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Friday, July 3, 2026

International Day of Yoga 2026 celebrations in Rajasthan Prant

As part of the nationwide observance of International Day of Yoga 2026, all the branch centres of Vivekananda Kendra Kanyakumari celebrated the occasion with great enthusiasm. The celebrations reflected Vivekananda Kendra's commitment to promoting the true spirit of Yoga as a way of life based on the vision of Oneness.

In Rajasthan Prant, International Day of Yoga programmes were organized at 74 locations, bringing together 3,653 participants from different sections of society. A total of 43 karyakarthas were involved in coordinating the events.

The programmes were held at educational institutions, community centres, and public venues, making Yoga accessible to people of all age groups. Participants enthusiastically performed Yogasanas, Pranayama, and meditation in accordance with the Common Yoga Protocol issued by the Ministry of AYUSH. The celebrations not only encouraged the practice of Yoga but also inspired participants to embrace a healthy, disciplined, and harmonious way of life.

Thursday, July 10, 2025

वीर जवानों की कुशलता व शहीदों को श्रद्धांजलि हेतु महामृत्युंजय जाप व गायत्री हवन सम्पन्न

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा-जयपुर द्वारा आज बरकत नगर स्थित प्रांत कार्यालय में एक भावपूर्ण व राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत आयोजन सम्पन्न हुआ। देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर जवानों की कुशलता की कामना और हाल ही में पाकिस्तान द्वारा किए गए कायरतापूर्ण हमले में वीरगति को प्राप्त शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु महामृत्युंजय जाप और गायत्री हवन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन गायत्री परिवार के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम में केंद्र के वरिष्ठ व युवा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। केंद्र के विभाग सह प्रमुख श्री कैलाश चंद्र गुप्ता ने पहलगांव में इस्लामिक जिहाद से प्रेरित आतंकी घटना की कठोर शब्दों में निंदा की। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके पश्चात हुई घटनाओं ने किस प्रकार देश की रक्षा में अद्वितीय साहस का परिचय दिया।

कार्यक्रम की गरिमा तब और बढ़ गई जब पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त श्री तेजा राम जी ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि एक सामान्य नागरिक और संघ स्वयंसेवक के रूप में किस प्रकार उन्होंने युद्धकाल में सेवा दी। साथ ही उन्होंने उपस्थित लोगों को यह भी समझाया कि संकट की घड़ी में आम नागरिक की क्या भूमिका हो सकती है और देशहित में खड़े होने के क्या मापदंड होने चाहिए।

अंत में कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र और राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल राष्ट्र के प्रति श्रद्धा और कर्तव्यबोध को पुष्ट करता है, बल्कि जनमानस को सजग, संवेदनशील और प्रेरित भी करता है।

Wednesday, April 5, 2023

विवेकानंद संदेश यात्रा स्मारिका का विमोचन

विवेकानंद संदेश यात्रा का राजस्थान में आयोजन से स्वामी विवेकानंद के संदेश को शाश्वत बनाने का कार्य हुआ है और यह कार्य राजस्थान प्रांत की टीम ने मिलकर के किया है, इसे और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे कि राजस्थान के प्रत्येक जिले में केंद्र की शाखाएं खड़ी हो तथा कार्य पद्धति के सभी आयामों को विकसित किए जाने की आवश्यकता है। यह कार्य एक व्यक्ति का नहीं है अपितु इसमें प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी सामर्थ्य से बढ़कर करना होगा क्योंकि यह ईश्वरीय कार्य है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री ए बालाकृष्णन ने विवेकानंद संदेश यात्रा राजस्थान की स्मारिका विवेक चेतना के विमोचन के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस स्मारिका में न केवल सजीव चित्रों का संकलन है अपितु यह स्मारिका जिस संदेश को देना चाहती है उसका भी समावेश यथोचित स्थान पर किया गया है इसमें प्रकाशित आलेख भी पठनीय है एवं प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव श्री डी भानुदास तथा विवेकानंद केंद्र राजस्थान प्रांत के प्रमुख श्री भगवान सिंह भी उपस्थित थे। स्मारिका का संपादन साहित्य सेवा प्रमुख श्री उमेश कुमार चौरसिया ने किया है तथा इसके संयोजन में विवेकानंद संदेश यात्रा के संयोजक डॉ स्वतंत्र शर्मा ने सहयोग प्रदान किया है। कार्यक्रम का आयोजन महेश्वरी सदन आजाद नगर भीलवाड़ा में हुआ। इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रांत के समस्त विभागों के कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

Sunday, January 8, 2023

Vivekananda Sandesh Yatra - Rajasthan

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद्मश्री से सम्मानित निवेदिता रघुनाथ भिड़े ने मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित विवेकानंद राजस्थान संदेश यात्रा के समापन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान में 50 दिनों से चली आ रही इस  यात्रा की आज औपचारिक समाप्ति है परंतु हमारे जीवन मे विवेकानन्द के संदेश का आरंभ है इसके माध्यम से आने वाले वर्षों में संपूर्ण राजस्थान में विवेकानंद के विचारों व भारतीय जीवन दर्शन को जन जीवन में स्थापित करने का कार्य सभी को मिलकर करना है। भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पद्मश्री निवेदिता ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द व दयानंद आदि महापुरुष स्वयं प्रत्यक्ष रूप से स्वतंत्रता आंदोलन में उपस्थित नही थे, परंतु इन महापुरुषों से ही क्रांतिकारियो को प्रेरणा मिलती थी। और उसमें विवेकानन्द अग्रणी थे। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ऐसे व्यक्तित्व के धनी थे जिनकी प्रेरणा से अनेक युवा स्वतंत्रता सेनानी बने, जब भी कोई क्रांतिकारी पकड़ा जाता तो उसकी एक जेब में भगवत गीता और दूसरी जेब में स्वामी विवेकानंद के विचारों से संबंधित कोई पुस्तक होती। इतना ही नहीं अंग्रेजों ने अनेक बार अपने विचारों को रामकृष्ण मिशन जैसे संगठनों नजर रखने का आदेश भी दिया।

निवेदिता ने कहा कि स्वामी जी ने अपने जीवन में प्रत्येक मनुष्य को उन्नति के मार्ग पर जाने के लिए प्रेरित किया है उपनिषदों में जिस श्रेय और प्रेय की बात लिखी गई है उसका उल्लेख करते हुए स्वामी जी ने हमेशा श्रेय अर्थात अपने जीवन को उन्नत करने का संदेश दिया है। स्वामी जी के अनुसार आत्म नियंत्रण करते हुए हमें अपने व्यक्तित्व को हमेशा विकसित विकसित करने का प्रयास करते रहना चाहिए आत्म नियंत्रण के लिए हमें यह देखना चाहिए कि हमारा दूसरों के साथ किस प्रकार का संबंध है बाह्य नियंत्रण से हम अपना आंतरिक नियंत्रण आसानी से कर सकते हैं। निवेदिता ने कहा कि हमारा जीवन बहुत छोटा है किंतु वह बहुत जल्दी ही अपने अंत की ओर अग्रसर होता रहता है हम अपने अभिमान में समाज देश राष्ट्र मानवता की तरफ ध्यान नहीं देते हैं ऐसे में स्वामी जी का एक विचार बहुत महत्वपूर्ण बन जाता है कि के जीवित वही हैं जो दूसरों के लिए जीते हैं बाकी तो चलते फिरते शव हैं ऐसे में हमें यह सोचना चाहिए कि क्या हम अपने जीवन का थोड़ा समय समाज राज्य राष्ट्र और मानवता के लिए दे रहे हैं या नहीं यदि हम इस प्रकार का राष्ट्र कार्य कर रहे हैं तभी हम वास्तविक जीवन जी रहे हैं अन्यथा हम मुर्दे के समान है।

निवेदिता ने कहा कि बहुत सारे लोग अपने जीवन में निरंतर रात दिन कर्म में लगे रहते हैं और बाद में सोचते हैं कि अब थोड़े समय हमें पूजा कर लेनी चाहिए किंतु स्वामी जी ने जिस कर्म योग का संदेश दिया उसके अनुसार कर्म ही पूजा है इस भाव से यदि हम कार्य करते हैं तो हम वास्तव में कर्मयोगी हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान टैक्सटाइल मिल एसोसिएशन भीलवाड़ा के चेयरमैन डॉ एस,एन, मोदानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को सही अर्थों में लोगों के सामने रखा है प्रत्येक व्यक्ति में ज्ञान उपलब्ध है आवश्यकता है उसे अभिव्यक्त करने की यदि हम अपने आंतरिक चिंतन को सुदृढ़ करेंगे तो विश्व का कोई भी ज्ञान ऐसा नहीं है जिसे हम प्राप्त नहीं कर पाए । न्यूटन का उदाहरण देते हुए उन्हें कहा कि जिस प्रकार से  न्यूटन के सिर  पर सेव गिरी उस प्रकार अनेक लोगों पर के गिरने पर गिरी थी लेकिन क्योंकि न्यूटन ने आत्म चिंतन किया तो उन्होंने गुरुत्वाकर्षण की खोज की । अतः आज के युवाओं को आत्म चिंतन की आवश्यकता है ना कि बाहरी भागदौड़ की। विवेकानंद संदेश यात्रा के संचालक अशोक खंडेलवाल ने 50 दिन की यात्रा का संपूर्ण वृतांत प्रस्तुत किया तथा अध्यक्षता करते हुए राजस्थान के प्रांत प्रमुख भगवान सिंह ने इस यात्रा को चिरस्थाई रखने और आगामी वर्षों में सभी जिलों में केंद्र की शाखाओं को स्थापित करने का मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं के सामने रखा। जिला आयोजन समिति के संयोजक अशोक माथुर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुएभारत विकास परिषद के जगदीश प्रसाद शर्मा , रामकृष्ण सेवाश्रम के प्रोफ़ेसर ओपीएन कल्ला, एनसीसी के कर्नल  बलबीर चौधरी, रोबिन हुड आर्मी के रजत माथुर तथा अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। माथुर ने विशेष रूप से सिंघवी भाजपा भवन के सचिव सुरेंद्र सिंह तथा मैनेजर अशोक सिंघवी का अभिवादन किया जिन्होंने आवास के लिए भवन उपलब्ध करवाया। अग्रसेन सेवा संस्थान के अध्यक्ष उमेश लीला ने भी 3 दिन के इस आयोजन हेतु भवन उपलब्ध करवाकर विशेष योगदान प्रदान किया केंद्र कार्यकर्ताओं ने उनका अभिवादन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ  ओमकार और प्रार्थना विश्वा शर्मा ने किया चंद्र प्रकाश अरोड़ा जगदीश प्रसाद शर्मा चना बिरला सुरेश राठी प्रेम रतन सतवाल डॉक्टर दिनेश पेरीवाल ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह तथा श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद केंद्र जोधपुर के नगर प्रमुख डॉ अमित व्यास ने किया। समापन समारोह में भाग लेने के लिए संपूर्ण राजस्थान के 32 दिनों से अनेक पदाधिकारी गण पधारे तथा समापन से पूर्व निवेदिता दीदी के साथ बैठक कर आगामी कार्यों का संकल्प पत्र प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महेश बोहरा, एन. के. प्रजापत, पंकज व्यास , संजय देव, प्रदीप कुमार माथुर ,हरि ,भगवान ,मनीष राठौड़ अनमोल शर्मा,  विनीत कपूर, गौरव शर्मा ,योगेश, गजेंद्र सिंह ,अमिता बोहरा ,प्रिया अग्रवाल ,शिल्पा, दीपिका, दिव्यांशु, अनिल गोयल डॉक्टर दर्शन ग्रोवर, गजेशभूतड़ा ,रवि अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों  ने अपना सहयोग प्रदान किया। समारोह का मुख्य आकर्षण आदम कद प्रतिमा वाली स्वामी विवेकानंद की मूर्ति तथा स्वामी विवेकानंद के साहित्य को लेकर चलने वाली साहित्य वेन रही।

Wednesday, June 8, 2022

Personality Development Camp - Jodhpur




 संस्कार वह प्रक्रिया है जो बाल मन को सम्पूर्ण जीवन का आधार प्रदान करती है। शिविर में दिए गए संस्कार शिविरार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। ये विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा जोधपुर द्वारा आयोजित आवासीय व्यक्तित्व विकास के समापन समारोह पर  मुख्य व्यक्ता राजस्थान प्रान्त संगठक सुश्री प्रांजलि येरिकर ने  व्यक्त किये।


शिविर प्रतिवेदन पढ़ते हुए शिविर प्रमुख एन. के. प्रजापत ने बताया कि शिविर के विभिन्न कार्यक्रम नन्हें बालक बालिकाओ के व्यक्तित्व व संस्कार निर्माण में सहयोगी होंगे। शिविर में कुल 147 बालक-बालिकाओं सहभाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के विभाग संचालक सी.पी. अरोड़ा ने बताया कि वर्तमान समय मे बालको की न केवल दिन चर्या अव्यवस्थित हुई है वरन भोजन की पौष्टिकता भी समाप्त हो गई है, इस लिए नियमित आहार विहार की आवश्यकता है। केंद्र का यह शिविर उन्हें सही दिशा  प्रदान करता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विभाग प्रमुख प्रेम रतन सोतवाल व एम.एल. तंवर थे। शिविर के अनुभव सुनाते हुए शिविरार्थी दामिनी, हरेंद्र, सारांश गोयल व खुशाली  ने बताया कि शिविर में बहुत सारी नई बाते सीखी है, जिनका घर पर भी पालन करते रहेंगे।


शिविरार्थियों ने इस दौरान गीता पठन, सूर्यनमस्कार व नाटक का मंचन किया। शिविर गीत "हम है सपूत भारत के" गाकर शिविरार्थियों ने उत्साह प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जोधपुर शाखा के जीवनव्रती दीपक खैरे व्यवस्था प्रमुख महेश बोहरा, हरि भैया, श्याम मालवीय, विनीत कपूर, मेहुल अरोड़ा, अनमोल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन नगर प्रमुख डॉ अमित व्यास ने किया।


*युवा प्रेरणा शिविर का आरंभ*
इस अवसर पर कक्षा 10वी से ऊपर के युवाओं-युवतियों के लिए चार दिवसीय युवा प्रेरणा शिविर का शुभारंभ हुआ जो कि 26 मई तक चलेगा। संवित धाम आश्रम, दईजर में आयोजित इस प्रेरणा शिविर में पर्सनलिटी डेवलपमेंट की विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होगा।

Thursday, May 12, 2022

New Year Celebration - Jodhpur


 नव वर्ष का उत्साह और ऊर्जा के साथ स्वागत
 
विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा जोधपुर द्वारा नव वर्षाभिनंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रमुख श्याम मालवीय ने किया। ओंकार और प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सभी ने एक दूसरे को तिलक लगाया और मौली बांधी, एक दूसरे को भगवा दुपट्टा पहनाया। उसके बाद केंद्र कार्यकर्ता राज भूतड़ा ने सभी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। उसके पश्चात ब्यावर के युवा प्रमुख रितेश भैया ने यह कल कल छल छल बहती क्या कहती गंगा धारा गीत गाया।

गीत के पश्चात मुख्य वक्ता विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती  दीपक खैरे का उद्बोधन हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने यह बताया कि तिलक लगाना अपने मनुष्यत्व को जागृत करना, स्वयं को मनुष्य होने का एहसास दिलाना, और अपने अंदर छुपी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करने का प्रतीक है। एक दूसरे को मौली पहनाना एक दूसरे के साथ मिलकर कार्य करने का संदेश लाना है जो समाज में एक दूसरे से जुड़ कर इस राष्ट्र के लिए राष्ट्र पुनरुत्थान का कार्य करना है। उद्बोधन के पश्चात सभी ने समाज के लिए कार्य करने का संकल्प लिया और भारत मां के समक्ष अपने संकल्प को दोहरा कर माता के चरणों में पुष्पांजलि की। इसके साथ सर्वे भवंतु सुखिनः की कामना करते हुए प्रार्थना कर कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में उपस्थितों की संख्या 30 रही।

विवेकानंद केंद्र जोधपुर के विभाग संचालक चंद्र प्रकाश अरोड़ा, विभाग प्रमुख प्रेम रतन सोतवाल, योग प्रमुख पंकज व्यास, साहित्य सेवा प्रमुख अनमोल शर्मा, हरि , गजेश भूतड़ा ,प्रिया अग्रवाल, अनीता बोराणा, प्रकाश भाटी, विनीत कपूर, भगवान पंवार,मनीष चौहान कार्यकर्ता गण कार्यक्रम में उपस्थित थे।

Saturday, April 16, 2022

Dainik Yoga Abhyaas - Jodhpur



 विवेकानंद केंद्र के जोधपुर के गीता भवन कार्यालय में प्रतिदिन सुबह 6:30 से 7:30 तक योगाभ्यास होता है। इसमें शिथिलीकरण, सूर्य नमस्कार, आसन और प्राणायाम के नियमित अभ्यास होते हैं और साप्ताहिक ध्यान का अभ्यास भी होता है। विवेकानंद केंद्र के योग वर्ग प्रमुख पंकज व्यास ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 20 साधक इसमें सहभागी होते हैं और स्वास्थ्य लाभ करते हैं। विवेकानंद केंद्र के विभाग प्रमुख प्रेम रतन सोतवाल ने कहा कि विवेकानंद केंद्र की योग गतिविधियां पिछले दो दशकों से गीता भवन में निरंतर चल रही है और अनेकों ने इसका लाभ उठाया है। जीवनव्रति दीपक खैरे ने कहा कि विवेकानंद केंद्र राजस्थान के अनेक शहरों में नियमित रूप से इस तरह के योग वर्गों का आयोजन करता है। ‌युवा प्रमुख शाम मालवीय ने कहा कि विवेकानंद केंद्र समय-समय पर जोधपुर शहर के विभिन्न पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर योग सत्रों का आयोजन करता है जिससे कि अधिकाधिक लोगों को इसका लाभ मिले। राज भूतड़ा ने बताया कि वे पिछले 5 वर्षों से केंद्र के योग वर्ग में आ रही है और इससे जीवन में अनुशासन लाने और स्वस्थ रहने में उन्हें बहुत मदद मिलती है। जुगल किशोर अग्रवाल ने बताया के योग से जीवन में आनंद प्राप्त होता है और वे पिछले 5 वर्षों से नियमित योगाभ्यास करते हैं। अनीता बोराना दीदी ने बताया कि वह वजन कम करने के लिए नियमित आती है और उसका उन्हें लाभ भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को भी नियमित रूप से योगाभ्यास करना चाहिए। प्रिया अग्रवाल बताया कि उन्हें यहां योग सीखने और सिखाने में मदद मिलती है। नियमित अभ्यासी प्रकाश भाटी, भगवान पंवार, विनीत कपूर, अनुराधा दीदी, मनीष चौहान ने इस योग वर्ग को अत्यंत लाभप्रद बताया और सभी को इसमें सहभागी होने का आह्वान किया।

Wednesday, April 13, 2022

Sadhana Diwas - Jodhpur


 विवेकानंद केंद्र के संस्थापक माननीय श्री एकनाथजी रानाडे की 107 वी जयंती 'साधना दिवस' 19 नवंबर 2021 को गीता भवन, जोधपुर में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में जोधपुर के 14 सेवाभावी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता  श्री अरविंद भट्ट ने कहा कि एकनाथजी सभी समविचारी संगठनों को साथ लेकर, मिलकर काम करने में विश्वास करते थे। और यही समय की आवश्यकता है।

विवेकानंद केंद्र राजस्थान प्रांत संगठक सुश्री पांजलि दीदी ने कहा,-"एकनाथजी सेवा को ही साधना मानते थे। उनका संपूर्ण जीवन 'कठिनाइयों को अवसर में बदलने' और 'सभी समविचारी व्यक्तियों और बिखरी आध्यात्मिक शक्तियों को देश हित में एकत्र लाने में लगा।'

कार्यक्रम में तीन बातों पर सहमति बनी - सभी सहभागी संगठनों के प्रतिनिधि एक दूसरे के कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे, प्रत्येक वर्ष कम से कम एक कार्यक्रम सब साथ मिलकर आयोजित करेंगे और ऐसी बैठक नियमित रूप से सभी संगठनों के कार्यालयों में आयोजित की जाएगी।

कार्यक्रम में गायत्री परिवार से प्रमोद बारचे, घनश्याम आचार्य, सोहन लाल पटेल, आर्ट ऑफ लिविंग से गजेंद्र गहलोत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चोखा नगर से टीकमचंद, विद्या भारती से चेतन प्रकाश सेन, भारत विकास परिषद से रामकिशन भूतड़ा, स्वदेशी जागरण मंच से अनिल कुमार वर्मा, अधिवक्ता परिषद से अविन छंगानी, सेवा भारती समिति से अशोक कुमार अग्रवाल, अंतरराष्ट्रीय योग समिति से गजेंद्र सिंह, इंद्र प्रकाश दाहिया, विवेकानंद केंद्र से चंद्र प्रकाश अरोड़ा, प्रेम रतन सोतवाल, दीपक खैरे, सन टु ह्मुमेन से राकेश गर्ग, एनिमल होम से सुधीर शारडा, भारतीय शिक्षण मंडल से दिव्यांश बाजपेई उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित व्यास ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में महेश बोहरा, श्याम मालवीय, विश्वा शर्मा, हैपन कुमार, गौरव शर्मा और अनमोल शर्मा का सहयोग प्राप्त हुआ।

Friday, October 22, 2021

गुरु पूर्णिमा उत्सव - जयपुर



 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, जयपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव पर 2 कार्यक्रम मुख्य रूप से आयोजित किये गये :-

1. विवेकानन्दा केन्द्र कन्याकुमारी जयपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन स्वाध्याय वर्ग में शनिवार 24 जुलाई 2021 को समय 6:00 से 7:00 बजे तक किया गया। इसमें गुरु भजन के पश्चात विवेकानन्दा केन्द्र की अखिल भारतीय उपाध्यक्ष माननीय निवेदिता दीदी के  पत्र का वाचन किया तथा उस पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में उपस्थिति 35 रही I

 2. विवेकानन्दा केन्द्र जयपुर द्वारा रविवार 25 जुलाई 2021 को प्रातः 10:00 से 11:00 बजे तक गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया गया। गुरु स्तोत्र व भजन के पश्चात श्री रामकृष्ण मिशन जयपुर के अध्यक्ष स्वामी श्री देव प्रभानंद जी महाराज का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रश्नोत्तरी व शांति मंत्र के साथ गुरु पूर्णिमा उत्सव का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थिति 66 रही I

Tuesday, June 22, 2021

Personality Development Camp - Ajmer


 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, अजमेर विभाग द्वारा दिनांक 2 से 6 जून, 2021 तक आयोजित किए गया व्यक्तित्व विकास शिविर के समापन समारोह का आयोजन दिनांक 6 जून 2021 को समय 6:00 से 7:00 बजे तक ऑनलाइन किया गया।     कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं सहित अभिभावकों ने भाग लिया।  5 दिवसीय शिविर के दौरान आयोजित की गई विभिन्न गतिविधियों का चित्रण बच्चो द्वारा मंत्र उच्चारण, सूर्य नमस्कार, गीत एवं गीता पठन के साथ-साथ खेल खिलाकर किया गया। कार्यक्रम में शिविर में भाग लेने वाले बालक बालिकाओं एवं उनके अभिभावकों द्वारा अपने अनुभव भी साझा किए गए अभिभावकों द्वारा शिविर को बहुत महत्वपूर्ण और उपयोगी बताते हुए कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ही बच्चों का  चहुमुखी विकास तो होगा ही साथ ही साथ पुरातन संस्कृति, धर्म, संस्कारों के साथ - साथ राष्ट्रभक्ति की भावना का बीजारोपण भी होगा। जो कि उनके सुनहरे भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है और इस शिविर में दी जा रही शिक्षा बच्चों को बेहतर मनुष्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाल मनोवैज्ञानिक सुचित्रा वी मोरे दीदी ने मुंबई से बच्चों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों को विभिन्न सर्जनात्मक कार्यों में व्यस्त रखना अत्यंत आवश्यक है इसीलिए केंद्र द्वारा इस शिविर के माध्यम से बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में जोड़ा गया जिससे उनका मानसिक ,बौद्धिक, शारीरिक और अध्यात्मिक विकास हो सके और उनकी मानसिक स्थिति भी सुदृढ़ हो। कार्यक्रम में राजस्थान प्रांत के प्रांत प्रशिक्षक प्रमुख डॉ स्वतंत्र कुमार शर्मा ने कहा कि हमारा आने वाला समय और भी कठिन होगा ऐसे में बच्चों का धर्म और संस्कृति  से पोषित होना अत्यंत आवश्यक है आज हम धर्म को बचाएंगे तो आने वाले समय में धर्म हमारे बच्चों की रक्षा करेगा उन्होंने कहा कि बच्चे माता-पिता का अनुसरण करते हैं अतः अभिभावकों को भी अपने व्यवहार और दिनचर्या में परिवर्तन लाना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में राजस्थान प्रांत के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित रहे कार्यक्रम की कुल संख्या 86 रही।

ई - योग सत्र:- विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, जयपुर विभाग




 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी जयपुर विभाग की ओर से 19 मई से 2 जून 2021 तक ई-योग सत्र का आयोजन किया गया। इस ई- योग सत्र के आयोजन के लिए 13 कार्यकर्ताओं ने 8 दिन का तीन सत्रों में गहन प्रशिक्षण लिया I इस आयोजन हेतु 214 रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए I 19 मई को प्रातः 5:45 से 7:00 बजे तक प्रातः स्मरण, गीता पठन, शिथिलीकरण व्यायाम, सूर्य नमस्कार, आसन, प्राणायाम  के साथ पतंजलि के अष्टांग योग सिद्धांत पर चर्चा और केंद्र प्रार्थना आदि का अभ्यास किया। इस कार्यक्रम में लगभग 40 से 50 प्रतिभागियों की उपस्थिति प्रतिदिन रही। बुधवार 2 जून 2021 को इस ई- योग सत्र के समापन समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान प्रांत प्रमुख “श्री भगवान सिंह जी” रहे। इस 15 दिवसीय योग सत्र के समापन में सभी लोगों ने इसे एक अच्छा अनुभव बताया और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। समापन सत्र में उपस्थिति  33 रही।

सभी प्रतिभागियों के आग्रह पर  इसे गुरुवार 3 जून से प्रातः 6:00 से 7:00 बजे तक नियमित ई-योग वर्ग के रूप में आयोजित किया जाएगाI 3 जून से प्रारंभ योग वर्ग में  प्रतिदिन, प्रातः 5:55 पर जुड़ने का लिंक- https://meet.google.com/dxg-tmyu-bzg। प्रातः 5.45 से ध्यान होगा।


Thursday, June 17, 2021

युवा- एक व्यक्तित्व विकास ई - कार्यशाला सम्पन्न



विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, जोधपुर विभाग, राजस्थान द्वारा दिनांक 24 मई से 28 मई 2021 तक "युवा" - पंचदिवसीय व्यक्तित्व निर्माण ई-कार्यशाला का आयोजन सायं 6.00 बजे से 7.30 बजे तक  किया गया। यह कार्यशाला ऑनलाइन Webex पर आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम में 243 सहभागीयों ने पंजीयन किया। यह सहभागी राजस्थान प्रांत के बाहर भारत के अन्य राज्यों से भी और 16 से 69 वर्ष आयु के रहे। इसके पंजीयन हेतु रुपए 25 का नाम मात्र शुल्क रखा गया।

कार्यशाला के प्रथम दिवस 24 मई 2021 को विवेकानंद केंद्र राजस्थान प्रांत के प्रांत प्रमुख श्री भगवान सिंह जी चौहान जी ने आशीर्वचन दिए। 'व्यक्तित्व निर्माण का मंत्र' इस विषय पर प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता और व्यक्तित्व निर्माण विशेषज्ञ श्री अरविंद भट्ट ने सहभागीयों को संबोधित किया। इस संबोधन के अलावा उस दिन के कार्यक्रम में गीत, विवेकवानी, खेल और टेक होम पॉइंट्स भी रहे।

कार्यशाला के द्वितीय दिवस 25 मई 2021 को मुख्य अतिथि जोधपुर विभाग संचालक डॉ. हनुमान प्रसाद व्यास जी ने आशीर्वचन दिए। 'एकाग्रता' इस विषय पर विवेकानंद केंद्र के जीवनव्रती और विवेकानंद केंद्र हिंदी प्रकाशन विभाग के प्रकल्प संगठक श्री दीपक खैरे ने सहभागीयों को मार्गदर्शन दिया। गीत, विवेकवानी, खेल और ओमकार ध्यान का अभ्यास हुआ।

कार्यशाला के तृतीय दिवस 26 मई 2021 को मुख्य अतिथि विवेकानंद केंद्र राजस्थान प्रांत के प्रांत समिति के सदस्य श्री चंद्रप्रकाश अरोरा जी ने आशीर्वचन दिए। बीकानेर कार्यस्थान की संयोजिका डॉ. दिव्या जोशी ने 'आत्मविश्वास' इस विषय पर मार्गदर्शन दिया। विवेकवाणी, खेल, गीत और टेक होम पॉइंट्स इस सत्र में लिए गए।

कार्यशाला के चतुर्थ दिवस 27 मई 2021 को  मुख्य अतिथि श्री अशोक खंडेलवाल - विवेकानंद केंद्र राजस्थान प्रांत के प्रांत संपर्क प्रमुख - के आशीर्वचन से प्रारंभ हुआ। जोधपुर के नगर प्रमुख डॉ अमित व्यास ने 'समय प्रबंधन' पर सहभागीयों को संबोधित किया। विवेकवाणी, गीत, खेल और टेक होम पॉइंट्स हुए।

कार्यशाला के पंचम - अंतिम दिन - 28 मई 2021 को विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की राष्ट्रव्यापी गतिविधियों को वीडियो के माध्यम से दर्शाया गया और स्थानीय गतिविधियों के विषय में जोधपुर के विभाग प्रमुख श्री प्रेम रतन सोतवाल जी ने जानकारी दी।

राजस्थान प्रांत के प्रशिक्षण प्रमुख डॉ स्वतंत्र शर्मा जी ने आशीर्वचन दिए। विवेकानंद केंद्र राजस्थान प्रांत की प्रांत संगठक जीवनव्रती सुश्री प्रांजली येरिकर ने 'टीम वर्क' इस विषय पर सहभागीयों को मार्गदर्शन दिए। इस अंतिम दिन के सत्र में सहभागीयों ने उनके अनुभव कथन कहे। सत्र के अंत में बीकानेर कार्यस्थान संयोजिका डॉ. दिव्या शर्मा दीदी ने आगामी कार्यक्रमों की सूचना दी। सारे सहभागीयों का एक ऑनलाइन ग्रुप फोटो लेने और शांति मंत्र के पश्चात कार्यशाला पूर्ण हुई।

इस ऑनलाइन कार्यशाला की संयोजिका सुश्री विश्वा शर्मा थी। कार्यशाला के आयोजन में श्री हैपन कुमार, श्री तरुण राठी, श्री मेहुल अरोड़ा , सुश्री पुष्पलता  , सुश्री कनिका बिरला, श्री वैभव सारस्वत, श्री सौरभ कुमार  और श्री लिच्छाराम की सक्रिय सहभागिता रही।

E-Summer Camp




 विवेकानंद केंद्र  कन्याकुमारी, जयपुर- विभाग द्वारा हर वर्ष पांच दिवसीय आवासीय संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन  किया जाता रहा है। इस वर्ष करोना महामारी के कारण इसे ऑनलाइन आयोजित किया गया। इस शिविर के लिए 436 बच्चो का पंजीकरण हुआ,जिसका आयोजन 17 से 24 मई तक किया गया। इस कैंप के आयोजन में 40 कार्यकर्ताओ ने भाग लिया। कैंप के पूर्व सभी कार्यकर्ताओं का भी गहन प्रशिक्षण हुआ। इस ऑनलाइन शिविर में 200 से अधिक बच्चे नियमित रहे। इनको 8 गणों में विभाजित किया गया- एकनाथ,विवेकानंद,गुरु गोविंद सिंह,महाराणा प्रताप ,शिवाजी,राघव,दामोदर, आञ्जनेय ।


इसके दौरान प्रार्थना,सूर्य नमस्कार,दैनिक जीवन में गीता पठन, खेल,गीत ,कहानी,जयघोष इन सभी विषयों को जाना एवम उत्साह पूर्वक भाग लिया। इसमें बच्चो ने खेल के माध्यम से भारतीय संस्कृति के रामायण ,महाभारत तथा अन्य बहुत सारी देशभक्ति पूर्ण कहानियों से भारतीय इतिहास को जाना। बच्चो ने उत्साह के साथ जयघोष लगाए एवम  सूर्य नमस्कार के माध्यम से ऊर्जा  प्राप्ति का अभ्यास किया। प्रतिदिन विद्यार्थियों ने जीवन भर अपनाए जाने वाले संकल्प लिए -जैसे जल्दी उठना, माता पिता के चरण स्पर्श करना, अपना सामान व्यवस्थित रखना। परिवार के साथ हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चो  को भारतीय संस्कृति की जड़ों  से जोड़ना व संस्कारित करना रहा , ताकि बच्चे भारत का इतिहास जाने एवम सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहयोग दे I इस शिविर में प्रत्येक दिन साक्षी विनायक के रूप में जयपुर विभाग तथा राजस्थान प्रांत के केंद्र कार्यकर्ता जुड़े एवम इस गतिविधि को कैसे और गुणवत्ता पूर्ण बनाया जा सकता है इसके लिए सुझाव दिए। शिविर का  समापन 25 मई को हुआ जिसमे संख्या 220 रही एवम इसमें बच्चो ने जो भी कुछ सीखा उसका प्रस्तुतिकरण ,बच्चो,अभिभावकों, साक्षी विनायको  के शिविर के अनुभव कथन हुए.अंत में केंद्र के वरिष्ठ कार्यकर्ताओ द्वारा केंद्र गतिविधि से जुड़ने का आह्वान किया गया।

           
 सुनील सैनी
 E-समर कैंप संयोजक

Thursday, February 11, 2021

Geeta Jayanti - Jodhpur


 विवेकानंद केंद्र जोधपुर गीता भवन में गीता जयंती का कार्यक्रम संपन्न हुआ। दैनिक जीवन में गीता और गीता जयंती का पत्र वाचन।

Geeta Jayanti - Beawar


 आज दिनाँक 25 दिसंबर को प्रातः 11 बजे ब्यावर में रीको II केन्द्र कार्यालय पर गीता जयन्ती का उत्सव मनाया गया।
श्री कपिल खंडेलवाल ने  केंद्र के पांच उत्सवों में से एक के मनाये जाने के पीछे के हेतु को बताया।
मुख्य वक्ता  श्री ऋषि आनन्द जी ने "कृष्णम वन्दे जगतगुरूम" मन्त्र की व्याख्या एवँ जीवन मे गीता के उपदेश की उपयोगिता को समझाया।
संस्कृत में कर्मयोग श्लोक संग्रह और हिन्दी मे दैनिक जीवन मे गीता के श्लोकों का पठन व दोहरान हुआ।
श्रीमती दीपिका खंडेलवाल, श्रीमती चंद्रकांता शर्मा एवं श्री अभिमन्यु जी गहलोत द्वारा लिए गए भजन के पश्चात शान्ति मन्त्र ,केन्द्र प्रार्थना और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में कुल उपस्थिति 45 रही।

Thursday, July 9, 2020

राजस्थान प्रांत की वेबसाइट का लोकार्पण

विवेकानंद केंद्र का कार्य मनुष्य निर्माण से राष्ट्र प्रमुख स्थान है और इस कार्य को राजस्थान में गति देने का कार्य विवेकानंद केंद्र की नवीन
वेबसाइट बनेगी । अत्यल्प समय  में निर्मित इस महामारी के युग में लोक संपर्क का एक महत्वपूर्ण साधन बनने जा रही विवेकानंद केंद्र राजस्थान की वेबसाइट सही मायनों में तभी सार्थक हो सकेगी जब यह कार्यकर्ता निर्माण का वाहक बने।  स्वामी विवेकानंद का स्वप्न राजस्थान पूरा कर सकता है क्योंकि स्वामी विवेकानंद ने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों का परिव्राजक सन्यासी के रूप में भ्रमण किया और यह एक अद्भुत सौभाग्य का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस वेबसाइट का लोकार्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष माननीय ए बालाकृष्णन ने विवेकानंद केंद्र राजस्थान की वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए।  इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन जयपुर के परम पूज्य स्वामी श्री देव प्रभानंद जी ने भी अपना आशीर्वाद प्रदान किया। आईटी टीम के संयोजक दिवस गौड़ ने बताया कि राजस्थान प्रांत की वेबसाइट का वेब एड्रेस rajasthan.vkendra.org है ।

वेबसाइट के मोबाइल फॉर्मेट का लोकार्पण विवेकानंद केंद्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद्मश्री सुश्री निवेदिता भिड़े तथा अखिल भारतीय महासचिव माननीय डी भानुदास ने किया। वेबसाइट के लोकार्पण के अवसर पर अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे जिनमें सुश्री रेखा दवे सुजाता नायक तथा राजस्थान के अधिकारियों में प्रांत संगटक    सुश्री प्रांजलि येरीकर,  प्रांत प्रमुख श्री  भगवान सिंह, सह प्रांत प्रमुख श्री अविनाश शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर वेबसाइट के विषय में संक्षिप्त प्रेजेंटेशन वेबसाइट निर्माता कपिल खंडेलवाल ने किया तथा समग्र कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद आईटी टीम के संयोजक दिवस गौड़ ने किया।

Thursday, May 28, 2020

VK Ajmer Corona Relief Work

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा आज दिनांक 4 मई तक कोरोना वायरस के कारण दीन एवं आर्त जनों हेतु सेवा प्रकल्प के तहत राशि 76907/-  रुपयों का एकत्रीकरण विवेकानंद केंद्र के दायित्ववान कार्यकर्ताओं एवं हित चिंतकों के माध्यम से किया गया है।
इस राशि से निम्नांकित प्रकार राशन किट तैयार किया जा रहा है और विवेकानंद केंद्र के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर जरूरतमंद परिवारों को यह किट वितरित किया जा रहा है।
विवेकानंद केंद्र अजमेर के दायित्व वान कार्यकर्ताओं एवं हित चिंतकों द्वारा  नर सेवा नारायण सेवा हेतु प्रदत्त सहयोग राशि से कार्य शुरू हो गया है
अब तक 25 परिवारों तक सामग्री वितरित की जा चुकी है
आगे किट बनाने का काम जारी है और सर्वे के अनुसार परिवारों में राहत सामग्री किट दो-तीन दिन में पूर्ण वितरित होने की संभावना है।

Wednesday, January 22, 2020

विवेकानंद केंद्र अजमेर में मैदानी खेल कार्यशाला का आयोजन

आज बच्चों में मोबाइल टीवी और सोशल मीडिया के प्रति इतनी सक्रियता हो चुकी है कि उन्हें बाहर के मैदानी खेल खेलने में रुचि ही नहीं बची जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है। बच्चों को कम से कम दो घंटा मैदानी खेल अवश्य खेलने चाहिए क्योंकि इससे हमारा शरीर एवं मन तरोताजा बनता है जिससे हमारे मस्तिष्क की क्षमता जैसे एकाग्रता, स्मरणशक्ति आदि का विकास होता है। आज यदि हमें कैंसर जैसी बीमारियों से बचना है तो मोबाइल के रेडिएशन से दूर रहना होगा और स्वामी विवेकानंद के विचारों का अनुसरण करते हुए अपने जीवन को उन्नत और श्रेष्ठ बनाने की दिशा में काम करना होगा। उक्त विचार पार्षद कीर्ति हाड़ा ने अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर द्वारा पांच दिवसीय आउटडोर विण्टर कैंप के समापन समारोह में धौला भाटा स्थित महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन में व्यक्त किए। केन्द्र के युवा प्रमुख अंकुर प्रजापति के अनुसार इस पांच दिवसीय कैंप में बच्चों को आदर्श दिनचर्या, पर्यावरण संरक्षण, संतुलित आहार और श्रेष्ठ जीवन तथा एक भारत विजयी भारत की संकल्पना क्रमशः अखिल शर्मा, शुभ्रा यादव, रजनी यादव ने ली। कार्यालय प्रमुख कुलदीप कुमावत ने बताया कि बच्चों को सूर्यनमस्कार एवं आसनों के अतिरिक्त विभिन्न खेल जैसे मगरमच्छ दौड़, किसान लोमड़ी, सुरंग दौड़, चरण स्पर्श आदि  खिलाए गए। इस संपूर्ण कैंप के दौरान कैलाश, राकेश, समृद्धि शर्मा का सहयोग रहा। कैंप में 35 बच्चों ने सहभागिता की।

अजमेर मे किशोरी विकास कार्यशाला

संस्कारवान एवं सशक्त नारी ही समर्थ समाज और  विकसित राष्ट्र का आधार हो सकती है। इसके लिए देश के प्राचीन गौरव और संस्कारों के प्रति निष्ठा एवं आधुनिक समाज व्यवस्था के साथ तालमेल सीखने की आवश्यकता है। भारतीय जीवन में स्त्री ही मूल्यों एवं परंपराओं को आधुनिकता के साथ जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी है किंतु फैशन की चकाचैंध में उसका यह नैसर्गिक गुण प्रकट नहीं हो पा रहा है। वर्तमान सिनेमा, टीवी धारावाहिकों एवं विज्ञापनों में स्त्री का जो स्वरूप प्रदर्शित किया जाता है वह धीरे-धीरे समाज का रोल मॉडल बनता जा रहा है और प्राचीन भारतीय रोल मॉडल जिनमें सीता, सावित्री, मैत्रेयी, गार्गी, रानी लक्ष्मी बाई और सिस्टर निवेदिता जैसे चरित्रों को विस्मृत होते जा रहे हैं जिसके कारण वर्तमान पीढ़ी संस्कारों से दूर हो रही है। वर्तमान में सोशल मीडिया जहां किशोरियों को अपने परिवार से अलग-थलग कर रहा वहीं इस एकाकीपन को दूर करने के लिए वह कुत्सित षड्यंत्रों का शिकार हो जाती हैं और ऐसे अपराधों की संख्या आज बढ़ती जा रही है। विवेकानंद केंद्र किशोरियों को न केवल आत्म सम्मान से जीने का मार्गदर्शन दे रहा है अपितु उन्हें शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियों के बारे में अवगत कराते हुए उनके सर्वांगीण विकास का प्रशिक्षण किशोरी विकास शिविरों के माध्यम से देने का प्रयास कर रहा है। उक्त विचार विवेकानंद केंद्र की प्रांत संगठक प्रांजलि येरीकर द्वारा राजकीय बालिका विद्यालय आदर्श नगर में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की अजमेर शाखा द्वारा आयोजित किशोरी विकास शिविर के अवसर पर व्यक्त किए गए।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए केंद्र की सहनगर प्रमुख बीना रानी ने बताया कि किशोरी विकास शिविर में उपस्थित छात्राओं को व्यक्तिगत हाइजीन, विधिक साक्षरता तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गई। इसके साथ ही खेल खेल में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। किशोरी विकास शिविर के अवसर पर ग्रामीण सामाजिक विकास संस्थान के निदेशक रूपेश शुक्ला, डॉ नेहा कोटिया, शेफाली शर्मा, याशिका यादव और शेफाली सांखला ने भी अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर प्राचार्या शांता भिरयानी ने भी मार्गदर्शन प्रदान किया।

जोधपूर में विमर्श का अयोजन

समाज में समय-समय पर जो विकृतियां आ जाती है, उसके निवारण का उपाय आध्यात्म ही है। न्यायपालिका व कार्यपालिका की कार्य प्रणाली विज्ञान और आध्यात्म के सामांजस्य पर ही निर्भर करती है। कालान्तर में समाज में उत्पन्न विकृतियों के निवारण हेतु कानूनी उपायों के साथ साथ समाज में जीवन मूल्यों की पुनः प्रतिस्थापना भी आवश्यक है। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री पुष्पेन्द्र सिंह भाटी विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा जोधपुर द्वारा आयोजित ‘‘सामाजिक विकृतियां, कानून एवं आध्यात्म” विषयक विमर्श कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।
श्री भाटी ने बताया कि वस्तुतः समाज कानूनों के निर्माण की भूमिका निभाता हैं। समाज निरन्तर परिवर्तनशील है, अतः न्यायपालिका के निर्णय भी तदनुसार परिवर्तित व परिवर्धित होते रहते है। वर्तमान में भारत में 70 प्रतिशत जनसंख्या युवा है, जिनके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती इन्टरनेट के सदुपयोग को लेकर है। भारतीय परिवार के संस्कारों से ही वर्तमान सामाजिक विकृतियों को दूर किया जा सकता है।

न्यायाधीश श्री भाटी ने बताया कि समाज में समरसता, संस्कारशीलता व उच्च आदर्शों को स्थापित करने के लिये विमर्ष जैसे विचारषील व चर्चात्मक कार्यक्रमों की महत्ती आवष्यकता है। सदन में उपस्थित छात्राओं को इंगित करते हुए श्री भाटी ने कहा कि वर्तमान में छात्राएं व महिलाएं अपनी आन्तरिक शक्ति को पहचाकर समाजिक कंटको व दुष्कर्मियों से निपटने के लिये स्वयंसिद्धा बने। समाजिक विकृतियों को सुधारने के लिये कानून और आध्यात्म में सामांजस्य आवश्यक|

मुख्य अतिथी के रूप में केन्द्रीय जल शक्ति केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द के आदर्षों पर चलकर ही सामाजिक विकृतियों पर विजयी पाई जा सकती है। श्री शेखावत ने बताया कि जिस गति से समाज को क्षरण करने की ताकतें मजबूत हो रही है, उससे दुगुनी गति से समाज केे रचनात्मक कार्यों को बढावा देना होगा। तभी हम हमारे संस्कार, संस्कृति, समाज व देष की रक्षा कर पायेंगे।

जल शक्ति मंत्री श्री शेखावत ने पीने के पानी की सीमितता व प्रदूषण के संकट के बारे में बताते हुए कहा कि जल को जगदीष मान कर इसका समुचित प्रबन्धन व संचयन वर्तमान समय की  महत्ती आवश्यकता है। इस अवसर पर न्यायाधीश श्री पुष्पेन्द्र सिंह भाटी व केन्द्रीय जल शक्ति केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के कर कमलों द्वारा विवेकानन्द केन्द्र हिन्दी प्रकाषन विभाग द्वारा प्रकाशित स्वामी विवेकानन्दजी की जीवनी ‘स्वामी विवेकानन्द: समग्र जीवन दर्षन‘ का विमोचन भी किया गया। योद्धा सन्यासी स्वामी विवेकानन्दजी की इस जीवनी विमोचन के अवसर पुस्तक के अनुवादक श्री महावीर प्रसाद जैन ने पुस्तक परिचय दिया।

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी राजस्थान प्रान्त के प्रान्त प्रमुख श्री भगवान सिंह ने विवेकानन्द केन्द्र का परिचय देते हुए विवेकानन्द शिला स्मारक के 50 वर्ष पूरे होने पर ‘एक भारत विजयी भारत’ अभियान के बारे में बताया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विवेकानन्द केन्द्र हिन्दी प्रकाषन विभाग के प्रमुख अशोक माथुर ने अतिथियों का स्वागत कर उनका परिचय दिया। स्टील भवन में आयोजित इस विमर्श कार्यक्रम में प्रान्त संगठक प्रांजलि येरिकर, हिन्दी प्रकाशन के प्रकल्प संगठक श्री दीपक खैरे, प्रान्त समिति सदस्य अशोक खण्डेलवाल, यादवराज कुमावत, प्रेमरतन सोतवाल, चन्द्र प्रकाश अरोड़ा, मोहनलाल तंवर, महेश बोहरा, भूपेन्द्र जोषी, हरि, मघराज, श्याम मालवीय, सुषील, हिमांषु, गोपाल, लिच्छाराम, विष्वा, पूनम, गोमती सहित बड़ी संख्या में गणमान्य प्रबुधजनों व विद्यालयी छात्राओं ने सहभाग लिया। कार्यक्रम का संचालन के.के. बोराणा ने किया।