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Monday, August 17, 2026

गुरु पूर्णिमा का आयोजन राँची

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा–राँची द्वारा गुरु पूर्णिमा के पावन उपलक्ष्य में 1 अगस्त 2026, शनिवार को संध्या 5:30 बजे से लायन्स क्लब में एक विशेष कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके पश्चात उपस्थित अतिथियों, दानदाताओं, शुभेच्छकों, कार्यकर्ताओं और सभी प्रतिभागियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर नगर की वार्षिक गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर आधारित वार्षिक वृत्त प्रस्तुत किया गया, जिसमें वर्षभर संचालित सेवा, संस्कार और संगठनात्मक कार्यों का विस्तृत विवरण शामिल था।

कार्यक्रम में "प्रणव मंत्र ॐकार" विषय पर श्री विनोद कुमार गढ़यान जी का मुख्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिन्होंने भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपरा में ॐकार के आध्यात्मिक, मानसिक एवं वैज्ञानिक महत्व को अत्यंत सरल और प्रेरणादायक शैली में रेखांकित किया। उन्होंने समाज में संस्कार, सेवा, पारिवारिक समरसता और राष्ट्रभावना को सुदृढ़ करने हेतु विशेष प्रयासों का आह्वान किया।


 
इसके पश्चात ग्यारह बार ॐकार के उच्चार के साथ राष्ट्र तथा समाज की उन्नति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। धन्यवाद ज्ञापन के बाद पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र एवं समाज सेवा के प्रति संकल्प लिया गया ।

अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 

Thursday, September 11, 2025

Universal Brotherhood Day: Yuva Samwad programme & Yuva Bharat Abhiyan Launch at Ranchi

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Bihar Jharkhand Prant, Ranchi Vibhag, Ranchi Branch, in collaboration with Jharkhand Raksha Shakti University, organized a Yuva Samwad (Youth Dialogue) Program on the occasion of Universal Brotherhood Day, on 11th September 2025, at the university auditorium from 11 AM.

The program was graced by Dr. Nitin Madan Kulkarni, Additional Chief Secretary to the Honorable Governor of Jharkhand, who addressed the gathering as the chief speaker. In a podcast-style dialogue with Dr. Anand Kr. Thakur, Professor, Department of Zoology, Ranchi University, Dr. Kulkarni engaged in an insightful discussion on Swami Vivekananda’s message for the youth, its relevance in today’s context, career development, and personality growth. Students were given the opportunity to raise questions directly, to which Dr. Kulkarni responded with lively examples and cheerful interaction. His words left the young audience inspired and motivated.

During the event, the second phase of the Yuva Bharat Abhiyan was launched, with a focus on leadership development and social awareness among the youth. The program commenced with a welcome address by Dr. Hemendra Kumar Bhagat, Registrar of Jharkhand Raksha Shakti University. Shri Vikas Kumar Sinha, Nagar Pramukh of Vivekananda Kendra, Ranchi, encouraged students by presenting certificates to participants of Yuva Bharat. Shri Divyanshu Pandey, Vibhag Coordinator of Yuva Bharat Abhiyan, shared details of the campaign.

The program witnessed the participation of 212 participants, including 170 students, yuva volunteers, and city dignitaries. As a positive outcome, 38 youths registered to join the Yuva Bharat Abhiyan.

Saturday, January 14, 2023

Swami VivekanandaJayanti - Pushpanjali Program - Ranchi

पुष्पांजलि कार्यक्रम 

राँची नगर :-

कुल संख्या:- 56 

कुल संख्या:- 1430


महाविद्यालय :- 5,  संख्या:- 550

पार्क  + थाना  + संग्रहालय  + कार्यालय+ सार्वजनिक स्थान :- 26, संख्या :- 380

परिवार + अपार्टमेंट  + सोसाइटी :- 21 , 270


कार्यपद्धति के आयाम के स्थान: - 4, संख्या  :- 230

Swami Vivekananda Jayanti 

Sunday, December 18, 2022

युवा नेतृत्व विकास कार्यशाला - शाखा राँची

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा राँची 

द्वारा युवा नेतृत्व विकास अभियान के द्वितीय चरण में दिनाँक 18/12/2022, रविवार एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। 
कार्यक्रम की  शुरुआत तीन ओंकार, शांति पाठ से पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुआ। युवाओं को चार गणों में बांटकर खेल, गीत , सूर्य नमस्कार, सफल जीवन और सार्थक जीवन, आपका जीवन उद्देश्य विषय पर चर्चा के माध्यम से कार्यशाला में उनके व्यक्तित्व के विकास के कौशल सिखाए गए।
कार्यशाला मे विभिन्न  महाविद्यालय से 52 युवा ने भाग लिया। संचालन एवं व्यवस्था में कार्यकर्ता की कुल संख्या 11 की रही।

Saturday, April 16, 2022

विमर्श - स्वामी विवेकानन्द जयंती - रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा विमर्श कार्यक्रम का  बुधवार, 12 जनवरी 2022 को दोपहर  1:00-2:30 बजे ऑनलाइन गूगल मीट पर आयोजन किया। गया कुल उपस्थिति 48 की रही। जिसमे 8 संचलन चमू का कार्यकर्ता उपस्थित रही।

 

कार्यक्रम का संचलन तीन ओमकार प्रार्थना,  केंद्र परिचय एवं गीत से हुआ।  उसके बाद विवेकवाणी एवं वक्ता परिचय के बाद मुख्य वक्ता आ. प्रबल कुमार सेन जी का मार्गदर्शन हम सब को मिला। उसके बाद प्रश्नौत्तरी हुआ; जिसमे मुख्य वक्ता द्वारा श्रोता द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर मिला। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, आवाह्न एवं शांति मंत्र से हुआ।

नेतृत्व विकास कार्याशल - II | रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन गुरुवार, 23 दिसम्बर 2021 को प्रात: 11:00-3:00 बजे तक चिन्मय मिशन आश्रम, बड़ा तालब, रांची आयोजन किया गया। जिसमे कुल पंजीयन 47 की हुई; जिसमे 10 पर्तिभागीयों ने भाग लिया। यह पूरा कार्यशाला ४ घंटे का था; जो की दो सत्रों में चला।

प्रथम सत्र -  का शुभ्रम्भ स्वागत परिचय, शिविर परिचय एवं तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ उसके बाद दो खेल, गीत, "पर्सनालिटी के प्रवाह में बह न जाये व्यक्तित्व' विषय पर स्वाध्याय हुआ। जिसमे सभी पर्तिभागियों ने बहुत ही उत्साह से साथ चर्चा का आनंद लिया उसके बाद कार्याशला के प्रथम सत्र का समापन शंतिमात्र से हुआ।

द्वितीय सत्र - का शुभ्रम्भ गीत से हुआ। उसके बाद "परीक्षा होनी चाहिए या नहीं' विषय पर कुल पर्तिभागी को दो गणों में विभाजित करते हुए बात-बिवाद हुआ। जिसमे सभी पर्तिभागियों ने सकारात्मकता, अनुशासन के साथ बात विबाद का आनंद लिया। कार्याशला का समापन आगामी सुचना एवं स्थानीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के आवाह्न के साथ हुआ।

Wednesday, April 13, 2022

नेतृत्व विकास कार्यशाला - I | रांची नगर

 



विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन ICT Lab, मारवाड़ी कॉलेज में सफलता पूर्वक सम्पन हुआ।  कुल पंजीयन 94 की हुई जिसमे 42 प्रतिभागी ने कार्यशाला में भाग लिया। यह कार्यशाला दो दीन दो-दो घंटे चला।
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प्रथम कार्यशाला
दोपहर 12:30 -2:30 
मंगलवार, 07 दिसम्बर 2021

कार्याशला का सुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ । उसके बाद स्वागत एवं कार्यशाला परिचय, खेल, गीत, उसके बाद “पर्सनालिटी के प्रवाह में कहीं खो ना जाये व्यक्तित्व” पर चर्चा हुआ । अंत में आगामी सुचना, धन्यवाद ज्ञापन एवं शान्ति मंत्र से कार्यशाला का समापन हुआ।
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द्वितीय कार्यशाला
दोपहर 12:30 -2:30 
मंगलवार, 07 दिसम्बर 2021
कार्याशला का सुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ। उसके बाद स्वागत एवं कार्यशाला परिचय, खेल, गीत, उसके बाद “परीक्षा होनी चाहिए या नहीं” विषय पर बात-विवाद हुआ। अंत में आगामी सुचना, धन्यवाद ज्ञापन एवं शान्ति मंत्र से कार्यशाला का समापन हुआ।

गीता जयंती | रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र  कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा गीता जयंती के सुअवार पर "परिवार मिलन" कार्यक्रम  रविवार, 19 दिसम्बर 2021 को प्रात: 11:00-1:00 बजे तक हरमू अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, हरमू हाउसिंग कॉलोनी, रांची में मनाया गया। कुल उपस्थिथि 32 की रही।

कायक्रम का  शुभारम्भ तीन ओमकार प्रार्थना, स्वागत परिचय, "दैनिक जीवन में गीता"  के श्लकों का पठान हुआ।   उसके बाद गीत, वक्ता परिचय एवं विवेक वाणी के पश्चात मुख्य वक्ता आ. विजय कुमार वर्मा, सम्पर्क प्रमुख, वि. के. बिहार-झारखण्ड प्रान्त का मार्गदर्शन अमृत परिवार में गीता का महत्त्व पर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, आगामी सुचना एवं शांति मंत्र से हुआ।

विमर्श कार्यक्रम | रांची नगर




 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा शनिवार, 23 अक्टूबर 2021 को संध्या 4:00-5:30 बजे तक चिन्मय मिशन आश्रम, बड़ी तलाब, रांची में आयोजन किया गया जिसमे कुल उपस्थिति 40 रही ।

कार्यक्रम का शुभ्रम्भ तीन ओमकार प्रार्थना से हुआ उसके पश्चात गीत (योगमय जीवन हमारा) उसके बाद विषय प्रवेश एवं वक्ता परिचय, विवेक वाणी के बाद "योग: कर्मसु कौशलम्‌" विषय पर माननीय हनुमंत राव जी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन आगमी सुचना, धन्यवाद ज्ञापन एवं शांति मंत्र से हुआ।

Tuesday, April 12, 2022

नेतृत्व विकास कार्यशाला - रांची नगर




 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी,शाखा-रांची द्वारा चार दिवसीय नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन शनिवार, 02 अक्टूबर 2021 से रविवार, 10 अक्टूबर 2021 तक प्रत्येक शनिवार, रविवार  प्रात: 10:00 - 11:00 बजे इन्स्टिट्यूट ओफ लीगल स्टडीज, रांची विश्वविद्यालय में किया गया।  कुल पर्तिभागी की संख्या 10 रही।

 कार्यशाला में प्रत्येक दिन  बौधिक एवं शारिरीक खेल, गीत और विभिन्न विषयो पर चर्चा हुई। चर्चा के चार प्रकार 1) सामुहिक चर्चा 2) डिबेट 3) शीघ्र प्रस्तुती और 4) गण सह चर्चा और प्रस्तुती से युवाओ में व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र पुनरुत्थान के विषय रखे गये। कार्यशाला के अनुवर्तन में साप्ताहिक स्वाध्याय वर्ग का प्रारंभ हुआ।

विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम | रांची नगर




 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा शुक्रवार,17 सितम्बर 2021 प्रात: 11:00-12:00 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम का इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडी, रांची यूनिवर्सिटी, रांची में किया गया। कुल उपथिति 93 रही।

 कार्यक्रम का शुभारम्भ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद स्वागत परिचय कराया गया। उसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से), मुख्या वक्ता का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ हुआ।

विमर्श | विश्वबंधुत्व दिवस | रांची नगर




 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा रविवार, 12 सितम्बर 2021 संध्या 4:00-5:30 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस के सुअवसर पर विमर्श का आयोजन ऑनलाइन Google Meet पर किया गया। कुल उपथिति 65 रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद Video के माध्यम से केंद्र परिचय कराया गया। उसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से),विषय प्रवेश, विवेक वाणी, वक्ता परिचय, एवं  विमर्श का विषय - "स्वामी विवेकानंद का हिंदुत्व एवं विश्व बंधुत्व' पर मुख्य वक्ता श्री प्रफुल केतकर, एवं मुख्या अथिति - डॉ. डी. पी. खेतान, वरिष्ठ चिआर्गेनाइजर पत्रिका के संपादक का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।   उसके बाद प्रश्नों उत्तरी, धन्यवाद् ज्ञापन, पर्तिवेदन प्रस्तुति एवं शांति पाठ हुआ।

आप इस लिंक के माध्यम से मुख्य वक्ता का उद्बोधन देख सकते है - https://youtu.be/5uPSdBgC3bI

विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम - रांची नगर

 



विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची द्वारा रविवार, 11 सितम्बर 2021 प्रात: 10:30-11:30 बजे  विश्वबंधुत्व दिवस कार्यक्रम का आयोजन बालिका शिक्षा भवन विद्यालय, लालपुर, रांची में किया गया। कुल उपथिति 80 रही।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शान्ति पाठ से हुआ। उसके बाद स्वागत परिचय कराया गया। उसके बाद गीत (जिनके ओजस्वी वचनों से), मुख्या वक्ता का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ हुआ।

Wednesday, November 24, 2021

झंडोत्तोलन कार्यक्रम - राँची नगर



 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी , शाखा- राँची द्वारा 75वें स्वंत्रता दिवस के सुअवसर पर झंडोत्तोलन कार्यक्रम रविवार, 15 अगस्त 2021 को प्रात: 8:00 बजे मनाया गया। जिसमे विशेष उपस्थिति डॉ. शिवशंकर प्रसाद, नगर संयोजक जी की रही।  कुल उपस्थिति 15 की रही।

Tuesday, August 10, 2021

गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम | रांची नगर


 विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची   द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव प्रत्यक्ष रूप से  शनिवार, 24 जुलाई 2021 को संध्या 5:00 - 6:00 बजे केन्द्र कार्यालय (B-15, हरमू हाउसिंग कॉलोनी, हरमू चौक, रांची) में मनाया गया। कुल उपस्थिति 11 लोगो की रही।

कार्यक्रम का प्रारंभ तीन ओंकार, शांति पाठ, ऐक्य मंत्र एवं गुरु के भजन के साथ हुआ। स्वाध्याय एवं अंत मे आ. मुकेश जी, प्रान्त संगठक द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का समापन ओमकार ध्यान, शांति मंत्र , केंद्र प्रार्थना  एवं पुष्पांजलि के द्वारा हुआ।

विवेकानन्द केंद्र गुरु पूर्णिमा उत्सव के माध्यम से समाज में गुरु के प्रति आदर की भावना की अपेक्षा करता है।

Wednesday, June 16, 2021

स्वामी विवेकानन्द जयंती कार्यक्रम


 द्वितीया पुष्पांजली कार्यक्रम

दिपालय आवास, विद्या नगर, हरमू, रांची में प्रात: 8:30 बजे श्री प्रदीप जी के नेतृत्व में पुष्पांजलि कार्यक्रम मनाया गया । जिसमे कुल उपस्थिति 35 लोगो की रही ।

तृतीया पुष्पांजली कार्यक्रम

केंद्र कार्यालय में प्रात: 9:00 बजे कार्यलय के आस पास के घरों के माध्यम से पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया; जिसमे 10 लोगों की उपस्थिति रही ।

साहित्य सेवा स्टोल

स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष में स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स, झारखण्ड द्वारा स्वामी विवेकानन्द सरोवर (बड़ी तालाब) रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य सेवा स्टोल लगाया गया ।

उद्बोधन कार्यक्रम

स्वामी विवेकानन्द जी के 158वीं जयंती के उपलक्ष्य में उद्बोधन का कार्यक्रम रखा गया ।  “स्वामी विवेकानन्द:-आधुनिक भारत के निर्माता” विषय पर आ० भानुदास धाक्रस, अखिल भारतीय महासचिव विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी का मार्गदर्शन मिला । कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में श्री प्रवीण कुमार जैन (छावड़ा), अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स & इंडस्ट्रीज रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शांति पाठ से हुआ । उसके पश्चात् अतिथि एवं वक्ता परिचय, अतिथि एवं वक्ता परिचय स्वागत, केन्द्र परिचय, विषय प्रवेश, अतिथि उद्बोधन तथा मुख्य वक्ता उद्बोधन । कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन तथा शान्ति मंत्र द्वारा हुआ

Tuesday, June 15, 2021

स्वामी विवेकानन्द जयंती कार्यक्रम




प्रथम पुष्पांजली कार्यक्रम

शिव मंदिर, अशोक बिहार, कडरु रोड, रांची में प्रात: 7:00 बजे डॉ नवीन कुमार सिन्हा, सह संयोजक, रांची नगर के नेतृत्व में पुष्पांजली कार्यक्रम मनाया गया । कुल 7 लोगो की संख्या रही ।

द्वितीया पुष्पांजली कार्यक्रम

दिपालय आवास, विद्या नगर, हरमू, रांची में प्रात: 8:30 बजे श्री प्रदीप जी के नेतृत्व में पुष्पांजलि कार्यक्रम मनाया गया । जिसमे कुल उपस्थिति 35 लोगो की रही ।

तृतीया पुष्पांजली कार्यक्रम

केंद्र कार्यालय में प्रात: 9:00 बजे कार्यलय के आस पास के घरों के माध्यम से पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया; जिसमे 10 लोगों की उपस्थिति रही ।

साहित्य सेवा स्टोल

स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष में स्पोर्ट्स एंड यूथ अफेयर्स, झारखण्ड द्वारा स्वामी विवेकानन्द सरोवर (बड़ी तालाब) रांची में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य सेवा स्टोल लगाया गया ।

उद्बोधन कार्यक्रम

स्वामी विवेकानन्द जी के 158वीं जयंती के उपलक्ष्य में उद्बोधन का कार्यक्रम रखा गया ।  “स्वामी विवेकानन्द:-आधुनिक भारत के निर्माता” विषय पर आ० भानुदास धाक्रस, अखिल भारतीय महासचिव विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी का मार्गदर्शन मिला । कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में श्री प्रवीण कुमार जैन (छावड़ा), अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ़ झारखंड चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स & इंडस्ट्रीज रहे । कार्यक्रम का शुभारंभ तीन ओमकार शांति पाठ से हुआ । उसके पश्चात् अतिथि एवं वक्ता परिचय, अतिथि एवं वक्ता परिचय स्वागत, केन्द्र परिचय, विषय प्रवेश, अतिथि उद्बोधन तथा मुख्य वक्ता उद्बोधन । कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन तथा शान्ति मंत्र द्वारा हुआ 

Thursday, November 19, 2020

बदलते समाज के लिए प्रकृति शाश्वत मूल्य :- डॉ. मनीष सिंघल

 विमर्ष कार्यक्रम का विषय "बदलते समाज के लिए शाश्वत मूल्य" था। जिसके मुख्य वक्ता :- डॉ. मनीष सिंघल जी, प्राध्यापक XLRI, जमशेदपुर थे।


• सर्व प्रथम उन्होंने विवेकानन्द शिलास्मारक की 50वें वर्ष में चल रहे संपर्क कार्यक्रम विवेकानन्द शिलास्मारक :- एक भारत विजयी भारत" चर्चा किया।
• फिर उन्होंने पूरे कार्यक्रम में कैसे जुड़े रहे उन बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
• बाहर के बदलती प्रस्थिति के अनुसार अपने अंदर की प्रस्थिति को बदलना पड़ेगा।
• भारतवर्ष में नवरस की संकल्पना है।
• प्रत्येक कार्य के लिए भावना होना आवश्यक है। आप कहीं भी चाहे, आपकी दुकान हो, घर हो या कोई संग़ठन बिना भावना के आप काम नही कर सकते।
•  उन्होमे अपने उद्बोधन में कोरोना काल की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रकृति पहले भी नही बदली थी और अभी भी नही बदली है। न सूर्य की दूरी की दूरी  में परिवर्तन हुआ है ना, चंद्रमा की दूरी में।
•  हमे अपने समाज को भी संगठित करने ले लिए अपना बहुमूल्य समय देना चाहिए।
• भावना भी सकारात्मक और नाकारात्मक होती है। जैसे प्रेम सकारात्मक भावना है और घृणा नाकारात्मक भावना है।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और शान्तिमन्त्र के साथ हुआ। कार्यक्रम में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, बिहार-झारखंड प्रान्त के अधिकारी श्री सतेंद्र कुमार शर्मा, दयाशंकर पांडेय, ओर श्री मुकेश कीर जी समलित हुए। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा- रांची के संयोजक, डॉ शिवशंकर प्रशाद जी और अन्य समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित हुए।

 




 

Tuesday, October 13, 2020

ऑनलाइन विमर्श विवेकानन्द शिलास्मारक "पत्थर में प्रगटे प्राण"


  दिनांक 2 सितंबर,2020 विवेकानन्द शिला स्मारक के 50वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी,शाखा-रांची द्वारा विवेकानन्द शिला स्मारक "पत्थर में प्रकटे प्राण" विषय पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत तीन ओंकार प्रार्थना व गीत से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉo पुरुणेंदु शेखर दास,सह संचालक, डिब्रूगढ़ विभाग, आसाम प्रांत,विवेकानंद केंद्र थे। मुख्य वक्ता के तौर पर माo  प्रवीण दाभोलकर, अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव, विवेकानंद केंद्र थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉo पुरुणेंदु शेखर दास ने कहा कि विवेकानंद शिलास्मारक इस देश की धरोहर है। विवेकानंद शिलास्मारक और विवेकानंद केंद्र भारत को विजयी बनाने के लिए कार्यरत है।

कार्यक्रम में देश विदेश से लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय प्रवीण दाभोलकर जी ने कहा  कि

    विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन, दिल्ली ओर विवेकानंद केंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ कल्चर, गौहाटी भारत के निर्माण के पथ पर कार्यरत है।
    "Finding the opportunity in the challenging situation" का विचार रांची नगर के कार्यकर्ताओ ने किया और आज हम इस माध्यम से मिल रहे है।
    विवेकानन्द शिल्स्मारक का उद्घाटन उस समय के वर्तमान राष्ट्रपति जी के द्वारा हुआ।
    स्वामी ने हमसा बताया की "मनुष्य निर्माण के द्वारा राष्ट्र पुनरूथान" एवं "शिव भावे जीव सेवा" भारत के पुनर्निर्माण के लिए दो मार्ग।
    विवेकानन्द शिला स्मारक की निर्मिती भारतवासियों के आत्मविश्वास को बढाने में बड़ी भूमिका रही।
    श्रोताओं के प्रश्नों मा० एकनाथजी, संघ के सरकरावाहा रहे लेकिन फिर विवेकानन्द केंद्र की आवश्यकता क्यों पारी,  जबाब देते उन्होनों कहा की "जातो मत ततो पथ" ध्येय के प्राप्त करने के लिए जितने प्रकार के लोग के  विचारो होगे उतने मार्ग उपलब्ध है, यही हमरी संस्कृति की परम्परा और विशेषता है।  


कार्यक्रम के अंत में 15 मिनट के प्रश्नोत्तरी के द्वारा श्रोताओं के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर व संदर्भ समझाया गया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ। ऑनलाइन विमर्श कार्यक्रम में लगभग 80 लोगो ने भाग लिया।




"कोविड-19 में युवाओ की मनःस्थिति एवं दिशा" विषय पर ऑनलाइन विमर्श


    विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-रांची के द्व्रारा "कोविड-19 में युवाओ की मनःस्थिति एवं दिशा" विषय पर ऑनलाइन विमर्श का आयोजन किया गया।  इस विमर्श में दो मुख्य वक्ताओ ने अपने विचरो से श्रोताओं का मार्गदर्शन किया।

प्रथम वक्ता डॉ नीतीश प्रियदर्शी,  सहायक प्रोफेसर, भू-विज्ञान  विभाग, रांची विश्वविद्यालय के विचार

• आत्महत्या जैसे चीज प्रकृत्ति के नियम के विरुद्ध है।
•  समय से अनुसार अपने को परिवर्तित करना।
• अगर पृथ्वी को डिप्रेसन हो गया तो हमरा क्या होगा, इसलिए हमें भी पृथ्वी की तरह सहनसील बने।
• जो व्यक्तो, समाज, राष्ट्र निष्क्रिय हो जाता है उसका विनाश प्रारम्भ हो जाता है। जैसे :- डाइनासोर
• अगर आप निष्क्रिय होंगे तो प्रकृति आपको नष्ट कर द्वगी।
• जिस प्रकार नदी का पानी रुकने पर वो पानी खराब हो जाती है।
• हमसे अपने आप को  व्यस्त रखे ।
• प्रकृति में सब गतिमान है। हम क्यो रुके।
• जब हम प्रकृति सैट छेड़-छाड़ करते है तभी हम कोरोना जैसे महामारी से जूझना पड़ रहा है।

द्वितीया  वक्ता  श्री प्रदीप हज़ारी, कृषि विभाग के विशेष सचिव, झारखण्ड सरकार के विचार

मेरे चार प्रश्न है कि  इस लॉकडाउन में
1. क्या ऐसा कुछ विचित्र हुआ है?
2. अगर हुआ है तो कितना विचित्र हुआ है?
3. क्या यह चुनौती बन कर आई है?
4. तो क्या यह अवसर बन कर आई है?

"एक चुनौती एक अवसर नही बल्कि हज़ारो अवसर ले कर आती है"


• कोरोना काल को एक अवसर के तरह लें। जो हज़ारो अवसर हर आयु वर्ग के लिए लाया है।
• अगर हम अनुशासित होते तो कोरोना हमारे पास नही आती।
• कोरोना काल मे खुद से चार प्रश्न पूछिये।
1. क्या हम डर में जी रहे रहे?
2. क्या हम डिप्रेशन में जी रहे है?
3. क्या हम अकेलापन महसूस कर रहे है?
4. क्या हम वोर महसूस कर रहे है?
• दर किस बात का है:- इन्फेक्शन हो जाएगा इसका या हमारी व्यापार, पढ़ाई, कैरियर खत्म हो जाएगा। पहले अपने दर तो समझिए। और उसको अवसर बनाये।
• सरकार के गाइड लियॉन को फॉलो करें।

• आज से तीन महीना पहले मोबाइल, लैपटॉप को समय नष्ट करना का साधन माना जाता था लेकिन आज वही उपक्रम आपके लिए उपयोगी है, लेकिन उसमें भी हमे अनुशासन का ध्यान रखना पड़े गा।
• कोरोना काल मे एक चिंता है विषय रहा जो कि है प्रवाशी मजदूर। लेकिन मैंने ऐसे भी मजदूरों को देख जो कि कोरोना काल के पहले इडली भेज करता था कोरोना काल में बंद हो गया तो उसने मछली बेचना शुरू किया । क्योंकि मछली पर सरकार का रोक नही था। यानी उसने कोरोना काल को अवसर के रूप में लिया और भी बहुत सारी ऐसे मजदूर जो कि खेतो में अच्छी फसल उगाने में लग गए।

 

कार्यक्रम का संचालन श्री राजेश अग्रवाल, सह नगर संयोजक द्वारा हुआ। धन्यवाद ज्ञापन देते हुए  श्रेयांश भारद्वाज जी ने वक्ता ओर स्रोता को धन्यवाद दिया।
 कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र से हुआ।