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Sunday, June 1, 2025

युवा सम्मेलन कार्यशाला - पटना

 दिनांक 24 मई 2025 को विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की पटना शाखा द्वारा एक दिवसीय युवा सम्मेलन कार्यशाला का सफल आयोजन टूल रूम एवं ट्रेनिंग सेंटर (टी. आर. टी. सी.), पाटलीपुत्र औद्योगिक क्षेत्र, पटना में किया गया। इस कार्यशाला का विषय था — "पर्सनैलिटी के प्रवाह में कहीं खो न जाए व्यक्तित्व"।.

इस अवसर पर पटना के विभिन्न पाँच महाविद्यालयों से चयनित 44 युवाओं सहित कुल 55 प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यशाला का शुभारंभ ई. अनंत कुमार (प्रशासक, टी. आर. टी. सी.) द्वारा दीप प्रज्वलन और ओंकार शांति पाठ के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में धर्मदासजी (पटना विभाग संगठक) ने कार्यशाला की रूपरेखा एवं उद्देश्य स्पष्ट करते हुए युवाओं को विषय की गहराई से परिचित कराया।

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में आसन-प्राणायाम अभ्यास एवं रचनात्मक खेलों का आयोजन हुआ, जिससे युवाओं में ऊर्जा और एकाग्रता का संचार हुआ। तृतीय सत्र में प्रतिभागियों को चार समूहों में विभाजित कर कार्यशाला के केंद्रीय विषय पर संवाद और चिंतन का अवसर मिला। प्रत्येक समूह ने विचार प्रस्तुत किए, जिनमें से दो छात्र और दो छात्राओं ने अपने-अपने समूह का प्रतिनिधित्व किया।

मुख्य सत्र में प्रान्त सह संगठक ने युवाओं को संबोधित करते हुए व्यक्तित्व विकास के पाँच आयामों— शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आत्मिक स्तर पर जागरूकता लाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि दूसरों की नक़ल के बजाय अपने अंदर झाँककर, योग, स्वाध्याय, सेवा और त्याग के माध्यम से दिव्यत्व को विकसित करना ही सच्चा व्यक्तित्व विकास है।

कार्यक्रम का सफल संचालन रामकृपाल (आईटी समन्वयक) ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन ई. प्रवीण कुमार ठाकुर (प्राध्यापक) ने दिया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।

इस कार्यशाला के माध्यम से चयनित युवाओं को प्रान्त स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम की सफलता में नगर संचालिका शिखा सिंह परमार दीदी, डॉ. कृष्णकांत जी, निर्मला दीदी, मंजरी दीदी, सुरेन्द्र जी, सत्यम, ऋतुराज सहित अनेक युवा कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।.



Thursday, May 12, 2022

योग सत्र । भागलपुर नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-भागलपुर द्वारा योग सत्र का आयोजन शुक्रवार,22 अप्रैल  2022 से रविवार, 01 मई 2022 तक प्रातः 6:00 - 7:00  बजे राकेश रंजन नवनिर्मित भवन, मोहिद्दनगर, भागलपुर में किया गया।  जिसमे कुल पंजीयन 15 की हुई एवं प्रतिदिन औसतन 11 की उपस्थिति रही।  

दस दिवस के योग सत्र में योगाभ्यास में शिथलीकरण, सूर्यनमस्कार, आसन, प्राणायाम सीखते हुए योगाभ्यास की दैनिक दिनचर्या सीखी। योग के सिधांत एवं अष्टांग योग को अपने जीवन में कैसे आत्मसात कर सकते है यह भी देखा। योग सत्र में सभी प्रतिभागीयों में बड़ी ही उत्साह एवं सिखने की ललक दिखी।

योग सत्र दिनचर्या के अनुरूप 45 मिनट अभ्यास एवं 15 मिनट थ्योरी निमायित चला। आज योग सत्र का समापन दिवस था। योग सत्र के प्रतिभागी भाई राकेश कुमार और बहन सुनीता देवी द्वारा योग सत्र का अनुभव विस्तार से बताया गया। योग सत्र के समापन में मुख्य वक्ता के रूप में आदरणीय डॉ. विजय कुमार वर्मा, बिहार झारखंड सम्पर्क प्रमुख की उपस्थिति रही। उन्होंने विवेकानन्द केंद्र से परिचय करते हुए केंद्र से जुड़ कर समाज के लिए थोडा समय देने के लिए आव्हान किया।

 

योग सत्र | गया नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-गया द्वारा योग सत्र का आयोजन शुक्रवार, 15 अप्रैल 2022 से रविवार, 24अप्रैल  2022 तक प्रात: 6:00 - 7:30 बजे तक धर्मशाला भवन, रमना रोड, गया में किया गया। जिसमे कुल पंजीयन 23 की रही; जिसमे ओसतन उपस्थिति  17 की रही।

दस दिवस के योग सत्र में योगाभ्यास में शिथलीकरण, सूर्यनमस्कार, आसन, प्राणायाम सीखते हुए योगाभ्यास की दैनिक दिनचर्या सीखी। योग के सिधांत एवं अष्टांग योग को अपने जीवन में कैसे आत्मसात कर सकते है यह भी देखा। योग सत्र में सभी प्रतिभागीयों में बड़ी ही उत्साह एवं सिखने की ललक दिखी।

आज योग सत्र का समापन दिवस था। विशेष उपस्थिति आ. विजय कारण जी, विभाग संचालक, पटना विभाग की रही उन्होंने योग और जीवन शैली कैसा हो, खान पान कैसा हो,  इसपर चर्चा करते हुए उपयुक्त जानकारी दी; एवं प्रो. अरुण कुमार प्रसाद, नगर संचालक, गया नगर  की  रही उन्होंने विवेकानंद केंद्र का परिचय कराया और केंद्र की  गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

योग सत्र के पश्चात वहां योग वर्ग शुभारम्भ करने की योजना है।

Saturday, April 16, 2022

योग सत्र । भागलपुर नगर



 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-भागलपुर द्वारा योग सत्र का आयोजन सोमवार, 7 मार्च 2022 से बुधवार, 16 मार्च 2022 तक प्रातः 6:00 - 7:00  बजे सबौर कॉलेज, सबौर, भागलपुर में किया गया।  जिसमे प्रतिदिन औसतन १० की उपस्थिति रही।  

योग सत्र दिनचर्या के अनुरूप 1 घंटे अभ्यास एवं 30 मिनट थ्योरी निमायित चला।  योग सत्र के समापन में मुख्य वक्ता के रूप में आदरणीय मुकेश कीर, बिहार झारखंड प्रांत संगठक जी की उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि ---
योग के विषय में कहा कि योग 24 घंटे चलने वाली प्रक्रिया है, यह केवल 1 या 2 घंटे करने वाला व्यायाम नहीं है, परंतु शारीरिक व्यायाम से ही हमारी मन बुद्धि और शरीर शक्ति का विकास होग।  इसीलिए हर सुबह योगासन का अभ्यास करना चाहिए साथ ही साथ उन्होंने "बनो और बनो" के विषय बताते हुए कहा कि हम योग अभ्यास करते करते अन्यो को भी अभ्यास कराएं।

होली मिलन । गया नगर

 



विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा- गया द्वारा होली मिलन का कार्यक्रम सोमवार, 14 मार्च 2022 को प्रातः 7:00 - 9:00 तक धर्मशाला भवन, रमना, गया में मनाया गया ।  जिसमे कुल उपस्थिति 55 की रहा ।  

कार्यकर्ता का शुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना एवं गीत से हुआ।   उसके बाद भजन एवं होली गायन हुआ।  कार्यक्रम का अंत शांति मंत्र एवं गुलाल लगा कर हुआ।  

गणतंत्र दिवस | पटना नगर



 विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी, शाखा - पटना द्वारा 73वें गणतंत्र दिवस के सुअवसर पर झन्डा तोलन कार्यक्रम का आयोजन बुधवार, 26 जनवरी 2022 को प्रात: 9:00 - 10:00 बजे केंद्र कार्यालय 162, पाटलिपुत्र कॉलोनी, डाक घर के नजदीक, पटना में मनाया गया जिसमे कुल 11 कार्यकर्ता की उपस्थिति रही

 झंडोतोलन कार्यक्रम का स्वागत परिचय से हुआ, उसके बाद आ. ज्ञानेश्वर शर्मा, व्यवस्था प्रमुख ,पटना विभाग  जी द्वारा झंडा रोहन किया गया। उसके बाद राष्ट्र गान हुआ। कार्यक्रम का समापन  "भारत हमारी माँ है" गीत का हुआ है।

पुष्पांजलि कार्यक्रम - स्वामी विवेकानन्द जयंती - बिहार-झारखण्ड प्रान्त





 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखण्ड प्रान्त द्वारा स्वामी विवेकनन्द जयंती के सुअवसर पर बुधवार, 12 जनवरी 2022 एवं गुरुवार, 13 जनवरी 2022 को पुरे प्रान्त में कुल 220 स्थनों पर पुष्पांजलि कार्यकर्म मनाया गया। जिसमे कुल 2857 लोगो की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का स्वरुप निम्न था -

    गीत
    स्वामीजी को पुष्प अर्पण
    स्वदेश मंत्र
    प्रसंग कथन
    उदघोष, संकल्प

नगर सह कार्यक्रमो की संख्या एवं कार्यक्रमों स्थान की संख्या की pdf file संलग्न है ---

विमर्श - स्वामी विवेकानन्द जयंती - बिहार-झारखण्ड प्रान्त




 

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखण्ड प्रान्त द्वारा स्वामी विवेकनन्द जयंती के सुअवसर पर रविवार, 16 जनवरी 2022 को संध्या 4:30 - 6:00 बजे ऑनलाइन गूगल मीट पर मनाया गया।  जिसमे कुल 277 लोगो ने पंजीयन कराया।  जिसमे उपस्थिति 172 की रही कुल 10 संचालन चमू की संख्या रही।  

कार्यक्रम का शुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना, समर्थ भारत पर्व परिचय से हुआ।  उसके बाद गीत (भुवनमण्डले नवयुगमुदयतु ) एवं वक्ता परिचय हुआ।  मुख्य वक्ता आ. मोनिका अरोड़ा, अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली एवं सामाजिक कार्यकर्ता का मार्गदर्शन स्वदेश मंत्र के बाद हम सबको मिला।  मुख्य वक्ता के मार्गदर्शन के बाद प्रश्नोत्तरी हुआ, जिसमे सब लोगो ने अपनी जिज्ञाषा रूपी प्रश्न पूछे जिसका मुख्य वक्ता द्वारा उतर दिया गया।  उकसे बाद विवेकानन्द केन्द्र द्वारा आगमी कार्यक्रमों की सुचना दी गई।  कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति मंत्र से हुआ।

प्रान्तीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर | बिहार-झारखण्ड प्रान्त




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी बिहार-झारखण्ड प्रान्त द्वारा प्रान्तीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन शनिवार  25 दिसम्बर 2021  से  शुक्रवार 31 दिसम्बर 2021 तक माहुरी मण्डल भवन, गया में किया गया। जिसमे पुरे प्रान्त से 16 शिविरार्थियों की उपस्थिति रही। संचालन चमू और व्यवस्था चमू की संख्या 8 की रही।

सम्पूर्ण शिविर का विषय "नवीन पर्व के लिए नवीन प्राण चाहिए'  इसके आधार पर प्रत्येक दिवस के विषय क्रमशः सवेंदना, स्वाभिमान, नेतृत्व, संगठन, समर्पण, समयदान रखा गया था । शिविर का उद्घाटन आ.सुधीर कुमार अम्बष्ठ, सह प्रान्त प्रमुख एवं डॉ. विजय करण जी, विभाग संचालक, पटना नगर  के आशीर्वचन से हुआ।

शिविर के प्रत्येक दिवस के बौद्धिक सत्र का विषय -  भारतमाता और ओमकार, राष्ट्रभक्त स्वामी विवेकानंद, मनुष्य निर्माण एवं राष्ट्र पुनरुथान, केन्द्र प्रार्थना, एकनाथजी और शिलास्मारक, अनुशासन, आज्ञापालन और दिनचर्या, राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां, केन्द्र कार्य की आवश्यकता, कार्यपद्धत्ति और कार्यप्रणाली, संपर्क तंत्र-मंत्र-तंत्र, और कार्यकर्ता गुण-विशेष पर क्रमशः वक्ताश्री  आ.सुधीर कुमार अम्बष्ठ, आ.विजय कुमार वर्मा, आ.ज्ञानेश्वर शर्मा,आ.धीरज कुमार,धर्मदास सिंह,चिराग परमार,सुश्री बर्षा सिंह द्वारा मार्गदर्शन किया गया।

नैपुण्य वर्ग का विषय  - हमारे उत्सव, बैठक,कार्यरचना और व्यवस्था, साहित्य और व्यवस्था, संस्कार वर्ग गठ-पठ रचना, और प्रकल्प पर विशेष रूप से कार्यकर्ताओं के समक्ष स्पष्ठ किया गया।

शारीरिक अभ्यास  - योगाभ्यास अभ्यास में प्रातः योग सत्र का एवं  संध्या में संस्कार वर्ग का विशेष योग सत्र की चर्चा पर  ध्यान दिया गया। रात्रिकालीन सत्र प्रेरणा से पुनरुथान में विशेष बिहार के अज्ञात वीर क्रांतिकारी क्रमश: तारा देवी (सिवान), वीर बाबू सियाराम सिंह (तिलकपुर), वीर निशान सिंह(सासाराम), वीर महेंद्र गोप(बाँका), वीर गणपत राय(राँची) इन सभी का योगदान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वतंत्राता संग्राम के आंदोलन में रहा।

शिविर की रचना दो गणों
    1.तारादेवी,
    2.बाबू सियाराम सिंह
    
    में कि गई इन गणों का  एवं सम्पूर्ण शिविर का नाम करण भी अज्ञात वीर क्रांतिकारी के नाम और जन्मस्थान के आधार पर रखा गया।

शिविर में आहुति सत्र में आ.मुकेश कीर जी, प्रान्त संगठक  द्वारा मार्गदर्शन किया गया। आहुति सत्र आव्हान में 7 कार्यकर्ताओं ने समयदान का संकल्प लिया।  जिसमें विवेकानन्द केन्द्र की  50वीं वर्षगाँठ के निमित्त 2 कार्यकर्ताओं ने एक वर्ष का समयदान का संकल्प लिया।

शिविर के विशेष आकर्षण केन्द्र माँ शारदा जन्मजयंती पर भजन संध्या का आयोजन एवं शिविर के छठवें दिवस पर लगभग  75 घरों में गृह संपर्क रहा। उसी प्रत्यक्ष संपर्क से 50-55बच्चों का विशेष संस्कार वर्ग एवं उसी संध्या में नगर के 40-45 गणमान्य जनों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

शिविर अधिकारी के रूप में आ.सुधीर कुमार अम्बष्ठ, सह प्रान्त प्रमुख की भूमिका रही। शिविर में विशेष उपस्थिति शिवकुमार प्रसाद, प्रान्त साहित्य सेवा प्रमुख ,राहुल राय जी, पटना नगर प्रमुख एवं श्रीमती लवली सिंह कार्यकर्ता की रही।

शिविर मार्गदर्शक आ.मुकेश कीर जी, शिविर प्रमुख धर्मदास, बौद्धिक प्रमुख सुश्री बर्षा सिंह जी, साक्षी विनायक आ. धनंजय सिंह जी एवं आ.गणेश प्रसाद जी, शिविर व्यवस्था प्रमुख, आ.महेश प्रसाद जी, शिविर सारथी  इन सभी का  योगदान  महत्वपूर्ण रहा ।

शिविर में कुल  उपस्थिति  24 की रही जिसमें सहभागी भैया -9,सहभागी बहिन:-7 एवं संचालन और व्यवस्था:;8 रही ।
भागलपुर विभाग:-10,पटना नगर:-4,ग्राम स्थान बरबीघा:-2,गया नगर:-5,राँची नगर:-1,प्रांत एवं विभाग:-2

Wednesday, April 13, 2022

साधना दिवस | भागलपुर नगर




 विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी ,शाखा-भागलपुर द्वारा साधना दिवस का कार्यक्रम 19 नवंबर 2021 को संध्या 4:00 से 5:30 को केंद्र कार्यालय (402, कृष्णा कुञ्ज  अपार्टमेंट,  तिलकामांझी, भागलपुर)  में मनाया गया। जिसमें 20 दायित्ववान कार्यकर्ताओं  की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में विशेष मार्गदर्शन आदरणीय मुकेश कीर, बिहार झारखंड प्रांत संगठन जी का मिला। कार्यकम में विशेष उपस्थिति नगर संचालक गरूदेव पोद्दार,सहनगर प्रमुख मिहिर मोहन जी,व्यवस्था प्रमुख बिनीत सिन्हा जी और मिथलेश जी की रही | कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र से हुआ

साधना दिवस | पटना नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-पटना द्वारा  साधना दिवस का कार्यक्रम रविवार, 21 नवम्बर 2021 को संध्या 4:00-5:30 को केंद्र कार्यालय 162 , पाटलीपुत्रा कॉलोनी , पोस्ट ऑफिस के पास, पटना में  मनाया गया।  जिसमें 25 दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम  में ओमकार प्रार्थना , गीत , स्वाध्याय एवं वक्तव्य का समावेश रहा । विशेष मार्गदर्शन आदरणीय मुकेश कीर, बिहार - झारखंड प्रांत के प्रांत संगठक का मिला। कार्यक्रम में बिहार -झारखंड प्रांत के व्यवस्था प्रमुख श्री सत्येन्द्र शर्मा जी , पटना विभाग के व्यवस्था प्रमुख श्री ज्ञानेश्वर शर्मा उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन शंतिमंत्र से हुआ।

विमर्श कार्यक्रम | भागलपुर नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी,शाखा-भागलपुर द्वारा विमर्श कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021 को संध्या 6:00-7:30 बजे आत्मा सभागार, जिला कृषि भवन ,तिलकामांझी में आयोजित किया गया। कुल उपस्थिति 72 की रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। केन्द्र परिचय नगर संपर्क प्रमुख जी द्वारा किया गया। केन्द्र के सक्रिय कार्यकर्त्ता डॉ. कुमार सुनीत जी द्वारा केन्द्र कार्य से जुड़ने का अनुभव साझा किया गया। मुख्य अथिति डी. आई. जी. सुजीत कुमार ने जीवन की द्वंद को उद्भाषित करते हुए उन्होंने जीवन के हर पहलू, हर जीव के संदर्भ को लिया है। अनिश्चय,उहा-पोह की स्थिति से उवरने  की परिभाषा द्वंद है द्वंद दो विपरीत परिस्थितियों के बीच चलने वाले क्रिया-कलाप को उद्भाषित करता है।

मुख्य वक्ता हनुमंत राव जी,अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र  ने  द्वंदता का मूलभूत कारण बाहर नहीं बल्कि अपने भीतर है। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मे दो रवैया होता है एक है श्रेयस मार्ग ,दूसरा है प्रेयस मार्ग में  इसका सरल अर्थ है। एक जीवन की सफलता और दूसरा है सार्थकता ।  कर्म प्रधान शैली  न हो तो जीवन मे द्वंद ही पलता है। जहां द्वंदता हैं वहाँ लड़ाई है ऐसा श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं । जहाँ अहंकार और ममकार है वहाँ प्रेयस और श्रेयस है। आत्म-मुक्ति के साथ जगत कल्याण की कामना जीवन जगत में हो। आशक्ति रहित काम-निष्काम भाव से कर्म करना हमारे जीवन का धेय्य होना चाहिए । द्वंदता का जन्म ,द्वंदता का बीज बाहर नहीं भीतर है । सूचनाएं नगर सह प्रमुख मिहिर मोहन मिश्र जी   द्वारा दी गई,धन्यवाद ज्ञापन नगर व्यवस्था प्रमुख बिनीत सिन्हा जी द्वारा किया गया और कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार वर्मा ने किया। आज के विमर्श कार्यक्रम में नगर के गणमान्य जनों की बढ़ -चढ़कर उपस्थिति रही।

विमर्श कार्यक्रम | गया नगर



 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा-गया द्वारा विमर्श कार्यक्रम शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2021 को संध्या 3:30-5:00 बजे तक धर्म सभा भवन, रमण रोड, गया में आयोजन किया गया जिसमे कुल उपस्थिति 32 रही।

कार्यक्रम का शुभारम्भ तीन प्रार्थना से हुआ।  उसके बाद गीत, वक्ता परिचय, परिचय के बाद  " स्वामी विवेकानन्द के चिंतन में नारी शक्ति " विषय माननीय हनुमन्त राव जी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ कार्यक्रम का समापन शान्ति मंत्र से हुआ।

परिवार मिलन कार्यक्रम | पटना नगर


 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-पटना द्वारा परिवार मिलन का कार्यक्रम मंगलवार, 19 अक्टूबर 2021 को संध्या 4:30-6:00 बजे  केन्द्र कार्यालय 162, पाटलिपुत्र कॉलोनी, डाक घर के नजदीक, पटना में किया गया। कुल उपस्थिति 60 रही।

कार्यक्रम का शुभारम्भ तीन प्रार्थना से हुआ।  उसके बाद गीत, वक्ता परिचय, परिचय के बाद  " व्यक्ति को समाज से जोड़ने की साधना " विषय माननीय हनुमन्त राव जी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ कार्यक्रम का समापन शान्ति मंत्र से हुआ।

केंद्र से जुड़े कार्यकर्ता अपने परिवार के साथ इस कार्यक्रम में समिति हुए एवं बिहार की राजकीय भोजन लिट्टी-चोखा का भी आनंद सबो ने लिया।

Tuesday, April 12, 2022

एक भारत विजयी भारत कार्यक्रम का समापन समारोह | बिहार-झारखण्ड प्रान्त




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखण्ड प्रान्त द्वारा  "विवेकानन्द शिला स्मारक की 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक भारत विजय भारत कार्यक्रम का समापन समारोह" रविवार, 03 अक्टूबर 2021 को संध्या 6:00 - 7:15 बजे ऑनलाइन माध्यम से Youtube पर मनाया गया। कुल उपस्थिति 70 की रही।

कार्यक्रम का शुभ्रम्भ तीन ओमकार, शांति पाठ से हुआ। उसके बाद विडियो क्लिप के माध्यम से केंद्र परिचय, गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से) एवं वक्ता परिचय से बाद मुख्य वक्ता श्रीमती अनीता बोस, अंतर्राष्ट्रीय पुरातत्ववेता सह स्वंत्रत शोधकर्ता का मार्गदर्शन मिला। विवेक वाणी के पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षीयता कर रहे मा. प्रवीण दाभोलकर, अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी का मार्गदर्शन हम सबको मिला। कार्यक्रम का समापन आगामी सुचना, धन्यवाद् ज्ञापन एवं शांति पाठ से हुआ।

आप इस कार्यक्रम को  Youtube पर इस लिंक के माध्यम से देख सकते है - https://youtu.be/Zlh3ndaTkDc

विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम - भागलपुर नगर

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा भागलपुर के द्वारा दिनांक 11 सितंबर 2021 को विश्व बंधुत्व दिवस मनाया गया| इस कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय शीला विवाह भवन में समारोह पूर्वक मनाया गया| कार्यक्रम में लगभग 250 की उपस्थिति रही|



कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बृजेंद्र कुमार दुबे एवं मुख्य वक्ता के रूप में परमहंस स्वामी आगमानंद जी के उद्बोधन प्राप्त हुए हैं। कार्यक्रम में केंद्र के कार्यकर्ताओं के साथ ही नगर के अन्य गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही। 

कार्यक्रम का शुभारंभ भवानी दीदी द्वारा तीन ॐ प्रार्थना एवं अतिथियों के दीप प्रज्वलन से किया गया। विषय प्रवेश कराते हुए प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ विजय कुमार वर्मा ने कहा कि विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद जी मानो भारतवर्ष के साक्षात विग्रह थे। उनकी वहां उपस्थिति मानो सनातन हिंदू धर्म की हजारों वर्षों की सभ्यता संस्कृति की उपस्थिति थी। जैसा कि भगिनी निवेदिता कहती हैं भारत की धार्मिक चेतना ही उनकी वाणी के रूप में प्रस्फुटित हुई थी। उनकी वाणी भारत के संपूर्ण अतीत के द्वारा सुनिश्चित करके संपूर्ण देशवासियों की वाणी थी। सनातन धर्म कि जिस शाश्वत वाणी को स्वामी जी ने शिकागो धर्म सम्मेलन में विश्व वासियों को सुनाया था उनका मूल स्वर था "समन्वय और एकता"। मुख्य अतिथि बृजेंद्र कुमार दुबे जी ने कहा कि भारत विश्व का मार्गदर्शन करेगा साथ ही भारत की ख्याति को  मानेगा। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता परमहंस स्वामी आगमानंद जी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के सशक्त उद्बोधन से तथा उनके द्वारा भारतीय संस्कृति को मिलने वाले अप्रतिम महत्व से भारतवासियों की दीर्घकालीन निंद्रा टूटी और उन्हें अपने गौरव तथा अस्मिता का बोध हुआ। उन्हें लगा कि वह दीन हीन नहीं हैं। उनके पास संसार को देने के लिए बहुत कुछ है। धर्म महासभा में स्वामी जी ने सिद्ध कर दिया कि शुद्धता पवित्रता और दयालुता किसी एक संप्रदाय की संपत्ति नहीं है। भारत के पास ऐसी आध्यात्मिक संपदा है जो विश्व के लिए एक अनुपम उपहार है। आध्यात्मिक एक्य के धागे से उन्होंने हर वर्ग, हर जाति तथा संप्रदाय के मनुष्यों को एक सुंदर माले के रूप में पिरोया था। आज भारत और विश्व के समक्ष जो चुनौतियां हैं उनका सामना हम उनके आदर्शों और संदेशों के आधार पर शीलता पूर्वक कर सकते हैं। केंद्र परिचय विनीत सिन्हा ने दिया और कहा कि केंद्र एक भारत विजयी भारत के लिए ही स्तर पर कार्य कर रही है। धन्यवाद ज्ञापन डॉ गुरुदेव पोद्दार नगर संचालक जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ मोहन मिश्र जी द्वारा किया गया। मुख्य रूप से हिमांशु मोहन मिश्र दीपक जी के द्वारा भजन गायन की प्रस्तुति रही।

 

विमर्श - विश्वबंधुत्व दिवस - गया नगर


 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-गया द्वारा रविवार, 12 सितम्बर 2021 संध्या 6:00-7:30 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन Google Meet पर किया गया। कुल उपथिति 55 रही।

 कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद केंद्र परिचय जिसमे विवेकानन्द केंद्र की स्थापना कैसे हुई एवं विवेकानंद केंद्र समाज में क्या कार्य करता एवं अभी वर्त्तमान में गया नगर में क्या कार्य चला रहा है। उसके बाद गीत, वक्ता परिचय, विवेक वाणी, एवं  विमर्श का विषय - "विश्वबंधुत्व एवं विश्व शांति' पर मुख्य वक्ता प्रो. पियूष कमल सिन्हा, इतिहास विभाग, मगध विश्वविद्यालय, बोध गया एवं मुख्या अथिति - डॉ. डी. पी. खेतान, वरिष्ठ चिकित्सक एवं समाज सेवी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद् ज्ञापन एवं शांति पाठ से हुआ।

Wednesday, December 22, 2021

विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम - पटना नगर


 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-पटना एवं टी. आर. टी. सी , पटना  द्वारा टी. आर. टी. सी , पटना में शनिवार, 11 सितम्बर 2021 दोपहर 11:00- 1:00 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुल उपथिति 65 रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद केंद्र परिचय जिसमे विवेकानन्द केंद्र की स्थापना कैसे हुई एवं विवेकानंद केंद्र समाज में क्या कार्य करता एवं अभी वर्त्तमान में पटना नगर में क्या कार्य चला रहा है। उसके बाद "विश्व बंधुत्व और स्वामी विवेकानन्द' विषय का संक्षिप्त विवरण रखा गया उसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से), विवेक वाणी, वक्ता परिचय उसके बाद प्रथम वक्ता - डॉ. पंकज कुमार, उप निर्देशक, बिहार पशुविज्ञान विश्वविद्यालय, पटना एवं द्वितीय वक्ता - आ. डी. के. सिंह, सलहाकार टी. आर. टी. सी. पटना का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद् ज्ञापन एवं शांति पाठ से हुआ।

Wednesday, November 24, 2021

विमर्श - विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम - भागलपुर नगर



 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-भागलपुर द्वारा विश्वबंधुत्व दिवस के सुअवसर पर विमर्श का आयोजन रविवार,05 सितम्बर  2021 को संध्या 5:00 - 6:15 बजे ऑनलाइन गूगल मीट पर आयोजन किया गया। कुल उपस्थिति 102 रही।

 कार्यक्रम का शुभारम्भ मंगलाचरण से किया गया बाँका नगर कार्यलय प्रमुख द्वारा केन्द्र परिचय में संचालित गतिविधयों की जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता डॉ. रमाशंकर दुबे, कुलपति केंद्रीय विश्वद्यालय, गांधीनगर, गुजरात ने विषय पर मार्गदर्शन करते हुए कहा -

    "विवेकनन्द शिलास्मारक : एक भारत-विजयी भारत' के एक मात्र ऐसा उदाहरण बन गया है; जहां ग्रेनाइट स्मारक ने एक जीवित संगठन को जन्म दिया है।
    आगे उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने 11 सितम्बर 1893 को धर्म संसद में विश्व को शांति को संदेश  दिया था जब हम स्वतंत्रा दिवस के 75 वर्ष पूरे होने का समारोह मना रहे हैं तो हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि 2047 तक भारत स्वतंत्रा के 100 वर्ष पूर्ण करेगा। उस समय भारत की आत्मा सभी क्षेत्रों में प्रकट होगी। भारत विश्व का आध्यात्मिक मार्गदर्शन करेगा। स्वामी विवेकानंद का दृष्टिकोण जो कहता है कि प्रत्येक धर्म अपने अनुयायियों के लिए सही है दुनिया में शांति ल सकता है। यह दृष्टिकोण समावेशी द्रष्टिकोण है । इएलिये प्रत्येक राष्ट्र या धर्म, पुरुष,महिला,परिवार या समुदाय को दूसरों को न केवल सहन करना चाहिए अपितु स्वीकार करना चाहिए और सभी की भलाई के लिए योगदान देना चाहिए।


विमर्श - विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम - पटना नगर


 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-पटना द्वारा जे. डी. विमेंस कॉलेज, पटना में शुक्रवार, 03 सितम्बर 2021 दोपहर 12:00- 1:30 बजे विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कुल उपथिति 90 रही; जिसमे शिक्षकगण, केंद्र कार्यकर्ता एवं छात्राओं उपस्थिति रही।

 कार्यक्रम का शुभ्रम्भ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके पश्चात् दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को आगे बढाया गया। उसके पश्चात केन्द्र परिचय एवं गीत के बाद विमर्श के विषय -"एक भारत विजयी भारत के संदर्भ में विश्व बंधुत्व और स्वामी विवेकानंद' विषय पर मुख्य वक्ता आ. डॉ. मधु वर्मा, अरविंद महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य एवं विवेकानंद केंद्र शुभचिंतक एवं आदरणीय शिखा सिंह परमार, पटना उच्च न्यायालय की अधिवक्ता एवं विवेकानंद केंद्र पटना की नगर संचालक का मार्गदर्शन प्राप्त हो गए। शान्ति मंत्र से कार्यक्रम का समापन किया गया।