शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें डॉ. छवि कश्यप, डॉ. अशोक कुमार, श्रीमती शिल्पी बैक्ता एवं श्री लोकेश केसरे उपस्थित रहे।
17 जुलाई को आयोजित समापन समारोह में नगरोटा बगवां की एसडीएम श्रीमती पूजा अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. छवि कश्यप ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। शिविरार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं शिविर प्रतिवेदन के माध्यम से पाँच दिनों की गतिविधियों की झलक प्रस्तुत की।
प्रतिदिन प्रातः 5:30 से रात्रि 9:45 बजे तक की अनुशासित दिनचर्या में योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार, संस्कार वर्ग, तेजस कार्यशाला, भजन संध्या और आत्मावलोकन जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं। बौद्धिक सत्रों में विभिन्न वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, एकनाथ रानाडे, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन सौरभ कालिया और भगिनी निवेदिता के जीवन प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा और चरित्र निर्माण की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर डॉ. छवि कश्यप ने कहा कि यह शिविर केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्म-खोज, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रेरणादायी यात्रा है। उन्होंने कहा कि "युवा सतर्क होगा तो देश मजबूत होगा।" उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भीतर की प्रतिभा को पहचानकर राष्ट्रहित में उसका उपयोग करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि एसडीएम श्रीमती पूजा अधिकारी ने कहा कि ऐसे शिविर देश के भविष्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि "मानव विकास से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।" उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी।
विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी के उत्तर प्रांत के संचालक डॉ. अशोक रैना ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विवेकानन्द केंद्र ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों में चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति, सेवा और नेतृत्व के संस्कार विकसित करने का सतत प्रयास कर रहा है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग के लिए विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को हिमाचली शॉल, हिमाचली टोपी एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कांगड़ा नगर सह-संचालक श्री सी. एस. डोगरा, व्यवस्था प्रमुख श्री रविन्द्र शर्मा, उत्तर प्रांत सह-संगठक श्री लोकेश जी, विभाग संगठक श्री बलवीर कुशवाहा, श्रीमती नीरज शर्मा, श्री कृष्ण कुमार शर्मा, श्री केवल कृष्ण शर्मा, श्री सुरेन्द्र ठाकुर, श्री शेखर जी, कुमारी आकांक्षा मिश्रा, कुमारी अमृता मिश्रा, श्री तिलक शर्मा, विद्यालय की प्रबंधक समिति के सदस्य, शिक्षकगण, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समापन पर सभी शिविरार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस शिविर को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया तथा समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। पाँच दिवसीय यह आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव का सशक्त संदेश छोड़ते हुए सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।