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Monday, May 1, 2023

Samskar Varga Prashikshan Shibir at Hyderabad

Vivekananda Kendra Kanyakumari, Hyderabad Vibhag conducted
 Samskar Varga Prashikshan Shibir at VK Kaushalam from 28th April, 2023 to 1st May, 2023. The theme of the shibir was “Let’s take a step further”. A total of 28 participants participated from Nagole nagar and 4 Karyasthans (Gajularamaram, Ibrahimpatnam, Dilsulknagar, Sangam).The organizing team consisted of 11 Karyakartas of Telugu Prant under the guidance of Shibir Adhikari Sri. Arun Gaud Ji and Prant Vyavastha Pramukh Shri. P. Ramakrishna Ji. 

The main thrust of this Shibir was on developing the young Sahabhagis, Gat Pramukhs, Varg Shishaks to undertake Samskar Vargas in their respective vistars. The camp activities are scheduled in such a manner so as to make the participants to understand the importance of Samskar Vargas in achieving our motto of nation building through man-making.

Participants learnt the skills to take Suryanamskar, khel, geet, kahani and agyna in Samskar varga through Naipunya Sessions. The Baudhik sessions were on the topics Veer Deshbhakt Sanyasi Swami Vivekananda, Mann Bharatmata, Jeevan Lakshya Jeevan Dhyey and Jeevan Mulay. 
As part of this camp, the participants also performed Bharat Mata aarti on 30th April, visited nearby Kaushalam Gaushala and performed 51 Suryanamaskars on 1st May. As a follow-up of this Shibir, Ekatrikaran of Samskar Vargas and 108 Surya-Namaskar programme are planned to be conducted on International Day of Yoga (21st June) this year.

Wednesday, November 27, 2019

जबलपुर मे संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी, शाखा जबलपुर द्वारा संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन दिनांक 23 जून से 26 जून 2019 तक माँ नर्मदा तट पर स्थित *कल्याणिका तपोवन आश्रम,   गोपालपुर, भेड़ाघाट, जबलपुर मे किया गया। शिविर में नगर के 5 संस्कार वर्ग से कुल 40 शिविरार्थी कार्यकर्ता एवं 13 संचालन चमू के कार्यकर्ता- कुल 53 कार्यकर्ता उपस्थित थे।

कार्यकर्ताओं में संस्कार वर्ग संचालन के लिए आवश्यक कौशल्य का विकास करना था। शिविर का मुख्य विषय नैपुण्य था जिसके अंतर्गत संस्कार वर्ग संपर्क, खेल, गीत, मंत्र, कहानी, आज्ञाभ्यास, सूर्यनमस्कार, संस्कार वर्ग नियोजन, बैठक के संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। नैपुण्य के अंतर्गत हर विषय को तीन सत्रों मे विभाजित किया गया। *सुबह* आदर्श संस्कार वर्ग के माध्यम से उन्हें आदर्श वर्ग कैसे लगाना इसका प्रत्यक्ष दर्शन, *दोपहर* के नैपुण्य में अलग अलग विषयों पर चर्चा हुई एवं *शाम* को शिविरार्थी कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं संस्कार वर्ग का नियोजन एवं संचालन किया गया । शिविर में हर विषय जैसे खेल, गीत, मंत्र, कहानी, आज्ञाभ्यास, सूर्यनमस्कार, संपर्क, बैठक आदि का त्रिस्तरीय प्रशिक्षण (आदर्श रूप, नैपुण्य सत्र और व्यावहारिक अनुकरण) दिया गया।

शिविर मे बौद्धिक सत्र मे मुख्य विषय *केन्द्र कार्य का परिचय एवं कार्यकर्ता की स्पष्टता रहा* जिसके अंतर्गत "बनो और बनाओं" विषय विभाग संपर्क प्रमुख मोहन भैया द्वारा *संस्कार वर्ग क्यों और कैसे* नगर प्रमुख राजेश भैया द्वारा, *वर्तमान चुनौती एवं प्रतिसाद* विभाग प्रमुख आ. एन सी घोष काका द्वारा, "विवेकानन्द शीला स्मारक कथा" भाई नितिन नायक द्वारा, एवं  "आहुति सत्र" कर्णावती विभाग संगठक आ. कंचन दीदी द्वारा लिया गया। शिविर में शिविर अधिकारी के रूप मे आ. उत्तरा गोरे काकू एवं विभाग व्यवस्था प्रमुख आ. हेमंत मोघे काका का सानिध्य प्राप्त हुआ। शिविर के अंतिम दिवस शिविरार्थी व कार्यकर्ताओं को भ्रमण हेतु भेड़ाघाट धुआधार ले जाया गया ।

Tuesday, May 30, 2017

संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर @ ​रायपुर

राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण आज की आवश्यकता है। बालकों में संस्कारों का सिंचन कर उनमें राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण किया जा सकता है। उक्त विचार व्यक्त करते हुए  डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना​ (आरएसएस प्रान्त सहसंघचालक)​ ने कहा कि बिना पराक्रम के कुछ भी प्राप्त नहीं होता। डॉ.​ पूर्णेन्दु ​सक्सेना विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा रायपुर की ओर से आयोजित तीन दिवसीय आवासीय "संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर" के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नगर के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन डॉ.विवेक चौबे तथा केन्द्र के नगर संचालक मावजीभाई पटेल मंच पर विराजमान थे।

डॉ.पूर्णेन्दु ने कहा कि धर्म प्रत्येक मनुष्य के हृदय में विद्यमान है, इसी के बल पर व्यक्ति उचित-अनुचित, सही-गलत के बीच के अंतर को समझता है। उन्होंने कहा कि आज्ञापालन और अनुशासन यदि हमारे जीवन में है तो हम निश्चित रूप से सफल होंगे। उन्होंने सद्गुरु कबीर साहब, चाणक्य, गुरु गोविन्द सिंह तथा स्वामी विवेकानन्द के जीवन प्रसंग व विचारों के आधार पर नैतिक मूल्यों के महत्व को बताया।

इस अवसर पर डॉ.विवेक चौबे ने कहा कि संस्कार हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण भाग है। हमारी संस्कृति हमें संस्कारित करती है। जब हम पूरी निष्ठा व ईमानदारी से कार्य करेंगे तो हमारी प्रतिभा निखरेगी। हम हर कार्य में निपुण होंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान व चरित्रवान लोगों से ही राष्ट्र का विकास होता है।

इससे पूर्व "राष्ट्र की जय चेतना का गान वन्दे मातरम्" यह शिविर गीत प्रस्तुत किया गया। शिविर की प्रस्तावना केन्द्र के सहनगर प्रमुख रूपेश अवधिया ने रखी तथा संचालन नमन शुक्ला ने किया।

Saturday, May 27, 2017

Samskar Varga Prashikshan Shivir at Beawar

Vivekanand Kendra Kanyakumari, Branch Beawar, has organised the Sanskar Varga Prashikshan Shivir from 17 to 20 May 2017. The shibir is fully residential for the student from age group 9 to 15, in which total 105 children participated and learn Mantra, SuryaNamaskars, Bhajan, Story telling, Patriotic Song and Yogabhyas.

Monday, January 2, 2017

Prant Sanskar Varga Prashikshan shibir

24th to 29 Dec Sanskar Varga Gat Pramukh  Prashikshan shibir organized at Tezpur. 65 participants and 25 Karyakartas are present. Assam Prant has plan of 100 Sanskar Varga in year ahead. Ka kha and ga of Sanskar Varga and Suryanamaskar skills are imparted.  Concept and need of Sanskar Varga were the part of the camp. Daily 1 and half hours  model Sanskar Varga is also part of the Prashikshan.

Monday, June 6, 2016

अजमेर में संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर का समापन

आध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की स्थानीय शाखा द्वारा गत 25 मई से आदर्श विद्या मंदिर, पुष्कर रोड, अजमेर पर आवासीय संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह 29 मई सांय 6 बजे आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय, अजमेर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. श्याम भूतड़ा थे तथा अध्यक्षता विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी राजस्थान के प्रान्त प्रमुख भगवान सिंह चौहान की। नगर प्रमुख महेश शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर संस्कार वर्ग में प्रशिक्षित बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सूर्यनमस्कार, गीत, गायन, पिरामिड एवं लघुनाटिकाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। इस अवसर पर शिविरार्थियों के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया।

Saturday, June 20, 2015

संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर : बिहार

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी बिहार प्रान्त द्वारा संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन ३१ मई से ०५ जून २०१५ तक आर.एस.वी.पब्लिक स्कूल, ज्योति बिहार कॉलोनी भागलपुर में आयोजित किया गया ।

शिविर में प्रत्येक दिवस जागरण प्रातः ४:३० बजे से लेकर रात्रि १०:०० बजे तक अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया । शिविर में प्रथम दिन में प्रथम सत्र का विषय पुण्यभूमि भारत पर डा. एल.के.सहाय जी का मार्गदर्शन मिला साथ ही साथ प्रत्येक दिवस के द्वितीय सत्र में तेजस कार्यशाला का प्रशिक्षण  शिक्षार्थी कार्यकर्ता धर्मदास द्वारा दिया गया।

द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र का विषय वैज्ञानिक दृष्टी पर मा. मुकेश भैयाजी; प्रान्त संगठक द्वारा मार्गदर्शन किया गयाद्य तृतीय दिवस के प्रथम सत्र शिला स्मारक और एकनाथ जी के विषय पर आण्विजयजी; प्रान्त पर्व संपर्क प्रमुखजी द्वारा मार्गदर्शन किया गया। चतुर्थ दिवस के प्रथम सत्र में संगठित कार्य की आवश्यकता विषय पर मार्गदर्शन आण्पवन गुप्ताजी द्वारा मार्गदर्शन किया गया। प्रत्येक दिवस शारीरिक योगाभ्यास, श्रम संस्कार, दैनिक जीवन में गीता, एकात्मता स्त्रोत का प्रशिक्षण के साथ ही प्रत्येक दिवस के मंथन का विषय संस्कार वर्ग क्या- क्यों और कैसे; संस्कार वर्ग में गुणात्मक और संख्यात्मक वृद्धि एवं संस्कार वर्ग संपर्क और नियमित कार्यक्रमों में संस्कार संस्कार वर्ग रचना और दिनचर्या आदि विषयों पर चर्चा की गई।

बौद्धिक सत्र - संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर : बिहार प्रान्तसाथ ही साथ शिविर के चतुर्थ दिवस संपर्क कैसे करना है उसका प्रत्याक्षित अनुभव करवाया गया जिससे बच्चों को संपर्क कैसे किया जाता है उसकी जानकारी हो। उसके बाद प्रत्येक दिवस नैपुण्य वर्ग में केंद्र प्रार्थना, गीत, खेल, आज्ञापालन, बैठक, कथाकथन आदि विषयों को नैपुण्य वर्ग के माध्यम से स्पष्ट किया गया।

गीत सत्र में संस्कार वर्ग के गीतों और मन्त्रों का अभ्यास कराया गया। भजन संध्या के साथ-साथ प्रेरणा से पुनरुथान  में नये-नये अभिनय गीत एवं खेल सिखाये गए उसके साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र पर मार्गदर्शन श्री हरविंद नारायण भारतीजी; पत्रकार द्वारा किया गया और एगण बैठक में दैनंदनी लिखना ए दिनचर्याए और समय और उर्जा के महत्व ए का पालन करना बताया जाता था

शिविर में कुल उपस्थिति ४१ की रही जिसमे ८ बहिन एऔर ३३ भाईयों की सहाभागिता रही। सञ्चालन और व्यवस्था को मिलकर कुल १२ कर्यकर्तों का सहयोग रहा, शिविर में मुक्य रूप से श्री सत्येन्द्र कुमार शर्मा; प्रान्त व्यवस्था प्रमुख, शिविर अधिकारी के रूप में श्री सुरेन्द्र घोष; नगर संचालकजी और पर्व प्रान्त संपर्क प्रमुख श्री विजय वर्मा जी का विशेस सानिध्य प्राप्त हुआ।

Thursday, February 27, 2014

ACTIVITY REPORT : 2012-13 : VK UDUPI

CAMPS AND COMPETITION: 
Games at Youth Camp at Udupi
Cultural examination conducted on Swami Vivekananda’s Life and Message at 6 colleges in Udupi District, 500 students wrote the examination.

One Day youth camp conducted at A V Baliga college of Social Works and Rural Development on June 22nd , 80 students attended. Sri Sharatchandra Kamat talked about Personality Development, songs, group discussion and games are other events in the camp.

Sthaneeya Karyakarta Prashikshana Shibir at A V Baliga College of Social works Brahmavara on 18 and 19th August. 55 karyakarata’s participated in which 24 sisters and 31 brothers from Udupi district.  Ad. Uni Didi inaugurated the shibir and talked on Ma. Ekanathji and Story of Rock Memorial. Sri Aravinda Prasad  took session on Vivekananda Kendra and Activities and 150th Birth Anniversary of Swami Vivekananda. Intensive on Samskara Varga,  Swadhaya Varga and Yoga Varga. Mantra & Geeta Abhyasa, Karma yoga shloka sangraha, Bhajan taught to participants. At the time of Ahuti satra all; karyakarta’s took sankalpa to work for 150th birth celebration.      

One day youth camp at Shankaranarayana on 24th Januaray, 100 students from Govt college Shankaranarayana participated. Sri Ratnakara, Vidyarathi Karyakarata handled the camp.

Three Days Residential Youth Camp conducted at Vivekananda Kendra Kanyakumari from 17th to 19th March 2013, in which 30 students from 3 colleges participated. Sri Deepakji took the session.

Utsavas
On 12th January Vivekananda Jayanti celebrated at A V Baliga college. Essay and elocution competition arranged for the students.

Two places at Shankaranarayan (Kundapura taluk) celebrated Vivekananda Jayanti. Sri Chandra, Samskara varga pramukh talked on swamiji. Free study materials distributed to the needy students.

Karyapaddati
Samskara Varga: Two places in Shankaranaraya, Kundapura taluk.
Rural Libraray at Shankaranarayana.

Friday, June 15, 2012

अखिल भारतीय संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर

कन्याकुमारी । भारतमाता के प्रति अगाध प्रेम को संस्कार वर्ग के माध्यम से प्रगट करने वाले विवेकानन्द केन्द्र के बाल-तरूण कार्यकर्ताओं का शिविर हाल ही में दिनांक २३ से २९ मई को सम्पन्न हुआ । इस अखिल भारतीय संस्कार वर्ग प्रशिक्षण शिविर में ६४ भाई तथा ५२ बहनें, इस प्रकार कुल ११६ शिविरार्थी देश के विभिन्न राज्यों से सहभागी हुए ।
आगामी वर्ष में स्वामी विवेकानन्द की १५०वीं जयन्ती को ध्यान में रखते हुए इस शिविर का थीम "सदा विवेकानन्दमयम्" रखा गया । इस शिविर में बहनों तथा भाइयों के दो मंडल बनाये गये थे । बहनों के मंडल का नाम "भारतमाता" मंडल तथा भाइयों के मंडल का नाम "रामकृष्ण मंडल" रखा गया । स्वामी विवेकानन्द का भारतमाता के प्रति अद्वितीय प्रेम था, साथ ही देवी के तीन रूप - भवतारिणी माँ काली, माँ क्षीर भवानी तथा देवी कन्याकुमारी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा थी । इस बात को ध्यान में रखते हुए भारतमाता मंडल में तीन गणों के नाम क्रमश: माँ भवतारिणी, माँ क्षीर भवानी तथा देवी कन्याकुमारी रखा गया । इस क्रम में भाइयों के रामकृष्ण मंडल में भी तीन गण बनाए गये, स्वामी विवेकानन्द, नरेन्द्रनाथ तथा वीरेश्वर, ये तीनों गण स्वामीजी के नाम पर आधारित थे ।
शिविर का औपचारिक उद्घाटन का कार्यक्रम विवेकानन्दपुरम् स्थित विवेकानन्द मंडपम् में दिनांक २३ मई २०१२ को प्रात: ६:०० बजे सम्पन्न हुआ । इस उद्घाटन समारम्भ में शिविरार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए विवेकानन्द केन्द्र के अखिल भारतीय महासचिव मा. भानुदासजी धाक्रस ने कन्याकुमारी स्थल की महिमा का वर्णन करते हुए स्वामी विवेकानन्द की भारतभक्ति से सबको परिचित कराया ।  इसके पूर्व २२ मई को शिविर के शिविर प्रमुख श्री रवि नायडु ने शिविर की प्रस्तावना दी, जिसमें विवेकानन्द केन्द्र के अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव मा. रेखा दीदी बतौर शिविर अधिकारी  के रूप में उपस्थित थे । शिविर में कुल ७ व्याखान हुए, जिसके विषय एवं वक्ता इस प्रकार हैं -

(१) भारतमाता जगद्गुरु : श्री विश्वास लपालकर (महाराष्ट्र प्रान्त संगठक)
(२) स्वामी विवेकानन्द - हमारे प्रेरणास्रोत : मा. हनुमन्तरावजी (अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष)
(३) वैज्ञानिक दृष्टि : मा. निवेदिता दीदी (अखिल भारतीय उपाध्यक्षा)
(४) माननीय एकनाथजी : मा. रेखा दीदी (अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव)
(५) संगठित कार्य की आवश्यकता : सुश्री मीरा कुलकर्णी (असम प्रान्त संगठक)
(६) धर्म : मा. निवेदिता दीदी
(७) कार्यकर्ता : श्री रवि नायडू (उडिसा प्रान्त संगठक)
व्याख्यान के पश्चात प्रतिदिन मंथन सत्र में संस्कार वर्गों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक योजनाओं पर गणश: विमर्श होता था । संस्कार वर्ग क्यों और कैसे ?, संस्कार वर्ग में संख्यात्मक एवं गुणात्मक वृद्धि, संस्कार वर्ग की रचना, संस्कार वर्ग का सम्पर्क तन्त्र, कार्यकर्ता का विकास तथा कार्यकर्ता भाव का विकास, इन विषयों पर मंथन हुआ । इसी प्रकार संस्कार वर्ग के वर्गशिक्षकों में आवश्यक निपुणता को सहज, सुगम बनाने की दृष्टि से दोपहर के सत्र में प्रतिदिन "नैपुण्य वर्ग" का आयोजन किया गया । जिसका विषय क्रमश: कहानी, खेल, गीत, प्रार्थना का अनुशासन, सामूहिक सूर्यनमस्कार तथा विवेक वाणी रखा गया ।
सूर्यनमस्कार, आज्ञाभ्यास, मैदानी खेल, ओजस्वी गीत, प्रेरक प्रसंग तथा जयघोष का सामूहिक दर्शन प्रतिदिन शाम को संस्कार वर्ग में होता था । भजन संध्या के बाद रात्रि में प्रेरणा से पुनरुत्थान में प्रतिदिन प्रेरक व्हिडियों क्लिपींग चलचित्र के माध्यम से दिखाया गया ।
इसी सत्र में श्री लखेश चंद्रवन्शी (नागपुर) ने "परिव्राजक संन्यासी स्वामी विवेकानन्द" के भारत भ्रमण की कथा यात्रा की श्रृंखला को प्रतिदिन प्रसंगरूप में प्रस्तुत किया । संस्कार वर्ग को प्रभावी बनाने के लिए समस्त कौशलों एवं योजनाओं पर सामूहिक चिन्तन एवं प्रशिक्षण का यह अखिल भारतीय आयोजन था । विवेकानन्द केन्द्र के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष मा. बालकृष्णनजी ने शिविर समापन के आहुति सत्र में दैवीय गुणों का संवर्धन कर भारतमाता को जगद्गुरु बनाने के लिए अपने हृदय को "सदा विवेकानन्दमयम्" के भाव से प्रज्वलित रखने की प्रेरणा दी । इस शिविर में सभी शिविरार्थियों ने १०८ सूर्यनमस्कार की आहुति देकर स्वामी विवेकानन्द को नमन किया । २९ मई को विवेकानन्द शिलास्मारक का शिविरार्थियों ने दर्शन किया । अपने-अपने नगर स्थानों को संस्कार वर्ग के माध्यम से "सदा विवेकानन्दमयम्" करने का सभी शिविरार्थियों ने संकल्प लिया ।