Wednesday, August 26, 2020

रांची में गुरुपूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम



विवेकानन्द केन्द्र रांची के द्वारा दो स्थान पर गुरुपूर्णिमा का उत्सव मनाया गया। एक कार्यक्रम कार्यालय पर हुआ, कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ फिर गुरु स्त्रोत, गुरु - भजन, "ओमकार  के महत्त्व" विषय पर चर्चा, पुष्पांजलि, शान्ति मंत्र तथा केन्द्र प्रार्थना पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ।  दुसरा कार्यक्रम ओनलाइन अयोजीत हुआ। जिसमें कार्यकार्ता के परिवार भी संमलित हुए।

Guru Purnima at Vivekananda Kendra Madurai - July 4, 2020

On Guru Purnima Day (5th July 2020) Vivekananda Kendra Madurai organised Guru Purnima program through Google meet from 6.30 p.m. to 7.45 p.m. 28 Karyakarthas took part in the celebration.

The program started with 3 Omkar which was followed by Guru bhajan. Ma. Nivedita Didi’s letter was read in the program and a discussion was done based on that. All Karyakarthas shared what they learned from people and beings around us last year.  Karyakarthas took dayitva and did pushpanjali to omkar at their home. All took sankalpa that from people and beings around us, we shall everyday learn something. The program was concluded with Kendra Prarthana.

International Day of Yoga at VK Madurai - June 21, 2020

Vivekananda Kendra Madurai celebrated International Day of Yoga on 21.06.2020 from 6.45 a.m. to 8.30 a.m. The program was conducted through Google Meet. About 37 people took part in the program.

The program started with prayer which was followed by Yoga day song, Yoga abhyas and Pranayama (as per AAYUSH schedule). Ma. Nivedita Didi’s lecture on ‘Yoga – a way of life’ was translated into Tamil and broadcasted. The programme was concluded with sankalpa and prayer. All enjoyed doing yoga and took sankalpa to lead a yoga way of life!

COVID-19 Assistance by Vivekananda Kendra Madurai

As a part of COVID-19 Assistance, from 16.05.20 to 18.05.20, Vivekananda Kendra Madurai served food for corporation sanitation workers of Thiruparankundram and homeless people living around Thiruparankundram and Vel Murugan Nagar. 100 food packets were distributed each day for three days (16.05.20 to 18.05.20).

Fifteen Karyakartas were involved in this service activity and they all did this service  from the bottom of their heart.

Friday, August 14, 2020

Basic Health Camps in Flood affected villages of Tinsukia

 
In the month of June and July 2020, devastating floods created havoc in most of the parts of Assam. People who are living near Brahmaputra River had to take shelter in the relief camps.  Because of the Covid 19 situation this year, they had to suffer more as the entire machinery is busy in Covid 19 activities.               

    One of the major concerns after flood is health issues and various water borne diseases start spreading. We are aware about this fact and had a plan to help some flood affected people of Tinsukia district, Assam. We identified three locations which were badly affected. Those are Laika and Dhadhia Island inside Dibru Saikhowa Forest, Erasuti of Giujan and Amarpur of Sadiya. All these places are very remote and timely interventions were necessary to control outbreak of diseases. These areas are inhabited by indigenous Mising community.
                                                                                                     
We contacted Dr. Mahesh Ji Sangvhi of Gokul Braj Foundation, Mumbai and briefed him about the situation and requested him to donate medicines from their organization at this hour of distress. He agreed to do so as he did it in numerous previous occasions and within a week we received the medicines. Now we contacted the volunteers of Takam Mising Porin Kebang(All Mising Students Union) and chalked out the plan to distribute basic medicines to the flood affected people through Health Volunteers as medical camps are not allowed this year because of Covid 19 pandemic. Sri Beni Doley, Sri Minturaj Morang and Sri Binod Dao took the responsibility and we involved the ASHA workers, ANM, Anganwadi Workers and village youths to reach to all sick persons of the mentioned villages. This is to be mentioned that Sri Binod Dao is the president of TMPK, Sadiya and a karyakarta of Vivekananda Kendra. Sri Beni Doley is the president of TMPK, Tinsukia and Sri Munturaj Morang is the secretary of TMPK, Tinsukia.

On 4th August, a basic health camp was organized at Laika and Dhadhia islands and the numbers of beneficiaries were 409. Again on 5th and 6th August such camps were organized at Amarpur and 3 no.Santipur of Sadiya and a total 798 patients were benefitted. In Amarpur, the Women wing of Mising community took the responsibility and made the camp very successful. Along with medicine distribution, awareness program were organized in all villages and volunteers explained about cleanliness, safe drinking water etc.   
The whole program was done very smoothly and successfully with the activeparticipation of local service minded youths and maintaining all Covid 19 guidelines and protocols. The Deputy Commissioner of Tinsukia, Sri Bhaskar Pegu appreciated the initiative taken by Vivekananda Kendra Kanyakumari for the flood affected people of Tinsukia district. 



Thursday, July 9, 2020

योग-विश्व को भारतीय उपहार

विवेकानंद केन्द्र मध्य प्रांत द्वारा आयोजित  पाक्षिक विमर्श -  योग-विश्व को भारतीय उपहार (समय: 21जून 2020 दिन रविवार एवं सूर्य ग्रहण सायं 4 से 5:30 )
मुख्य वक्ता - आ. श्री हनुमंत राव जी* ( योग मर्मज्ञ, प्रशासनिक सचिव एवं अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी)

भूमिका :-
आ. नारायण घोष जी, विभाग प्रमुख जबलपुर। आपने भगवान रामकृष्ण के प्रिय मंत्र को याद करते हुए कहा कि भारतीय दर्शन एवं योग विज्ञान को आज ही के दिन सम्पूर्ण विश्व ने इसे अंगीकृत भी किया। योग – जीव (व्यष्टि) का परमात्मा (समष्टि) से मिल जाना है और यही मानव जीवन का लक्ष्य भी है।

श्रद्धेय हनुमंत राव जी ने विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के सुरम्य वादियों से हमें आज के दिवस कि महत्ता बताई एवं सम्बोधन में कहा कि यह एक महान शास्त्र है। जो सम्पूर्ण विश्व को जीवन का विशाल मार्गदर्शन कर रहा है ताकि सृष्टि का संतुलन न बिगड़े। सृष्टि में लाखों जीव, अरबों प्राणी, वनस्पति आदि है जो एक ही परिवार है, आज कल हम इसे Cosmic House कहते हैं।
इसे ही हम वयं बंधु – अयं बंधु, अर्थात् विश्व भी एक घर है जिसमें हमारी पारिवारिक- समरसता, सामन्जस्यता को पहचान वास्तविक अनुभूति को अभिव्यक्त करना ही योग दर्शन रहा। सभी दृश्य-अदृश्य जीव जन्तु एक वैश्विक तन्तु से जुड़े है को पक्षियों के दृष्टांत के माध्यम से स्पष्ट किया।
 विवेकानन्द जी ने अपने प्रवास के अनुभव Shall lndia die? Then from the world all spirituality will be extinct, all moral perfection will be extinct से यह बताने का प्रयास किया गया कि भारतीय विचार धारा के नष्ट होने से विश्व में competition बढ़ेगा। इसलिए योग जीवन की समस्त बाधाओं का समाधान है, अतः हमारा व्यवहार ऐसा हो जिससे सब में आनन्द की लहर प्रवाहित हो। यही मानव जीवन का लक्ष्य भी है। हम भौतिक वस्तुओं के सुख सुविधा में आनन्द खोजते हैं, दरअसल यह आनन्द, अन्दर से आता है, जिसके जागरण का एक  मात्र उपाय योग है। बाहरी भोग विलास और फ़ास्ट  जीवन शैली ने हमारे मूल्यों का अवमूल्यन कर दिया है।
बाहरी चकाचौंध ने मन को अशांत कर दिया है योग ही मन को प्रशांत कर सकता है, को उदाहरणों से स्पष्ट किया। योग - मन के विचलन, चंचलता, दौड़ते मेघ या मनोवेग कि गति को एवं इंद्रियों के वेग को शांत करता है। प्रशांत करता है।
योग के अभ्यास से -शिक्षक, डाक्टर, पेन्टर, वैज्ञानिक आदि अपने-अपने क्षेत्रों में उत्तम एवं गुणवत्ता युक्त कार्य करते हैं और समाज उन पर विश्वास करता है।
चोर योग के अभ्यास से संस्कारित हो चोरी करना छोड़ देता है।
योग के विस्फोट से विश्व भारतीय दर्शन को अपनाने लगा है।
योग से हमारे प्रक्षिप्त गुण विकसित होने लगे हैं,इसे ही Personality development कहते हैं। आत्मविश्वास जागता है। इसी से Time management होता है।
योग से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक अशुद्धियों का प्रतिस्थापन (Replacement) होता है। फलस्वरूप मन की उर्जा एवं एकाग्रता बढ़ती है, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। उर्जा का संकलन एवं पोषण बढ़ेगा तो उसका management भी बढ़ेगा।
अंतिम चरण में उन्होंने कहा कि भारतीय दर्शन शास्त्र सभी काल में सजीव एवं प्रासंगिक (Relevant) रहेगा। सभी संघर्षों का समाधान करेगा, यही भारतीय संस्कृति का अद्भुत आध्यात्मिक विज्ञान और भविष्य के लिए रक्षा कवच भी है।
कोरोना रूपी महामारी ने मरण का/ भय का/ वातावरण बना दिया है सब का समाधान योग ही है, बताया।
योग इंद्रियों की भूख को शांत /कमजोर करता है। और आत्मबल को बढ़ाता है।
श्वास का वेग योग से नियंत्रित हो सहज ही प्राणायाम बन जाएगा। और हमारी पूरी Physiology System व्यवस्थित हो जायेगी।
योग से हार्मोन का स्त्रावन संतुलन ठीक होता है, शुचिता, पवित्रता, ओज शक्ति, immune system आदि ठीक हो कर आनन्दमय जीवन प्रारम्भ होता है।
ये सब विश्व को भारत का उपहार (Gift) है। भारतीय योग दर्शन इसका माध्यम बना अतः हमें इस पर गर्व है। भारत माता की जय |
आभार:
श्री श्रवण पाठक जी द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। शांति मंत्र से विमर्श पूर्ण हुआ। कार्यक्रम का सञ्चालन मोहन चक्र वैश्य जी ने किया। कार्यक्रम में सभी प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति 1150 से अधिक रही।

बीना में आंतराष्ट्रिय योग दिवस

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा बीना में, इंडस्ट्रियल एरिया नौगांव बीना के संस्कार वर्ग संध्या 4:30 से 6 में भौतिक दूरी के सिद्धांत के पालन हेतु सभी को संदेश दिया मास्क लगाकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी बच्चों ने योगाभ्यास किया और माननीय हनुमंतराव जी के विमर्श का श्रवण सभी ने किया। जिसमें 30 की उपस्थिति रही।

मध्य प्रांत में ऑनलाइन प्रांतीय कार्यकर्ता शिविर

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी मध्य प्रांत के द्वारा आयोजित प्रांतीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर ऑनलाइन का आज समापन हुआ ।
शिविर में मध्य प्रांत के 123 कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही जिसमें
इंदौर विभाग से 30,
भोपाल विभाग से 39,
ग्वालियर विभाग से 18,
जबलपुर विभाग से 8,
छत्तीसगढ़ विभाग से 21
एवं प्रांत के वरिष्ठ कार्यकर्ता 7 सम्मिलित हुए । इस प्रकार शिविर मैं शिविरार्थियो की  कुल संख्या 123 रही ।
प्रातः स्मरण ,योग वर्ग,  बौद्धिक सत्र के पश्चात शिविर की संकल्पना आदरणीय श्री सरोज अग्रवाल दीदी के द्वारा रखी गई । शिविर व्रत के पश्चात्  मध्य प्रांत संचालक माननीय श्री मनोहर देव जी के आशीर्वचन प्राप्त हुए जिसमें उन्होंने प्रकृति का संतुलन के विषय और हमारा योगदान के ऊपर अपने विचार रखे।  तत्पश्चात विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव माननीय श्री भानु दास जी  ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। मैं ही भारत हूं इस विषय को आत्मसात करते हुए अपनी संस्कृति को पहचानना और
उसके अनुरूप कार्य करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक व्यक्ति का योगदान राष्ट्र के लिए आवश्यक है ऐसे विचारों का समावेश माननीय भानुदास जी ने अपने संबोधन में किया और ऐसे विचारों के कारण प्रांत के शिविरार्थि  लाभान्वित हुए।

Online Yoga Satra on Google Meet in Paschim Bang

In this COVID19 pandemic situation Vivekananda Kendra Kanyakumari, Paschim Bang Prant, Eknath Vibhag(Kolkata) organised Online Yoga Satra on Google Meet every morning from 6:30 to 7:30am to boost up the immunity, energy level and positivity among the masses.

It started on 10th June & concluded on 21st June 2020 i.e.. 6th International Day Of Yoga.

In the Yoga Sessions the participants were taught various Exercises, Surya Namaskar, Asanas & Pranayam and in the concluding session followed by the common Yoga protocol of IDY, as per Ministry of AAYUSH.

We took a Mission of performing minimum 5008 Surya Namaskar in the concluding session, in which the total 365 people participated from various regions of West Bengal. Overall 10,084 rounds of Surya Namaskar was performed in total.

Ma. Nivedita Didi's lecture on Yoga -A Way Of Life was also broadcasted in the programme.

Everyday the sessions were conducted by Arijit Das, Sanatan Mahakud, Subhankar Dey, Anunika Sharma, Purbali Sarkar, Dipankar Shil, Shyamsunder Jaiswal , Shubhangi Upadhyay & coordinated by Shri Subrata Mondal.

International Day of Yoga at Jammu

Before program started, we lighted the lamp and pushpanjali by all participants. Program started with 3 Omkar and shanti Mantra. For vigourous and enthusiastic environment, a geet was taken. After that, we had a short interactive discussion on Yoga: A way of life and benefits of Suryanamaskar among participants. Now we came to  physical mode and started streching exercises which was followed 51 Suryanamaskar Mahayagya. After some lite refreshments, we conclude the program on a positive note with Sarve Bhavantu. Total 47 people participated in the program.

ऑनलाइन प्राणायाम सत्र मध्यप्रांत

केन्द्र की प्रांत चमु द्वारा कोरोना महामारी (कोविड-19) अवधि में 9 एवं 23 मई 2020 को बैठकें आयोजित कर निर्णय लिया गया कि इस अवधि में संपूर्ण भारत में लॉकडाउन के कारण सभी व्यक्ति अपने परिवार सहित अपने घरों में ही रहकर  सामान्य दिनचर्या का निर्वहन करे, फलस्वरूप उनमें  रोगनिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा दिनचर्या व्यवस्थित कर सेवा, त्याग और समर्पण के विचार राष्ट्रोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से  केन्द्र द्वारा नियोजित ऑनलाइन कार्यक्रमों यथा पाक्षिक विमर्श, प्रांत कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर, उठो जागो युवा प्रतियोगिता, परिवारों में अभिव्यक्ति कार्यक्रम के साथ ही ऑनलाइन प्राणायाम सत्र नियोजित कर आयोजन किया जाए। 

(1 जून से 14 जून 2020)

प्राणायाम सत्र के आयोजन हेतु पॉच कार्यकर्ताओं की एक संचालन चमु गठित की गई जिसके द्वारा नियमित रूप से प्रतिदिन के अभ्यास का नियोजन, संचालन तथा अनुवर्तन किया। प्रतिदिन के अभ्यास का प्रदर्शन चमु से प्रथक कार्यकर्ता से
 कराया गया। प्राणायाम सत्र के प्रचार प्रसार हेतु प्रांत स्तरीय कोर टीम जिसमें प्रांत चमु, सभी विभाग प्रमुख/ संगठक व संपर्क प्रमुख को सम्मिलित किया। प्रतिभागियों को दूरभाष, सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत संपर्क कर ऑनलाइन मिस्ड कॉल से
पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई। इस सुविधा के माध्यम से सत्र हेतु देश विदेश से कुल 192 प्रतिभागियों ने अपना पंजीयन कराया। इनमें से एक समय में अधिकतम 90 प्रतिभागियों ने प्राणायाम सत्र में उपस्थित रहकर नियमित अभ्यास किया। सत्र की अवधि में ही प्रतिभागियों को व्यक्तिगत जानकारी प्रेषित करने हेतु एक पंजीयन प्रपत्र भरकर प्रेषित करने का अनुरोध किया गया, फलस्वरूप 84 प्रतिभागियों ने यह प्रपत्र भरकर प्रेषित किया जिसे विभागसः अनुवर्तन हेतु प्रेषित किया गया। प्रतिभागियों को भविष्य के कार्यक्रमो की जानकारी भी इसी आधार पर देने की सूचना अंतिम सत्र के दिन दी गई।

प्राणायाम सत्र में भूमिका, मंत्र, महत्व/उपयोगिता के साथ ही शिथिलीकरण व्यायाम, क्रियाओं में कपालभांत, भस्रिका के बाद प्राणायाम में खण्डीय श्वसन, अनुलोम विलोम, सूर्यभेदन, चन्द्रभेदन, नाड़ीशुद्धि, शीतली, शीतकारी, सदंत तथा भ्रामरी का अभ्यास अनिवार्य सूचनाओं के साथ कराया गया । उसके पश्चात् प्रतिदिन सैद्धांतिक पक्ष में अष्टांग योग, केन्द्र परिचय के माध्यम से अखण्ड मण्डल, जीवन ध्येय, प्राणायाम: जीवन शक्ति आदि की संकल्पना रखने के साथ ऊॅंकार उच्चारण, शंकासमाधान, आगामी सूचनाओं के बाद शांति मंत्र के साथ सत्र का समापन किया जाता।

सैद्धांतिक पक्ष में प्रथम दिवस प्राणायाम का महत्व एवं संकल्पना - वक्ता श्रीमती सरोज अग्रवाल दीदी प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख, द्वितीय दिवस योग, युज्यते अनेन इति योगः, आनंद मीमांसा तथा योगश्चित्तवृत्ति निरोधः-श्री भंवरसिंह राजपूत प्रांत प्रमुख, तृतीय दिवस मनः प्रशमनोमायः योग इत्याभिधीयते, योगः कर्मसु कौशलम्-श्री अतुल गभने विभाग संगठक इन्दौर, चतुर्थ दिवस यम -श्री अतुल सेठ प्रांत संपर्क प्रमुख, पंचम दिवस नियम-श्री मनोज गुप्ता भोपाल विभाग संपर्क प्रमुख, षष्ठम दिवस आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार-श्री गोविन्द खाण्डेकर प्रांत कार्यालय प्रमुख, सप्तम् दिवस धारणा, ध्यान, समाधि-श्री विभाष उपाध्याय विभाग संचालक इन्दौर, अष्टम दिवस अखण्ड मण्डल,केन्द्र परिचय-श्री धर्मेन्द्र विपट इन्दौर विभाग संपर्क प्रमुख, नवम् दिवस जीवन ध्येय-सुश्री रचना दीदी प्रांत संगठक तथा दशम् एवं अंतिम दिवस प्राणायाम:जीवन-शक्ति की संकल्पना समापन सत्र के रूप में माननीय श्री हनुमंतराव जी अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी द्वारा रखते हुए सभी का मार्गदर्शन किया।

माननीय श्री हनुजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राणायाम एक अद्भुत शक्ति है जो जीवन में प्राण शक्ति को ऊर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया है। महर्षि पतंजलि ने प्राणायाम को अष्टांग योग में उद्धृत किया है। उन्होंने बताया कि सामान्यतः एक भ्रम है कि यम, नियम के बाद ही प्राणायाम आता है परन्तु सूक्ष्मता से शास्त्रों में देखते हैं तो प्राणायाम प्रत्येक जीव में एक आत्मतत्व है, ऊर्जा है और इस एकत्व की शक्ति के संचलन को ही मूल रूप से प्राण कहा गया है। प्राण मात्र एक वायु नहीं है  अपितु यह प्रत्येक कण में विद्य़मान है, अभिप्राय यह है कि प्रत्येक व्यक्ति एकदूसरे से सम्बद्ध है, जुड़ा हुआ है और शरीर में होने वाले स्पंदनों का मूल कारण भी प्राण ही है। यह केवल श्वांस लेने छोड़ने का व्यायाम ही नहीं है अपितु प्रत्येक शरीर में संचालित क्रियाऐं चाहे वे दृश्य हों या अदृश्य, सभी प्राण की शक्ति से संचालित होती हैं। श्री हनुजी ने आगे कहा कि यह शक्ति निरंतर प्रवाहित होती रहती है, यदि अनुभव करें तो हम स्वयं को इस चराचर विश्व से जुड़ा हुआ पाते हैं। हम अनुलोम विलोम, नाड़ी शुद्धि प्राणायाम करते हैं यह केवल नाड़ी नहीं है अपितु यह प्रत्येक प्राणी में प्राण स्वरूप है। यह शक्ति भौतिक, रसायनिक प्रत्येक अवस्था में अपरिवर्तित रहती है। हम जो भी भोजन ग्रहण करते हैं वह स्थूल शक्ति के रूप में होता है
परन्तु वह अन्दर जाकर वह प्राण शक्ति के रूप में रूपांतरित हो जाता है। यही प्राण शक्ति प्राणायाम के द्वारा हमारी प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करती है। विवेकानंद केन्द्र में पूरक रेचक का अभ्यास कराया जाता है कुम्भक का नहीं क्योंकि साधक को प्रशिक्षक की उपस्थिति के बिना इसका नियमित अभ्यास नहीं करना चाहिए। प्राणायाम के नियमित अभ्यास के द्वारा प्राणशक्ति के साथ हम शरीर, मन के द्वारा श्रष्टि से जुड़ते हैं और इसी के साथ जब हम मानसिक जप करते हैं तो हम जीरो  डिस्टेंसिंग की ओर बढ़ते हैं। 

श्री हनुजी के मार्गदर्शन पश्चात् प्रांत के सह-संचालक श्री रामभुवनसिंह कुशवाह जी द्वारा सभी अभ्यागतों, प्रतिभागियों एवं उनके परिवारजनों तथा केन्द्र कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके उपरांत शांति मंत्र के साथ सत्र का समापन हुआ। समापन सत्र में केन्द्र के पूर्व आव्हान पर सभी 90 प्रतिभागी अपने परिवार सहित सम्मिलित हुए। प्रतिभागियों के परिवारजनों के अतिरिक्त प्रत्यक्ष उपस्थिति 137 रही। प्राणायाम सत्र में अमेरिका से प्रवासी भारतीय भी सहभागी हुए। अनुभव कथन में श्री कैलीश त्यागी बिलासपुर, श्रीमती सीमा मित्तल अमेरिका, श्री संजय मनकड़, श्री उल्हास वारे जी आदि प्रतिभागियों द्वारा कोरोनाकाल में प्राणायाम से उनकी दिनचर्या व्यवस्थित होना बताया। समापन सत्र में माननीय श्री किशोर जी टोकेकर संयुक्त महासचिव, श्री रूपेश माथुर जी प्रांत संगठक अरूणाचल, श्री रवि नायडू जी प्रांत संगठक उड़ीसा, प्राचार्य विवेकानंद केन्द्र विद्यालय बदरपुर एवं श्री हार्दिक मेहता जी आईटी संगठक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्राणायाम सत्र की अवधि में केन्द्र की ओर से प्रतिभागियों का परिपोषक, अरूणाचल बन्धु परिवार तथा केन्द्र भारती, युवा भारती पत्रिका की सदस्यता ग्रहण करने हेतु आव्हान किया गया। फलस्वरूप कुल 18 प्रतिभागियों द्वारा सदस्यता ग्रहण की गई।

International Day of Yoga celebrated at Guwahati

International yoga day celebrated at Basistha karyasthan, Kamrup Vibhag (Guwahati, Assam prant. Total participants 28

बिहार-झारखंड में 6131 सूर्यनमस्कार

1 जून से 21 जून तक नित्य सूर्यनमस्कार संकल्प के साथ आज के दिन बिहार-झारखंड प्रान्त कार्यकर्ताओं का संकल्प 5100 सूर्यनमस्कार पूर्ण करने का था  लेकिन आज  98 कार्यकर्ताओं द्वारा 613 सूर्यनमस्कार पूर्ण किये।

भागलपुर नगर-31 कार्यकर्ता-3469 सूर्यनमस्कार.
पटना नगर-19 कार्यकर्ता-1212सूर्यनामस्कार.
गया नगर:-37 कार्यकर्ता-949 सूर्यनमस्कार.
राँची नगर:-11 कार्यकर्ता-501 सूर्यनमस्कार.

राजस्थान प्रांत की वेबसाइट का लोकार्पण

विवेकानंद केंद्र का कार्य मनुष्य निर्माण से राष्ट्र प्रमुख स्थान है और इस कार्य को राजस्थान में गति देने का कार्य विवेकानंद केंद्र की नवीन
वेबसाइट बनेगी । अत्यल्प समय  में निर्मित इस महामारी के युग में लोक संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन बनने जा रही विवेकानंद केंद्र राजस्थान की वेबसाइट सही मायनों में तभी सार्थक हो सकेगी जब यह कार्यकर्ता निर्माण का वाहक बने।  स्वामी विवेकानंद का स्वप्न राजस्थान पूरा कर सकता है क्योंकि स्वामी विवेकानंद ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों का परिव्राजक सन्यासी के रूप में भ्रमण किया और यह एक अद्भुत सौभाग्य का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस वेबसाइट का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष माननीय ए बालाकृष्णन ने विवेकानंद केंद्र राजस्थान की वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए।  इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन जयपुर के परम पूज्य स्वामी श्री देव प्रभानंद जी ने भी अपना आशीर्वाद प्रदान किया। आईटी टीम के संयोजक दिवस गौड़ ने बताया कि राजस्थान प्रांत की वेबसाइट का वेब एड्रेस rajasthan.vkendra.org है ।

वेबसाइट के मोबाइल फॉर्मेट का लोकार्पण विवेकानंद केंद्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद्मश्री सुश्री निवेदिता भिड़े तथा अखिल भारतीय महासचिव माननीय डी भानुदास ने किया। वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे जिनमें सुश्री रेखा दवे सुजाता नायक तथा राजस्थान के अधिकारियों में प्रांत संगटक    सुश्री प्रांजलि येरीकर,  प्रांत प्रमुख श्री  भगवान सिंह, सह प्रांत प्रमुख श्री अविनाश शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर वेबसाइट के विषय में संक्षिप्त प्रेजेंटेशन वेबसाइट निर्माता कपिल खंडेलवाल ने किया तथा समग्र कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद आईटी टीम के संयोजक दिवस गौड़ ने किया।

भागलपुर में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र भागलपुर द्वारा 3 स्थानों पर प्रत्यक्ष रूप कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसमें भौतिक दुरी का ध्यान रखते हुए आसन व प्रणायाम का अभ्यास किया गया।

1.भागलपुर-55-60 उपस्थिति ।
2. तिलकपुर-45-50 उपस्थिति ।
गौरीपुर-2 कार्यक्रम-50-55 उपस्थिति ।
कुल तीन कार्यक्रम में 150-155 की उपस्थिति रही ।

Teacher - Parents meeting VKV Kallubalu

On 10th & 11th of June Parents' Meetings were conducted at VKV Kallubalu to survey on school reopening for 2020-21 followed by Vidyalaya Managing Committee Meeting on 10.06.2020 wherein the members interacted with parents. The opinion is forwarded to the education department. The winners of World Environment Day - online competitions received the prizes. Parents were briefed about the life style to develop immunity power  like yogabhyas, organic food habits, organic sanitizer, etc. these meetings were attended by a total of 100 people. It was expressive and educative experience for all.

7 days Yoga session at Jammu

Vivekananda Kendra, Kanyakumari, Jammu started 7 day Yoga session in a Roop Nagar park with proper care of physical distancing.
Aim to start the satra make people physically, mentally and emotionally fit. Loosening exercise, Suryanamaskar, Assana and Pranayama are taught in the 7 days session.
Conclude on 21st June (International Yoga Day) with 51 Suryanamaskara Yagya.

Mask Distribution Drive by Jammu

2700 Mask distributed from 14th may to 14th June 2020. Also initiated a Cloth Collection Drive of warm cloths  in Collaboration with a NGO by tha name of Goonj for the Labourers stranded in Kargil, Ladakh.  Which includes 10 Blankets , 20 Jackets, 35 Sweaters, 25 warm trousers, 25 Shirts, 12 Caps, 4 shawls and 12 pair of  woolen socks.
In Delhi Vibhag also distributed 1600 Food Packets  to shramiks at Old Delhi Railway station in two shramik special trains.

Talk on Dharana and Dhyana at VK Mysore

Vivekananda Kendra Mysore organized talk on Dharana and Dhyana on 7th June 2020.  Resource person was Sri. Krishna Kumar ji. With the care of physical distance attendance 32 person.

भागलपूर में योग सत्र

भौतिक दूरी का विशेष ध्यान रखते हुए 10 दिवसीय भागलपूर में योग सत्र आज सम्पन्न हुआ। योग सत्र की कुल उपस्थिति 11 की रही। समापन सत्र में आ.राजभूषण प्रसाद जी(नगर प्रमुख) ने केन्द्र का परिचय एवं योग की महत्ता पर प्रकाश डाला और साथ ही साथ केन्द्र से जुड़कर इस राष्ट्र कार्य में अपना योगदान देने के लिए आव्हान किया गया..।

Inauguration of Tailoring training for Bhagini Nivedita at VK Mysore

Tailoring training was inaugurated  for Bhagini Nivedita Self help group members at Vivekananda Kendra Mysore.
Dr. A S Chandrashekarji, Nagar Sanchalak Vivekananda Kendra Mysore presided the program.

VKV Kallubalu organized plantation drive

On the occasion of World Environment Day on 05.06.2020, VKV KALLUBALU organised Plantation drive in and around the campus and Deepa Pooja through Google Meet.

Wednesday, June 10, 2020

Yoga Satra in Hindi

 Playlist : Yoga Satra (हिन्दी): June2020 : Starting from 10 June 2020

Monday, June 1, 2020

Yoga Satra in Marathi

Yoga Satra in Marathi योग सीखे : 1 जून से 20 जून रोज सुबह 6


 Playlist : Yoga Satra (मराठी): June2020 : Starting from 1 June 2020

Thursday, May 28, 2020

VKV Dbr secured 2nd on World Earth Day

The Arun jyoti project of Vivekananda Kendra Kanyakumari has been running eight Poshan Kendra (Nutritional Centre) in some remote villages of Tirap and Longding districts of Arunachal Pradesh since 2018. The undernourished and malnourished children of these villages get nutritional food with some additional supplements in these centers. India Development and Relief Fund, USA is funding the program.  Since the lockdown because of Covid 19 outbreak, all the centers are closed. We were worried about the children and about their food supplements as all the children are poor. As it was not possible to call them to the centers as per protocol, we decided to distribute nutritious biscuits to the children. As it was not possible for us to reach to them because of lock down, we contacted all our Poshan Karyakartas and Local Karyakartas. We sent the biscuits to the villages and they collected and distributed to the children properly.

As the lock down got prolonged, we started getting news that there is scarcity of food grains and biscuits won’t be sufficient to feed those children. We then planned to send Rice and Musur Dal to the houses of every child enrolled in our Poshan Kendra, so that Khicidi can be prepared to feed them. We again contacted all our Karyakartas residing in the respective villages and have given them the responsibility to receive the food items sent by us and distribute them. We made two teams of Karyakartas for Tirap and Longding and they very dedicatedly distributed the items. We sent 1550 Kg Rice and 330 Kg Musur Dal to eight villages and each child got 5 kg of Rice and 1 Kg of Musur Dal. A total 310 enrolled children were benefitted. The detail report is as follows.

Sl.No
Name of the Village
District
Beneficiaries
01
Lazu (Lower)
Tirap
35
02
Lazu(Upper)
Tirap
35
03
Raho
Tirap
20
04
Longliang
Tirap
50
05
Sinnu
Tirap
20
06
Pongkong
Tirap
50
07
Wakka village
Longding
50
08
Khanu
Longding
50
Because of lock down, it was really difficult to send the items to these remote villages, but the local transporters extended their help. Our Karyakartas informed the Chiefs of villages and other elders and involved them also in the program. In Khanu village the distribution program was arranged at the house of Sri Chingseng Wangham, The Chief of Khanu village. In all the villages, the distribution was very smooth. We instructed all our Karyakartas to avoid gatherings and to maintain physical distancing during the distribution of materials.

We would like to share one inspiring incident. Khanu village is 21 K.M. away from Wakka town. Our Karyakartas walked all the way to Wakka to collect the biscuits and returned carrying the heavy packets. Such was the level of dedication.

Food Items distributed by Vivekananda Kendra Arun Jyoti

Deboshree sarkar, class 8 of Vivekananda Kendra Vidyalaya Dibrugarh secured 2nd position in art competition( state level )on the occasion of World Earth Day and also got selected for National level .

VKV Sadiya Corona Relief Work

Vivekananda Kendra Vidyalaya distributed ration to needy people.

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VK Gwalior Corona Relief Work

Vivekananda Kendra Gwalior Distributed ration to the needy people.

VK Madurai Corona Relief Work

Vivekananda Kendra Madurai distributed ration items in bags containing

1. Rice - 5 kg
2.Toor dhall - 1 kg
3. Orid dhall - 1 kg
4. Rava - 1 kg
5. Sugar - 1 kg
6. Edible oil - 1 litre
7. Wheat atta - 2 kg

These items were distributed to 36 needy families in and around Madurai on 5th and 6th May.

VK Ajmer Corona Relief Work

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा आज दिनांक 4 मई तक कोरोना वायरस के कारण दीन एवं आर्त जनों हेतु सेवा प्रकल्प के तहत राशि 76907/-  रुपयों का एकत्रीकरण विवेकानंद केंद्र के दायित्ववान कार्यकर्ताओं एवं हित चिंतकों के माध्यम से किया गया है।
इस राशि से निम्नांकित प्रकार राशन किट तैयार किया जा रहा है और विवेकानंद केंद्र के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर जरूरतमंद परिवारों को यह किट वितरित किया जा रहा है।
विवेकानंद केंद्र अजमेर के दायित्व वान कार्यकर्ताओं एवं हित चिंतकों द्वारा  नर सेवा नारायण सेवा हेतु प्रदत्त सहयोग राशि से कार्य शुरू हो गया है
अब तक 25 परिवारों तक सामग्री वितरित की जा चुकी है
आगे किट बनाने का काम जारी है और सर्वे के अनुसार परिवारों में राहत सामग्री किट दो-तीन दिन में पूर्ण वितरित होने की संभावना है।

VK Kadapa Corona Relief Work

Vivekananda Kendra Kadapa team distributed much needed groceries to 18 families in kadapa Outskirts and gave butter milk and lassi for Police department as a token of appreciation.
54 families were supported with rice and groceries worth Rs 500 per family at Amangol(hyatnagar) and munaganoor, on 6th and 7th May by Vivekkananda Kendra Dilsukhnagar centre, Hyderabad Vibhag.
Donations Collected : 10116/-

VK Jammu Corona Relief Work

Distributed double layer 3 ply hand made masks to the needy.
Details of distribution given below :
1.  273 masks to on duty Police and Paramilitary force under Sewa For Saviours
2. 159 mask to people in different areas who were without mask.

Eighth Phase of Ration Distribution Drive
Date -   1st May, 2020
Karyakartas involved- 11
Distributed Ration kit to 125 needy families and also biscuits and rusk for small kids which is a donation in kind.
Areas Covered :
1. Aap shambhu temple road
2. Lower Roop Nagar (Near Greenland palace )
3. EVS colony , Talab Tillo

Seventh Phase Of Ration Distribution Drive

29th April 2020
Distributed essential commodities and 52 masks to 62 families at Galaxy College in Sainik Colony Jammu.

Sixth Phase Of Ration Distribution Drive
25th April 2020
Distributed essential commodities (including Nutri Soya Chunks) to 51 family.
Areas Covered:
1. Patoli Mangotrian
2. Lower Roopnagar
3. Muthi
4. Purkhoo camp
5. Machine Domana

Sewa for Saviours
Started this Activity to pay a tribute to our Frontline warriors( Police and Paramilitary force ) who are working without taking any rest in this epidemic.
So, as a mark of respect we have coducted this activity by distributing Amul Buttermilk, Fruits, Mask and Biscuit to 273  security personnel who are on duty in different locations in Jammu Division of J&K. During this Drive we also covered some forest area.


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VK Lucknow Corona Relief Work

25 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से  595 लोगो का राशन वितरित किया गया। 355 फूड पैकेट वितरित किया गया।
27 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 780  लोगो का राशन वितरित किया गया। 314 फूड पैकेट वितरित किया गया।
28 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 393 लोगो का राशन वितरित किया गया। 340 फूड पैकेट वितरित किया गया।
29 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 680 लोगो का राशन वितरित किया गया। 325 फूड पैकेट वितरित किया गया।
30 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से  545 लोगो का राशन वितरित किया गया। 380 फूड पैकेट वितरित किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा 90 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।
3 मई 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से  360 लोगो का राशन वितरित किया गया। 346 फूड पैकेट वितरित किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा(पेय) 50 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।
4 मई 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 210  लोगो का राशन वितरित किया गया। 350 फूड पैकेट वितरित किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा(पेय) 50 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।
5 मई 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 495 लोगो का राशन वितरित किया गया। 230 फूड पैकेट वितरित किया गया।( आयुर्वेदिक काढ़ा(पेय) 60 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।  आयुर्वेदिक पेय की सामग्री एक कप हेतु मात्रा काली मिर्च4 दाना, दालचीनी हाथ के अंगूठे के नाखून के बराबर, अजवाइन, चने के दाने के बराबर, लौंग 2, तुलसी पांच पत्ती, पिपली एक, जावित्री जितनी दालचीनी है, तेजपत्र दो पत्ता, जवारांकुश एक फिट लम्बा पत्ता, पुदीना की 3 पत्तियां ,हरसिंगार की पत्ती 3, अदरक छुहारे के बराबर, , मुलेठी मटर के दाने के बराबर, गो जिह्वा एक छुआरे के बराबर , पेंसिल के बराबर गिलोय(अमृता) का डंठल  गुड़ आवश्यकता अनुसार।)

VK RDP Corona Relief Work

VKRDP, Dhaksin prant - In Tenkasi district Sri Karuppasamy and their team gave rice pockets with vegetables to the twelve families from Kurinji Nagar,Indira Nagar & Mudalai kudiyiruppu villages on 23.04.2020.
In Tenkasi district , Courtallam & Shencottah area deserving aged and orphan people are served lunch this April month through our local karyakarthas.. From our Sambavar vadakarai tailoring unit 120 masks supplied to town panchayat office & police station thru our tailoring centers coordinator Ms.Nesam Karuppassmy.

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VKV Kallubalu Corona Relief Work

200 Ration kits were distributed to the needy families out of 1500 sponsored by Azim Premji foundation through Smt. Vijayalakshmi Ramakrishna, Founder: Sahasra Deepika International.

The Food was served to 2500 people daily from Community Kitchen to 24 places in and around VKV KALLUBALU.
29,30 April and 1 May 2020. 100 Ration kits were distributed to differently abled people and aged single member families in 6 villages sponsored by Azim Premji foundation through Smt. Vijayalakshmi Ramakrishna, Founder: Sahasra Deepika International for Education.
Another 100 Ration kits were given to the needy sponsored by Arrow Mineral and Water.
The Food was served to 2400 people daily from Community Kitchen to 24 places in and around VKV KALLUBALU.

2,3 May 2020. 50 Ration kits were distributed to needy and brick factory labourers' families sponsored by Azim Premji foundation through Smt. Vijayalakshmi Ramakrishna, Founder: Sahasra Deepika International for Education.
The Food was served to 2500 people daily from Community Kitchen to 24 places in and around VKV KALLUBALU.

4,5 May 2020. 120 Ration kits were distributed to needy families in Gollahalli  village sponsored by Azim Premji foundation through Smt. Vijayalakshmi Ramakrishna,
The Food was served to 1500 people daily from Community Kitchen to 24 places in and around VKV KALLUBALU.
10 purohits and 8 others are helped with rice and groceries and cash Rs200/ totalling Rs1200/ per family by Vivekananda Kendra at bank colonies.
36th day food was served at autonagar to 200 poor by vk ,Gbrm trust,asayavaradhi 6 families were assisted with rice and groceries worth Rs655/ per family today 5th May, at saidabad anganvadi.

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VK Delhi - Corona Relief Work

Total donation in kind received : 820 KG Aata, 530 Kg Rice, 200 Kg Dal, 100 litres Edible oil, 200 pcs Sanitiser, 200 pckts Biscuit, 100 pckts Tea, 100 pcs Surf, 50 Kg Nutrila, 150 pcs Masks.
Total Karyakarta involved : 48
Total beneficiary : 7,460
Total helpline calls handled : around 9640
Total Cash Donation received: Rs 3,52,807

VK Nagole - Corona Relief Work

(1) 25 Essential commodities kits to 25 families in Fathullaguda, Nagole
(2) 20 Essential commodities kits to 20 identified families of Archakas and Purohits in Nagole area.
(3) 8 Essential commodities kits to idenfied families in Nagole area.
(4) 50 kgs Rice and other daily needs to 40 children in Vastlayam Orphan Home, Nagole.
(5) 25 kgs rice and vegetables to four families of construction workers from other states at New Nagole colony.
(6) 125 kgs of rice, 25 kgs dall and 25 Litters of oil to 25 families of construction workers in Arunodaya Nagar colony, Nagole.
(7) 100kgs of Rice, Vegetables and fruits distributed to 20 families workers from Srikakulam and Mahabubnagar  at  Snehapuri Conlony.

VK Durgapur - Corona Relief Work

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Durgapur Nagar, (Paschim Banga Pranta) has started the Ration kit distribution to the needy families to support them in this Covid 19 pandemic situation.
In 1st Phase: Ration kit Distribute to 200 families
In 2nd Phase : Today we have distributed 50 more ration kit with the help of CMERI Community


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Organic farming in Lockdown period

VKIC and VK Skill Development coordinated efforts on the theme Development through Culture, Our agriculture efforts began in the year 2017 in Assam. Darrang district a group of youth is working in 38 villages covering beneficiary of 1200 families. During this lockdown. Karyakartas from Guwahati organized organic agricultural produce facilitated for Guwahati wellwishers. Kamrup Vibhag (Guwahati) 4 nagars organized distribution and youth received the apt price.


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Friday, May 22, 2020

25944 Suryanamaskar in Gujarat

On auspicious occasion of Janki Navami , Gujarat prant again decided to offer Samuhik SURYANAMASKAR at respective place in all the Nagar and Karyasthan (in 5 Vibhag of prant) involving as many karyakartas as possible. As many as 889 karkartas across the Prant offer 25944  suryanamaskaar at the lotus feet of Ma Janki.     

Thursday, May 21, 2020

वडोदरा में 1,00,000(एक लाख) सूर्यनमस्कार

 विवेकानंद केन्द्र - कन्याकुमारी, गुजरात प्रांत के वडोदरा विभाग द्वारा लॉक डाउन में कार्यकर्ताओ को अपने घरों में ही नित्य सूर्यनमस्कार करने का आह्वाहन किया गया था। जिसमे वडोदरा विभाग के 10 स्थानों से 151 कार्यकर्ताओ द्वारा  नित्य सूर्यनमस्कार किये जा रहे है। एवं किये गए सूर्यनमस्कार की  रिपोर्टिंग नित्य सायं अपने स्थान के व्हाट्सएप ग्रुप में की जाती है। जहा से रात्रि में समस्त रिपोर्ट का संकलन किया जाता है। साथ ही कुछ अभिवन प्रयोग भी किये गए, जैसे 
 - सप्ताह में एक दिवस प्रान्त के आह्वाहन पर पूरे प्रान्त के कार्यकर्ताओ द्वारा एक लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयत्न।
 - नित्य अपने नाम के स्थान पर थीम के अनुसार रिपोर्ट करना, थीम इस प्रकार रही :- माँ, पिताजी, बहन स्वातंत्र सेनानी, बलिदानी, ऋषि/संत, देवी, एवं क्षमता से अधिक आदि।
 साथ ही कार्यकर्ताओ ने कार्यपध्दति के सहभागियों, सूर्यवंदनाके युवाओ, अपने मित्रो, परिवार के सदस्यों को भी प्रेरित कर सूर्यमनस्कार करने वालो की संख्या बढ़ाई, जिससे कार्यकर्ताओ का उत्साह बढ़ा।
 - कार्यकर्ताओ ने अपनी क्षमता कई गुना बढाते हुये, 500, 700 एवं 1200 सूर्यमनस्कार भी किये।

22 मार्च से 30 अप्रैल तक विभाग के कार्यकर्ताओ ने कुल 1,00,000(एक लाख) सूर्यनमस्कार  पूर्ण कर लिए है।

Wednesday, April 29, 2020

VKV Bokuloni - Online School started for Class X

VKV (NEPCO) Bokuloni has started online school for class X students.

20min gap in-between every session, to rest student & their mobile


समाज की भलाई के लिए जीवनभर संघर्षरत रहे अंबेडकर

डॉ भीमराव अंबेडकर का जीवन संघर्ष की कहानी है, यह संघर्ष मात्र स्वयं के लिए नहिं, बल्कि पूरे बहिष्कृत समाज की भलाई के लिए था।

Stay Home Stay Safe

Vedic Vision Foundation Report : Feb 2020 - Mar 2020


Remembering Swargeeya Parameshwaranji
mukta-saṅgo ’nahaṁ-vādī
dhṛty-utsāha-samanvitaḥ
siddhy-asiddhyor nirvikāraḥ
kartā sāttvika ucyate ( Bhagavad Gita 18-26)

This sloka written on the Smriti Mandapam of Swargeeya Eknathji finds its resonance in Ma. Parameswaranji as well.

I have had the privilege to know Man. Parameswaranji from 1980 when he was the Director of Deendayal Institute, New Delhi. Later, at Vivekananda Kendra, he was like an elder brother, full of loving concern for me. His love and respect for me, he condensed in that one endearing word “Didi” by which he always addressed me who was ten years his junior.

Vivekananda Kendra was blessed to have Mananeeya Parameswaranji as its President since 1995 which also conferred on him the Editorship of Yuva Bharati and other Vivekananda Kendra publications. This provided a rare and unparalleled opportunity of looking at Bharat from the land’s end, almost like what Swami Vivekananda himself experienced, way back in December 1892; but with a difference – now there is already the Vivekananda Rock Memorial and the prestigious Vivekananda Kendra – the two great landmarks in the ascent of independent Bharat to a new glorious destiny. The former attracted not only the whole of our country but also the whole world to the great vision of the master mind of Swami Vivekananda, and the latter, to the practical exposition of that vision, formulated by the great patriot and missionary Shri Eknath Ranade, into the spiritually oriented service mission Vivekananda Kendra, meant for the discerning youth of our country who want to dedicate themselves to the service of the motherland and its people.

Like Swami Vivekananda and Maharishi Aurobindo, Parameswaranji also firmly believed in the unity of existence that is behind the universe that we comprehend with our senses, mind and intellect. There is a deeper reality of which the outwardly visible is only a partial manifestation and a significant symbol. Regarding his perception of our great Motherland, let me quote his own words: “We believe that nation embodies a spiritual power. It is born and not created. It is an organic, living, growing, dynamic entity, unlike in the West where a nation is considered as the product of social, economic or political factors. The Hindu nation is not a hotchpotch of diverse people based on the confluence of blind historical forces. The modern concept of a melting pot wherein communities of people are melted into one single whole or a mosaic in which different people mechanically co-exist, are not applicable in this case. Here the nation is an organic growth from a Divine seed which sprouts and branches out and spreads its foliage with colourful flowers.”

The Vedas describe our nation as the outcome of the Tapas performed by the Rishis who had in mind the welfare of humanity. The nation gradually grows out of the family and community in a natural process of evolution until at last it becomes capable of embracing in its universality the entire world as one family. It is the “Kutumba” that evolves into a world family. The basis of it all is the spiritual concept of the One becoming many.

Without that spiritual ideal no amount of manipulation or mechanical institution building can bring about such a happy consummation of “one world” or a ‘Family of Nations’. His writings reveal how deeply he has imbibed the ideal of Renunciation and Service in his personal life, values which were so dear to Swami Vivekananda. It is well known that Mananeeya Parameswaranji is a first rate nationalist who has sacrificed his all for the country. His writings embody Swami Vivekananda’s ideal of “Be and Make” and hence his writings are capable of rousing the drooping spirit to service and sacrifice for building a glorious India in the future.

His writings and speeches provide a delicious mix of science and spirituality. In many of them, it might be education, politics, or ecology, the matter is raised to the power of spiritual awareness which is typical of the Indian approach. According to him, the Gita presents a comprehensive world-view. It balances the dual needs of spiritualism and materialism. The Gita’s karma yoga is a panacea for the innumerable maladies we face in our day-to-day work. He teaches us to look at our day-to-day problems from the tower of Gitacharya which makes them appear silly and not at all worthy of wasting our precious mental and intellectual faculties. This vision specially focuses on the youth addicted to the pursuit of money-making and senseless worldly distractions.

Like Swamiji, Parameswaranji, expresses his concern at what is ailing our fields of education, society, economics, religion, Hinduism, feminism and so on. He often wrote about the freedom of worship – the concept of Ishta devata – that Hinduism offers to its followers. Again, worshipping God as Mother has given tremendous strength to Hinduism. Its direct effect was the elevation of womanhood to a height undreamt by other religions.

He also pointed out how from this height, due to the insecurity that women came to experience over centuries of invasions from alien cultures, our womanhood had to suffer so many indignities from which she is yet to find release. Like many of the nationalists of his calibre, Mananeeya Parameswaranji never failed to give out his clarion call to the youth, to live up to the grand Indian ideal and vision bequeathed to us by Swami Vivekananda, Maharishi Aurobindo and a host of others. He urged the youth to dedicate themselves for the service of the country and our people and enthrone Mother India as the Jagat Guru on her Eternal Throne.

In spite of his strong opinions and convictions he was ever soft in dealing with others including the so called ideological enemies. That is what earned for him the title of ‘Ajathasatru’, one who has no enemies. Added to all these,, was his surrender to the great teachers, Sri Ramakrishna, Sarada Ma and Swamiji which added to the softness of his personality. As both of us had taken ‘diksha’ from Sri Ramakrishna Math there was always a golden chain binding us, an unusual brother–sister relationship. That thread would be my source of inspiration as I think of him again and again.