Wednesday, September 1, 2021

Guru Purnima Utsav Celebration by Shantiniketan Vibhag, Paschimbanga Prant




 Shantiniketan Vibhag of Paschimbangla Pranta  organised a virtual program on 25th July to celebrate Gurupurnima.

The programme was started with 3 Omkars and Shanti Path followed by Guru Bandana performed by Sayan Pal, a little kendra Karyakarta  ,and  Shri Subha Bagdi (Sanskar Varga Pramukh, Durgapur) .
 
Shri Someswar Boral,Sah sanjojok of Siuri Karyasthan threw light on the message of Gurupurnima sent by Ma.Nibedita Didi. Didi pointed out the importance of observing different festivals which would help to  preserve Sanatan rituals.

Shri Subrata Das (Research Scholar and Karyakarta of Vivekanada Kendra) introduced Shri Biswanath Chakraborty, the key note speaker-the Secretary of Vivekananda Seva O Shiksha Bikash Sangha,Birbhum.

In his speech Biswanathda told that Guru parampara,an age old tradition in our country helped
since time immemorial  disciples to find out right path in the life .

He focused on Omkar, the Guru of Vivekananda Kendra , as the highest entity in Bharatiya culture.

The Program was concluded with vote of thanks by Shri Ruhidas Ghosh(Durgapur Nagar Pramukh)  followed by Santi Mantra .

The program was conducted by Shri Subrata Mondal (Sampark Pramukh,Durgapur Nagar).

In this program 38 participants took part .

Guru Purnima Utsav Celebration by Paschimbanga Prant





 *Paschimbanga Pranta organized an eventful evening on 24th July 2021 in celebration of Guru purnima.*

The programme started with shanti mantra followed by Gurubhajan.

Shri Janardan Ghosh(Pranta Swadhyaya Varga Pramukh) narrated briefly  the message of Mananeeya Nivedita Di's (Vice President, Vivekananda Kendra Kanyakumari) letter.

Dr. Subir Bannerjee spoke on Task before us : a sociological preview,based on Swami Vivekananda's idea of work and seva. *Shri Debasis Lahiri,Eknath Vibhag Sanchalak introduced Swami Vedatitananda,the Chief speaker from Ramakrishna Shilpa Mandir,Belur Math* .

The soft version of Kendra Vartika, the first quarterly bulletin published by Bangla Prakashan was launched by Swamiji before his speech.
Swami Vedatitananda shared two meaningful anecdotes and emphasised on Guru sishya relationship.
The programme ended with Shanti mantra.The whole program was conducted by Subrata Mondal (Sampark Pramukh, Durgapur)

*Total Participants - 43*

गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम | प्रकल्प स्थान चांडिल



 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, प्रकल्प स्थान चांडिल द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव प्रत्यक्ष रूप से  रविवार, 25 जुलाई 2021 को प्रातः 11:00 - 12:30 बजे केन्द्र कार्यालय (मठिया रोड, कदमडीह, चांडिल) में मनाया गया। कुल उपस्थिति 25 लोगो की रही।

कार्यक्रम का प्रारंभ तीन ओंकार, शांति पाठ, ऐक्य मंत्र एवं गुरु के भजन के साथ हुआ। स्वाध्याय, कार्यक्रम का समापन ओमकार ध्यान, शांति मंत्र , केंद्र प्रार्थना  एवं पुष्पांजलि के द्वारा हुआ।

विवेकानन्द केंद्र गुरु पूर्णिमा उत्सव के माध्यम से समाज में गुरु के प्रति आदर की भावना की अपेक्षा करता है।

Monday, August 23, 2021

गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम | बिहार-झारखंड प्रान्त


 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखंड प्रान्त द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव के अवसर पर  विमर्श  का कार्यक्रम रविवार, 25 जुलाई 2021 को संध्या 4:30 - 5:45 बजे ऑनलाइन Youtube एवं Facebook पर किया गया। कुल उपस्थिति लगभग 80 लोगों की रही।

कार्यक्रम का प्रारंभ तीन ओंकार, से हुआ। उसके पश्चात उत्सव परिचय, केन्द्र परिचय, गीत (तन्मय हो जा मेरे ), वक्ता परिचय , विवेक वाणी के पश्चात मुख्य वक्ता परमहंस स्वामी आगमानन्द जी महाराज का उद्बोधन शुभरम्भ हुआ।
महाराज जी ने कहा-
• विवेकानन्द केन्द्र द्वारा गुरु पूर्णिमा का उत्सव इतने उत्साह के साथ माना बहुत बड़ी बात है।
• जब हम गुरु पूर्णिमा का उत्सव मनाते है तो ऐसा ध्यान में आता है कि हम अभी भी गुरु के प्रति बहुत आदर करते है और महर्षि वेदव्यास जी को भी नही भूले है।
महाराज जी का पूरा उद्बिधान आप इस Youtube link के माध्यम से देख सकते है। Youtube Link - https://youtu.be/yfF-Im24PDI

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, आगमी सूचना एवं शांति मंत्र से हुआ। केंद्र ने जुड़े लोगों से केन्द्र के द्वारा समाज मे समय देने के लिए आव्हान किया।

विवेकानन्द केंद्र गुरु पूर्णिमा उत्सव के माध्यम से समाज में गुरु के प्रति आदर की भावना की अपेक्षा करता है।

ह्रदय से पवित्र व्यक्तियों को ईश्वर अपना शिष्य बनाते हैं : प्रोफेसर ओपीएन कल्ला ।




 ह्रदय से पवित्र व्यक्तियों को ईश्वर अपना शिष्य बनाते हैं : प्रोफेसर ओपीएन कल्ला

सुप्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक प्रोफेसर ओपीएन कल्ला जी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विवेकानंद केंद्र जोधपुर द्वारा आयोजित वर्चुअल व्याख्यान में सहभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिनके हृदय पवित्र होते हैं उन्हें ईश्वर अपना शिष्य चुनते हैं। और यही शिष्य आगे चलकर गुरु बनते हैं। प्रोफेसर कल्ला ने ह्रदय की पवित्रता को सर्वाधिक महत्व दिया। अनेक वैज्ञानिकों के जीवन के उदाहरण देते हुए उन्होंने उनकी सफलता का रहस्य उनके हृदय की पवित्रता बताया। प्रोफ़ेसर कल्ला जी ने यह विश्वास जताया कि आज उनके व्याख्यान सुनने वालों में अनेक भावी वैज्ञानिक भी होंगे।
इस व्याख्यान का लगभग 55 सहभागीयों ने लाभ उठाया।
कार्यक्रम का संचालन मगराज भैया ने किया, नगर प्रमुख डॉ अमित व्यास ने केंद्र परिचय, विभाग प्रमुख श्री प्रेम रतन जी ने वक्ता परिचय और विवेकानंद केंद्र हिंदी प्रकाशन विभाग प्रमुख श्री अशोक माथुर जी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। हरि भैया, विश्वा शर्मा, पंकज व्यास का सहयोग प्राप्त हुआ।