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Monday, August 10, 2026

आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर समापन कांगड़ा द्वारा

नगरोटा बगवां के रेनबो इंटरनेशनल स्कूल में विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी, शाखा कांगड़ा, हिमाचल द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर 13 से 17 जुलाई 2026 का सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर में 105 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव और राष्ट्रभक्ति का संचार करना था।

 शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें डॉ. छवि कश्यप, डॉ. अशोक कुमार, श्रीमती शिल्पी बैक्ता एवं श्री लोकेश केसरे उपस्थित रहे।

17 जुलाई को आयोजित समापन समारोह में नगरोटा बगवां की एसडीएम श्रीमती पूजा अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. छवि कश्यप ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। शिविरार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं शिविर प्रतिवेदन के माध्यम से पाँच दिनों की गतिविधियों की झलक प्रस्तुत की।

प्रतिदिन प्रातः 5:30 से रात्रि 9:45 बजे तक की अनुशासित दिनचर्या में योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार, संस्कार वर्ग, तेजस कार्यशाला, भजन संध्या और आत्मावलोकन जैसी गतिविधियाँ शामिल रहीं। बौद्धिक सत्रों में विभिन्न वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, एकनाथ रानाडे, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन सौरभ कालिया और भगिनी निवेदिता के जीवन प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्र सेवा और चरित्र निर्माण की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर डॉ. छवि कश्यप ने कहा कि यह शिविर केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्म-खोज, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण की एक प्रेरणादायी यात्रा है। उन्होंने कहा कि "युवा सतर्क होगा तो देश मजबूत होगा।" उन्होंने विद्यार्थियों से अपने भीतर की प्रतिभा को पहचानकर राष्ट्रहित में उसका उपयोग करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि एसडीएम श्रीमती पूजा अधिकारी ने कहा कि ऐसे शिविर देश के भविष्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि "मानव विकास से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।" उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी।

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी के उत्तर प्रांत के संचालक डॉ. अशोक रैना ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विवेकानन्द केंद्र ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों में चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति, सेवा और नेतृत्व के संस्कार विकसित करने का सतत प्रयास कर रहा है। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग के लिए विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को हिमाचली शॉल, हिमाचली टोपी एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर कांगड़ा नगर सह-संचालक श्री सी. एस. डोगरा, व्यवस्था प्रमुख श्री रविन्द्र शर्मा, उत्तर प्रांत सह-संगठक श्री लोकेश जी, विभाग संगठक श्री बलवीर कुशवाहा, श्रीमती नीरज शर्मा, श्री कृष्ण कुमार शर्मा, श्री केवल कृष्ण शर्मा, श्री सुरेन्द्र ठाकुर, श्री शेखर जी, कुमारी आकांक्षा मिश्रा, कुमारी अमृता मिश्रा, श्री तिलक शर्मा, विद्यालय की प्रबंधक समिति के सदस्य, शिक्षकगण, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


समापन पर सभी शिविरार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस शिविर को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला बताया तथा समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया। पाँच दिवसीय यह आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव का सशक्त संदेश छोड़ते हुए सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

Sunday, May 24, 2026

ENT OPD Camp organized by Kangra

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Uttar Prant Kangra branch, in collaboration with the Ripudaman Charitable Trust organized successful outcome of a Free ENT OPD Camp, on Saturday, May 24, 2026. Despite the challenging hot and humid weather, approximately 100 patients from across Himachal Pradesh attended the camp to receive specialized consultations and treatment.

The initiative was significantly bolstered by the expert participation of Dr. Sanjay Sachdeva, Principal Director of ENT Head and Neck Surgery at Max Group of Hospitals, Delhi, who generously provided his medical services throughout the day.

A notable highlight of the event was the identification of two young girl child patients in need of cochlear implant surgery, marking a vital step toward their long-term health. We extend our heartfelt gratitude to Dr. Sanjay Sachdeva and the Ripudaman Charitable Trust for their invaluable support in this service initiative.

Courtesy:  http://uniindia.com


Monday, March 30, 2026

Free ENT Check-up Camp at Kangra

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Uttar Prant, Kangra Branch in a significant humanitarian effort, recently partnered with the Ripudaman Charitable Trust and organized a Free ENT Check-up Camp at Gopal Bagh Gurkhari in the outskirts of Kangra town on Saturday, March 29, 2026 as its monthly feature in which nearly 110 people were benefited.

The initiative aimed to provide specialized medical expertise to those in need, particularly focusing on individuals suffering from severe hearing impairments. A key highlight of the camp was the presence of by Dr. Sanjay SachdevaPrincipal Director of ENT, Head & Neck Surgery at Max Super Speciality Hospital, Saket, Delhi, a globally renowned specialist in cochlear implants.

During the event, Dr. Sanjay Sachdeva emphasized the transformative impact of cochlear implants, explaining how these complex electronic devices comprising both external microphones and internal surgical receivers can restore sound perception and significantly enhance the quality of life for those with profound hearing loss.

This collaborative outreach by Vivekananda Kendra underscores its ongoing commitment to community service and the integration of advanced medical solutions for social welfare.

Courtesy: https://www.uniindia.com/cochlear-implants-improve-communication-and-quality-of-life-medical-experts/north/news/3822787.html

Thursday, March 19, 2026

"समर्थ शिक्षक समर्थ भारत" - शिक्षक उन्मुखीकरण कार्यशाला कांगड़ा

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, हिमाचल प्रान्त, शाखा-कांगड़ा द्वारा 16 से 18 मार्च 2026 तक रेनबो इंटरनेशनल स्कूलनगरोटा बगवां में तीन दिवसीय 'समर्थ शिक्षक समर्थ भारतशिक्षक उन्मुखीकरण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। 10 समर्पित कार्यकर्ताओं की आयोजन टीम के नेतृत्व में इस कार्यशाला को दो बैचों में विभाजित किया गयाजिसमें कुल 69 शिक्षकों (प्रथम बैच में 46 और द्वितीय में 23) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की आंतरिक क्षमताओं का विकास और उन्हें राष्ट्र निर्माण के प्रति उत्तरदायी बनाना था।

यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से तीन चरणों में संपन्न हुआ:

  1. प्रेरणा से पुनरुत्थान: बौद्धिक खेलों और समूह चर्चाओं के माध्यम से शिक्षकों को प्रेरित किया गया।
  2. यौगिक व्यायाम: शारीरिक व मानसिक सुदृढ़ता हेतु शिथिलीकरणसूर्य नमस्कारसूक्ष्म व्यायाम (विशेषकर स्टाफ रूम में अभ्यास योग्य) और प्राणायाम का सत्र आयोजित हुआ।
  3. बौद्धिक सत्र (PPT प्रेजेंटेशन):
    • प्रथम दिवस: पंजाब-हरियाणा प्रांत संगठक आदरणीय प्रांजलि दीदी ने 'शिक्षक होने पर गर्वविषय पर उद्बोधन दिया
    • द्वितीय दिवस: उत्तर प्रांत सह संगठक आदरणीय लोकेश जी केसरे ने 'अंतर्निहित दिव्यता का प्रगटीकरण एवं रचनात्मक प्रतिसादपर प्रकाश डाला
    • तृतीय दिवस: विवेकानंद केंद्र के महासचिव माननीय भानुदास धाकरस जी ने 'संपूर्ण उत्तरदायित्व और पूर्णताका मंत्र दिया

उद्घाटन सत्र में श्री चंद्र शेखर डोगरा जी का मार्गदर्शन मिलाजबकि 'प्रेरणा से पुनरुत्थानसत्रों का कुशल संचालन श्री चंदन भैयाश्री कन्हैया भैयासुमित्रा दीदी और बलवीर जी द्वारा किया गया।

18 मार्च को आयोजित समापन समारोह का प्रारंभ 'तीन ओंकारप्रार्थना और दीप प्रज्वलन से हुआ विवेकानंद केंद्र हिमाचल विभाग संगठक श्री बलवीर कुशवाह जी द्वारा इस तीन दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की

सुमित्रा साहू दीदी द्वारा गीत निर्माणों के पावन युग  में लिया गया। इस अवसर पर रेनबो इंटरनेशनल स्कूल के संचालक श्री छवि कश्यप जी ने जीवन मूल्यों की महत्ता पर जोर देते हुए 'निर्माणों के पावन युग मेंगीत को विद्यालय की प्रार्थना में शामिल करने का संकल्प लिया। यह गीत हमें याद दिलाता रहेगा कि हम कहां हैजिस तरह से जामवंत ने हनुमान को उनकी शक्ति से परिचय कराया था  उसे तरह यह गीत भी हमारी क्षमताहमारे जीवन मूल्य को याद दिलाता रहेगा । उन्होंने कहा कि रामायणमहाभारत और उपनिषद हमारे मूल्यों के आधार हैंजिन्हें वैश्विक दृष्टि के साथ अपनाना अनिवार्य है। हम भी अपनी इन जड़ों को अवश्य मजबूत करे ।

अगले वर्ष 2027 में स्कूल के 25 वर्ष हो जाएंगे ।इस आधार पर हमारे स्कूल में इस वर्ष value System को मज़बूत करने पर जोर दिया जाएगा । और यह जीवन मूल्य स्वामी विवेकानंद के विचारों उनके आदर्शों पर आधारित हो । अंत में उन्होंने केंद्र के सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद कहा जो स्कूल में यह समर्थ शिक्षक समर्थ भारत कार्यशाला कर रहे है ।

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के महासचिव माननीय भानुदास जी का मार्गदर्शन रहा । उन्होंने कहां की जब भी हम विद्यालय आएं भगवद्गीता के तीसरे अध्याय का २१वां श्लोक

यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।

स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते।।

का ध्यानचिंतन - मनन अवश्य करें । हम श्रेष्ठ बने और विद्यार्थियों को भी अपने से श्रेष्ठ बनाने का प्रयत्न करे । और को भी श्रेष्ठ बनाने का प्रयत्न करे ।ऐसा करने से राष्ट्र श्रेष्ठ बनेगा । इस कार्यशाला का यही उद्देश्य है। शिक्षकों को 'श्रेष्ठबनने और विद्यार्थियों को भी श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के शिकागो संघर्ष और उनके राष्ट्र-प्रेम के उदाहरण देकर शिक्षकों को त्याग और सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने रेनबो इंटरनेशनल स्कूल के संचालक को धन्यवाद दिया कि विवेकानंद केंद्र को यह कार्यशाला करने हेतु अवसर प्रदान किया तथा सभी शिक्षकों को कन्याकुमारी आने हेतु आमंत्रण दिया ।

पारंपरिक हिमाचली टोपी शॉल द्वारा केंद्र के सभी कार्यकर्ताओं का रेनबो इंटरनेशनल स्कूल द्वारा सम्मान किया गया । समापन कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारीशाखा - कांगड़ा के सह नगर प्रमुख श्री विवेक शर्मा जी द्वारा किया गया ।

अंत में विवेकानंद केंद्र कांगड़ा के संचालक डॉ. अशोक कुमार जी द्वारा इस कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु विद्यालयविद्यालय प्रशासनकेंद्र के सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।तथा शांति मंत्र के साथ समापन किया गया ।


Wednesday, July 23, 2025

आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर — विवेकानन्द केन्द्र शाखा कांगड़ा

 

दिनांक 23 से 27 जुलाई 2025विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा – कांगड़ा द्वारा रेनबो इंटरनेशनल स्कूलनगरौटा बगवांहिमाचल प्रदेश में एक आवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर का उद्घाटन समारोह रेनबो स्कूल के संचालक श्री छवि कश्यपदेहरा के पुलिस अधीक्षक श्री मयंक चौधरी (IPS) तथा विवेकानन्द केन्द्र के सह प्रांत संयोजक श्री लोकेश जी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

पाँच दिवसीय शिविर के दौरान विभिन्न बौद्धिक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में प्रेरक विषयों पर चर्चा हुई:

  • स्वामी विवेकानंद – जीवन संदेश (डॉ. अशोक रैना)
  • भगिनी निवेदिता (श्री लोकेश केसरे)
  • माननीय एकनाथ जी का जीवन (श्री बलवीर कुशवाह)
  • जीवन का उद्देश्य (श्री लोकेश केसरे)

शिविर के दौरान "Sound of Joy" तथा श्री एकनाथ जी एवं शिला स्मारक पर आधारित वीडियो प्रदर्शन ने सहभागियों को असंभव को संभव करने की प्रेरणा दी।

सत्रों में श्रम संस्कारशारीरिक समता अभ्याससंस्कार वर्गऔर भजन संध्या जैसे विविध आयामों के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास का प्रयास किया गया। इन गतिविधियों का संचालन कन्हैया भैयाअमन भैयामानसी दीदीनीलम दीदी तथा लोकेश भैया के मार्गदर्शन में हुआ।

समापन समारोह में रेनबो वर्ल्ड की प्रिंसिपल श्रीमती मीनाक्षी कश्यपADM श्रीमती शिल्पी बेकता तथा विवेकानन्द केन्द्र कांगड़ा की कार्यकर्ता श्रीमती बबीता शर्मा जी की उपस्थिति में विद्यार्थियों को प्रेरणास्पद संदेश दिया गया।

इस शिविर में कुल 42 शिविरार्थियों ने भाग लियाजिनमें 16 बहनें और 26 भाई शामिल थे। यह शिविर सभी प्रतिभागियों के लिए एक आध्यात्मिकसांस्कृतिक और प्रेरणादायी अनुभव सिद्ध हुआ।

Tuesday, June 15, 2021

Swami Vivekananda Jayanti - Kangra


 स्वामी विवेकानंद जयंती (158 वीं जयंती) और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की शाखा कांगड़ा हिमाचल प्रदेश  12 जनवरी, 2021 को शाम 6:00 बजे से 7:15 तक ऑनलाइन (Google Meet के) माध्यम से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.  इस कार्यक्रम में श्री राकेश प्रजापति जी, डेप्युटी कमिश्नर (D.C.) कांगड़ा, तथा श्री मानस भट्टाचार्य जी, जीवन व्रती कार्यकर्ता व उत्तर प्रांत संगठक, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए. इसके अतिरिक्त इस आयोजन में श्री अशोक रैना जी, उत्तर प्रांत संचालक, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी. व डॉ. अनिल चौहान, डॉ. भानु अवस्थी, डॉ. अशोक शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए.

इस कार्यक्रम में लगभग 115 लोगों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत तीन ओंकार व प्रार्थना के साथ श्री विवेक शर्मा द्वारा की गई. श्री तिलक शर्मा ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं के परिचय सहित इसमें शामिल सभी सदस्यों व गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया. इसके साथ साथ स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के औचित्य व महत्त्व को भी उजागर किया. इसके पश्चात डॉ. ठाकुर सेन द्वारा भजन प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता श्री मानस भट्टाचार्य जी व  श्री राकेश प्रजापति जी ने स्वामी जी के विचारों व योगदान पर प्रकाश डालते हुए अपने अपने वक्तव्य रखे.

इस आयोजन से पूर्व विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की शाखा कांगड़ा, द्वारा एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन दो स्तरों (Senior व Junior)पर किया गया था. जिसके अंतर्गत जिला कांगड़ा व जिला मंडी के कई विद्यार्थियों ने भाग लिया. विद्यार्थियों ने स्वामी जी के जीवन और शिक्षाओं पर अपनी प्रस्तुतियां विडियो के माध्यम से भेजी थीं. जिनका परिणाम इस प्रकार है.    

Senior Level

Junior Level 

इस अवसर पर दोनों ही स्तरों पर भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों आर्ची शर्मा, कक्षा 3, माउन्ट कार्मल स्कूल बैजनाथ, जिला कांगड़ा  व शालू देवी, बी. ए. तृतीय वर्ष, राजकीय महाविद्यालय लड भड़ोल, जिला मंडी ने कार्यक्रम के दौरान स्वामी जी के जीवन और शिक्षाओं पर लाइव प्रस्तुतियाँ दी.

कार्यक्रम के अन्त में डॉ. नवीन शर्मा ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं श्री राकेश प्रजापति जी डेप्युटी कमिश्नर (D.C.) कांगड़ा, तथा श्री मानस भट्टाचार्य जी, जीवन व्रती कार्यकर्ता व उत्तर प्रांत संगठक, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, श्री अशोक रैना जी, उत्तर प्रांत संचालक, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, डॉ. अनिल चौहान, डॉ. भानु अवस्थी, डॉ. अशोक शर्मा सहित सभी गणमान्य व्यक्तियों  का कार्यक्रम में शामिल होने व सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. कार्यक्रम का समापन श्री विवेक शर्मा द्वारा केंद्र प्रार्थना की प्रस्तुति के साथ किया गया.

मुख्य वक्ताओं (श्री राकेश प्रजापति जी तथा श्री मानस भट्टाचार्य जी)  के वक्तव्यों के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: 

1.    एक बेहतर सामाजिक व्यवस्था के लिए ‘व्यक्तिगत त्याग’ और ‘संगठन’ की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है.
2.    हमें अपने ‘स्वाभिमान’ को बढ़ाने और ‘अहंकार’ को कम करने की आवश्यकता है.
3.    हमारे देश में ‘गोत्र’ को महत्वपूर्ण माना गया है और उसका ‘स्रोत – ऋषि’ रहे हैं. जिसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि भारतीय परंपरा में ‘ज्ञान व शिक्षा’ को ज्यादा महत्व दिया गया है.
4.    समाज के प्रति हमारी ‘जिम्मेदारी और भूमिका’ से ही समाज, देश और संपूर्ण जगत को बेहतर बनाया जा सकता है.
5.    एक युवा की सबसे प्रमुख पहचान उसकी ‘जिज्ञासा (प्रश्न पूछने) की क्षमता’ है.
6.    एक मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ा लक्ष्य ‘मोक्ष’ माना गया है. स्वामी विवेकानंद ने उसे त्याग कर कर्मयोग व सेवा को प्राथमिकता दी, जोकि अपने आप में उनकी महानता को दर्शाता है.
7.    स्वामी जी की कुशाग्र बुद्धि का जीवन की कई घटनाओं के दौरान उनकी प्रतिक्रियाओं से पता चलता है. एक बार एक मिशनरी ने स्वामीजी को एक लाइब्रेरी में गीता को सबसे नीचे और बाइबिल को सबसे ऊपर रखकर दर्शाया कि बाइबिल कितने ऊपर है और गीता कितने नीचे, तब स्वामी जी ने कहा कि गीता सभी धर्मों व ज्ञान की बुनियाद (Founding Stone) है इसलिए सबसे नीचे है.
8.    स्वामी जी की नेतृत्व क्षमता अतुलनीय थी. उनके नेतृत्व के गुणों का इस बात से पता चल जाता है कि वे जिस भी देश में गए वहां लोग स्वत: ही उनकी ओर आकर्षित होते चले जाते थे.
9.    स्वामी जी की शिक्षाओं व उनके जीवन से प्रेरणा पाकर हमारा समाज लक्ष्य का निर्धारण करके डेमोग्राफिक डिविडेंड (Demographic Dividend) का लाभ ले सकता है.
10.    स्वामीजी सारा जीवन अन्धविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करते रहे.
11.    स्वामीजी वैज्ञानिक सोच को विकसित करने पर जोर देते रहे.
12.    विवेकानंद जी के गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस जी का कथन है कि “यदि आप पूर्व में जाना चाहते हैं तो पश्चिम में ना जाएं”.
13.    स्वामी जी की Entire Philosophy लक्ष्य निर्धारण और उसे प्राप्त करने पर केंद्रित है.
14.    स्वामी जी का यह कथन है कि “उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए.”
15.    रविंद्र नाथ टैगोर ने एक बार कहा था कि यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो स्वामी विवेकानंद को जानिए.
16.    स्वामी विवेकानन्द जी ने सेवा को मोक्ष का मार्ग बताया.
17.    स्वामी विवेकानन्द हाल ही की शताब्दियों में भारत में जन्में सबसे महान व्यक्तियों के रूप में सर्वत्र सहज रूप से स्वीकार किये जाते हैं.