. Program was concluded with the Shanti Mantra.

Full video of the webinar is available at https://www.youtube.com/watch?v=QA0-CxCyO6A

बदलते समाज के लिए प्रकृति शाश्वत मूल्य :- डॉ. मनीष सिंघल

 विमर्ष कार्यक्रम का विषय "बदलते समाज के लिए शाश्वत मूल्य" था। जिसके मुख्य वक्ता :- डॉ. मनीष सिंघल जी, प्राध्यापक XLRI, जमशेदपुर थे।


• सर्व प्रथम उन्होंने विवेकानन्द शिलास्मारक की 50वें वर्ष में चल रहे संपर्क कार्यक्रम विवेकानन्द शिलास्मारक :- एक भारत विजयी भारत" चर्चा किया।
• फिर उन्होंने पूरे कार्यक्रम में कैसे जुड़े रहे उन बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
• बाहर के बदलती प्रस्थिति के अनुसार अपने अंदर की प्रस्थिति को बदलना पड़ेगा।
• भारतवर्ष में नवरस की संकल्पना है।
• प्रत्येक कार्य के लिए भावना होना आवश्यक है। आप कहीं भी चाहे, आपकी दुकान हो, घर हो या कोई संग़ठन बिना भावना के आप काम नही कर सकते।
•  उन्होमे अपने उद्बोधन में कोरोना काल की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रकृति पहले भी नही बदली थी और अभी भी नही बदली है। न सूर्य की दूरी की दूरी  में परिवर्तन हुआ है ना, चंद्रमा की दूरी में।
•  हमे अपने समाज को भी संगठित करने ले लिए अपना बहुमूल्य समय देना चाहिए।
• भावना भी सकारात्मक और नाकारात्मक होती है। जैसे प्रेम सकारात्मक भावना है और घृणा नाकारात्मक भावना है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और शान्तिमन्त्र के साथ हुआ। कार्यक्रम में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखंड प्रान्त के अधिकारी श्री सतेंद्र कुमार शर्मा, दयाशंकर पांडेय, ओर श्री मुकेश कीर जी समलित हुए। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा- रांची के संयोजक, डॉ शिवशंकर प्रशाद जी और अन्य समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

 




 

Competitions on Universal Brotherhood Day - Madurai


 On the occasion of Universal Brotherhood Day, Vivekananda Kendra Madurai organised Drawing and Elocution competitions for school students. The competitions were conducted online and 37 students from various districts of Tamil Nadu enthusiastically participated in the competitions.

The felicitation program was held on 12.09.20 through G-Meet from 11 a.m.  to 12 p.m. Nearly 35 students joined the program. The program started with prarthana and a short introduction about Kendra and its activites was given by Sri. M. Palaniappan Ji, Vyavastha Pramukh, VK Madurai. Sri. S. Prabakaran Ji gave the Ashirvachan in which the importance of Swamiji’s message to the world was conveyed.

Sri. D. Rajasekaran Ji, Anandalaya Pramukh, VK Madurai announced the names of those who have secured first three places in both the competitions. Their drawings were displayed and speeches were broadcast. All the participants were provided with E-Certificates of participation.

All the participants were informed about the online Samskar Varga which is being conducted every Sunday through Google Meet. All expressed their willingness to join the Samskar Varga through their reply. Sri. A. Selvaraj Ji, Nagar Pramukh, VK Madurai gave the happy address and the program was concluded with Sarve Bavanthu and Kendra Prarthana.

Tuesday, October 13, 2020

Universal Brotherhood Day Celebration at Gaya, Bihar


 Vivekananda Kendra Kanyakumari, Branch-Gaya celebrated  Universal Brotherhood Day on 11 sept. On this occasion a Vimarsh was organised on the topic "Bhartiya Sanskrit me Vishwa Vandhutwa ki Avdharna aur iski prasangikta".  Programme started with 3 Omkaras and Shanti path followed by patriotic song. Dr V K Karan Nagar Sanchalak welcomed all present and introduced Dr Radhanand Singh the main speaker. Prof Arun kr Prasad Say Nagar Sanchalak gave Introductory lecture on the  topic. Later on The chief speaker Dr Radhanand Singh, eminent scholar and literature  elaborated in detail the topic of the day and quoting Upanishads and lectures of Swami ji at Chicago world Parliament of religions on 11th September and later on by his total 6 lectures stressed the relevance of concept of Vadudhaiv Kutumbakam even today.  Vote of thanks was given by SMT Veena Gupta Nagar Pramukh. Programme concluded with shanti mantra.


भारतीय संस्कृति की देन : विश्वबंधुत्व




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-पटना के द्वारा विश्वबंधुत्व दिवस के सुअवसर पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन आज दिनाँक :- 11/09/2020 को संध्या 5 बजे किया गया। यह कार्यक्रम ऑनलाइन गूगल मीट पर किया गया। जिसके मुख्य वक्ता श्री अभयानंद जी(IPS) , पूव महानिदेशक, बिहार रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ तीन ओम कर पार्थना ओर गीत के माध्यम से हुआ। फिर विवेक वाणी के पश्चात मुख्य वक्ता का उद्बोधन शुरू हुआ।

मुख्य वक्ता श्री अभयानंद जी ने कहा विश्व बंधुत्व को मनुष्य के खुद की शरीर की बनाबट से जोड़ बताया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य के शरीर के अंग आपस मे एक दूसरे से समंजयस्य स्थापित करके रखते है तभी हमारा शरीर अच्छे से काम करती है। सामाजिक कटुता को दूर करने के लिए उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम हमें अपने अंदर के कटुता को खत्म करना होगा। उन्होंने बताया कि सिर्फ सरकार को कोसने से कुछ नही होगा। हमे अपने स्तर से समाज मे सेवा देने होगा।

कार्यक्रम विषयवस्तु सामान्य जान को विश्वबंधुत्व की संकल्पना समझना रहा जो कि सार्थक रहा।  
कार्यक्रम समापन धन्यवाद ज्ञापन, आगमिक सूचना एवं शांति मंत्र से हुआ।

विश्व बंधुत्व ही हमारी संस्कृति का आधार

 6 सितंबर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा भागलपुर के द्वारा मासिक विमर्श के कार्यक्रम में वर्तमान काल मैं विश्व बंधुत्व को प्रसांगिकता विषय पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन किया गया ये विमर्श विशेष शिलास्मारक के 50 वर्ष पूर्ण होने एवं विश्व बंधुत्व दिवस के संदर्भ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओंकार प्रार्थना से हुआ उसके उपरांत गीत हुआ । कार्यक्रम में नगर प्रमुख प्रो.राज भूषण प्रसाद ने केंद्र परिचय देते हुए कहा कि विवेकानंद केंद्र अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन है जिसका लक्ष्य है मनुष्य निर्माण से राष्ट्र का पुनरुत्थान नगर संपर्क प्रमुख नमन मिश्रा जी ने एक भारत विजय भारत का परिचय देते हुए कहा कि विवेकानंद शिलास्मारक पूरे विश्व में एक राष्ट्रीय स्मारक के रूप में कार्य कर रहा है पूरे देश को एकता और विजय का संदेश दे रहा है। मुख्य वक्ता प्रो० नंद कुमार यादव जी(पूर्व कुलपति झारखण्ड विश्वविद्यालय,राँची) ने विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी जी का विचार परमाणु बम से भी शक्तिशाली है जो पूरे विश्व को भाईचारा और बंधुत्व का संदेश देता है जिस प्रकार स्वामी विवेकानंद ने दूसरे देश मे जाकर बंधुत्व का संदेश दिया आज उसी विचार को जीवंत करने की आवश्यकता है,बंधुत्व का विचार ही इस राष्ट्र को सर्वोपरि बनाएगा।



ऑनलाइन विमर्श विवेकानन्द शिलास्मारक "पत्थर में प्रगटे प्राण"


  दिनांक 2 सितंबर,2020 विवेकानन्द शिला स्मारक के 50वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी,शाखा-रांची द्वारा विवेकानन्द शिला स्मारक "पत्थर में प्रकटे प्राण" विषय पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत तीन ओंकार प्रार्थना व गीत से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉo पुरुणेंदु शेखर दास,सह संचालक, डिब्रूगढ़ विभाग, आसाम प्रांत,विवेकानंद केंद्र थे। मुख्य वक्ता के तौर पर माo  प्रवीण दाभोलकर, अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव, विवेकानंद केंद्र थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉo पुरुणेंदु शेखर दास ने कहा कि विवेकानंद शिलास्मारक इस देश की धरोहर है। विवेकानंद शिलास्मारक और विवेकानंद केंद्र भारत को विजयी बनाने के लिए कार्यरत है।

कार्यक्रम में देश विदेश से लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय प्रवीण दाभोलकर जी ने कहा  कि

    विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन, दिल्ली ओर विवेकानंद केंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ कल्चर, गौहाटी भारत के निर्माण के पथ पर कार्यरत है।
    "Finding the opportunity in the challenging situation" का विचार रांची नगर के कार्यकर्ताओ ने किया और आज हम इस माध्यम से मिल रहे है।
    विवेकानन्द शिल्स्मारक का उद्घाटन उस समय के वर्तमान राष्ट्रपति जी के द्वारा हुआ।
    स्वामी ने हमसा बताया की "मनुष्य निर्माण के द्वारा राष्ट्र पुनरूथान" एवं "शिव भावे जीव सेवा" भारत के पुनर्निर्माण के लिए दो मार्ग।
    विवेकानन्द शिला स्मारक की निर्मिती भारतवासियों के आत्मविश्वास को बढाने में बड़ी भूमिका रही।
    श्रोताओं के प्रश्नों मा० एकनाथजी, संघ के सरकरावाहा रहे लेकिन फिर विवेकानन्द केंद्र की आवश्यकता क्यों पारी,  जबाब देते उन्होनों कहा की "जातो मत ततो पथ" ध्येय के प्राप्त करने के लिए जितने प्रकार के लोग के  विचारो होगे उतने मार्ग उपलब्ध है, यही हमरी संस्कृति की परम्परा और विशेषता है।  


कार्यक्रम के अंत में 15 मिनट के प्रश्नोत्तरी के द्वारा श्रोताओं के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर व संदर्भ समझाया गया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ। ऑनलाइन विमर्श कार्यक्रम में लगभग 80 लोगो ने भाग लिया।




"कोविड-19 में युवाओ की मनःस्थिति एवं दिशा" विषय पर ऑनलाइन विमर्श


    विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची के द्व्रारा "कोविड-19 में युवाओ की मनःस्थिति एवं दिशा" विषय पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन किया गया।  इस विमर्श में दो मुख्य वक्ताओ ने अपने विचरो से श्रोताओं का मार्गदर्शन किया।

प्रथम वक्ता डॉ नीतीश प्रियदर्शी,  सहायक प्रोफेसर, भू-विज्ञान  विभाग, रांची विश्वविद्यालय के विचार

• आत्महत्या जैसे चीज प्रकृत्ति के नियम के विरुद्ध है।
•  समय से अनुसार अपने को परिवर्तित करना।
• अगर पृथ्वी को डिप्रेसन हो गया तो हमरा क्या होगा, इसलिए हमें भी पृथ्वी की तरह सहनसील बने।
• जो व्यक्तो, समाज, राष्ट्र निष्क्रिय हो जाता है उसका विनाश प्रारम्भ हो जाता है। जैसे :- डाइनासोर
• अगर आप निष्क्रिय होंगे तो प्रकृति आपको नष्ट कर द्वगी।
• जिस प्रकार नदी का पानी रुकने पर वो पानी खराब हो जाती है।
• हमसे अपने आप को  व्यस्त रखे ।
• प्रकृति में सब गतिमान है। हम क्यो रुके।
• जब हम प्रकृति सैट छेड़-छाड़ करते है तभी हम कोरोना जैसे महामारी से जूझना पड़ रहा है।

द्वितीया  वक्ता  श्री प्रदीप हज़ारी, कृषि विभाग के विशेष सचिव, झारखण्ड सरकार के विचार

मेरे चार प्रश्न है कि  इस लॉकडाउन में
1. क्या ऐसा कुछ विचित्र हुआ है?
2. अगर हुआ है तो कितना विचित्र हुआ है?
3. क्या यह चुनौती बन कर आई है?
4. तो क्या यह अवसर बन कर आई है?

"एक चुनौती एक अवसर नही बल्कि हज़ारो अवसर ले कर आती है"


• कोरोना काल को एक अवसर के तरह लें। जो हज़ारो अवसर हर आयु वर्ग के लिए लाया है।
• अगर हम अनुशासित होते तो कोरोना हमारे पास नही आती।
• कोरोना काल मे खुद से चार प्रश्न पूछिये।
1. क्या हम डर में जी रहे रहे?
2. क्या हम डिप्रेशन में जी रहे है?
3. क्या हम अकेलापन महसूस कर रहे है?
4. क्या हम वोर महसूस कर रहे है?
• दर किस बात का है:- इन्फेक्शन हो जाएगा इसका या हमारी व्यापार, पढ़ाई, कैरियर खत्म हो जाएगा। पहले अपने दर तो समझिए। और उसको अवसर बनाये।
• सरकार के गाइड लियॉन को फॉलो करें।

• आज से तीन महीना पहले मोबाइल, लैपटॉप को समय नष्ट करना का साधन माना जाता था लेकिन आज वही उपक्रम आपके लिए उपयोगी है, लेकिन उसमें भी हमे अनुशासन का ध्यान रखना पड़े गा।
• कोरोना काल मे एक चिंता है विषय रहा जो कि है प्रवाशी मजदूर। लेकिन मैंने ऐसे भी मजदूरों को देख जो कि कोरोना काल के पहले इडली भेज करता था कोरोना काल में बंद हो गया तो उसने मछली बेचना शुरू किया । क्योंकि मछली पर सरकार का रोक नही था। यानी उसने कोरोना काल को अवसर के रूप में लिया और भी बहुत सारी ऐसे मजदूर जो कि खेतो में अच्छी फसल उगाने में लग गए।

 

कार्यक्रम का संचालन श्री राजेश अग्रवाल, सह नगर संयोजक द्वारा हुआ। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए  श्रेयांश भारद्वाज जी ने वक्ता ओर स्रोता को धन्यवाद दिया।
 कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र से हुआ। 





भागलपुर में गुरुपूर्णिमा उत्सव


 विवेकानन्द केन्द्र भागलपुर द्वारा गुरुपूर्णिमा उत्सव के अवसर परगुरुपूर्णिमा के साथ दायित्व ग्रहण  का कार्यक्रम भी रखा गया। कार्यक्रम में आ.विजय वर्मा जी द्वारा गुरु के महत्व और दायित्व बोध पर प्रकाश डाला गया कार्यक्रम प्रत्यक्ष हुआ। कार्यक्रम में माननीय निवेदिता दीदी द्वारा लिखित गुरुपूर्णिमा पत्र का पठन आ. शिवेष दत्त मिश्र जी नगर संपर्क प्रमुख द्वारा किया गया। कार्यक्रम कुल  उपस्थिति 18 रही की रही। इसके साथ संस्कार वर्ग के कार्यकर्ताओं द्वारा घरों में मातृ-पूजन किया गया उसके के बाद वीडियो और फ़ोटो उनके द्वारा भेजा गया लगभग 11 परिवार में मातृ-पूजन कार्यक्रम आयोजित किये गए।



अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोविड विशेष योग


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा  रांची ने ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम  से  मनाया। कोरोना महामारी के कारण हमने कॉविड विशेष योगाभ्यास का आयोजन किया। पूरा कार्यक्रम 1 घंटे 30 मिनट का था, जिसमे अभ्यास और सैद्धांतिक पक्ष दोनों रहा। अभ्यास में  शिथलीकरण, सूर्यनमस्कार,  आसन, प्रणायाम और क्रिया और सैद्धांतिक पक्ष में "योग का महत्त्व" पर रहा। कुल उपस्थिति 35 की रही।

Wednesday, August 26, 2020

रांची में गुरुपूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम



विवेकानन्द केन्द्र रांची के द्वारा दो स्थान पर गुरुपूर्णिमा का उत्सव मनाया गया। एक कार्यक्रम कार्यालय पर हुआ, कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ फिर गुरु स्त्रोत, गुरु - भजन, "ओमकार  के महत्त्व" विषय पर चर्चा, पुष्पांजलि, शान्ति मंत्र तथा केन्द्र प्रार्थना पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।  दुसरा कार्यक्रम ओनलाइन अयोजीत हुआ। जिसमें कार्यकार्ता के परिवार भी संमलित हुए।

Guru Purnima at Vivekananda Kendra Madurai - July 4, 2020

On Guru Purnima Day (5th July 2020) Vivekananda Kendra Madurai organised Guru Purnima program through Google meet from 6.30 p.m. to 7.45 p.m. 28 Karyakarthas took part in the celebration.

The program started with 3 Omkar which was followed by Guru bhajan. Ma. Nivedita Didi’s letter was read in the program and a discussion was done based on that. All Karyakarthas shared what they learned from people and beings around us last year.  Karyakarthas took dayitva and did pushpanjali to omkar at their home. All took sankalpa that from people and beings around us, we shall everyday learn something. The program was concluded with Kendra Prarthana.