Showing posts with label Haryana. Show all posts
Showing posts with label Haryana. Show all posts

Friday, July 3, 2026

International Day of Yoga 2026 celebrations in Haryana Prant

As part of the nationwide observance of International Day of Yoga 2026, all the branch centres of Vivekananda Kendra Kanyakumari celebrated the occasion with great enthusiasm. The celebrations reflected Vivekananda Kendra's commitment to promoting the true spirit of Yoga as a way of life based on the vision of Oneness.

In Haryana Prant, International Day of Yoga programmes were organized at 15 locations, bringing together 395 participants from different sections of society. A total of 28 karyakarthas were involved in coordinating the events. The branch-wise/Karyasthan-wise/Prakalpa-wise details are as follows:

  • Bhiwani Nagar: 6 locations, 100 participants
  • Gurugram Nagar: 3 locations, 54 participants
  • Rewari Nagar: 2 locations, 21 participants
  • Panipat Nagar: 2 locations, 44 participants
  • Panchkula: 1 location, 26 participants
  • Sonipat Nagar: 1 location, 150 participants

 The programmes were held at educational institutions, community centres, and public venues, making Yoga accessible to people of all age groups. Participants enthusiastically performed Yogasanas, Pranayama, and meditation in accordance with the Common Yoga Protocol issued by the Ministry of AYUSH. The celebrations not only encouraged the practice of Yoga but also inspired participants to embrace a healthy, disciplined, and harmonious way of life.

Sunday, July 13, 2025

गुरु पूर्णिमा उत्सव — विवेकानन्द केन्द्र, भिवानी

विवेकानन्द केन्द्रभिवानी द्वारा 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 11 ॐकार के उच्चारण से हुईजिसके पश्चात सीमा जी (सह-नगर प्रमुख) ने सभी उपस्थितों के साथ गुरु भजन का सामूहिक गायन करवाया।

कार्यक्रम में सह नगर संचालक प्रमुख श्री राजेन्द्र जी ने ” विषय पर विशेष प्रस्तुति दीजिसने सभी को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया।

इस अवसर पर मा. निवेदिता दीदी का पत्रक पढ़ा गया। साथ हीसाहित्य प्रमुख श्री हरीश जी ने गुरु के महत्त्व पर प्रेरणादायक मार्गदर्शन प्रदान किया।

नगर संचालक श्री प्रेम प्रकाश जीविभाग प्रमुख लाल बहादुर शास्त्री जीकार्यपद्धति प्रमुख बलराम भाईसभी कार्यकर्तासंस्कार वर्ग के बच्चे तथा स्थानीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के प्रतिभागी परिवार सहित इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

बलराम भाई ने केंद्र वर्ग में सहभागिता का आह्वान किया तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।

कुल 65 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में सभी को प्रसाद वितरण किया गया।

Thursday, February 11, 2021

योग प्रशिक्षण शिविर - रेवाड़ी - हरियाणा


 विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा रेवाड़ी की ओर से 10 दिवसीय ऑनलाइन योग सत्र का आयोजन दिनांक 3 दिसंबर से 12 दिसंबर तक किया गया । जिसमें कुल 27 लोगों ने पंजीकरण किया और नियमित रूप से 18 लोगों ने योगाभ्यास किया श्रीमती सरिता यादव एवं श्रीमती सावित्री यादव ने योग प्रशिक्षक का कार्यभार भली-भांति संभाला एवं इस ऑनलाइन का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इसमें मंत्र उच्चारण के साथ विभिन्न योगा अभ्यास करवाए गए इसमें मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पश्चिमोत्तानासन, पादहस्तासन, सुप्त वज्रासन, का विशेष आदि अनेकों आसनों का अभ्यास कराया गया। प्रत्येक दिन एक बौद्धिक सत्र में बताया गया योग एक जीवन पद्धति है और महर्षि पतंजलि द्वारा प्रतिपादित किए गए योग सूत्रों का वर्णन किया गया। सत्र के समापन मैं अधिवक्ता रंजीत सिंह संपर्क प्रमुख हरियाणा प्रांत का योग एक जीवन पद्धति पर विशेष उद्बोधन रहा।

Wednesday, February 5, 2020

पानीपत मे राष्ट्रीय युवा दिवस आयोजन

स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस पर विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा पानीपत की ओर से 12 जनवरी 2020 को एक विचार गोष्ठी व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया यह कार्यक्रम  अपोलो इंटरनेशनल स्कूल  संभालखा (पानीपत) के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संभालखा के विधायक धर्मपाल सिंह छोकर मुख्य अतिथि के रूप में  मौजूद रहे।  डॉ अशोक बतरा जी ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणादायी घटनाएं बताई। अलकागौरी, प्रांत संगठक हरियाणा और पंजाब ने विवेकानन्द शिला स्मारक के 50 वर्ष और विवेकानन्द केन्द्र की गतिविधियों के विषय में अवगत कराया। देश के जाने-माने कवि योगेंद्र मोदगिल (पानीपत), सौरव कांत शर्मा (चंदौसी), सौरव सैनी (अलवर),  सत्यपाल सत्यम (मेरठ), दिनेश सिंघल (जोधपुर), अशोक बत्रा (सोनीपत)  जी ने काव्य पाठ किया।  कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की संख्या 250 की रही। पानीपत शाखा से नगर संयोजक सुशील चहल सह संयोजक बहन रजनी व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Wednesday, January 22, 2020

गुरुग्राम मे राष्ट्रिय युवा दिन के उपलक्ष मे कार्यक्रम

स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष पर 11 जनवरी 2020 को विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा गुरुग्राम के द्वारा द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिसमें कुल संख्या 104थी । एवं विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के द्वारा चलाए जा रहे संपर्क अभियान के तहत राकेश दौलताबाद विधायक बादशाहपुर विधानसभा से संपर्क किया गया जिसमें उन्हें विवेकानंद शिला स्मारक और केंद्र  के द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में अवगत कराया गया।

National Youth Day Celebration at Sonipat

Vivekananda Kendra( kanyakumari) Sonipat  organized Speech-Cum-Declamation competition on the occasion of "Samarth Bharat Parv"  in GVM Girls College, Sonipat on 11th Jan 2020, Wherein, over 100 young and inspired minds participated. Total 22-odd students delivered exceptionally wonderful Speeches and recited Poems on the teachings and inspirational incidents from life of Swami Vivekananda. Each participant was given two day's time to prepare their contents from given literature. Participants were allowed to speak for 5-minutes each and a committee of 3-Judges evaluated their performances. Based on the ratings of the Judges 6-students were selected for the prizes. Winners were given trophies along with literature on swami ji, Picture and booklets on "Rock -Memorial" and Booklet on Introduction of Vivekananda Kendra and its activities. The  Swaadhyay Group students organised whole event. The event was concluded with 10-minutes speech by Convener- Vivekananda Kendra ( Kanyakumari) Sonipat Branch on  Rock-Memorial and Mananiya Eknath Ranade Ji followed by vote of thanks by the Principal. Total 123 people were present in the event including Vivekanada Kendra Sonipat karyakartas and college teaching staff. Dr. P. M. Gaur Director Sahitya Academy Govt. of Haryana and Principal Of Ms. Jyoti Juneja presided-over the event.

Vivekananda Jayanti Celebration in Panchakula

On the occasion of Swami Vivekananda Janyanti - National youth day, Vivekananda Kendra, Kanyakumari, branch Panchkula organized Sanskar Varga Ekatrikaran programm.  2 Sansakar Varga children participated in the programme ( Participants: Shardha vistar , Sec.11 : 29 children, Ramakrishna Vistar, Harmilapnagar: 19 children ).   14 Nagar karyakarta and 5 youth co-ordinator also participated in the program.  It was 3 hours programme having patriotic songs, games and some inspiring incidents sharing from Swami Vivekananda's life.

Sthanik Karyakarta Prashikshan Shivir Haryana

Sthanik Karyakarta Prashikshan Shivir was organised at Faridabad during 25th to 29th December 2019. Total Participants were 16 including 4 sisters. Organising team was of 10 Karyakartas including 2 sisters. Kendra Varg, Sanskar Varg, Bauddhik satra based on Sadhana of Service, stories of Haryana's great personalities and also contemporary topics like condition of Women in Haryana - challenges and response were some of the sessions.

Wednesday, November 27, 2019

International Day Of Yoga 2019 Celebrated at Punjab and Haryana

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Punjab and Haryana organized fifth International Day Of Yoga on 21st June 2019 at 2 places of Punjab and Haryana, in which 160 people participated.
 

Wednesday, September 27, 2017

Universal Brotherhood Day Celebration at Bhivani

Vivekanada Kendra Bhivani celebrated universal brotherhood day. Program started with shantipath, followed by patriotic song. On this occassion, resitated the lecture of Swami Vivekananda. There was small discussion on it which is lead by Pro. Lalsastriji. Program ended with Shanti Mantra.

Total no. Of participants  117

Sisters  47

Brothers 70

Saturday, July 22, 2017

Guru Poornima Celebration Bhiwani


Vivekananda Kendra Kanyakumari Sakha Bhiwani Organised Many programs in Bhiwani District at 6 places, the programme were started with 3 Omkar, SanthiPath followed by Geet and Baudhik regarding importance of Guru. After that student were played Games and small discussion and presentation. The program concluded with Kendra Prayers. The detail of various places as below.

1. Bhiwani kendra

Total - 60, Brothers - 20, Sisters - 40

2. Bhurtana Govt. High school

Total -200, Brothers - 80, Sisters - 120

3. Mandhan Govt. School

Total 180, Brothers 100, Sisters 80

4 Mundhal Khurd Govt. School

Total - 60, Brothers 20, Sisters 40

5.Kheri Khummar Govt Sr.Sec School

Total 150, Brothers 90, Sisters 60

6. Devrala Girls Sr. Sec School

Total 200,  Sisters 200

Friday, March 24, 2017

Conference on Swami Vivekananda

एसडी पीजी कॉलेज में “स्वामी विवेकानंद: द वाइस ऑफ़ यूथ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सारगर्भित समापन
आज की गतिविधियाँ: भाषण, खेल, प्रेजेंटेशन, डिस्कशन

उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय नेशनल कोन्फेरेंस का एसडी पीजी कॉलेज में आज विधिवत एवं सारगर्भित समापन हो गया. “स्वामी विवेकानंद: द वाइस ऑफ़ यूथ” थीम लिए इस सेमिनार ने प्रदेश के सुदूर कोनो से आये विवेकानंद विद्वानों और रिसर्च स्कोलर्ज को अपनी तरफ खिंचा. दूसरे दिन के मुख्य वक्ता श्री अशोक बत्रा, प्राचार्य हिन्दू कॉलेज रोहतक और श्री दशरथ चौहान, विभाग प्रमुख विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त रहे. सुश्री अलका गौरी जोशी, प्रान्त संगठक विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त ने प्रतिभागियों और रिसर्च स्कोलर्ज को खेल, प्रेजेंटेशन और डिस्कशन के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया तथा उन्हें खुद से आत्मसात किया. प्रदेश के भिन्न-भिन्न कालेजो से आये रिसर्च सकोलर्स और प्राध्यापको ने भी आज की कार्यशाला में भाग लेकर स्वामी विवेकानंद के बताये मार्ग पर चलने का प्रण लिया. सिरसा, कैथल, पंचकुला, अम्बाला आदि से आये रिसर्च सकोलर्स ने इस दो दिवसीय कोन्फेरेंस में स्वामी विवेकानंद पर लिखे अपने शोध पत्र भी प्रस्तुत किये.

मुख्य वक्ता श्री अशोक बत्रा, प्राचार्य हिन्दू कॉलेज रोहतक ने अपने वक्तव्य में स्वामी विवेकानंद द्वारा विश्व धर्म सम्मलेन में दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा बोले गए शब्द उन्हें आज भी याद है, “मेरे अमेरिकी बहनों और भाइयों, आपके इस स्नेह्पूर्ण और जोरदार स्वागत से मेरा हृदय आपार हर्ष से भर गया है। मैं आपको दुनिया के सबसे पौराणिक भिक्षुओं की तरफ से धन्यवाद् देता हूँ”. श्री बत्रा ने कहा कि दुनिया को शहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का जो पाठ विवेकानंद ने पढाया है वह दुर्लभ है. शब्दों का चुनाव कैसे हो, और कैसे एक-एक शब्द हमारा पूरा व्यक्तित्व ही बदल सकता है यह सन्देश हमें स्वामीजी ने ही समझाया है. श्री बत्रा ने आज इस अवसर का लाभ उठाते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को लिखने कि कला और शब्दों कि ताकत के बारे में विस्तार से समझाया.

सुश्री अलका गौरी जोशी ने कहा की आज की भाग-दौड़ की जिंदगी में किसी के पास भी इतना समय नहीं है के वह आत्म-चिंतन और गंभीर मंथन कर सके। मानसिक-अवसादों के कारण हमारा व्यक्तित्व और स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन गिर रहा है। ऐसे में आत्मिक संतुष्टि और संतुलन के लिए विवेकानंद विचारों को हमें अपनाना चाहिए। जब बाहरी शोर हमें सुनना बंद हो जाएगा तभी हमें मन की आवाज़ सुनाई देगी. तत्पश्चात खेल, प्रेजेंटेशन और डिस्कशन के सत्र में सुश्री अलका गौरी जोशी, प्रान्त संगठक विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त ने प्रतिभागियों के भीतर छिपी प्रतिभा और उर्जा को कैसे नियंत्रित किया जाए के बारे बखूबी प्रशिक्षण किया. इस सत्र में सोने के समय का ध्यान लगाने में कैसे उपयोग किया जाये, तरक्की और आध्यात्म में सामंजस्य कैसे स्थापित किया जाये, धर्म का अध्ययन कैसे हो, प्रश्न पूछने से पहले कैसे ज्ञान प्राप्त किया जाये, क्या ध्यान सिर्फ एकांत में ही संभव है जैसे कितने ही अलग-अलग विषयों पर सकोलर्स और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक ज्ञान और प्रशिक्षण दिया गया. प्राणायाम, योग तथा स्वाध्याय का व्यावहारिक ज्ञान भी इसी सत्र में दिया गया। सुश्री अलका गौरी जोशी ध्यान लगाने की प्रक्रिया को भी स्वयं कर के समझाया।

अपने सारगर्भित और ओजस भाषण में श्री दशरथ चौहान, विभाग प्रमुख विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त ने आज स्वामी विवेकानंद के जीवन, शिक्षाओं और महान विचारों पर आधारित कहानियां और रोचक एवं शिक्षापूर्ण घटनाएं प्रतिभागियों को सुनाई। इन कथाओं को सुनाने का तात्पर्य नौजवानों में नया जोश और प्रेरणा भरना था. हममे दान की प्रवृति को खुद में सैदेव रखना चाहिए. जीवन में रिश्तों कि भी बहुत अहमियत है. एकाग्रता रखने वाला व्यक्ति जीवन में कभी असफलता का मुख नहीं देखता. गुलाम रहने वाले लोगों का कोई धर्म नहीं होता. उन्होनें कहा की जब तक विवेकानंद की दी गई शिक्षा हमारे मन-मस्तिष्क में रच-बस नहीं जाती तब तक पारंपरिक शिक्षा ग्रहण करने का कोई औचित्य नहीं है। हमें अपनी इंद्रियों की लगाम को काबू में रखना आना चाहिए और ‘अहं’ को काबू रखना भी हमने ही सीखना है. कामनाओं और इच्छाओं को नियंत्रण में रख कर ही हम जीवन में सही निर्णय ले सकते है। जीवन में किसी ना किसी लक्ष्य को निर्धारित करना बहुत जरूरी है और फिर उन लक्ष्यों को पाने का तरीका भी उचित होना चाहिए. हमारे मन सैदेव सुविचार ही आने चाहिए। स्वामी विवेकानंद के विचारों में जीवन जीने की कला और शक्ति व्याप्त है। स्वामीजी को पढ़ने से खुद में शक्ति और आत्मविश्वास का नव संचार होता है। स्वामी विवेकानंद से बड़ा कोई पथ प्रदर्शक नहीं है। स्वामीजी कहते थे की यदि हमने परमपिता परमात्मा की सेवा करनी है तो पहले देश की सेवा करनी होगी. हर व्यक्ति में एक जैसा ही प्रकाश-पुंज मौजूद होता है, बस उसे पहचानना आना चाहिए. स्वामीजी ने इसी प्रकाश-पुंज कुंज को जानने में हमारी मदद की है। उन्होनें कहा की आज़ादी के सही मायने ज़िम्मेदारी के साथ आते है।

----------------------(आज सुनाई गई विवेकानंद कहानियां)------------------

विवेकानंद की कहानियां सुनते हुए श्री दशरथ चौहान ने प्रतिभागीओं को मन्त्र-मुग्ध कर दिया. एक बार स्वामी विवेकानंद के विदेशी मित्र ने उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने का आग्रह किया और कहा की वह उस महान व्यक्ति से मिलना चाहता है जिसने आप जैसे महान व्यक्तित्व का निर्माण किया. जब स्वामी विवेकानंद ने उस मित्र को अपने गुरु से मिलवाया तो वह मित्र, स्वामी रामकृष्ण परमहंस के पहनावे को देखकर आश्चर्यचकित हो गया और कहा – “यह व्यक्ति आपका गुरु कैसे हो सकता है, इनको तो कपड़े पहनने का भी ढंग नहीं है.” तो स्वामी विवेकानंद ने बड़ी विनम्रता से कहा – “मित्र आपके देश में चरित्र का निर्माण एक दर्जी करता है, लेकिन हमारे देश में चरित्र का निर्माण आचार-विचार करते है.”

श्री दशरथ चौहान ने एक और कहानी सुनाते हुए कहा की स्वामी विवेकानंद बचपन से ही निडर थे.
जब वह लगभग 8 साल के थे तभी से अपने एक मित्र के यहाँ खेलने जाया करते थे.उस मित्र के घर में एक चम्पक पेड़ लगा हुआ था.वह स्वामीजी का पसंदीदा पेड़ था और उन्हें उसपर लटक कर खेलना बहुत प्रिय था. रोज की तरह एक दिन वह उसी पेड़ को पकड़ कर झूल रहे थे की तभी मित्र के दादा जी उनके पास पहुंचे,उन्हें डर था कि कहीं स्वामीजी उस पर से गिर न जाए या कहीं पेड़ की डाल ही ना टूट जाए, इसलिए उन्होंने स्वामी जी को समझाते हुए कहा, “नरेन्द्र,तुम इस पेड़ से दूर रहो, और अब दुबारा इस पर मत चढना.”
“क्यों?” नरेन्द्र ने पूछा.
“क्योंकि इस पेड़ पर एक ब्रह्म्दैत्य रहता है.वो रात में सफ़ेद कपडे पहने घूमता है, और देखने में बड़ा ही भयानक है.” उत्तर आया.
नरेन्द्र को ये सब सुनकर थोडा अचरज हुआ, उसने दादा जी से दैत्य के बारे में और भी कुछ बताने का आग्रह किया.
दादा जी बोले, “वह पेड़ पर चढ़ने वाले लोगों की गर्दन तोड़ देता है.” नरेन्द्र ने ये सब ध्यान से सुना और बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए . दादा जी भी मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए, उन्हें लगा कि बच्चा डर गया है. पर जैसे ही वे कुछ आगे बढे नरेन्द्र पुनः पेड़ पर चढ़ गया और डाल पर झूलने लगा.
यह देख मित्र जोर से चीखा, “अरे तुमने दादा जी की बात नहीं सुनी, वो दैत्य तुम्हारी गर्दन तोड़ देगा.”
बालक नरेन्द्र जोर से हंसा और बोला, “मित्र डरो मत! तुम भी कितने भोले हो! सिर्फ इसलिए कि किसी ने तुमसे कुछ कहा है. ऐसे कभी यकीन मत करो;खुद ही सोचो,अगर दादा जी की बात सच होती तो मेरी गर्दन कब की टूट चुकी होती.” इतने निडर और साहसी थे स्वामी विवेकानंद. ऐसे कितने ही किस्से आज श्री दशरथ चौहान ने प्रतिभागियों को सुनाये.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने अपने वक्तव्य में कहा की दुनिया में आज एक प्रकार की खंडता हो गई है और इंसान-इंसान से दूर हो गया है. स्वामी विवेकानंद के विचार इसी खण्डता के भावों को दूर करते है और लोगों में छुपी दिव्य ज्योति को उनसे रुबरु कराते है। जिन समस्याओं से आज हम जूझ रहे है यदि हम थोड़ा सा भी स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं एवं उनके विचारों को अपना ले तो ये समस्याएँ खुद-ब-खुद छू-मंतर हो जाएंगी।

इससे पहले माननीय मेहमानों का स्वागत एसडी पीजी कॉलेज प्रधान श्री दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, डॉ रवि बाला और डॉ बाल किशन शर्मा ने किया. डॉ संगीता गुप्ता ने मंच का संचालन किया. प्रो यशोदा अग्रवाल ने आज प्रतिभागियो को विवेकानंद देश भक्ति गीत “धर्म के लिए जिए, समाज के लिए जिए; ये धड़कने ये सांस हो मात्रभूमि के लिए” गाकर सुनाया और सिखाया जिससे कोन्फेरेंस का माहौल देशभक्ति के भावो से औत-प्रौत हो गया।

इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉo सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉo रवि बाला, डॉo राकेश गर्ग, प्रोo मयंक अरोड़ा, प्रोo इंदु पूनिया, प्रो यशोदा अग्रवाल, दीपक मित्तल आदि भी मौजूद रहे।

(प्राचार्य)
डॉ अनुपम अरोड़ा

Wednesday, October 14, 2015

भिवानी में युवा धर्म सम्मलेन

युवा धर्म सम्मलेन का आयोजन विश्व बन्धुत्व दिवस (स्वामी विवेकानन्द का शिकागो व्याख्यान) के उपलक्ष्य में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के भिवानी शाखा ने २६ सितम्बर २०१५ को किया था और महंत श्री चरण दास जी ने दीप प्रज्ज्वलन से इसका उद्घाटन किया।  दिनभर के इस सम्मेलन में भिवानी के १२५ महाविद्यालयीन युवक युवतियाँ  और ७५ गणमान्य युवा नागरिकों का उत्साहपूर्ण सहभाग रहा।  विवेकानंद केंद्र रेवाड़ी विभाग के विभाग प्रमुख श्री दशरथ चौहान जी ने सम्मलेन ने मुख्या भाषण दिया।  किया। विवेकानंद केंद्र हरियाणा प्रान्त के प्रान्त युवा प्रमुख अधिवक्ता श्री रणजीत सिंह जी ने 'जीवन का उद्द्येश्य' इस विषय पर युवाओं का मार्गदर्शन किया।  सभी युवाओं में गण चर्चा में हिस्सा लेकर 'व्यावसायिक ध्येय और जीवन का ध्येय', '२ अच्छे मार्गों में चुनाव', 'समाज के ऋण चुकाने का मार्ग' इन विषयों पर अपने अपने विचार साँझा किये। खेल , गीत आदि कार्यक्रमों में भी सभी ने आनंद से सहभाग लिया। भिवानी के जानेमाने प्राकृतिक चिकित्सक डा. मदन मानव जी ने समापन भाषण में मार्गदर्शन किया।  सम्मलेन के पश्चात कुल २५ युवाओं ने सेवा केलिए साप्ताहिक समयदान का निश्चय किया।

Saturday, September 19, 2015

गुडग़ांव में विश्व बंधुत्व दिवस

11 सितम्बर गुडग़ांव द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में विवेकानंद विचार केंद्र कन्याकुमारी की ओर से विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम युवा भारत का आयोजन किया गया। 11 सितम्बर से प्रेरणा ली होती तो दूसरा 11 सितम्बर नही होता विनय प्रताप सिंह हम जाति बिरादरी में बंटे है। यूनीवर्सल भाईचारा से पहले हमे लोकल भाईचारा पर बात करने पडेगी। स्वामी जी ने 11 सितम्बर 1893 को शिकागो में भाषण देते हुए विश्व बन्धुत्व पर जोर दिया था। आज देश को बडी आवश्यकता है इस भावना पर चलने की। हम बात बात पर बटें जाते है। उपरान्त बाते अतिरिक्त जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय राधाकृष्णन सर्वपल्ली सभागार  में प्रकट की। वे विश्व बन्धुत्व दिवस के अवसर पर  आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम ववेकानंद विचार केंद्र कन्याकुमारी के तत्वाधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो समिधा शिक्षा ने की। विशिष्ठ अतिथि के रुप मेे ईप्सा डे केयर की संस्थापिका कचंन मित्तल व राजकीय महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डा प्रताप सिंह जी ने मंच को संबोधित किय। मुख्य वक्ता के रुप में रेवाडी से आये अधिवक्ता रणजीत सिंह ने इस विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर युवा भारत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का  भी आयोजिन किया गया। इसमे तीनो राजकीय महाविद्याय के छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में प्रथम पकंज दिृतीय दिगविजय व त्रतीय प्रतीक रहे। इन्हे क्रमश 2100, 1100, व 500 रुपये का नगद पुरस्कार  व स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। मंच का सचांलयक डा सुनीता यादव ने किया।

शान्ती पाठ व कल्याण मन्त्र सगीता शमा ने वाचन किया। शिकागो नें दिये गये भाषण का बाचन निशा ने किया। कार्यक्रम की सारी व्यव्स्थाएें दया गुप्ता, मधु तिवारी, अशोक धोरएे,अमित,मुकेश, श्रतु गोयल ने सभांली।

Tuesday, September 15, 2015

विमर्श : धर्मों रक्षति रक्षित: @ पंचकूला

धर्मों रक्षति रक्षित: विषय पर एक विमर्श का आयोजन आज भवन विघालय सेक्टर 15 पंचकूला मे किया गया। हरियाणा और पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक माननीय श्री कप्तान सिंह सोलंकी इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे। विवेकानंद शिला स्मारक समिति एवं केन्द्र की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कु निवेदिता जी कार्यक्रम की मुख्य वक़्ता रही। इस अवसर पर बोलते हुए कु निवेदिता जी ने कहा की "धर्म भारतवर्ष की आत्मा है। भारत की अवनती का कारण धर्म नहीं बल्कि हमने धर्म का अर्थ नहीं समझा और उसे सही रूप मे हमने अपने जीवन मे नहीं उतारा इसलिए हमारी अवनती हुई।

व्यक्ति का विकसित रूप परिवार, परिवार का विकसित रूप समाज, समाज का विकसित रूप राष्ट और राष्ट का विकसित रूप सारी सृष्टि है। अपने बड़े विकसित रूप के लिए त्याग करना ही धर्म है।

विवेकानंद केन्द्र पंजाब प्रांत के मार्गदशर्क श्री चंद्रशेखर तलवार जी ने स्वागत और परिचय किया। पंचकुला शाखा के संयोजक डां सुविक्रम ज्योति जी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का सूत्र संचालन श्री नवीन कौशिक जी ने किया? Trinity के बुद्धिजीवी वर्ग और मान्यवर लोगों ने बड़ी संख्या मे कार्यक्रम मे भागीदारी की। कार्यक्रम मे प्रश्नोत्तर भी हुए, जिनका समाधान मुख्य वक़्ता सुश्री निवेदिता भिड़े जी ने किया।

विवेकानंद शिला स्मारक समिति एवं केन्द्र के संस्थापक श्री एकनाथ रानाडे जी के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर चल रहे देशव्यापी कार्यक्रमों की कड़ी मे विवेकानंद केन्द्र की पंचकूला ईकाई ने इस विमर्श का आयोजन किया। माननीय कप्तान सिंह सोलंकी जी ने इस अवसर पर श्री एकनाथ जी के जीवन पर चरित्र पर प्रकाश डाला।

Tuesday, June 30, 2015

हरियाणा में युवा प्रशिक्षण शिबिर

विवेकानंद केंद्र (कन्याकुमारी) द्वारा विगत दो दिनो से चल रहे एस.डी कालेज मे युवा प्रशिक्षण शिविर का आज समापन समारोह हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर मे योगाभ्यास, बौद्धिक सत्र, group discussions, भजन, मंत्र, खेल द्वारा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में हरियाणा प्रांत के विभिन्न जिलों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया, जिसमे पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, रेवाड़ी, भिवानी, हिसार एवं फ़रीदाबाद से 28 कार्यकर्ता जिसमे 14 बहने और 14 भाई पहुंचे। शिविर में शिविर अधिकारी श्री दशरथ चौहान जी, शिविर प्रमुख श्री रणजीत सिंह जी एवं शिविर मार्गदर्शक जीवनव्रती (पूर्णकालिक) बहन अलकागौरी जी रहे जिन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया। शिविर मे विभिन्न गतिविधियों द्वारा “तेजस” कार्यक्रम के बारे मे बताया गया जो कि “आठवीं से बारहवीं” कक्षा तक के विद्ध्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। शिविर में कार्यकर्ताओं ने तेजस कार्यक्रम का प्रशिक्षण लिया ताकि वे अपने अपने स्थान पर जाकर स्थानीय विद्ध्यार्थियों को प्रशिक्षित कर सकें। शिविर  की व्यवस्था SD कॉलेज पानीपत के प्राचार्य और स्टाफ के साथ मिलकर विवेकानंद केंद्र पानीपत शाखा के संयोजक श्री सुशील चहल जी के नेतृत्व मे पानीपत के कार्यकर्ताओं ने की । 

Saturday, June 20, 2015

Rashtriya Karyakarta Prashikshan Shibir

Rashtriya Karyakarta Prashikshan Shibir has been started with SunRise at Kanyakumari, a meeting point of tri-sea, Indian Ocean, Bay of Bengal & Arabian Ocean where Mother Kanyakumari did her TAPAS and Swami Vivekananda got the Vision of his Life.

Participants came from various Prant of Bharat after completing Local & Prant Level Shibir, the shibir is extensive training to know the Indian culture by practice on how to work effectively through Vivekananda Kendra to unit & strengthen the Society. Total 69 participants and 12 organising team karyakarta will work extensively from morning 4:30 to night 10:30 to energise themselves to become better instrument in hand of the Ishwara and becomes a Swami Vivekananda's Hero.


Sunday, January 11, 2015

विवेकानन्द केंद्र पंचकुला द्वारा गीता जयंती पर परिवार सम्मेलन आयोजित

गीता जयंती के उपलक्ष्य में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की पंचकुला शाखा द्वरा  21-12-2014 को परिवार सम्मलेन का कार्यक्रम भारत विकास भवन में आयोजित किया गया जिसमें 15 परिवरों ने भाग लिया ।

भारतीय परिवार की संकल्पना और महत्व, वर्तमान में परिवार के सामने आ रही चुनौतियाँ और उनका उपाय ऐसे विषयों पर सम्मेलन में चर्चाएँ हुई । कुछ मजेदार किन्तु विचारप्रद खेल भी हुए।  आये हुए सभी परिवारों का श्री ईश्वर जिन्दल जी ने अपने अनुभवों से मार्गदर्शन भी किया । भगवदगीता के कुछ चयनित श्लोकों का पठन किया गया।  कर्नल सुरेश शर्मा जी ने कार्यक्रम का संचालन किया ।

परिवार के बच्चों के लिए संस्कार वर्ग का आयोजन भी साथ साथ किया गया जिसका सञ्चालन विद्यार्थी कायकर्ता कुमारी अबांग चिजांग ने किया ।

विवेकनन्द केंद्र, पंचकुला शाखा के सह-संयोजक  श्री विवेक दुबे जी, श्री अनिल आर्य जी , श्री संजीव जी , श्री ब्रजेश जी के साथ  अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्था की ।

Friday, June 13, 2014

DEEP POOJA AT PANCHKULA

deeppooja-panchkula

Pooja with Deep yajna was organised on 10th August 2013 by Vivekananda Kendra Kanyakuamari' kartalaya in Panchkula, Haryana. 15 karyakartas and wellwishers were present including Mananeeya Kishorji and Mananeeya Rekhadidi abd also Shri. Bharat Bhushan ji, Sachiv, SVSSS Samiti, Haryana.


The postal address is
Vivekananda Kendra KanyakumariBranch - PanchkulaSector 11, House no 60, Panchkula, Haryana.

Wednesday, July 17, 2013

Guru Poornima Celebration at Delhi

You
are cordially 
invited to 
 Guru Poornima Celebration, of  
Vivekananda
Kendra.
 
Swami
Dayananda Saraswati
                 
  (Adhyaksha Ramkrishna Sadhna
Kendra,Murthal,Haryana)


will inaugurate the programe  as
Chief Guest

Prof.
Kapil Kapoor
(Former
Pro Vice Chancellor, Jawaharlal Nehru
University 
and
Chief Editor of Encyclopedia of Hinduism)



will speak on
 
"Vartman
Pariprekshya me Guru ki Bhumika
"

Lt. gen. Dr. Niranjan
Singh Malik

will 
Preside
over the programe
  
 
 
 on
Sunday, 28th July 2013 
at
11:00 am 

Venue : Vivekananda
International Foundation
              
3, San
Martin Marg, Chanakyapuri,
               Bapu Dham, New Delhi-11
 

    Please join us for tea at 10.30 am