Wednesday, October 7, 2015

अजमेर में दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यशाला

आध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा अजमेर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण हेतु एक कार्यशाला का आयोजन 2 अक्टूबर को प्रातः 10.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक होटल आराम वैशाली नगर में किया गया। इस अवसर पर परिचय सत्र के अतिरिक्त कार्ययोजना से कार्य का आनन्द, दायित्व बोध, अभिव्यक्ति तथा कार्यपद्धति मूलक विकास से सबका विकास विषयों पर सत्रों का आयोजन किया गया। केन्द्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता तथा प्रान्त संगठक रचना जानी ने कार्यपद्धति को आधार मानते हुए कार्यकर्ता के मन का एकत्व, दायित्व का चिंतन, मंथन तथा इसके माध्यम से दायित्व पूर्ण होने तक की संपूर्ण प्रक्रिया का निवर्चन किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता का अलग-अलग स्वभाव एवं परंपरा से संबंध होने के उपरांत भी केन्द्र कार्य से जुड़ने पर वह एकीकृत भाव से कार्य करने को प्रवृत्त होता है और इसी प्रकार प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्ता परिणाम मूलक कार्यकर्ता बन जाता है। उन्होंने कहा कि यदि एक सामान्य व्यक्ति गलती करता है तो उसका सीमित होता है जबकि यदि एक कार्यकर्ता से गलती होने पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। अतः हमें एक निष्ठावान, संयमी एवं धैर्यवान कार्यकर्ता बनना होगा।
इस अवसर पर अभिव्यक्ति सत्र में मार्गदर्शन देते हुए साहित्कार उमेश कुमार चैरसिया ने बताया कि प्रत्येक दायित्व सीखने का एक अवसर होता है तथा बीज से वृक्ष बनने की प्रक्रिया ही विकास कहलाती है। स्वप्रेरणा से किया गया कार्य ईश्वरीय सेवा बन जाता है अन्यथा कोई भी कार्य बोझ हो जाता है। अतः दायित्ववान कार्यकर्ता अपने दायित्व को मन से स्वीकार कर अंगीकार करें क्योंकि इस प्रकार का कर्मयोग ही हमारी सक्रियता, रचनात्मकता तथा प्रगति का आधार बनता है। उन्होंने आज सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं के बीच फैल रहे वैचारिक कचरे पर भी चिंता जताते हुए कहा कि हमें एक कार्यकर्ता के रूप में समाज में आदर्श स्वरूप प्रस्तुत करने को प्रवृत्त होना होगा।
केन्द्र के विभाग प्रमुख डाॅ. स्वतन्त्र शर्मा ने दायित्व बोध सत्र में उद्बोधन करते हुए कहा कि आज हमारी आवश्यकता द्विपक्षीय कार्यक्रम है जो प्रत्येक आत्मा एक अव्यक्त ब्रह्म है तथा स्वयं में विश्वास ही ईश्वर में विश्वास है, को परिभाषित करती है। उन्होंने दायित्ववान कार्यकर्ताओं के गुणों की चर्चा करते हुए कहा कि सामूहिक अनुशासन, व्यक्तिगत एवं राष्ट्रीय चरित्र, विजय प्राप्त करने की प्रवृत्ति, सहभागिता में परस्पर प्रेम, स्वीकारोक्ति व धैर्य में वृद्धि करने में सफलता पाना एक कार्यकर्ता का उद्देश्य होना चाहिए। कार्यकर्ताओं को कार्यपद्धति के संचालन में योग्यता के परिष्कार करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।
इस अवसर पर केन्द्र के कार्यकर्ताओं का कार्यपद्धति के विस्तार एवं दृढ़ीकरण के लिए मंथन सत्र का आयोजन किया गया तथा मंथन प्रस्तुति भी की गई। कार्यशाला के अवसर पर विभाग संचालक सत्यदेव शर्मा तथा सह विभाग प्रमुख अविनाश शर्मा का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ।

पटना में योग सत्र

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी शाखा पटना  द्वारा दिनांक 08/09/2015 से 14/09/2015 तक मनोकामना मंदिर आनंद विहार कालोनी के परिसर में योग सत्र आयोजित किया गया जिसमें कुल उपस्थिति 16 रही। इस योग सत्र में विशेष रूप से योग जीवन जीने की पद्धति है इसको अपने जीवन में कैसे उतारे बताया गया सत्र के समापन में केंद्र के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख डॉ पंकज कुमार जी ने केंद्र का परिचय देते हुए केंद्र से जुड़ने का आह्वान किया साथ ही साथ योग को नियमित रूप से संचालित करने को कहा।

दिनांक  21/09/2015  से 30/09/2015 तक 5a/64 देव नरेश दास; अभियान प्रमुखद्ध जी के भवन पार्किंग के परिसर में आयोजित किया गया जिसमें कुल उपस्थिति 12 रही। इस योग सत्र की विशेषता यह रही की इस योग सत्र में  नगर समिति के सदस्यों के सहभागिता अधिक रही है।  इस योग सत्र में व्यक्ति से परिवारएपरिवार से समाज एसमाज से राष्ट्र और राष्ट्र से स्रष्टि से कैसे जुड़ सकते हैं  साथ ही पतंजलि के अष्टांग नियमों को हम अपने जीवन में कैसे उतार सकतें है के  महत्त्व को बताया गया द्य योग सत्र के समापन अवसर पर पटना शाखा के  नगर प्रमुख श्री ज्ञानेश्वर शर्मा जी ने केंद्र परिचय देते हुए सभी से इस राष्ट्र कार्य में तन, मन और धन से सहयोग करने के लिए आह्वान किया। साथ ही जीवन जीने की पद्धति योग को समाज के बीच में अधिक से अधिक प्रसारित करने को कहा तथा इस स्थान पर नियमित योग वर्ग संचालित करने का दायित्व लिया।

Inauguration of VKV Dollungmukh

ITANAGAR, Sept 28: Nyishi Elite Society president Bengia Tolum and NHPC Subansiri project Executive Director Rakesh jointly inaugurated 34th Vivekananda Kendra Vidyalaya (VKV) school with hostel facility in presence of VKV Arunachal Pradesh Trust, Director, Dr. Joram Begi and other dignitaries at Dollungmukh under Lower Subansiri district today.
Speaking on the occasion, VKVAP Trust joint secretary Radha Devi, highlighting the role of VKV disclosed that 33 VKV schools are imparting
quality education in the state at present.

Anandalaya in Assam

Vivekananda Kendra is Spiritually Oriented Service organization working throughout the country since 1972 with an aim of Man making-Nation building. Since inception we are working in the Northeast. We work in the field of Education, Rural development, Natural resource development, health, Cultural and Socio-economic development.
In 1993 we started our work in teagarden area in Dibrugarh district with an aim of all round development. In the beginning we started Balwadies and health awareness. In 2003 we designed special project ANANDALAYA. The project aims:
  • To create an education supportive atmosphere in tea gardens.
  • To impart education through play way method and increase interest for studies among primary school children.
  • To reduce the rate of dropouts and thus improve the status of the education.
  • To give “man making” Value based education and improve quality of education.
  • To increase patriotic feelings among the children.
  • To develop self respect among the tea garden youth and people.
  • To create health awareness among the children and through them among the elders.
  • To work for all round development.
We run 83 Anandalayas daily 2and half hours with 6500 students , 15 Sanskar Vargas weekly one and half hours with 360 students, , 7 BhajanSandhya one hour in 3 Vistars with 210 women;at namely Chabua, Moran and Jalan nagar,d.
Along with this, training camps of Acharyas, Supervisors, and Karyakarts are conducted regularly. Health awareness camp, Training for Self-help groups ect. are the regular features.
To run this successfully we have an organizational set up Like this:
  • Aandadalaya Sangathak - 3
  • Anadalaya Vistar Pramukh (Supervisiors)-6
  • Anadalaya Acharyas.-70
  • Health workers-10
  • Trainers-5
  • Karyakartas-30
Impact : Regularity of students in School. Good results of students. Self-confidence in youth. Cleanliness in teagarden area.

वर्धा में विश्व बंधुत्व दिवस

विश्व बंधुत्व दिवस दिनांक 11-09-2015 को INSTITUTE of PHARMACEUTICAL EDUCATOIN & RESEARCH वर्धा मेंसायं 5 बजे सम्पन्न हुवा। इस अवसर पर मुख्यवक्ता के रूप में नागपुर के Engineer श्री श्रीनिवास वर्णेकर, मुख्य अतिथि IPER के प्राचार्य डा. अार. ओ. गंजीवाले व कार्यक्रम के अध्यक्ष के स्थान पर विवेकानन्द वर्धा के नगर संचालक श्री प्रमोद बोरकर उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन नगर उत्सव प्रमुख श्री अमोल गाढ़वकर ने किया।  स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा के पूजन के पश्चात प्रार्थना से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुवा। "विश्व धर्म की जय हो जय हो ......" यह गीत नूपुर भुसारी दीदी ने तथा विवेकवाणी विवेकानन्द केन्द्र वर्धा के संगठक धर्मेन्द्र पँवार ने प्रस्तुत की।
माननीय श्री एकनाथ जी जीवन पर आधारित एक लघु चित्रपट (video) प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया गया , जिसके माध्यम से युवाओ ने माननीय श्री एकनाथ जी के प्रेरणादायी जीवन, विवेकानन्द शिला स्मारक व विवेकानन्द केन्द्र के बारे में जाना। कार्यक्रम  की प्रस्तावना नगर प्रमुख श्री अनंत बोबड़े ने रखी।
मुख्य वक्ता श्री श्रीनिवास वर्णेकर जी ने विश्व बंधुत्व की संकल्पना युवाओं के समक्षं रखते हुये कहा की भारतीय संस्कृती ने सदियों से बंधुत्व की भावना का प्रचार- प्रसार किया है।  हमारी संस्कृती ने हमें  सबके कल्याण की कामना करना व  प्रेम, बंधुत्व तथा आत्मीयता से सबके साथ रहना सिखाया है।
आज ही के दिन स्वामी विवेकानन्द ने विश्व धर्म संसद में बंधुत्व का सन्देश संपूर्ण विश्व को दिया था। स्वामी विवेकानन्द के द्वारा  दिए हुये इस बंधुत्व के सन्देश से  विश्व में शांति और सामंजस्य स्थापित  सकता है तथा राष्ट्र की उन्नति संभव है।
प्राचार्य डा. आर. ओ. गंजीवाले जी ने युवाओ को स्वामी विवेकानन्द के  विचारो  आत्मसात करने और विवेकानन्द केन्द्र के  जुड़ने का आव्हान किया।
श्री प्रमोद बोरकर जी विवेकानन्द केन्द्र के  आगामी उपक्रमों और भारतीय संस्कृती परीक्षा की जानकारी युवाओ को प्रदान की। शांतिमंत्र राजीव धात्रक भैया ने ने लिया। इस अवसर पर साहित्य का स्टाल भी लगाया गया था। कार्यक्रम के सफलतार्थ श्री अशोक सावरकर, श्री कुंदन पाटील, श्री शिरीष जवदंड, श्री उदयशंकर पॉल, श्रीमती अर्चना पॉल, श्री चारुदत्त हरदास, श्री आकश पत्की, श्री गणेश बागमारे, श्री मीतेश बिलखाडे  बिलखड़े, श्रीमती हेमा प्रमोद बोरकर इत्यादि केन्द्र कार्यकर्ताओ ने  किया।