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Saturday, April 16, 2022

विमर्श - स्वामी विवेकानन्द जयंती - रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा विमर्श कार्यक्रम का  बुधवार, 12 जनवरी 2022 को दोपहर  1:00-2:30 बजे ऑनलाइन गूगल मीट पर आयोजन किया। गया कुल उपस्थिति 48 की रही। जिसमे 8 संचलन चमू का कार्यकर्ता उपस्थित रही।

 

कार्यक्रम का संचलन तीन ओमकार प्रार्थना,  केंद्र परिचय एवं गीत से हुआ।  उसके बाद विवेकवाणी एवं वक्ता परिचय के बाद मुख्य वक्ता आ. प्रबल कुमार सेन जी का मार्गदर्शन हम सब को मिला। उसके बाद प्रश्नौत्तरी हुआ; जिसमे मुख्य वक्ता द्वारा श्रोता द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर मिला। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, आवाह्न एवं शांति मंत्र से हुआ।

प्रान्तीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर | बिहार-झारखण्ड प्रान्त




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी बिहार-झारखण्ड प्रान्त द्वारा प्रान्तीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन शनिवार  25 दिसम्बर 2021  से  शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 तक माहुरी मण्डल भवन, गया में किया गया। जिसमे पुरे प्रान्त से 16 शिविरार्थियों की उपस्थिति रही। संचालन चमू और व्यवस्था चमू की संख्या 8 की रही।

सम्पूर्ण शिविर का विषय "नवीन पर्व के लिए नवीन प्राण चाहिए'  इसके आधार पर प्रत्येक दिवस के विषय क्रमशः सवेंदना, स्वाभिमान, नेतृत्व, संगठन, समर्पण, समयदान रखा गया था । शिविर का उद्घाटन आ.सुधीर कुमार अम्बष्ठ, सह प्रान्त प्रमुख एवं डॉ. विजय करण जी, विभाग संचालक, पटना नगर  के आशीर्वचन से हुआ।

शिविर के प्रत्येक दिवस के बौद्धिक सत्र का विषय -  भारतमाता और ओमकार, राष्ट्रभक्त स्वामी विवेकानंद, मनुष्य निर्माण एवं राष्ट्र पुनरुथान, केन्द्र प्रार्थना, एकनाथजी और शिलास्मारक, अनुशासन, आज्ञापालन और दिनचर्या, राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां, केन्द्र कार्य की आवश्यकता, कार्यपद्धत्ति और कार्यप्रणाली, संपर्क तंत्र-मंत्र-तंत्र, और कार्यकर्ता गुण-विशेष पर क्रमशः वक्ताश्री  आ.सुधीर कुमार अम्बष्ठ, आ.विजय कुमार वर्मा, आ.ज्ञानेश्वर शर्मा,आ.धीरज कुमार,धर्मदास सिंह,चिराग परमार,सुश्री बर्षा सिंह द्वारा मार्गदर्शन किया गया।

नैपुण्य वर्ग का विषय  - हमारे उत्सव, बैठक,कार्यरचना और व्यवस्था, साहित्य और व्यवस्था, संस्कार वर्ग गठ-पठ रचना, और प्रकल्प पर विशेष रूप से कार्यकर्ताओं के समक्ष स्पष्ठ किया गया।

शारीरिक अभ्यास  - योगाभ्यास अभ्यास में प्रातः योग सत्र का एवं  संध्या में संस्कार वर्ग का विशेष योग सत्र की चर्चा पर  ध्यान दिया गया। रात्रिकालीन सत्र प्रेरणा से पुनरुथान में विशेष बिहार के अज्ञात वीर क्रांतिकारी क्रमश: तारा देवी (सिवान), वीर बाबू सियाराम सिंह (तिलकपुर), वीर निशान सिंह(सासाराम), वीर महेंद्र गोप(बाँका), वीर गणपत राय(राँची) इन सभी का योगदान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वतंत्राता संग्राम के आंदोलन में रहा।

शिविर की रचना दो गणों
    1.तारादेवी,
    2.बाबू सियाराम सिंह
    
    में कि गई इन गणों का  एवं सम्पूर्ण शिविर का नाम करण भी अज्ञात वीर क्रांतिकारी के नाम और जन्मस्थान के आधार पर रखा गया।

शिविर में आहुति सत्र में आ.मुकेश कीर जी, प्रान्त संगठक  द्वारा मार्गदर्शन किया गया। आहुति सत्र आव्हान में 7 कार्यकर्ताओं ने समयदान का संकल्प लिया।  जिसमें विवेकानन्द केन्द्र की  50वीं वर्षगाँठ के निमित्त 2 कार्यकर्ताओं ने एक वर्ष का समयदान का संकल्प लिया।

शिविर के विशेष आकर्षण केन्द्र माँ शारदा जन्मजयंती पर भजन संध्या का आयोजन एवं शिविर के छठवें दिवस पर लगभग  75 घरों में गृह संपर्क रहा। उसी प्रत्यक्ष संपर्क से 50-55बच्चों का विशेष संस्कार वर्ग एवं उसी संध्या में नगर के 40-45 गणमान्य जनों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

शिविर अधिकारी के रूप में आ.सुधीर कुमार अम्बष्ठ, सह प्रान्त प्रमुख की भूमिका रही। शिविर में विशेष उपस्थिति शिवकुमार प्रसाद, प्रान्त साहित्य सेवा प्रमुख ,राहुल राय जी, पटना नगर प्रमुख एवं श्रीमती लवली सिंह कार्यकर्ता की रही।

शिविर मार्गदर्शक आ.मुकेश कीर जी, शिविर प्रमुख धर्मदास, बौद्धिक प्रमुख सुश्री बर्षा सिंह जी, साक्षी विनायक आ. धनंजय सिंह जी एवं आ.गणेश प्रसाद जी, शिविर व्यवस्था प्रमुख, आ.महेश प्रसाद जी, शिविर सारथी  इन सभी का  योगदान  महत्वपूर्ण रहा ।

शिविर में कुल  उपस्थिति  24 की रही जिसमें सहभागी भैया -9,सहभागी बहिन:-7 एवं संचालन और व्यवस्था:;8 रही ।
भागलपुर विभाग:-10,पटना नगर:-4,ग्राम स्थान बरबीघा:-2,गया नगर:-5,राँची नगर:-1,प्रांत एवं विभाग:-2

नेतृत्व विकास कार्याशल - II | रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन गुरुवार, 23 दिसम्बर 2021 को प्रात: 11:00-3:00 बजे तक चिन्मय मिशन आश्रम, बड़ा तालब, रांची आयोजन किया गया। जिसमे कुल पंजीयन 47 की हुई; जिसमे 10 पर्तिभागीयों ने भाग लिया। यह पूरा कार्यशाला ४ घंटे का था; जो की दो सत्रों में चला।

प्रथम सत्र -  का शुभ्रम्भ स्वागत परिचय, शिविर परिचय एवं तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ उसके बाद दो खेल, गीत, "पर्सनालिटी के प्रवाह में बह न जाये व्यक्तित्व' विषय पर स्वाध्याय हुआ। जिसमे सभी पर्तिभागियों ने बहुत ही उत्साह से साथ चर्चा का आनंद लिया उसके बाद कार्याशला के प्रथम सत्र का समापन शंतिमात्र से हुआ।

द्वितीय सत्र - का शुभ्रम्भ गीत से हुआ। उसके बाद "परीक्षा होनी चाहिए या नहीं' विषय पर कुल पर्तिभागी को दो गणों में विभाजित करते हुए बात-बिवाद हुआ। जिसमे सभी पर्तिभागियों ने सकारात्मकता, अनुशासन के साथ बात विबाद का आनंद लिया। कार्याशला का समापन आगामी सुचना एवं स्थानीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के आवाह्न के साथ हुआ।

Wednesday, April 13, 2022

नेतृत्व विकास कार्यशाला - I | रांची नगर

 



विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन ICT Lab, मारवाड़ी कॉलेज में सफलता पूर्वक सम्पन हुआ।  कुल पंजीयन 94 की हुई जिसमे 42 प्रतिभागी ने कार्यशाला में भाग लिया। यह कार्यशाला दो दीन दो-दो घंटे चला।
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प्रथम कार्यशाला
दोपहर 12:30 -2:30 
मंगलवार, 07 दिसम्बर 2021

कार्याशला का सुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ । उसके बाद स्वागत एवं कार्यशाला परिचय, खेल, गीत, उसके बाद “पर्सनालिटी के प्रवाह में कहीं खो ना जाये व्यक्तित्व” पर चर्चा हुआ । अंत में आगामी सुचना, धन्यवाद ज्ञापन एवं शान्ति मंत्र से कार्यशाला का समापन हुआ।
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द्वितीय कार्यशाला
दोपहर 12:30 -2:30 
मंगलवार, 07 दिसम्बर 2021
कार्याशला का सुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ। उसके बाद स्वागत एवं कार्यशाला परिचय, खेल, गीत, उसके बाद “परीक्षा होनी चाहिए या नहीं” विषय पर बात-विवाद हुआ। अंत में आगामी सुचना, धन्यवाद ज्ञापन एवं शान्ति मंत्र से कार्यशाला का समापन हुआ।

गीता जयंती | रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र  कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा गीता जयंती के सुअवार पर "परिवार मिलन" कार्यक्रम  रविवार, 19 दिसम्बर 2021 को प्रात: 11:00-1:00 बजे तक हरमू अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, हरमू हाउसिंग कॉलोनी, रांची में मनाया गया। कुल उपस्थिथि 32 की रही।

कायक्रम का  शुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना, स्वागत परिचय, "दैनिक जीवन में गीता"  के श्लकों का पठान हुआ।   उसके बाद गीत, वक्ता परिचय एवं विवेक वाणी के पश्चात मुख्य वक्ता आ. विजय कुमार वर्मा, सम्पर्क प्रमुख, वि. के. बिहार-झारखण्ड प्रान्त का मार्गदर्शन अमृत परिवार में गीता का महत्त्व पर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, आगामी सुचना एवं शांति मंत्र से हुआ।

विमर्श कार्यक्रम | रांची नगर




 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा शनिवार, 23 अक्टूबर 2021 को संध्या 4:00-5:30 बजे तक चिन्मय मिशन आश्रम, बड़ी तलाब, रांची में आयोजन किया गया जिसमे कुल उपस्थिति 40 रही ।

कार्यक्रम का शुभ्रम्भ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ उसके पश्चात गीत (योगमय जीवन हमारा) उसके बाद विषय प्रवेश एवं वक्ता परिचय, विवेक वाणी के बाद "योग: कर्मसु कौशलम्‌" विषय पर माननीय हनुमंत राव जी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन आगमी सुचना, धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति मंत्र से हुआ।

Tuesday, April 12, 2022

नेतृत्व विकास कार्यशाला - रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी,शाखा-रांची द्वारा चार दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन शनिवार, 02 अक्टूबर 2021 से रविवार, 10 अक्टूबर 2021 तक प्रत्येक शनिवार, रविवार  प्रात: 10:00 - 11:00 बजे इन्स्टिट्यूट ओफ लीगल स्टडीज, रांची विश्वविद्यालय में किया गया।  कुल पर्तिभागी की संख्या 10 रही।

 कार्यशाला में प्रत्येक दिन  बौधिक एवं शारिरीक खेल, गीत और विभिन्न विषयो पर चर्चा हुई। चर्चा के चार प्रकार 1) सामुहिक चर्चा 2) डिबेट 3) शीघ्र प्रस्तुती और 4) गण सह चर्चा और प्रस्तुती से युवाओ में व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र पुनरुत्थान के विषय रखे गये। कार्यशाला के अनुवर्तन में साप्ताहिक स्वाध्याय वर्ग का प्रारंभ हुआ।

विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम | रांची नगर




 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा शुक्रवार,17 सितम्बर 2021 प्रात: 11:00-12:00 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम का इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडी, रांची यूनिवर्सिटी, रांची में किया गया। कुल उपथिति 93 रही।

 कार्यक्रम का शुभारम्भ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद स्वागत परिचय कराया गया। उसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से), मुख्या वक्ता का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ हुआ।

विमर्श | विश्वबंधुत्व दिवस | रांची नगर




 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा रविवार, 12 सितम्बर 2021 संध्या 4:00-5:30 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस के सुअवसर पर विमर्श का आयोजन ऑनलाइन Google Meet पर किया गया। कुल उपथिति 65 रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद Video के माध्यम से केंद्र परिचय कराया गया। उसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से),विषय प्रवेश, विवेक वाणी, वक्ता परिचय, एवं  विमर्श का विषय - "स्वामी विवेकानंद का हिंदुत्व एवं विश्व बंधुत्व' पर मुख्य वक्ता श्री प्रफुल केतकर, एवं मुख्या अथिति - डॉ. डी. पी. खेतान, वरिष्ठ चिआर्गेनाइजर पत्रिका के संपादक का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।   उसके बाद प्रश्नों उत्तरी, धन्यवाद् ज्ञापन, पर्तिवेदन प्रस्तुति एवं शांति पाठ हुआ।

आप इस लिंक के माध्यम से मुख्य वक्ता का उद्बोधन देख सकते है - https://youtu.be/5uPSdBgC3bI

विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम - रांची नगर

 



विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा रविवार, 11 सितम्बर 2021 प्रात: 10:30-11:30 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम का आयोजन बालिका शिक्षा भवन विद्यालय, लालपुर, रांची में किया गया कुल उपथिति 80 रही

 

कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ उसके बाद स्वागत परिचय कराया गयाउसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से), मुख्या वक्ता का मार्गदर्शन प्राप्त हुआकार्यक्रम का समापन शांति पाठ हुआ

Wednesday, November 24, 2021

प्रान्त एकत्रीकरण संस्कार वर्ग - बिहार-झारखण्ड प्रान्त



 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखण्ड प्रान्त द्वारा संस्कार वर्ग (प्रान्त एकत्रीकरण संस्कार वर्ग) रविवार, 29 अगस्त 2021 को प्रात: 9:00-10:00 बजे ऑनलाइन गूगल मीट पर आयोजन किया गया। मुख्या रूप से प्रत्येक माह के अंतिम संस्कार वर्ग पुरे प्रान्त का एक साथ करना तय हुआ है। कुल उपस्थिति 41 की रही जिसमे संचालन चमू संख्या 4 (चारो नगरो के कार्यपद्धति प्रमुख) और सहभागी 37 की संख्या  रही। आज के संस्कार वर्ग में वर्ग शिक्षक, गठ्प्रमुख भी सहभागी के रूप में थे।
 

संस्कार वर्ग तीन ओमकार प्रार्थना से शुभ्रम्भ हुआ उसके पश्चात गृह कार्य की समीक्षा, खेल , बच्चों के द्वारा मधुराष्टकम का प्रस्तुति नगर सह हुआ।  तदपश्चात् भजन , कहानी, संकल्प एवं शान्ति मंत्र से संस्कार वर्ग का समापन हुआ। पूरा संस्कार वर्ग कृष्णा जी के ऊपर रहा।

 

संस्कार वर्ग में बच्चो का उत्साह संचालन चमू को बहुत प्रेरित कर रहा था।

झंडोत्तोलन कार्यक्रम - राँची नगर



 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी , शाखा- राँची द्वारा 75वें स्वंत्रता दिवस के सुअवसर पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम रविवार, 15 अगस्त 2021 को प्रात: 8:00 बजे मनाया गया। जिसमे विशेष उपस्थिति डॉ. शिवशंकर प्रसाद, नगर संयोजक जी की रही।  कुल उपस्थिति 15 की रही।

Wednesday, September 1, 2021

गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम | प्रकल्प स्थान चांडिल



 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, प्रकल्प स्थान चांडिल द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव प्रत्यक्ष रूप से  रविवार, 25 जुलाई 2021 को प्रातः 11:00 - 12:30 बजे केन्द्र कार्यालय (मठिया रोड, कदमडीह, चांडिल) में मनाया गया। कुल उपस्थिति 25 लोगो की रही।

कार्यक्रम का प्रारंभ तीन ओंकार, शांति पाठ, ऐक्य मंत्र एवं गुरु के भजन के साथ हुआ। स्वाध्याय, कार्यक्रम का समापन ओमकार ध्यान, शांति मंत्र , केंद्र प्रार्थना  एवं पुष्पांजलि के द्वारा हुआ।

विवेकानन्द केंद्र गुरु पूर्णिमा उत्सव के माध्यम से समाज में गुरु के प्रति आदर की भावना की अपेक्षा करता है।

Friday, July 30, 2021

अमृत परिवार कार्यक्रम - बिहार-झारखण्ड प्रान्त




विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, बिहार एवं  झारखंड प्रांत द्वारा रविवार, 27 जून 2021  को संध्या 4:30 से 6:00 बजे "अमृत परिवार : समृद्ध भारत का आधार" विषय पर ऑनलाइन Youtube पर  विमर्श का आयोजन हुआ । वर्तमान परस्थिति को देखते हुए विवेकानन्द केन्द्र ने पूरे भारत मे अमृत परिवार प्रकल्प का आयोजन होना है  बिहार-झारखंड में इस विमर्श के माध्यम से अमृत परिवार प्रकल्प का शुभारंभ किया है । विमर्श कार्यक्रम में कुल 367 परिवारों ने पंजीयन किया जिसमे 200 परिवार कार्यक्रम में सहभागी हुए ।

कार्यक्रम की शुरुआत तीन ओमकार शांति पाठ से की गई उसके पश्चात्  गीत, केंद्र परिचय, विवेक वाणी हुआ । विवेक वाणी के पश्चात् कार्यक्रम की मुख्य वक्ता माननीय निवेदिता रघुनाथ भिड़े ,अखिल भारतीय उपाध्यक्ष ,विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी का "अमृत परिवा"र पर उद्बोधन हुआ । उन्होंने कहा -

  • भारत राष्ट्र में हजारों वर्षों से अनेकों आक्रमण हुए, फिर भी ,इन आक्रमणों के बावजूद भी सनातन धर्म नष्ट नहीं हुआ। भारत ने अपने संस्कार और पहचान को नहीं खोया और भारत का तत्वज्ञान भी नष्ट नहीं हुआ । वह म्यूजियम का विषय नहीं बना l  सनातन धर्म अमृत तत्व का विषय है ,यह अनुभूति का मार्ग दिखाता है। 
  • भगवत गीता में भी भगवान श्री कृष्ण ने सनातन धर्म को अमृत धर्म बताया है। 
  • फिर उन्होंने कहा परिवार में दादा _दादी ,माता _पिता बच्चों के भविष्य के लिए सारा जीवन लगा देते हैं  कि हमारे बच्चों का भविष्य अच्छा होना चाहिए ,सुख _सुविधा युक्त होना चाहिए। ऐसा करके क्या बच्चों को हम सही दिशा दे पाते हैं ,शायद नहीं l आज बच्चों के ऊपर अनेक प्रकार के वैज्ञानिक आक्रमण हो रहे हैं । हम सोचते हैं बच्चे हमारे परंपरा को आगे लेकर जाएंगे लेकिन होता क्या है बच्चे बाहर जाते हैं और ड्रग्स एवं अन्य व्यसनों  के  शिकार हो जाते हैं जिससे वे धर्म से कटने वाले दुराग्रही बन जाते हैं तथा अपने परंपरा से कटने लगते हैं।
  • उन्होंने कहा  इन सभी चीजों से बच्चों को लैमिनेट करना होगा ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी उस पर किसी भी प्रकार का कोई दुषप्रभाव ना पड़े।

 कार्यक्रम के अंत में प्रश्नों उत्तरी ,आगामी सुचना तद पश्चात् शांतिमंत्र से कार्यक्रम का समापन हुआ । सुसंगठित परिवार से राष्ट्र समृद्ध की संकल्पना को साकार करने के लिए विवेकानंद केन्द्र ने अमृत परिवार प्रकल्प का शुभ्रम्भ किया है यह कार्यक्रम इस प्रकल्प का शुभ्रम्भ है। आए हम केन्द्र के गतिविधियों में भाग लेते हुए अपने परिवार, समाज, राष्ट्र एवं विश्व को समृद्ध बनाएं।

Wednesday, June 16, 2021

स्वामी विवेकानन्द जयंती कार्यक्रम


 द्वितीया पुष्पांजली कार्यक्रम

दिपालय आवास, विद्या नगर, हरमू, रांची में प्रात: 8:30 बजे श्री प्रदीप जी के नेतृत्व में पुष्पांजलि कार्यक्रम मनाया गया । जिसमे कुल उपस्थिति 35 लोगो की रही ।

तृतीया पुष्पांजली कार्यक्रम

केंद्र कार्यालय में प्रात: 9:00 बजे कार्यलय के आस पास के घरों के माध्यम से पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया; जिसमे 10 लोगों की उपस्थिति रही ।

साहित्य सेवा स्टोल

स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष में स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स, झारखण्ड द्वारा स्वामी विवेकानन्द सरोवर (बड़ी तालाब) रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य सेवा स्टोल लगाया गया ।

उद्बोधन कार्यक्रम

स्वामी विवेकानन्द जी के 158वीं जयंती के उपलक्ष्य में उद्बोधन का कार्यक्रम रखा गया ।  “स्वामी विवेकानन्द:-आधुनिक भारत के निर्माता” विषय पर आ० भानुदास धाक्रस, अखिल भारतीय महासचिव विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी का मार्गदर्शन मिला । कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में श्री प्रवीण कुमार जैन (छावड़ा), अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स & इंडस्ट्रीज रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शांति पाठ से हुआ । उसके पश्चात् अतिथि एवं वक्ता परिचय, अतिथि एवं वक्ता परिचय स्वागत, केन्द्र परिचय, विषय प्रवेश, अतिथि उद्बोधन तथा मुख्य वक्ता उद्बोधन । कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन तथा शान्ति मंत्र द्वारा हुआ

Tuesday, June 15, 2021

स्वामी विवेकानन्द जयंती कार्यक्रम




प्रथम पुष्पांजली कार्यक्रम

शिव मंदिर, अशोक बिहार, कडरु रोड, रांची में प्रात: 7:00 बजे डॉ नवीन कुमार सिन्हा, सह संयोजक, रांची नगर के नेतृत्व में पुष्पांजली कार्यक्रम मनाया गया । कुल 7 लोगो की संख्या रही ।

द्वितीया पुष्पांजली कार्यक्रम

दिपालय आवास, विद्या नगर, हरमू, रांची में प्रात: 8:30 बजे श्री प्रदीप जी के नेतृत्व में पुष्पांजलि कार्यक्रम मनाया गया । जिसमे कुल उपस्थिति 35 लोगो की रही ।

तृतीया पुष्पांजली कार्यक्रम

केंद्र कार्यालय में प्रात: 9:00 बजे कार्यलय के आस पास के घरों के माध्यम से पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया; जिसमे 10 लोगों की उपस्थिति रही ।

साहित्य सेवा स्टोल

स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष में स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स, झारखण्ड द्वारा स्वामी विवेकानन्द सरोवर (बड़ी तालाब) रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य सेवा स्टोल लगाया गया ।

उद्बोधन कार्यक्रम

स्वामी विवेकानन्द जी के 158वीं जयंती के उपलक्ष्य में उद्बोधन का कार्यक्रम रखा गया ।  “स्वामी विवेकानन्द:-आधुनिक भारत के निर्माता” विषय पर आ० भानुदास धाक्रस, अखिल भारतीय महासचिव विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी का मार्गदर्शन मिला । कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में श्री प्रवीण कुमार जैन (छावड़ा), अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स & इंडस्ट्रीज रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शांति पाठ से हुआ । उसके पश्चात् अतिथि एवं वक्ता परिचय, अतिथि एवं वक्ता परिचय स्वागत, केन्द्र परिचय, विषय प्रवेश, अतिथि उद्बोधन तथा मुख्य वक्ता उद्बोधन । कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन तथा शान्ति मंत्र द्वारा हुआ 

Thursday, May 6, 2021

प्रांतीय कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण शिविर-2020

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी बिहार झारखंड प्रांत द्वारा स्थानीय बुधिया सरस्वती विद्या मंदिर मोरावादी राँची में प्रान्तीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया ।

इस शिविर का विषय एक-एक को ह्रदय लगाकर विराट शक्ति प्रगटाई रखा गया वो इसलिए क्योंकि ये वर्ष विवेकानंद शिलास्मारक का 50 वर्ष एक भारत-विजयी भारत महासंपर्क कार्यक्रम का चल रहा है जिसके अंतर्गत अधिक से अधिक जन को संगठन के कार्य से जोड़ना हैं शिविर में विषय क्रमश:  राष्ट्रभक्त स्वामी विवेकानंद,हमारे पंच प्रेरणा स्रोत(ॐ कर प्रणव मंत्र एवं भारतमाता-),मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनुरुत्थान,राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां, संगठित कार्य की आवश्यकता,विवेकानंद शिला स्मारक एवं एकनाथजी,केन्द्र प्रार्थना, कार्यपद्धती और कार्यप्रणाली, संपर्क तंत्र-मंत्र- यंत्र और आदर्श कार्यकर्ता के गुण, प्रो०चंद्रकांत शुक्ल,प्रो० सच्चिदानंद,डॉ. शिवशंकर प्रसाद,डॉ. ज्योतिका श्रीवास्तव,विजय घोष,धर्मदास सिंह,डॉ. विजय कुमार वर्मा,आ.रविशंकर प्रसाद(प्रान्त प्रचारक, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ झारखण्ड प्रान्त ) जी द्वारा मार्गदर्शन किया गया। आहुति सत्र आ.मुकेश जी(प्रान्त संगठक)द्वारा किया गया जिसमें कार्यकर्ताओं से समयदान के लिए आव्हान किया गया इसमें 13 कार्यकर्ताओं द्वारा क्रमशः अल्पकालीन,छात्रवासी,सेवाव्रती कार्यकर्ता का संकल्प लिया गया।

शिविर में कार्यपद्धति के संचालन पर विशेष ध्यान दिया गया। शिविर के नैपुण्य वर्ग सत्र में विषय क्रमशः संस्कार वर्ग क्यों और कैसे,बैठक, कार्यरचना और कार्य व्यवस्था,प्रकल्प और अभियान,हमारे उत्सव आदि विषयों को कार्यकर्ताओं के सामने स्पष्ट किया गया। रात्रिकालिन सत्र प्रेरणा से पुनरुत्थान में भगवान विरसा मुण्डा के चरित्र पर डॉ०ललन कुमार शर्मा जी(सह संयोजक एकल अभियान ) ने प्रकाश डाला गया शिविर की कुल उपस्थिति 29 रही जिसमें सहभागी कार्यकर्ता 18,भाई-14,बहिन-4 एवं संचालन+व्यवस्था चमू में 11 कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। इस शिविर की विशेष बात ये रही कि राँची नगर में प्रथम शिवीर का आयोजन हुआ साथ ही प्रत्येक दिवस शिविर दर्शन हेतु नगर के गणमान्य जनों (लगभग 50-60) का आना हुआ। विशेष उपस्थिति आ०मुकेश कीर(प्रान्त संगठक),आ०विजय कुमार वर्मा(प्रान्त सम्पर्क प्रमुख) एवं श्री राहुल किशोर राय(पटना नगर प्रमुख) की रही।






Thursday, November 19, 2020

बदलते समाज के लिए प्रकृति शाश्वत मूल्य :- डॉ. मनीष सिंघल

 विमर्ष कार्यक्रम का विषय "बदलते समाज के लिए शाश्वत मूल्य" था। जिसके मुख्य वक्ता :- डॉ. मनीष सिंघल जी, प्राध्यापक XLRI, जमशेदपुर थे।


• सर्व प्रथम उन्होंने विवेकानन्द शिलास्मारक की 50वें वर्ष में चल रहे संपर्क कार्यक्रम विवेकानन्द शिलास्मारक :- एक भारत विजयी भारत" चर्चा किया।
• फिर उन्होंने पूरे कार्यक्रम में कैसे जुड़े रहे उन बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
• बाहर के बदलती प्रस्थिति के अनुसार अपने अंदर की प्रस्थिति को बदलना पड़ेगा।
• भारतवर्ष में नवरस की संकल्पना है।
• प्रत्येक कार्य के लिए भावना होना आवश्यक है। आप कहीं भी चाहे, आपकी दुकान हो, घर हो या कोई संग़ठन बिना भावना के आप काम नही कर सकते।
•  उन्होमे अपने उद्बोधन में कोरोना काल की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रकृति पहले भी नही बदली थी और अभी भी नही बदली है। न सूर्य की दूरी की दूरी  में परिवर्तन हुआ है ना, चंद्रमा की दूरी में।
•  हमे अपने समाज को भी संगठित करने ले लिए अपना बहुमूल्य समय देना चाहिए।
• भावना भी सकारात्मक और नाकारात्मक होती है। जैसे प्रेम सकारात्मक भावना है और घृणा नाकारात्मक भावना है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और शान्तिमन्त्र के साथ हुआ। कार्यक्रम में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखंड प्रान्त के अधिकारी श्री सतेंद्र कुमार शर्मा, दयाशंकर पांडेय, ओर श्री मुकेश कीर जी समलित हुए। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा- रांची के संयोजक, डॉ शिवशंकर प्रशाद जी और अन्य समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

 




 

Tuesday, October 13, 2020

ऑनलाइन विमर्श विवेकानन्द शिलास्मारक "पत्थर में प्रगटे प्राण"


  दिनांक 2 सितंबर,2020 विवेकानन्द शिला स्मारक के 50वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी,शाखा-रांची द्वारा विवेकानन्द शिला स्मारक "पत्थर में प्रकटे प्राण" विषय पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत तीन ओंकार प्रार्थना व गीत से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉo पुरुणेंदु शेखर दास,सह संचालक, डिब्रूगढ़ विभाग, आसाम प्रांत,विवेकानंद केंद्र थे। मुख्य वक्ता के तौर पर माo  प्रवीण दाभोलकर, अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव, विवेकानंद केंद्र थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉo पुरुणेंदु शेखर दास ने कहा कि विवेकानंद शिलास्मारक इस देश की धरोहर है। विवेकानंद शिलास्मारक और विवेकानंद केंद्र भारत को विजयी बनाने के लिए कार्यरत है।

कार्यक्रम में देश विदेश से लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय प्रवीण दाभोलकर जी ने कहा  कि

    विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन, दिल्ली ओर विवेकानंद केंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ कल्चर, गौहाटी भारत के निर्माण के पथ पर कार्यरत है।
    "Finding the opportunity in the challenging situation" का विचार रांची नगर के कार्यकर्ताओ ने किया और आज हम इस माध्यम से मिल रहे है।
    विवेकानन्द शिल्स्मारक का उद्घाटन उस समय के वर्तमान राष्ट्रपति जी के द्वारा हुआ।
    स्वामी ने हमसा बताया की "मनुष्य निर्माण के द्वारा राष्ट्र पुनरूथान" एवं "शिव भावे जीव सेवा" भारत के पुनर्निर्माण के लिए दो मार्ग।
    विवेकानन्द शिला स्मारक की निर्मिती भारतवासियों के आत्मविश्वास को बढाने में बड़ी भूमिका रही।
    श्रोताओं के प्रश्नों मा० एकनाथजी, संघ के सरकरावाहा रहे लेकिन फिर विवेकानन्द केंद्र की आवश्यकता क्यों पारी,  जबाब देते उन्होनों कहा की "जातो मत ततो पथ" ध्येय के प्राप्त करने के लिए जितने प्रकार के लोग के  विचारो होगे उतने मार्ग उपलब्ध है, यही हमरी संस्कृति की परम्परा और विशेषता है।  


कार्यक्रम के अंत में 15 मिनट के प्रश्नोत्तरी के द्वारा श्रोताओं के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर व संदर्भ समझाया गया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ। ऑनलाइन विमर्श कार्यक्रम में लगभग 80 लोगो ने भाग लिया।