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Friday, July 3, 2026

International Day of Yoga 2026 celebrations in Uttar Pradesh Prant

As part of the nationwide observance of International Day of Yoga 2026, all the branch centres of Vivekananda Kendra Kanyakumari celebrated the occasion with great enthusiasm. The celebrations reflected Vivekananda Kendra's commitment to promoting the true spirit of Yoga as a way of life based on the vision of Oneness.

In Uttar Pradesh Prant, International Day of Yoga programmes were organized at 4 locations, bringing together 450 participants from different sections of society. A total of 4 karyakarthas were involved in coordinating the events.


The programmes were held at educational institutions, community centres, and public venues, making Yoga accessible to people of all age groups. Participants enthusiastically performed Yogasanas, Pranayama, and meditation in accordance with the Common Yoga Protocol issued by the Ministry of AYUSH. The celebrations not only encouraged the practice of Yoga but also inspired participants to embrace a healthy, disciplined, and harmonious way of life.

Wednesday, July 21, 2021

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021- उत्तर प्रदेश प्रांत




 कुल उपस्थिति – 157

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा अयोध्या द्वारा 50 दिवसीय योग सत्र कोविड-19 विशेष अभियान का समापन एवं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 का आयोजन राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या में संपन्न हुआ.

1- स्थान -राजा दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या

उपस्थिति - 25

समय - प्रातः काल 7:00 से 8:00 बजे तक

2- गूगल मीट के माध्यम से

समय - प्रातः काल 8:30 से 9:30 बजे तक

उपस्थिति- 45

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा लखनऊ द्वारा पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी ऑनलाइन योग सत्र का आयोजन किया गया जिसमें ४५ व्यक्ति सम्मिलित हुए (गोरखपुर से ६ तथा ३९ लखनऊ से)।

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा कानपुर

स्थान - नानाराव पेशवा स्मारक पार्क , बिठूर , कानपुर।

योग सत्र दस दिवसीय ।

11 जून से 20 जून ।।

उपस्थिति- 42

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा गोरखपुर ने लखनऊ शाखा के साथ समंवय करके कार्यक्रम किया।

उपस्थिति – 6

Saturday, February 13, 2021

Geeta Jayanti - Uttar Pradesh


 विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, उत्तर प्रदेश प्रांत द्वारा आयोजित ऑनलाइन

गीता जयंती उत्सव, 25 दिसंबर 2020, शुक्रवार, समय- शाम 7.00 से 8.00 बजे सम्पन्न हुआ।

विषय- दैनिक जीवन में गीता, मुख्य वक्ता - माननीय हनुमंत राव जी ( उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र, कन्याकुमारी) रहे। उपस्थिति संख्या 62 परिवार रहे।

Thursday, May 28, 2020

VK Lucknow Corona Relief Work

25 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से  595 लोगो का राशन वितरित किया गया। 355 फूड पैकेट वितरित किया गया।
27 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 780  लोगो का राशन वितरित किया गया। 314 फूड पैकेट वितरित किया गया।
28 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 393 लोगो का राशन वितरित किया गया। 340 फूड पैकेट वितरित किया गया।
29 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 680 लोगो का राशन वितरित किया गया। 325 फूड पैकेट वितरित किया गया।
30 अप्रेल 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से  545 लोगो का राशन वितरित किया गया। 380 फूड पैकेट वितरित किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा 90 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।
3 मई 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से  360 लोगो का राशन वितरित किया गया। 346 फूड पैकेट वितरित किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा(पेय) 50 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।
4 मई 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 210  लोगो का राशन वितरित किया गया। 350 फूड पैकेट वितरित किया गया। आयुर्वेदिक काढ़ा(पेय) 50 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।
5 मई 2020 को विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ का सेवा कार्य  से 495 लोगो का राशन वितरित किया गया। 230 फूड पैकेट वितरित किया गया।( आयुर्वेदिक काढ़ा(पेय) 60 पुलिस कर्मियो को पिलाया गया।  आयुर्वेदिक पेय की सामग्री एक कप हेतु मात्रा काली मिर्च4 दाना, दालचीनी हाथ के अंगूठे के नाखून के बराबर, अजवाइन, चने के दाने के बराबर, लौंग 2, तुलसी पांच पत्ती, पिपली एक, जावित्री जितनी दालचीनी है, तेजपत्र दो पत्ता, जवारांकुश एक फिट लम्बा पत्ता, पुदीना की 3 पत्तियां ,हरसिंगार की पत्ती 3, अदरक छुहारे के बराबर, , मुलेठी मटर के दाने के बराबर, गो जिह्वा एक छुआरे के बराबर , पेंसिल के बराबर गिलोय(अमृता) का डंठल  गुड़ आवश्यकता अनुसार।)

Wednesday, January 22, 2020

स्थानिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर 2019

विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के उत्तर प्रान्त के दिल्ली विभाग का स्थानिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर 25 - 30 दिसंबर 2019 के बीच महाराजा अग्रसेन कॉलेज , वसुंधरा एन्क्लेव में संपन्न हुआ। शिविर में कुल 201 की संख्या  उपस्थित रही जिनमें  कुल 155 शिविरार्थी उपस्थित रहे। शिविर कुल चार मंडलों में विभाजित रहा जिनमें विक्रमशिला , तक्षशिला , नालंदा तथा विजयनगर रहे। इन मंडलों के अन्तर्गत कुल 12 गण विभाजित किए गए।

कुल 36 की संख्या ने संचालन कार्य निष्पादित किया तथा 15 ने  व्यवस्था कार्यों में योगदान दिया। शिविर की शुरुआत 25 दिसंबर संध्या 6:30 से परिचय सत्र से हुई जिसमें शिविर प्रमुख निखिल यादव जी ने सभी व्यवस्था टोलियों का परिचय करवाया। इसके पश्चात उत्तर प्रांत के प्रांत संगठक मानस जी ने परिचय सत्र संबोधित किया जिसका विषय ' हम यहां क्यों ' रहा। आगे के बौद्धिक सत्र स्वामी विवेकानंद तथा सिस्टर निवेदिता पर आधारित रहे।

सिस्टर निवेदिता विषय पर अर्पिता मित्रा दीदी ने मार्गदर्शन प्रदान किया तथा स्वामी विवेकानंद विषय मानस जी का रहा। आगामी बौद्धिक सत्र एकनाथजी तथा विवेकानन्द शिला स्मारक पर केन्द्रित रहे जिसे निखिल जी ने संबोधित किया। इसके पश्चात विषय 'विवेकानन्द केन्द्र: एक सेवा संगठन' इस विषय पर आदरणीय अशोक रैना जी ने अपना वक्तव्य दिया। बाद के बौद्धिक सत्र सेवा ही साधना से लिए गए  विषयों पर आधारित रहे जिनमें उद्देश्यपूर्ण जीवन विषय अल्कागौरी दीदी ने संबोधित किया , व्यस्कता की ओर विषय अमोल नेरकर जी का रहा। अनुशासन विषय पर बौद्धिक सत्र माननीय किशोर जी ने संबोधित किया।

शिविर के अंतिम दिन के बौद्धिक सत्र का ' हमारा कार्य : राष्ट्र पुनर्निर्माण ' रहा जिसे माननीय किशोर जी ने संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की इकाई कहा तथा पुनः भारत वर्ष के गौरव को प्राप्त करने के लिए आगे आकर योगदान देने पर बल दिया। शिविर में कुल पांच जीवन चरित्र सत्र हुए जिनमें दयानंद सरस्वती , वीर शिवाजी , गुरु गोबिंद सिंह , नारायण गुरु तथा पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के जीवन पर विभिन्न वक्ताओं ने प्रकाश डाला। प्रतिदिन दो केन्द्र वर्ग हुए जिनमें विभिन्न प्रकार के खेल हुए साथ ही आज्ञा अभ्यास पर ज्यादा जोर रहा। खेलों में बतिरे की फांक , टैंक युद्ध , कब्बड़ी आदि हुए। शिविर के अंतिम दिन सभी ने 108 सूर्य नमस्कार किए जोकि बहुत प्रेरणादाई रहा। प्रेरणा से पुनरुत्थान में प्रारंभिक परिचय वाले खेलों से शुरुआत हुई। इस सत्र में एक्शन सॉन्ग भी हुए तथा अंतिम सत्र में एक क्विज आयोजित की गई जिसमें सभी ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। इसी सत्र में दो आमंत्रित वक्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। कृष्ण पुरोहित जी ने "विवेकानंद केन्द्र: उत्तर - पूर्व भारत में "  विषय पर अपने अनुभव साझा किए। नेशनल वार मेमोरियल के डायरेक्टर कर्नल दिग्विजय बसेरा जी ने अंतिम सत्र में केन्द्र से अपने जुड़ने के अनुभव बताए। इसी सत्र में संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने वाले "एकात्मता सोत्र" का भी प्रतिदिन पाठ हुआ।

शिविर के समापन सत्र में आमंत्रित अतिथि महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्रिंसिपल संजीव तिवारी जी रहे। उन्होंने अपने संदेश में युवाओं को आगे बढ़कर भारत को ऊंचा उठाने की बात कही। शिविरार्थियों के अनुभव कथन के बाद पुष्पांजलि संपन्न हुई। इसके पश्चात सभी ने क्षेत्र- वार बैठक में हिस्सा लिया, साथ ही साथ केन्द्र प्रकाशन की पुस्तकें भी सभी ने क्रय कीं। इसके पश्चात शिविरार्थी अपने अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। आयोजक समूह के पूर्ण अवलोकन बैठक के बाद शिविर औपचारिक रूप से संपन्न हुआ।

प्रतिवेदन विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ - जुलाई से अक्टूबर

०४ जुलाई को स्वामी विवेकानन्द की पुण्यतिथि पर केन्द्र कार्यालय पर कार्यक्रम हुआ जिसमें ३५ संख्या रही।
इस माह में दो शनिवार केन्द्र कार्यालय पर केन्द्र वर्ग हुआ जिसमें संख्या २३ रही। तीन संस्कार वर्ग हुए जिसमें संख्या ७५ रही।

अगस्त

४ अगस्त को 'एक भारत विजयी भारत' के महासम्पर्क  हेतु सम्पर्क प्रशिक्षण शिविर  आयोजित किया गया जिसमें संख्या १७ रही।

१४ अगस्त को कश्मीर अतीत, वर्तमान, भविष्य - समस्या और समाधान विषय पर लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में विमर्श आयोजित हुआ जिसमें प्रख्यात कश्मीरी विचारक श्री सुशील पंडित जी का व्याख्यान हुआ एवं जिज्ञासा समाधान भी किया गया। कार्यक्रम की संख्या ४५० रही।

इस माह चार शनिवार को केन्द्र कार्यालय पर केन्द्र वर्ग हुआ जिसमें संख्या ४१ रही। तीन संस्कार वर्ग हुए जिसमें संख्या ७२ रही।

सितम्बर

८ सितम्बर को संस्कार वर्ग के बच्चों के मध्य शिकागो उद्बोधन प्रतियोगिता आयोजित की गई जिसमें  संख्या २१ रही।

११ सितम्बर को 'विश्व बंधुत्व दिवस' के अवसर पर लखनऊ केन्द्र द्वारा शिकागो सम्भाषण प्रतियोगिता का अंतिम चरण आयोजित हुआ जिसमें मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी जी रहे। कार्यक्रम की संख्या ६०० रही।

इस माह में चार शनिवार को केन्द्र वर्ग हुए जिसमें संख्या ३६ रही तथा तीन संस्कार वर्ग हुए जिसमें संख्या ६० रही।

अक्टूबर

१६ अक्टूबर से २० अक्टूबर तक स्थानीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉपरेटिव मैनेजमेंट में हुआ जिसमें शिविरार्थियों की संख्या २२ एवं कार्यकर्ताओं की संख्या ७ रही। शिविर में स्वामी सुजयानन्द, प्रो. सी.वी वर्मा, डॉ. डी. एन लाल, प्रो. एस. पी त्रिपाठी, डाॅ. शैलजा भट्टाचार्या, प्रो. शीला मिश्रा, प्रो. मृदुला सहाय, प्रो. महेश झा, प्रो. पी. के सिंह, श्री अरूणेन्द्र श्रीवास्तव, श्री अश्विनी जी, सुश्री शोभिता टण्डन एवं श्री दुर्गेश मिश्रा उद्बोधन हुआ।

२० अक्टूबर को भारत परिक्रमा पर निकले हुए श्री थंगाराजा जी का स्वागत लखनऊ में किया गया। अगले दिन २१ अक्टूबर को केन्द्र कार्यालय पर उनका ओजस्वी उद्बोधन हुआ जिसमें केन्द्र के कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया ने श्री थंगाराजा जी का इंटरव्यू लिया। तदुपरान्त ग्यारह बाइक एवं दो गाड़ियों की एक रैली केन्द्र कार्यालय से हज़रतगंज तक श्री थंगाराजा जी के साथ गई एवं उन्हें शुभकामनाओं सहित विदा किया।

इस माह तीन शनिवार को केन्द्र वर्ग आयोजित हुआ जिसमें संख्या ३१ रही। इस माह में एक नया संस्कार वर्ग प्रारम्भ हुआ। कुल चार संस्कार वर्ग हुए जिसमें संख्या ६० रही।

Wednesday, November 27, 2019

International Day Of Yoga 2019 Celebrated at Uttar Pradesh


Vivekananda Kendra Kanyakumari, Uttar Pradesh organized fifth International Day Of Yoga on 21st June 2019 at 3 places of Uttar Pradesh, in which 270 people participated. The programs have been organized in three Vibhag of Vivekananda Kendra Kanyakumari, Uttar Pradesh.

In Lucknow Vibhag 1 place International Day Of Yoga has been organized in which 125 participants, in Gorakhapur Vibhag 1 Places - International Day Of Yoga has been organized in which 129 participants and in Kanpur Vibhag 1 Place - International Day Of Yoga has been organized in which 16 participants.

Monday, December 3, 2018

स्वामी विवेकानन्द जी के शिकागो भाषण ने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया

11 सितम्बर:: स्वामी विवेकानन्द जी के शिकागो भाषण की 125 वीं वर्षगांठ के अवसर पर विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी की लखनऊ शाखा द्वारा आज  “विश्व बंधुत्व दिवस” का आयोजन,  लखनऊ विश्व विद्यालय के मालवीय सभागार में सायं 4.30 बजे से किया गया जिसमे बतौर मुख्य अतिथि माननीय श्री राम नाईक , माननीय  राज्यपाल उत्तर प्रदेश, मुख्य वक्ता माननीय न्यायमूर्ति श्री शबीहुल हसनैन, लखनऊ उच्च न्यायालय तथा विशिष्ठ अतिथि श्रीमती संयुक्ता  भाटिया, माननीय महापौर, लखनऊ उपस्थित थीं I माननीय श्री राम नाईक , माननीय  राज्यपाल उत्तर प्रदेश ने  दीप प्रज्वल्लित कर उक्त कार्यक्रम का उद्घाटन किया ! केंद्र द्वारा स्वामी विवेकानन्द जी के ऐतिहासिक शिकागो भाषण पर आधारित भाषण प्रतियोगिता में चयनित 18 प्रातिभागियो को माननीय अतिथियों द्वारा उक्त कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया I

मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता तथा विशिष्ठ अतिथि के अतिरिक्त जो अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे उनमे  प्रो एस. पी. सिंह माननीय कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ. दयानन्द लाल  संचालक, विवेकानन्द केन्द्र, मेजर जनरल अजय चतुर्वेदी, विमर्श प्रमुख, विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ तथा प्रमुख थे I पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम सभी गणमान्य विशिष्ठ जनों के कर कमलों द्वारा सम्पादित  किया गया ।

विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ के संगठक श्री अश्वनी ने बताया कि  विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी एक  अध्यात्म प्रेरित सेवा संगठन है, जिसका उदेश्य स्वामी विवेकानंद के विचार “व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण” के आधार पर कार्य करना है । केंद्र सम्पूर्ण  देश मे 856 शाखाओ,70 शिक्षण संस्थानो, 14प्रकल्पों के माध्यमों  से अपनी  गतिविधियों का  संचालन करता है ।   

श्री अश्वनी ने आज के कार्यक्रम की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी के शिकागो भाषण की 125 वीं वर्षगांठ के अवसर पर उनके भाषण पर आधारित भाषण प्रतियोगिता लगभग 60 विद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में लगभग 5000 प्रतिभागियों के बीच विगत दो सप्ताह में आयोजित कराया गया जिसमे से चयनित 18प्रातिभागियो को आज पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है I उन्होंने कहा कि  निश्चितरूप से स्वामी विवेकानन्द के तेजश्वी विचारों से विद्यार्थी अवगत हुए होंगे और उन्हें उनसे राष्ट्र निर्माण हेतु  प्रेरणा भी मिली होगी । श्री अश्वनी ने बताया कि विवेकानन्द केंद्र पूरे भारत में प्रत्येक वर्ष इस दिवस को “विश्वबंधुत्व” के रूप में मनाता है और  इसी प्रकार युवाओं के बीच भाषण प्रतियोगिता आयोजित करता है I

मुख्य वक्ता माननीय न्यायमूर्ति श्री शबीहुल हसनैन, लखनऊ उच्च न्यायालय ने अपने संबोधन में विस्तार से विवेका नन्द जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला I उन्होंने कहा कि स्वामी जी एक निर्विवाद मार्गदर्शक थे उनका 1893 का शिकागो की धर्म संसद में दिया गया भाषण भारत की संस्कृति और सभ्यता के प्रत्येक पहलुओं का सन्देश देता है I

विशिष्ठ अतिथि श्रीमती संयुक्ता  भाटिया, माननीय महापौर, लखनऊ ने कहा कि विवेकानन्द केंद्र द्वारा इस तरह के राष्ट्र निर्माण के कार्यक्रमों की जितनी सराहना की जाए कम है I उन्होंने कहा कि निःसंदेह ऐसे ही कार्यक्रमों से युवाओं में राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा को बल मिलेगा ! उन्होंने सभी विजेताओं की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाईयाँ दीं I

मुख्य अतिथि माननीय श्री राम नाईक , माननीय  राज्यपाल उत्तर प्रदेश ने कहा कि 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में जन्में नरेंद्र नाथ आगे चलकर स्वामी विवेकानंद के नाम से मशहूर हुए. विवेकानंद की जब भी बात होती है तो अमरीका के शिकागो की धर्म संसद में साल 1893 में दिए गए भाषण की चर्चा ज़रूर होती है ये वो भाषण है जिसने पूरी दुनिया के सामने भारत को एक मजबूत छवि के साथ पेश किया I उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने उस भाषण में दुनिया की सबसे पुरानी संत परंपरा और सभी धर्मों की जननी “भारत” के तरफ़ से धन्यवाद दिया और सभी जातियों और संप्रदायों के लाखों-करोड़ों हिंदुओं की तरफ़ से लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया में सहिष्णुता का विचार पूरब के देशों से फैला है जिसने दुनिया को सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया I उन्होंने यह भी कहा कि हम सिर्फ़ सार्वभौमिक सहिष्णुता पर ही विश्वास नहीं करते बल्कि, हम सभी धर्मों को सच के रूप में स्वीकार करते हैं और उन्हें अपने यहां शरण भी दिया है

केंद्र के सचालक श्री दयानंद लाल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें स्वामी विवेकानन्द जी के जीवन को निरंतर पढने और उससे प्रेरणा लेने की सलाह दी तथा अंत में उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का ह्रदय से धन्यवाद ज्ञापित किया I

आज के इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों के अतिरिक्त उनके अभिभावक, अध्यापक तथा केन्द्र के सभी कार्यकर्त्ताओं के साथ कुल लगभग 700 लोग उपस्थित थे  I

Tuesday, June 26, 2018

SANSKAAR VARGA BAL MAHOTSAV LUCKNOW

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की लखनऊ शाखा द्वारा 'संस्कार वर्ग बाल महोत्सव' का आयोजन किया गया जिसकी पूर्व योजना एवं अनुवर्तन हेतु प्रथम बैठक अप्रैल के प्रथम सप्ताह में की गई जिसमे केन्द्र के सह नगर प्रमुख, युवा प्रमुख, कार्य-पद्धति प्रमुख के साथ-साथ ११ कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। बैठक में केन्द्र के शुभचिन्तक श्री. एन.पी. सिंह(आईएएस), परियोजना निदेशक उत्तर-प्रदेश, वानप्रस्थी कार्यकर्ता श्री. के. सी. गुप्ता एवं संगठक अश्विनी जी ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

समूर्ण लखनऊ को चार विस्तारों में बांटा गया है और प्रत्येक विस्तार में आयोजन की योजना बनी। स्वामी विवेकानन्द एवं योग पर आधारित पाँच प्रकार की प्रतियोगिताओं का होना निश्चित किया गया जिनमें सूर्यनमस्कार, पोस्टर, संभाषण, निबन्ध (राष्ट्र निर्माण और स्वामी विवेकानन्द) एवं एकल देशभक्ति गीत थे। सभी प्रतियोगिताओं को दो समूहों में वर्गीकृत किया गया जिसमें प्रथम वर्ग कक्षा ६ से ८ तक एवं द्वितीय वर्ग कक्षा ९ से १२ तक के विद्यार्थियों का होना सुनिश्चित किया गया।

द्वितीय बैठक ठीक चार दिवस बाद हुई जिसमें केन्द्र के संचालक डॉ. दयानन्द लाल, प्रान्त संपर्क प्रमुख प्रो. शीला मिश्रा, सह संचालक प्रो. एस. पी. त्रिपाठी, नगर प्रमुख प्रो. सुभाष कुमार यादव, संपर्क प्रमुख प्रो. सुषमा मिश्रा, सह नगर प्रमुख प्रो. शिवाकर  सहित १५ कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

प्रतियोगिता करने हेतु विस्तारश: दायित्वों का निर्धारण किया गया दक्षिण तथा पश्चिम विस्तार का दायित्व नगर प्रमुख प्रो. सुभाष कुमार यादव एवं सम्पर्क प्रमुख प्रो. सुषमा मिश्रा ने लिया। उत्तर एवं पूर्वी विस्तार का दायित्व सह नगर प्रमुख डॉ. शिवाकर तिवारी, युवा प्रमुख श्री. दुर्गेश, कार्य पद्धति प्रमुख सुश्री शोभिता टण्डन, श्री उपेन्द्र एवं सुश्री सीमा सिंह ने लिया। विद्यालय के प्रबंधतंत्र से वार्ता एवं शिक्षकों से संवाद का दायित्व श्री. एन. पी. सिंह, प्रो. शीला मिश्रा एवं प्रो. सुषमा मिश्रा ने लिया। इसमें लखनऊ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. एस. पी. सिंह तथा केन्द्र के शुभचिंतक प्रो. मौलिंदु जी ने भी विद्यालय प्रबंधतंत्र से वार्ता कर प्रतियोगिताओं को अधिकतम विद्यालयों तक विस्तारित करने में सहयोग प्रदान किया।

चारों विस्तारों में १२५ विद्यालयों से संपर्क किया गया, जिसमें ३७ विद्यालयों के ६१५ विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

९ मई को उत्तर विस्तार के विद्यालयों की प्रतियोगिता अलीगंज के आर. के. एस. हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रातः ८ बजे से प्रारंभ की गई, जिसमें १२४ विद्यार्थियों के साथ-साथ १५ शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों के साथ ‘राष्ट्र पुनर्निर्माण में हमारी भूमिका’ पर संवाद रखा गया। इस चर्चा को केन्द्र की ओर से प्रो. शीला मिश्रा एवं डॉ. दयानंद लाल जी ने संपन्न कराया। कार्यक्रम के समापन सत्र में श्री. एल. वेंकटेश्वर लू (आईएएस), मुख्य चुनाव अधिकारी उत्तर- प्रदेश एवं श्री. एन. पी. सिंह (आई.ए.एस) परियोजना निदेशक उत्तर-प्रदेश ने मुख्य रूप से सादर उपस्थित होकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार श्री. केदार नाथ धर जी (पूर्व आईपीएस) एवं प्रो. शीला मिश्रा द्वारा प्रदान किए गये।

१० मई को पूर्वी विस्तार की प्रतियोगिता टी. डी. गर्ल्स इंटर कॉलेज गोमतीनगर में संपन्न कराई गई जिसमें शिक्षकों के साथ चर्चा प्रो. शीला मिश्रा जी ने की और समापन सत्र में श्री. अतुल जी पूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर-प्रदेश पुलिस एवं डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह निदेशक बेसिक शिक्षा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन एवं पुरस्कार प्रदान किया। पूर्वी विस्तार के कार्यकर्ताओं प्रो. ब्रिजेश कुमार श्रीवास्तव, श्री कुंदन लाल, इ. विपिन चन्द्र त्रिपाठी, श्रीमती मीरा मिश्रा, श्रीमती ज्योत्सना सिंह, श्रीमती अचला खन्ना, वानप्रस्थी कार्यकर्ता श्री. के. सी. गुप्ता,  श्री.आशुतोष सिंह, सुश्री सुदर्शनी पाण्डेय, सुश्री आरती सिंह आदि कार्यकर्ताओं ने निर्णायक मंडल की भूमिका का निर्वहन किया। टी. डी. गर्ल्स कॉलेज के प्रबंधक श्री. महादेव प्रसाद यादव, प्राचार्या श्रीमती लक्ष्मी सिंह एवं अध्यापकगण ने व्यवस्था का दायित्व संभाला। यहाँ प्रतिभागियों की संख्या १२८ एवं शिक्षकों की संख्या १५ रही।

दक्षिणी एवं पश्चिमी विस्तार की प्रतियोगिता ११ मई को एक साथ बाल विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, चारबाग में संपन्न की गई। प्रतियोगिता को संपन्न कराने हेतु संस्थान का सहयोग अपरिमित था. दो विस्तार एक साथ होने के कारण अन्य विस्तारों के कार्यक्रर्मों की अपेक्षा यहाँ संख्या अधिक थी। महत्वपूर्ण बात ये थी कि यहाँ लगभग ५० शिक्षक सहभागी हुए जिनके साथ केन्द्र की प्रान्त संपर्क प्रमुख प्रो. शीला मिश्रा जी की एक सार्थक चर्चा हुई।

प्रतियोगिता संपन्न होने के पश्चात् समापन सत्र में श्री. प्रकाश सिंह जी (पद्मश्री सम्मानित पूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर-प्रदेश पुलिस एवं सीमा सुरक्षा बल) तथा श्री एन. पी. सिंह जी का मार्गदर्शन विद्यार्थियों को प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों ने गणमान्य महानुभावों के समक्ष अपनी जिज्ञासाओं को रखा जिसका समाधान उनके द्वारा किया गया। श्री. प्रकाश सिंह जी ने अपने जीवन के अनेक प्रेरणादायी अनुभव बच्चों के साथ साझा किए। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.

प्रतियोगिता का अंतिम चरण १७ मई को लखनऊ विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग एवं मालवीय सभागार में रखा गया जिसमें सभी विस्तारों के विजेता विद्यार्थियों एवं टीमों को बुलाया गया तथा उनके मध्य प्रतियोगिता कराई गई। इस कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ प्रो. शीला मिश्रा एवं श्री एन. पी. सिंह ने चर्चा की। इसी दिन “राष्ट्र पुनर्निर्माण में युवाओं का योगदान”  विषय पर विमर्श का भी कार्यक्रम रखा गया जिसमें मुख्य वक्ता ले. जनरल जे. के. शर्मा AVSM, VSM ( चीफ ऑफ़ स्टाफ, सेन्ट्रल कमांड, लखनऊ) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. एस. पी. सिंह, माननीय कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय एवं संयोजक मेजर जनरल (से.नि.) अजय कुमार चतुर्वेदी (AVSM,VSM), समन्वयक, विमर्श विवेकानन्द केन्द्र लखनऊ ने किया। विमर्श के कार्यक्रम में युवाओं एवं वरिष्ठों के साथ-साथ लगभग चार सौ साठ लोग सम्मिलित हुए जिसमें अनेक प्रोफेसर,  सेना के अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक, केन्द्र शुभचिंतक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में जनरल शर्मा ने श्रोताओं की जिज्ञासा का समाधान किया और विजेता विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

सम्पूर्ण कार्यक्रम को व्यवस्था की दृष्टि से संपर्क, पंजीकरण, कार्यालय एवं बौद्धिक में बांटा गया था इस हेतु कार्यकर्ताओं की टोली बनाई गई। सम्पूर्ण व्यवस्था पंजिकरण एवं  संचालन के दायित्व में डॉ. शिवाकर, सुश्री शोभिता, सुश्री सीमा, सुश्री रुपाली, सुश्री वर्षा, श्री सौम्य, श्री पीयूष, श्री उपेन्द्र, श्री संदीप, श्री सत्या, श्री कृष्णा, श्री शेखर थे।

इस सम्पूर्ण आयोजन के अनुवर्तन की भी योजना बनी है सभी सम्मिलित विद्यार्थियों को लखनऊ के विभिन्न विस्तारों में २२ मई से २५ जून तक होने वाले अनिवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर में सपर्क करके सम्मिलित करना तत्पश्चात आवासीय संस्कार वर्ग प्रशिक्षण वर्ग शिविर का आयोजन करते हुए संस्कार वर्ग की संख्या बढ़ाना तथा संस्कार वर्गों को  व्यवस्थित करते हुए सातत्य प्रदान करने की योजना है। सम्पर्कित विद्यालयों के शिक्षकों हेतु ‘समर्थ शिक्षक समर्थ भारत’ कार्यशाला का आयोजन करना भी अनुवर्तन की योजना का अंग है।

[29/05, 2:33 PM] 8564068300: विवेकानन्द केन्द्र के कार्य को उत्तर प्रदेश में

विस्तार देने के लिए विमर्श का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य वक्ता श्री. सुशील पंडित जी रहे।

अमेठी के महर्षि शांडिल्य शिक्षण संस्थान में 18 मई को प्रात: 11:30 बजे से 'कश्मीर की सांस्कृतिक परिस्थिति वर्तमान परिप्रेक्ष्य में' विषय पर विमर्श था जिसमें 100 लोग उपस्थित रहे।

रायबरेली में 18 मई को सायं 5 बजे 'कश्मीर में भारत के सामर्थ्य को चुनौती' विषय पर विमर्श था। इस कार्यक्रम में इंस्टिट्यूट ऑफ नेशनल फैशन डिजाइन के निदेशक प्रो भरत शाह द्वारा  कार्यक्रम की अध्यक्षता की गया। कार्यक्रम में रायबरेली नगर के लगभग 250 प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

प्रतापगढ़ में 19 मई को प्रात: 11:30 बजे कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत विषय पर कार्यक्रम था जिसमें प्रबुद्ध वर्ग के 90 लोग सम्मिलित हुए।

19 मई को प्रयागराज के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के सभागार में 'स्वामी विवेकानन्द के सपनों का भारत' विषय पर सायं 5:00 बजे व्याख्यान हुआ।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, पूर्व कुलपति बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ने की।कार्यक्रम में 70 प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

Tuesday, November 28, 2017

भगिनी निवेदिता की 150वी जयंती के उपलक्ष में लखनऊ में कार्यक्रम

6 नवम्बर को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के कलाम सेंटर में भगिनी निवेदिता की 150वी जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम MBBS एवम MD करने वाले 270 छात्र छात्राएं सहभागी हुए। विशिष्ट लोगो मे प्रो. विनोद जैन, डीन, पैरा मेडिकल,विख्यात यूरोलोजिस्ट प्रो.विश्वजीत ,प्रो. राहुल जगत(यूरोलॉजी विभाग kgmu), गैस्ट्रो सर्जरी के प्रो. संजीव रुंगटा KGMU केन्द्र के शुभचिंतक प्रो. मौलीन्दू मिश्र,प्रो. शीला मिश्र,प्रो.आर बी सिंह, डॉ. भूपेंद्र,डॉ.आशुतोष और अन्य केन्द्र युवा सम्मिलित हुए। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एस. पी. सिंहे ,KGMU के कुलपति प्रो.एम.एल. बी.भट्ट एवं प्रो.विनोद जैन का उद्बोधन हुआ। मुख्य वक्ता-अश्विनि कुमार, संगठक,विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा-लखनऊ ने भगिनी निवेदिता के जीवन एवं भारत प्रेम को भावपूर्ण होकर बताया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. विनोद जैन ने किया।

Thursday, July 21, 2016

लखनऊ शाखा द्वारा 20 मई से 21 जून तक 10 स्थानों पर व्यक्तित्व विकास शिबिर

केंद्र की लखनऊ शाखा द्वारा 20 मई से 21 जून तक 10स्थानों पर व्यक्तित्व विकास शिबिर का आयोजन किया गया।  जिसमे कुल 275 शिविरार्थियों ने भाग लिया।

Tuesday, May 24, 2016

पाँच दिवसीय अनिवासीय व्यक्तित्व विकास शिविर

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ द्वारा कक्षा 5 से 10 वी तक के विद्यार्थियो का व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन गोमती नगर के विपुल खंड-5 मे किया गया।

शिविर 21 मई से 25 मई तक होगा। प्रथम दिवस शिविर का उद्घाटन केन्द्र के लखनऊ महानगर के संचालक डॉ. दयानन्द लाल (सेवानिवृत आई.ए.एस.) के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वामी विवेकानन्द के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके किया गया। अपने उद्घाटन उद्बोधन मे मा. संचालक जी ने शिविरर्थियों को स्वामी जी के जीवन चरित्र के विषय मे बताते हुए उनकी शिक्षायों के अनुसार जीवन जीने एवं प्रेरणा प्राप्त करने का आग्रह किया। उद्घाटन सत्र मे नगर प्रमुख श्री अरुनेन्द्र जी , योग प्रमुख प्रमोद जी, संस्कार वर्ग प्रमुख शोभिता टंडन,कु. शुभंगिनी,सेवा प्रमुख श्रीमती मनोरमा लाल, आदि वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

शिविर मे श्री प्रमोद जी एवं कु. शुभांगी द्वारा योग एवं सूर्यनमस्कर का प्रशिक्षण दिया गया। शारीरिक,मानसिक,एवं बौद्धिक क्षमता को बड़ाने हेतु डमरू दौड़,केन्द्र चलो,धरती आकाश पाताल आदि खेल भी हुए।

दिनचर्या एवं समय के महत्व विषय पर दो गणों स्वामी विवेकानन्द एवं भगिनी निवेदित मे समूह चर्चा भी हुआ। जिसमे सर्वज्ञ एवं सार्थक ने अपने-अपने गणो की प्रस्तुति दिया। समूह चर्चा का समिगप देश के प्रख्यात हिन्दी साहित्यकार एवं कवि डॉ. सर्वेश अस्थाना ने किया। शिविर मे कुल 29 शिविरार्थी भाग ले रहे है। 6 कार्यकर्ताओं की टीम प्रशिक्षण मे लगी है ।

इस प्रकार के अन्य चार शिविए 20 जून तक लखनऊ के विभिन्न स्थानो पर आयोजित किए जाएंगे जिसकी योजना बन चुकी है।

पटना में सात दिवसीय योग शिविर आयोजन

Yoga-Satra-Patana-May-2016
विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की शाखा पटना द्वारा सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन श्यामल हॉस्पीटल, मौर्या पथ, खाजपुरा में सुबह 6 बजे से 7 बजे तक किया गया। इस शिविर में कुल 19 प्रतिभागी रहे।

इस 7 दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य जन-जन तक योग की महत्ता को पहुँचाना है। आज दिनांक 16.05.2016 को योग शिविर का समापन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आई० एम० ए० के पूर्व अध्यक्ष डॉ० अजय कुमार जी उपस्थित रहे। उन्होने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पतंजलि के अष्टांग नियमों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है उनका हम अपने जीवन में कितना पालन कर सकते है और उन्होंने कहा कि योग आधे घंटे की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह 24 घंटे चलने वाली प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हम शरीर को स्वस्थ और मन को शान्त रख सकते है।

इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र की पटना शाखा के नगर प्रमुख श्री ज्ञानेश्वर शर्मा जी ने केन्द्र का परिचय देते हुए बताया कि विवेकानन्द केन्द्र योग के माध्यम से स्वामी जी द्वारा बताये गए योग की संकल्पना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्हें केन्द्र से नियमित जुड़ने और योग नियमित दिनचर्या का अंग बनाने के लिए आह्वान किया।

शिविर समापन के मौके पर श्यामल हॉस्पीटल के संचालक डॉ० संतोष सिंह ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

Friday, May 20, 2016

त्रिदिवसीय स्थानीय प्रशिक्षण शिविर

Karyakarta Prashikshan Shibir - Gaya 2016केन्द्र की गया शाखा द्वारा दिनांक 12मई से 15 मई 2016 तक त्रिदिवसीय स्थानीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन बिड़ला धर्मशाला, बोधगया में किया गया।
इसमें 4 कार्यक्रम लेने वालों के अलावे 4 महिलाएँ एवं 6 पुरूषों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का संचालन श्री मुकेश कीर, बिहार प्रांत संगठक ने किया। प्रातः स्मरण, योगाभ्यास, प्रणायाम, गीता पाठ, चर्चा सत्र, श्रम संस्कार, भजन, देशभक्ति गीत का अभ्यास शिविर में कराया गया।

Wednesday, January 13, 2016

स्वामी विवेकानंद जयंती समर्थ भारत पर्व - Lucknow

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी लखनऊ के द्वारा स्वामी विवेकानंद जयंती समर्थ भारत पर्व का आयोजन किया गया। जिसमे 1950 युवाओं एवं 500 वरिष्ठ लोगो ने भाग लिया। 1950 युवाओं ने समूहिक सूर्यनमस्कार एवं योग भी किया ।
कार्यक्रम मे spiritulising life पुस्तक का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राम नाईक,माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश, विशिष्ट अतिथि प्रो. दिनेश शर्मा महापौर, लखनऊ, मुख्य वक्ता स्वामी निर्विकल्पानंद जी, रामकृष्ण मठ लखनऊ थे।
स्वागत भाषण प्रो. एस.डी.शर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन विवेकानंद केंद्र लखनऊ के संचालक श्री दयानन्द लाल जी ने किया। कार्यक्रम मे कुल 35 शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया ।

Thursday, November 26, 2015

लखनऊ में साधना दिवस

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी की लखनऊ शाखा के तत्वधान मे 19 नवंबर को ‘साधना दिवस’ मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री राजनाथ सिंह ‘सूर्य’ वरिष्ठ पत्रकार,स्तंभकार एवं राज्य सभा के पूर्व संसद थे। श्री राजनाथ सिंह जी ने माननीय एकनाथजी के जीवन के संसमरणों को बताया जो उनके समक्ष हुआ था। कार्यक्रम मे कुल 40 कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर एकनाथजी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते हुवे राष्ट्र कार्य का संकल्प लिया।

Thursday, November 19, 2015

लखनऊ में व्यक्तित्व विकास युवा कार्यशाला

विवेकानन्द  केन्द्र कन्याकुमारी की लखनऊ शाखा के तत्वधान मे 5 नवंबर को सहजनवा के बाबू रामजी सिंह महाविद्यालय मे एक दिवशीय  व्यक्तित्व विकास युवा कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमे पाँच महाविद्यालयों के 130 छात्रों  के साथ-साथ लगभग 30 शिक्षकों एवं गणमान्य स्थानीय लोंगों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्घाटन श्री राम चन्द्र राय महाप्रवंधक वित्त उत्तर-पूर्व रेलवे गोरखपुर ज़ोन एवं विवेकानन्द केन्द्र के अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव श्री किशोर जी ने किया। मुख्य वक्ता के रूप मे प्रो. विनोद सोलंकी,इंगलिश विभाग गोरखपुर विश्वविद्यालय थी।
कार्यक्रम मे योगाभ्यास,प्राणायाम, समूह चर्चा तथा प्रस्तुतीकरण कराया गया। समूह चर्चा के लिए पाँच गणो का गठन किया गया था जिसको श्री रवि प्रकाश, श्री अरुनेन्द्र,श्री अवधेश, अश्वनी ,डॉ. आलोक गुप्ता ने चर्चा को संपादित किया।
कार्यक्रम के समापन सत्र मे डॉ. वेद प्रकाश पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य सेवरही महाविद्यालय कुशीनगर, मुख्य वक्ता थे।
कार्यशाला के मे योजना बनी की स्थानीय शहीद स्मारक जो अत्यंत ही अपेक्षित है, उसका सुंदरीकरण 29 नवंबर को एक साथ एकत्रित होकर किया जाएगा। और प्रत्येक शहीद दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस स्मारक की विशेषता है कि 1942 के आंदोलन मे यहा पर अंग्रेज़ो से संघर्ष करते हुवे 16 नागरिक शहीद हो गए थे। वर्तमान मे यह अत्यंत अपेक्षित अवस्था मे है।

Tuesday, November 17, 2015

लखनऊ में किशोरी विकास शिविर

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ द्वारा 8 नवम्बर को एक दिवसीय  ‘किशोरी विकास शिविर’ का आयोजन किया गया। लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश महिला छात्रावास के प्रांगण मे आयोजित कार्यशाला मे 7 महिला महाविद्यालय एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के 20 विभागों की 85 छात्राओं ने कार्यशाला में भाग लिया।  लखनऊ केन्द्र के कार्यकर्ताओं एवं महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय के प्रोफेशर भी लगभग 30 की संख्या मे कार्यशाला मे सम्मिलित हुवे।
कार्यक्रम का उद्घाटन लखनऊ विश्वविद्याल के कुलपति प्रो. एस.बी. निमसे तथा विवेकानन्द केन्द्र के लखनऊ महानगर शाखा के संचालक श्री दयानन्द लाल(आइ.एए. एस.) ने किया। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. शैलेंद्र नाथ कपूर,पूर्व विभागाध्यक्ष प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय थे। उद्घाटन सत्र मे लखनऊ विश्वविद्याल चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आर.के.सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.अनिल शुक्ला,कैलाश छात्रावास की प्रोवोस्ट प्रो. शीला मिश्रा,बॉटनी विभाग की प्रो.रत्ना कटियार आदि मुख्य गणमान्य महानुभावों की उपस्थिती रही।
उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. शैलेंद्र नाथ कपूर ने भारतीय नारी के गौरवपूर्ण इतिहास के अनेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुवे वर्तमान परिप्रेक्ष्य मे उसकी प्रासंगिकता को अति आवश्यक बताया। प्रो. कपूर ने स्वामी विवेकानन्द एवं सिस्टर निवेदिता से संबन्धित अनेक प्रसंगों को बताते हुवे कहा कि आज की नारी को इनसे प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए। इससे उनको मार्गदर्शन एवं जीवन का उदेश्य प्राप्त होगा।
माननीय कुलपति ने अपने उद्बोधन मे आभार जताया की विवेकानन्द केन्द्र इसप्रकार का कार्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कर रहा है। माननीय कुलपति ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को भविष्य मे भी करते रहने का आग्रह किया। लखनऊ केन्द्र के संचालक माननीय श्री दयानन्द लाल जी ने उद्घाटन सत्र के सभी अतिथियों को धन्यबाद ज्ञापन करते हुवे कहा की केन्द्र की लखनऊ शाखा युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानन्द के दर्शन पर आधारित व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र पुनरुउत्थान के कार्यक्रमों को संचालित करता रहेगा।  
कार्यक्रम का दूसरा सत्र समूह चर्चा का था। व्यक्तित्व विकास पर चर्चा हेतु अनुसूइया,गार्गी,सावित्री,शारदा,निवेदिता नाम के पाँच गणों का गठन किया गया। समूह चर्चा का विषय डॉ. राखी खरबन्दा,लखनऊ महानगर दक्षिण की संचालिका ने प्रस्तुत किया। डॉ.श्वेता तिवारी,सुश्री माहेश्वरी मिश्रा,श्री अरुनेन्द्र श्रीवास्तव,श्री प्रमोद सक्सेना, श्री शिवपूजन,अश्वनी ने गण प्रमुख के रूप मे चर्चा को संपादित कराया। सभी गणों मे योगाभ्यास,प्राणायाम भी कराया गया।
कार्यक्रम के समापन सत्र मे मुख्य वक्ता श्रीमती सुतापा(IPS) पुलिस महानिदेशक महिला प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश पुलिस थी। सुतापा जी ने नारी को अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वामी विवेकानन्द के विचारों के अनुसार नारी शक्ति जागरण हेतु प्रयास करने का संकल्प भी दिलाया। समापन सत्र मे श्री दयानन्द लाल,संचालक लखनऊ केन्द्र ने केन्द्र की गतिविधियों से शिविरर्थियों एवं अतिथियों को परिचित कराया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शीला मिश्रा ने दिया।   
योजना स्वरूप एक स्वाध्याय मण्डल का गठन किया गया जिसमे रुचि रखने वाले विद्यार्थी दीपावली बाद प्रत्तेक रविवार को सम्मिलित होंगे समूह चर्चा के साथ-साथ योगाभ्यास करेंगे।

Saturday, September 19, 2015

लखनऊ में विश्व बन्धुत्व दिवस

विश्व बन्धुत्व दिवस का कार्यक्रम विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राम नाईक, माननीय श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेश थे। श्री राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में स्वामी विवेकानन्द के तेजस्वी विचारो पर प्रकाश डाला तथा केन्द्र की गतिविधियों के विषय में भी लोगो को बताया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रकाश सिंह (अाई पी एस से नि) पूर्व पुलिस महानिवेशक उत्तरप्रदेश पुलिस एवं बी एस एफ थे। श्री प्रकाश सिंह जी ने युवाअों को चरित्र निर्माण करके समाज एवं राष्ट्र की सेवा करने का आह्वान किया। श्री प्रकाश सिंह ने पूर्वोत्तर भारत मे केन्द्र द्वारा संचालित गतिविधियों के विषय मे भी प्रकाश डाला अौर उसको देश के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।

मुख्य वक्ता के रुप में डा विक्रम सिंह पूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस, एवं कुलपति नोएडा इंटरनेशनल विश्वविध्यालय, ने कहा की आज के युवाअों को स्वामी विवेकानन्द के विचारो से प्रेरणा लेकर आलस्य त्याग कर भारतीय संस्कृति को विश्व के कोनेकोने तक पहुचाना चाहिये। जिस प्रकार स्वामी विवेकानन्द ने सम्पूर्ण विश्व को भारतिय संस्कृति से परिचित कराया था उसी प्रकार आज के युवाअों को विश्व मे भारतीय संस्कृति का उद्घोष करना चाहिये। कार्यक्रम मे स्वागत भाषण डा सुरेन्द्र प्रसाद सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन केन्द्र के लखनऊ महानगर के संचालक श्री दयानन्द लाल ने दिया। कार्यक्रम मे श्रोताअों की संख्या लगभग ९०० थी। जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, सेना के अधिकारी, प्रोफेसर तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अन्त में ले जनरल मानवेन्द्र सिंह तथा अन्य विशिष्ठ व्यक्तियों द्वारा विध्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

Monday, June 8, 2015

लखनऊ में व्यक्तित्व विकास शिबिर

विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा लखनऊ के तत्वाधान मे बच्चो एवं युवाओ के लिए व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन विकास नगर,पार्क,  सैक्टर -2,  माया अपार्टमेंट के सामने किया गया। जिसका उदघाटन श्री के. के. बंसल भूतपूर्व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस,ने किया। मुख्य वक्ता श्री डी. एन. लाल, आइ. ए. एस. थे।

शिविर मे बच्चो को व्यक्तित्व विकास के सभी आयामो से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के . के. बंसल ने कहा की बच्चो एवं युवाओ को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करके माता-पिता तथा गुरुजनों का सम्मान का करते हुवे  जीवन जीना चाहिए। श्री बंसल ने अपने विद्यार्थी जीवन के समय  का उदाहरण भी बताया।

मुख्य वक्ता श्री डी. एन. लाल ने जीवन मे मेहनत से पढ़ाई करेके देश एवं राष्ट्र की सेवा करने का संदेश दिया। ओ.एन. जी. के इंजिनीयर श्री  एस. के. जुतसी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन का एकाग्रता का उदाहरण देते हुवे शिविरार्थियों को एकाग्रता के महत्व के विषय मे बताया।श्री जुतसी ने मूल्यपरक जीवन जीने के लिए बच्चो को प्रेरित किया।

विवेकानंद केंद्र के संगठक अश्वनी ने योग, सूर्यनमस्कर समूह चर्चा के माध्यम से शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास  का पकेज दिया। श्री अश्वनी ने कहा कि बच्चे  ही इस  देश का भविष्य है जिनके योगदान से आगे चलकर हमारा देश उन्नति करेगा . कार्यक्रम मे शिविरर्थियों के माता- पिता एवं स्थानीय निवासी भी सम्मिलित थे।  यह कार्यक्रम तीन दिन तक प्रतिदिन 6बजे से 9बजे तक प्रातः चलेगा।