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Monday, March 20, 2023

Civil20 Inception Meeting at Nagpur

Dr Joram Begi, Shri Dipankar Mahanta and Ku. Sayanti on behalf of the Vivekananda Kendra Institute of Culture participated in the Civil20 Inception Meeting at Nagpur where the Civil Society Organisations got together to discuss the 14 different themes presented by the respective Working Groups in these two days. Below is given the schedule of the meeting.

Day 1: 20 March, 2023

In the forenoon the Plenary Session I on Balancing Development with Environment was held, covering Working Groups on -  Integrated Holistic Health: Mind, Body, and Environment; Sustainable & Resilient Communities: Climate, Environment, and Net Zero Targets; Lifestyle for Environment (LiFE); Revival of Rivers & Water Management. 

The Chair for this session was Shri Satyananda Mishra, Former Chief Information Commissioner, India and the Invited Speakers were – Dr. Andy Carmone, Dr. Merle de Kreuk, Shri Jadav Payeng, Smt. Indira Khurana. Besides them the WG Coordinators viz., Dr Priya Nair, Dr Maneesha Sudheer, Dr Gajanand Dange and Smt. Vasuki Kalyanasundaram also spoke. 

In the afternoon the Inaugural Ceremony was held with Mata Amritanandmayi on the Chair. The Speakers for this Inaugural Session were – Shri Kailash Satyarthi, Shri Devendra Fadnavis, Ahmad Maftuchan, Alessandra Nilo, Dr. Vinay Sahasrabuddhe, Amb. Vijay Nambiar and Su.Nivedita R Bhide.

Day 2: 21 March, 2023

In the forenoon the Plenary Session II on Civil Society Organisations and Promotion of Human Values was held covering Working Groups on - Sewa – Sense of Service, Philanthropy and Volunteerism; Vasudhaiva Kutumbakam – World is One Family; Diversity, Inclusion, Mutual Respect; Human Rights as Human Values.

The Chair for this session was Shri Shyam Parande, Secretary, Sewa International and the Invited Speakers were – Nasima Hurzuk, Swami Paratmananda and Owain James. Besides them the WG Coordinators viz., Santosh Gupta, Dr.Vikrant Tomar, Dr. Joram Begi and Dr. Durganand Jha also spoke. 

In the forenoon the Plenary Session III on Role of Civil Society in Promoting Human Development was held covering Working Groups on - Gender Equality and Disability (GED); SDG 16+ and Promoting Civic Space; Participative Democracy for Governance and Development.

The Chair for this session was Su.Nivedita R Bhide, Vice-President, Vivekananda Kendra, Kanyakumari and the Invited Speakers were – Gabriella Wright, Shri Bala Subramaniam and Meg Jones. Besides them the WG Coordinators viz., Prof. Bhavani Rao, Nidhi Goyal, Dr. Basavraju R Shreshta and Dr.Jyotsna Mohan also spoke. 

In the afternoon the Plenary Session IV on Civil Society Organisations as Drivers of Innovation and Technology was held covering Working Groups on - Technology, Security, and Transparency; Preservation and Conservation of Traditional Arts, Crafts and Culture; Traditional and Innovative Ways of Livelihood and Employment; Education and Digital Transformation; Special Committee on Finance Issues. 

The Chair for this session was Amb. Vijay Nambiar, Sherpa, C20 2023 and the Invited Speakers were – Alison Lynn Richards, Jaya Jaitly, Veronika Soboleva and Binny Buchori. Besides them the Working Group Coordinators viz., Dr Krishnashree Achuthan, Smt. Kshipra Shukla, Dr.Prema Nedungadi and Deepti George also spoke. 

The Valedictory Session was chaired by Amb. Vijay Nambiar and the Speakers were Dr Vinay Sahasrabuddhe and Amb. Abhay Thakur.

Wednesday, January 22, 2020

विवेकानन्द केन्द्र नागपुर में गीता जयंती का कार्यक्रम

भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में अर्जुन के सम्मुख जो ज्ञान की गंगा बहाई, वह वाणी श्रीमद्भगवद् गीता के रूप में सर्वत्र उपलब्ध है। यह गीता माँ ही है जो हमारा पोषण करती है, हमें ध्येयमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है, उस योग्य बनाती है। इसलिए आचार्य विनोबा भावे ने गीता को "माऊली" अर्थात् माता कहा है। उक्त विचार व्यक्त करते हुए विख्यात सिविल इंजीनियर, संस्कृत तथा गीता मर्म के ज्ञाता श्री श्रीनिवास वर्णेकर ने गीता के उपदेशों को अपने जीवन में अंगीकार करने का आग्रह किया। श्री वर्णेकर रवींद्र नगर स्थित हनुमान मंदिर सभागृह में विवेकानन्द केन्द्र की ओर से आयोजित गीता जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे।

श्री वर्णेकर ने आगे कहा कि गीता में परिवार शब्द नहीं है किन्तु गीता में परिवार संदेश समाया है। गीता स्वार्थ से परमार्थ, व्यष्टि से समष्टि, मैं से हम अर्थात् विश्व या यह सम्पूर्ण सृष्टि ही अपना परिवार है, इसका बोध कराती है। गीता माँ की उंगली पकड़कर हम चलते हैं तो हमारा जीवन सही दिशा में रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि संसार में गीता एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी जयंती मनाई जाती है। ऐसा महान और अद्वितीय ग्रंथ होने के बावजूद भी आज भी अपने ही देश में गीता अध्ययन के प्रति उदासीनता दिखाई देती है। इसलिए आज आवश्यकता है कि गीता ज्ञान के प्रसार के लिए समाज को जगाना होगा।

श्री वर्णेकर ने अपने संबोधन के दौरान गीता के अलग-अलग अध्यायों के दौरान अर्जुन के प्रश्न, उनकी मनोदशा और उसपर भगवान श्रीकृष्ण का मार्मिक उत्तर का उल्लेख किया है। साथ ही गीता के श्लोकों का उदाहरण देते हुए उन्होंने धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों के मर्म को समझाया। आइए, हम गीता पढ़े, पढ़ाएं और उसे अपने जीवन में अपनाएं।

उल्लेखनीय है कि विवेकानन्द केन्द्र की ओर से देशभर में गीता जयंती मनाई जाती है। इस समारोह में भारी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Monday, December 3, 2018

विवेकानन्द केन्द्र में निःशुल्क श्रीमद्भागवतगीता अभ्यास वर्ग

नागपुर : विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा नागपुर द्वारा श्रीमद्भागवतगीता अभ्यास वर्ग का आयोजन किया जा रहा है। गीता के श्लोकों का उच्चारण तथा भावार्थ को समझने व जानने का यह स्वर्णिम अवसर है। यह अभ्यास वर्ग 15 अक्टूबर से प्रति सोमवार शाम 6.30 से 7.30 बजे विवेकानन्द केन्द्र, 26 अत्रे ले-आउट, प्रताप नगर में होगा। इस वर्ग में श्री श्रीनिवास वर्णेकर तथा सौ.वंदना वर्णेकर का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। वर्ग सम्बन्धी अधिक जानने के लिए 9689458542 / 9370803901 / 9422803903 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

Tuesday, July 3, 2018

विवेकानन्द केन्द्र : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ‘सामूहिक योगाभ्यास’ तथा रक्तदान

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा नागपुर के द्वारा नगर के प्रसिद्ध अम्बाझरी तलाव के तट पर स्वामी विवेकानन्द स्मारक परिसर में “अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह’ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर व्यासपीठ पर बतौर मुख्य अतिथि कर्नल विपिन वैद्य, विवेकानन्द केन्द्र के विदर्भ विभाग श्री आनंद बगड़िया तथा केन्द्र के नागपुर सहनगर संचालक प्रोफेसर डॉ. विलास देशपांडे विराजमान थे। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल विपिन वैद्य ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी की पहल पर शुरू हुआ। इसका जो ‘लोगो’ है वह विश्व को मानवता तथा शांति का सन्देश देता है और अपनेआप को जानने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शरीर, मन तथा चित्त की शुद्धि के लिए योग को अपनाना होगा। यह केवल व्यायाम नहीं है वरन यह जीवन दृष्टि है। अपने जीवन को निरामय, पवित्र तथा ध्येयगामी बनाने की प्रेरणा योग से मिलती है। इसलिए विश्वभर में निर्विरोध योग की मान्यता है। प्रकृति के साथ विकास यह हमारी योगमय जीवन की संकल्पना है। कर्नल वैद्य ने कहा कि हम सभी नियमित सूर्यनमस्कार-योगासन-प्राणायाम कर स्वयं को स्वस्थ रखें, तभी हम देशकार्य के कर्तव्य को सफलतापूर्वक निभा सकेंगे।

इस अवसर पर कुल 208 नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास तथा सूर्यनमस्कार किए। युवाओं को आह्वान किया कि आज अधिकाधिक सूर्यनमस्कार करें। इस आह्वान पर 35 बालकों तथा युवाओं ने 72 सूर्यनमस्कार किए, वहीं 17 युवाओं ने 50 सूर्यनमस्कार अर्पित कर स्वामी विवेकानन्दजी का अभिवादन किया। साथ ही इस अवसर पर डॉ.हेडगेवार रक्तपेढ़ी के प्रमुख श्री अशोक पत्की के आह्वान पर युवाओं ने रक्तदान किए। संत श्री गजानन महाराज मंदिर के ट्रस्टी श्री नारखेडेजी के सहयोग से मंदिर परिसर में रक्तदान किया गया।

इससे पहले कार्यक्रम की प्रस्तावना देते हुए केन्द्र के सहनगर संचालक तथा विएनआईटी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. विलास देशपांडे ने नागरिकों को केन्द्र कार्य से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम की शुरुवात में कु.अश्विनी काले ने प्रार्थना ली, पश्चात् वंदिता मेलग ने “बनें हम राष्ट्र के योगी” गीत प्रस्तुत किया, वहीं कु.तोषिता मुरुगकर, कु.सम्पदा खिरवडकर, कु.सार्थता देशपांडे तथा कु.गायत्री वैद्य ने ‘विवेक वाणी’ कहकर स्वामी विवेकानन्द का सन्देश सुनाया। केन्द्र के युवा सहप्रमुख अश्विन अयंगार ने सूर्यनमस्कार का संचालन किया, वहीं कु. श्रुति टोळ तथा कु.वैदेही पाठक ने योगाभ्यास का संचालन तथा प्रात्यक्षिक किया। कार्यक्रम का सम्पूर्ण संचालन मंदार देव ने किया तथा केन्द्र की सह नगर प्रमुख सौ. क्षमा दाभोळकर ने आभार व्यक्त किया।

Friday, July 21, 2017

Guru Poornima Celebration at​ ​N​agpur

Vivekananda Kendra Nagpur Branch  celebrated   Gurupaurnima  utsav from 7th to  9th  July 2017.  A three days series of lectures was  arranged on this occasion at Kendra karyalaya .

On the opening day of the series, the retired professor of Dharampeth College Ms Ushatai Gadkari was invited.  She said, “Our first Guru is Mother, after her every member of our family, then our Teacher in School is our Guru. Not only this, every living or non-living thing which is the part of this universe, is our Guru, because everyone  of  them teaches us something.  Self-conversation is necessary to determine Gur-Tatwa.  The  Introduction of the program was given by Manjiritai Dhavle and the Speaker was introduced by Gitatai Kelkar.

Shradhey Jyotiswaroopananda Maharaj of Ramkrishna Math, Dhantoli was the invitee on Second day.  “The first word in the World is Omkar and Omkar itself is the World.  It is not only a word but it is ‘NAADBRAMH’.  GU  means Darkness and RU means Light.  In that way GURU represents a person  who guides us in the way from Darkness to Light.”   He  interpreted ‘OMKAR’ in very simple and interesting way.  Asavaritai Kulkarni introduced the speaker.

 Prof. Raghunath Bhalerao, who was the invitee on the third and concluding day, explained the ‘Importance of Guru in the present scenario’. He elaborated the subject especially for the youth, which was prominent part of the audience, by quoting historical and current examples.  Dipalitai Agrawal introduced him to the audience. 

 Chanting of Guru-Bhajan on all the three days of the Lecture Series made the Whole atmosphere holy and sacred.  On the concluding day, Flowers were offered to Omkar.  On all the three days, the program was conducted successfully by Renutai Indurkar. Total 140 people attended the program.

Friday, March 3, 2017

Yoga Satra and Pranayama Satra at Nagpur

Vivekananda Kendra Nagpur Branch organised 2 YOGA SATRAS in February 2017.

One satra was organized at 26 Atre Layout (11-02-2017 to 20-02-2017) in the morning 6 to 7.30. Total 12 candidates participated in this satra. It included practical training of Loosening Exercise, Surya Namaskar, Aasan, and Pranayam.

Pranayam satra which was organised at Raviram Residency Dhantoli (13-02-2017 to 19-02-2017) in the evening 5 p.m. to 6 p.m. 19 candidates participated in this satra.  It included Practical training of Loosening Exercise,Breathing Exercise and Pranayam.

Detail explanation of Patanjali Yoga Sutra in both the satra

Friday, December 23, 2016

वर्धा में व्यक्तिमत्व विकास कार्यशाळा

भारतीय संस्कृती परीक्षा के सफल आयोजन के पश्चात  महाविद्यालयो में एक दिवसीय  व्यक्तिमत्व विकास कार्यशाळा का  आयोजन ३ स्थानों पर व एक institute में "विवेकानन्द केन्द्र परिचय कार्यशाळा" का आयोजन अभी तक किया गया है। 
१. दिनांक 14.11.0216 को स्वावलंबी शिक्षण महाविद्यालय में सुबह ८ से १२ व्यक्तिमत्व विकास कार्यशाळा का आयोजन किया गया। 
इस कार्यशाळा में वर्धा जिल्हे से भा.स.प. में 
First (अमित सुभाष मराठे, M.S.W. first sem - अनिकेत समाजकार्य महाविद्यालय, वर्धा), 
Second (कु. कविता कृष्णाजी मंगरुळकर, M.S.W. first sem - कुंभलकर समाजकार्य महाविद्यालय,वर्धा)
Third (नितीन पोहकर, class 11 th, Indian Military School, Pulgaon) 
को बक्षिस प्रदान किया गया। 
कार्यशाळा में central excise and customs department के से.नि.superintendent श्री सुधीर दन्दे मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। 
खेल,गीत,परिचय, action song के पश्चात ४ गण  विभाजित  कर "मै से हम" इस विषय पर मंथन व प्रस्तुतिकरण लिया गया। 
कार्यशाळा में ३७ युवाओं की  उपस्थिति रही। 
मंथन के पश्चात मुख्य अथिति श्री  सुधीर दन्दे ने उपस्थित युवाओं का मार्गदर्शन किया। 
बक्षिस वितरण केन्द्र के नगर संचालक श्री प्रमोद बोरकर, सह नगर संचालक श्री प्रकाश बोम्बटकर मुख्य अथिति श्री  सुधीर दन्दे ने किया। 
First & Second पुरस्कार प्राप्तकर्ता अमित व कु. कविता कन्याकुमारी में होने वाले युवक नेतृत्व विकसन शिविर में सहभागी होने वाले है। उनका reservation किया गया है। 
कार्यशाळा का संचालन कु. संजना ठाकरे ने किया।  कार्यशाळा के सफलतार्थ  केन्द्र कार्यकर्ता श्री अनन्त पुरन्दरे, श्री अमोल गाढ़वकर, कु. सुषमा ठाकरे, आकाश बैसवारे, प्रफुल पजई, सौरभ, भूषण सूर्यवंसी ने प्रयत्न किया। 
२. दिनांक 02.12.2016 को Rural Institute पिपरी मेघे वर्धा में दोपहर १ से सायं ४ बजे तक  व्यक्तिमत्व विकास कार्यशाळा का आयोजन किया गया। 
इस कार्यशाळा में rural institute के ३९ युवा सहभागी हुए। 
निम्न गतिविधियां इस कार्यशाळा में ली गई -
प्रार्थना, गीत (हो जाओ तैयार साथियों..........), विवेकवाणी , खेल (घूमता किला, शेर बकरी, हाथी घोड़ा पालकी), Action Song (सुन्दर दरिया), मंथन (विषय - वैभवशाली भारत का निर्माण व वर्तमान युवा), स्वामी विवेकानन्द का जीवन चरित्र बताया गया (PPT के माध्यम से)
उपस्थित कार्यकर्ता - श्री प्रकाश खेड़कर, नगर संचालक श्री प्रमोद बोरकर, सह नगर संचालक श्री अशोक सावरकर, कार्यालय प्रमुख श्री विजय काळबांडे, कु. संजना ठाकरे, विशाल दादुरवाड़े, कौस्तुभ बोबड़े, आशीष भूरे। 
Rural Institute में केन्द्र के कार्यक्रमो की प्रभारी प्राध्यापिका डॉ. ज्योती ताई तिमांडे व प्राचार्य श्री नितीन ठाकरे पूर्ण समय कार्यशाळा में उपस्थित थे। 
इस कार्यशाळा से जुड़कर  ३ युवा केन्द्र के कार्यक्रमो में नियमित रूप से सहभागी होते है। 
३. दिनांक 03.12.2016 को  "विवेकानन्द केन्द्र परिचय कार्यशाळा" का आयोजन  समर्थ कंसलटन्सी, सेवाग्राम काम्प्लेक्स, वर्धा में किया गया। 
समर्थ कंसलटन्सी में महाराष्ट्र सरकार के skill development training अभियान के अंतर्गत nursing का course करने वाले 65 युवा सहभागी हुए। 
समर्थ कंसलटन्सी के संचालक श्री वसंत देशपांडे केन्द्र के मासिक दानदाता है।  उनके यहाँ 400 युवा अलग - 2 प्रकार के training course करते है। हमने उनसे आग्रह किया था की उन युवाओ के लिए कोई गतिविधि लेने हेतु हमें समय प्रदान करे।  अतः उन्होंने हमें १ घंटे का time (दोपहर 3 से 4 बजे तक ) दिया था। 
इस कार्यशाळा में हमने उपस्थित युवाओ को मा. श्री एकनाथजी के जीवन व केन्द्र के परिचय पर आधारित 25 min video दिखाया। 
कु. सुषमा ठाकरे ताई ने वर्धा में केन्द्र द्वारा संचालित गतिविधियों व कार्यपद्धति की जानकारी प्रदान की। 
नगर संचालक श्री प्रमोद बोरकर ने  युवाओ को केन्द्र से जुड़ने का आव्हान किया। 
प्रार्थना, गीत, विवेकवाणी,शांतिपाठ  व कार्यशाळा के आयोजन हेतु आभार माना गया। 
इस कार्यशाळा के  2 युवा साधना दिवस के कार्यक्रम में सहभागी हुए। 
४. दिनांक 16 .12 .0216 को रंगलाल केजडीवाल कनिष्ठ महाविद्यालय पुलगांव में सुबह ९.३०  से १२.१५ तक  व्यक्तिमत्व विकास कार्यशाळा का आयोजन किया गया। 
वर्धा केन्द्र के नगर उत्सव प्रमुख श्री अमोल गाढ़वकर इस junior college में प्राध्यापक है। विगत 3 वर्षो से इस junior college में भा.स.प. सम्पन्न हो रही है।  इस वर्ष 33 students सहभागी हुए। 
केन्द्र के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री अरविन्द गोरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
उन्होंने "स्वामी विवेकानन्द के चरित्र निर्माण संबंधी विचार" इस विषय पर 35 min का उद्बोधन दिया। 
गणसः मंथन व प्रस्तुतिकरण भी किया गया। मंथन का विषय be & make था। 
मंथन की प्रस्तावना नगर संचालक श्री प्रमोद जी बोरकर ने रखी। 
इस कार्यशाळा में ७९ students (परीक्षा सहभागी हुए + अन्य) उपस्थित थे। 
प्राचार्या सौ. नकासे मैडम व उप प्राचार्य श्री नूरसिंह जाधव ने परीक्षा में सहभागी हुए विद्यार्थियों को certificate प्रदान किये व दोनों ने 5-5 min संबोधित भी किया 
कार्यशाळा का सूत्र संचालन श्री अमोलजी गाढ़वकर ने किया। 
कार्यशाळा में प्रार्थना, गीत (जागों तो एक बार, जागों....), विवेकवाणी, खेल, अभिनय गीत,शांतिपाठ भी लिया गया था। 
आभार प्रदर्शन प्राध्यापिका सौ. व्यवहारे मैडम ने माना।
हमारे साथ इस कार्यशाला में युवा कार्यकर्ता आशीष भूरे भी उपस्थित था। 

Friday, December 16, 2016

Geeta Jayanti Celebration at Nagpur

"All of us work with the idea of 'doership' and that is the reason, we are bound by the fruit of action and subsequently the cycle of birth and death continues. If we work with the sense of Yajna, we get freedom from bondage. When the fruit of action is accepted with Prasada Buddhi , we get contentment and peace of mind." Sushri Arunatai Kulkarni expressed her thoughts on the occasion of Geeta Jayanti. 
Nagpur branch of Vivekananda Kendra celebrated Geeta Jayanti on 10 th Dec 2016. The day began with Geeta-Pathan from 6.30 a.m. to 9.30 a.m.  The evening programme started with Prarthana and Krishna Bhajans. Karyakartas   represented their  Vistars by presenting their thoughts on Karmayoga Shloksangraha. The programme was concluded by Shantimantra and Kendra-Prarthana. 

Monday, December 5, 2016

Sadhana Diwas Program in Nagpur

संकुचन कभी भी ‘विस्तार’ का अंग न बनें : भानुदासजी

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के राष्ट्रीय महासचिव श्री भानुदास धाक्रस ने कहा कि माननीय एकनाथजी रानडे के जीवन को अधिक निकटता से समझना है तो ‘केन्द्र प्रार्थना’ के मर्म को समझना होगा। केन्द्र प्रार्थना का प्रत्येक पद मा.एकनाथजी के जीवन संकल्प, कार्य और समर्पण को दर्शाता है। भानुदासजी 19 नवम्बर को साधना दिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

भानुदासजी ने आगे कहा कि मनुष्य का व्यक्तित्व, कृर्तत्व और नेतृत्व यह समाज से प्राप्त होता है। व्यक्ति को सम्मान, पगार और समझ भी समाज से ही प्राप्त होता है। एक अर्थों में केजी से पीजी तक समाज ही व्यक्ति के विकसित होने का मार्ग प्रशस्त करता है। इसलिए समाज को श्रेष्ठ और उदात्त जीवन मूल्यों पर आधारित होना चाहिए। इसके लिए हम सबको समाज को संगठित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि समाज को संगठित करने के लिए सबसे आवश्यक है- ‘हमारा समाज के प्रति दृष्टिकोण’। समाज के लिए कार्य करते समय हमारी भावना कैसी है, यह बहुत महत्वपूर्ण है। बचपन से युवावस्था तक हम समाज से लेते हैं। समाज हमें पोषित करता है, हमें सक्षम बनाता है। इसलिए जब हम सक्षम बन जाते हैं, क्षमतावान हो जाते हैं तो हमारा दायित्व है कि हम समाज को अधिक मात्रा में प्रदान करें- “जीवने यावदादानं, स्यात् प्रदानं ततोधिकम”। केन्द्र प्रार्थना का यही संदेश है।

भानुदासजी ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति के गुणों को पहचान कर देशहित में उसका उपयोग करना चाहिए। हमारे केन्द्र कार्य के व्यवस्थाओं में ‘विस्तार’ का बड़ा महत्त्व है। विस्तार में योग वर्ग, संस्कार वर्ग, केन्द्र वर्ग और स्वाध्याय वर्ग कितने चल रहे हैं, कैसे चल रहे हैं। इन वर्गों में कितने लोग शामिल होते हैं। संख्यात्मक और गुणात्मक दृष्टि से इसका आकलन होना चाहिए। यदि विस्तार में हमारी कार्यपद्धति ठीक से नहीं चल रही है। कभी कभी शुरू रहती है, कभी बंद हो जाती है। ऐसी स्थिति को बदलना होगा, क्योंकि विस्तार का तात्पर्य “विस्तारित” होना है। संकुचन कभी भी विस्तार का अंग नहीं बने, इसका चिंतन प्रत्येक को करना होगा। जब अपने विस्तार में भारत विश्वगुरु बनेगा, समझिए कि भारत देश में विश्वगुरु बन रहा है। इसलिए अपने-अपने विस्तार में “विश्वगुरु भारत” का वातावरण बनाएं। यह तभी संभव है जब हम स्वामी विवेकानन्दजी के विचारों को प्रत्येक घर तक पहुंचाएंगे। आप केवल स्वामीजी के विचारों को पहुंचा दीजिए, वे स्वयं देशकार्य में लग जाएंगे। 

भानुदासजी ने जोर देकर कहा कि विश्वगुरु भारत का स्वप्न देखनेवाले प्रत्येक देशवासी को देशकार्य में अपनी भूमिका को देखना होगा। उन्होंने कहा कि अपनी भूमिका पर जब चिंतन होगा तब अपने में अधिक सुधार की संभावना रहती है। इसलिए स्वामीजी के विचार प्रकाश में अपनेआप का आकलन करना आवश्यक है। समाज के लिए कार्यरत अनेक बार अहंकार आता है कि हम देश के लिए कार्य कर रहे हैं। इसलिए नित्य अपना चिंतन होना चाहिए कि मेरा कार्य मेरा कर्तव्य है। हमारे जीवन में कर्तव्य का बोध सदैव रहे, पर कार्यकर्ता के लिए ‘कर्ता’ के भाव को त्यागना बहुत आवश्यक है।

इससे पहले कार्यकर्ताओं ने विस्तारशः केन्द्र प्रार्थना के 14 पदों पर प्रसंग नाट्य प्रस्तुत किए।

Friday, October 14, 2016

Youth should read and understand Swami Vivekanand’s philosophy and work with self-confidence and determination, appealed Krishnamoorti

Nagpur, september 26 : Universal brotherhood is not just an emotional concept, but a vision of the strong person who wish welfare of all. The concept was propagated by Swami Vivekanand, who believed in physical and mental strength for a peaceful and satisfied society in the world.

This was stated by N Krishnamoorti, a dedicated fulltime worker of Vivekanand Kendra, Kanyakumari, Nagpur Centre, on Monday.

Krishnamoorti was delivering a lecture on ‘Gauravmay Bharat Ka Aadhar - Vishvabandhutva’. Col Sunil Deshpande, President of Prahar Jagruti Sanstha was in the chair. Life member of Vivekanand Kendra Vishwas Lapalkar and Dr Jagdish Hedau were seated on the dais.

The economy of India was very strong and till the 18th century it held 25% of the world’s wealth. Its economy was based on social system, self-sufficiency of villages and landlords ensuring that nobody in their village will remain hungry. The concern for entire society was a great strength of Indian society, which still exists in a major part of the nation,

Krishnamoorti said and added, the economy improves and remains stable, where people live together and care for each other. There was no standing army and everyone was ready to fight for the nation, when ever required. He advised the youth to become mentally and physically strong and work with positive approach. The history of any nation is stories of a handfull of strong persons with very strong self-confidence.

Several economists and philosophers have appreciated the strength of Indian social structure, which makes it a strong nation. With several aggressions efforts were made to break this social system and wisdom of people. The nuclear test in Pokharan again demonstrated strength of the nation, which the world recognised.

Krishnamoorti appealed to the youth to read and understand Swami Vivekanand’s philosophy and work with self-confidence and determination.

In his presidential address, Col Deshpande spoke briefly about ‘Prahar’ and his experiences as an Army Officer. He also emphasised on having self-confidence and determination for positive work. India has one of the best armies in the world. He appealed to the people to have faith in Indian Army and support it.

Renuka Indurkar gave information about the Kendra’s activities and read excerpts from his speech on Universal brotherhood. Meritorious students who

were attending Sanksar Classes of the Kendra, were felicitated on the occasion.

Thursday, September 29, 2016

Universal brotherhood celebration at Nagpur

“Though Narendra was born with many divine qualities, his Guru Shriramakrishna’s teachings moulded him properly to perform his duty towards the world in future”, said Swami Madhavananda on 16/09/2016.

He was delivering first lecture on ‘Narendranath te Vivekananda – Ek Divya Pravas’ of two day lecture series organized by Nagpur Branch of Vivekananda Kendra at Madhav Sabhagriha, Nagpur. The subject of second lecture was ‘Sw. Vivekananda – Alaukik vyaktimatva ani Advitya Prabodhan. 600 people attended the programme.

Kendra’s Vidarbha Vibhag Pamukh Anandji Bagadia welcomed Swami Madhavananda. Nilimatai Ketkar introduced the dignitaries to the audience.  The programme started with Eikya Mantra from Vedas chanted by Pallavi Gadgil. A song on Swami Vivekananda was presented by Sarthata Deshpande, Vaidehi Pathak and team. Vipin Vaidya and Madhur Bagadia presented the inspiring quotations of Swami Vivekananda. Sunandatai Pande spoke about the significance of Swami Vivekananda’s lecture at Chicago in1893. Lakheshwar Chandravanshi explained the activities of the Kendra. Dr. Hedawoo, Nagar Sanchalak, delivered the vote of thanks. Dr. Madhuri Wagh conducted the proceedings.   

Thursday, September 8, 2016

‘मैं विवेकानन्द बोल रहा हूं’ सन्देश स्पर्धा के पुरस्कार वितरित

नागपुर, सितम्बर 3 : विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा नागपुर की ओर से प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी “मैं विवेकानन्द बोल रहा हूं” आंतर विद्यालय सन्देश पठन स्पर्धा का आयोजन किया गया।

कक्षा 3री से 9वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस स्पर्धा में इस बार 43 विद्यालयों के कुल 760 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए। स्पर्धा के प्रथम चरण में कुल 618 विद्यार्थी सम्मिलित हुए। प्रथम फेरी में कुल 264 विद्यार्थियों का चयन अंतिम फेरी के लिए किया गया। इन चयनित विद्यार्थियों का एक दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर लिया गया, जिसमें कुल 170 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए। इसी शिविर में विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए गए।

यह सन्देश पठन स्पर्धा हिंदी, मराठी और अंग्रेजी में लिया गया। विद्यार्थियों के लिए तीन गट (ग्रुप) बनाए गए थे। भाषानुसार प्रत्येक गट में तीन पुरस्कार रखे गए थे और 2 विशेष सांत्वना पुरस्कार रखे गए थे। प्रथम गट (हिन्दी) में प्रथम पुरस्कार सरस्वती विद्यालय (बर्डी) की मानसी नागभीड़कर, द्वितीय पुरस्कार संजूबा प्रायमरी स्कूल (चक्रधर नगर) के यशस्वी चर्जन तथा तृतीय पारितोषिक सीडीएस स्कूल (हिंगणा रोड) की श्रावणी लोखंडे को प्रदान किया गया। इसी तरह प्रथम गट ( मराठी) में प्रथम पुरस्कार आरएस मुंडले स्कूल की आनंदी कुलकर्णी, द्वितीय पुरस्कार प्रकाश मेमोरियल कॉन्वेंट के पुष्कर गौरखेड़े तथा तृतीय पारितोषिक अंध विद्यालय के श्रावण ढुमणे को मिला। वहीं प्रथम गट (अंग्रेजी) में प्रथम पुरस्कार सरस्वती विद्यालय (बर्डी) हरिओम हिंगल, द्वितीय पुरस्कार संजूबा प्रायमरी स्कूल की रुचिका कन्हेर तथा तृतीय पारितोषिक भारतीय विद्याभवन, श्रीकृष्ण नगर की कु. श्रिया काशीकर को प्रदान किया गया।

द्वितीय गट (हिन्दी) में प्रथम पुरस्कार खुले गट से दिया पाराशर, द्वितीय पुरस्कार बीआरए मुंडले के आस्था गाढवे तथा तृतीय पुरस्कार सेवा सदन हायस्कूल की वैष्णवी भोंडवे को प्रदान किया गया। इसी तरह द्वितीय गट ( मराठी) में संजूबा हायस्कूल की समृद्धि ढोरे, द्वितीय पुरस्कार बीआरए मुंडले की श्रुति भिड़े तथा तृतीय पुरस्कार अंध विद्यालय की वेदिका गेडाम को मिला। वहीं द्वितीय गट (अंग्रेजी) में प्रथम पुरस्कार संजूबा हायस्कूल की स्नेहल राकास, द्वितीय पुरस्कार सीडीएस (काटोल रोड) की काव्या भार्गव तथा तृतीय पुरस्कार बीआरए मुंडले के ओंकार साठे को प्रदान किया गया।

तृतीय गट (हिन्दी) में प्रथम पुरस्कार भारतीय विद्याभवन (श्रीकृष्ण नगर) के अतिशय जैन, द्वितीय पुरस्कार वीटी कान्वेंट (बेलतरोडी) की दिशा हटवार तथा तृतीय पुरस्कार रामनगर भारत विद्यालय की पल्लवी गजभिये को प्रदान किया गया। इसी तरह तृतीय गट ( मराठी) में प्रथम पुरस्कार वीटी कान्वेंट की जान्हवी खंडारकर, द्वितीय पुरस्कार सेवा सदन हायस्कूल की सुषमा मेश्राम तथा तृतीय पुरस्कार बीआरए मुंडले स्कूल के ओजस तुंबडे को मिला। वहीं तृतीय गट (अंग्रेजी) में प्रथम पुरस्कार वीटी कान्वेंट (बेलतरोडी) की स्वाती अय्यर, द्वितीय पुरस्कार भारतीय विद्याभवन (श्रीकृष्ण नगर) की रिदम माहेश्वरी तथा तृतीय पुरस्कार विद्यासागर विद्यालय की सारा पुसाम को प्रदान किया गया। स्पर्धा में 2 विशेष सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए जिनमें प्रथम गट के लिए पूनम सोनी तथा तृतीय गट के लिए पीयूष खेडकर का नाम शामिल है। 

Tuesday, July 19, 2016

विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक की जन्मभूमि ‘टिमटाला’ क्षेत्र बनेगा आदर्श ग्राम : पियूष गोयल

केन्दीय ऊर्जा और कोयला मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा कि विवेकानन्द शिलास्मारक के निर्माता तथा विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक स्वर्गीय एकनाथ रानडे की जन्मभूमि ‘टिमटाला’ में आकर मैं गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं।

गोयल ने कहा कि विवेकानन्द केन्द्र के कार्य के लिए एकनाथजी रानडे जब भी मुंबई आते थे, तब वे उनके घर आते थे। एकनाथजी को उन्होंने देखा है, उन्होंने मुझे बहुत प्रभावित किया है। उन्होंने कहा जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना हम सांसदों के सामने रखी, तभी मैंने निश्चय कर लिया था कि मैं टिमटाला को दत्तक लूंगा और उसे आदर्श ग्राम बनाऊंगा। गोयल ने कहा कि इस भूमि ने एकनाथजी रानडे जैसा महापुरुष दिया, इसके लिए टिमटाला गांव को नमन है। टिमटाला एक तरह से तीर्थ स्थल ही है, यहां आकर प्रेरणा मिलती है।

उल्लेखनीय है कि ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल ने अमरावती के नांदगांव खंडेश्वर तहसील में आनेवाले टिमटाला सहित चार अन्य गांवों को ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के अंतर्गत दत्तक लिया है। ज्ञात हो कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार पियूष गोयल के रूप में प्रथम बार कोई केन्द्रीय मंत्री इस टिमटाला क्षेत्र में आए हैं। इससे पहले कोई भी केन्द्रीय मंत्री इस क्षेत्र में नहीं आए थे। इसलिए ग्रामवासी गोयल के आगमन पर बेहद उत्साहित हैं। ग्रामवासियों ने गोयल के आगमन पर पूरे गांव में स्वच्छता की, द्वार पर रंगोली बनाई तथा बाजा-गाजा के साथ मंत्री का स्वागत किया।

टिमटाला, जनुना, निरसाना, खिरसाना तथा अडगांव को आदर्श गांव बनाने के लिए संकल्पित मंत्री गोयल ने कहा कि मैं इन पांच गांवों को गोद लेकर कोई उपकार नहीं कर रहा हूं, यह मेरा कर्तव्य है। दत्तक लिये गए गांवों का विकास करना सामाजिक ऋण को पूरा करनेवाला काम है।          

ग्रामोदय के लिए जन भागीदारी आवश्यक

ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांवों और किसानों के उत्थान के लिए “ग्रामोदय” तथा “सांसद आदर्श ग्राम योजना” हमारे सामने रखी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ग्रामोदय के कार्य देशभर में चल रहा है। ग्रामोदय के कार्य सरकार की योजना को सही तरीके से गांवों में लागु करने से ही गांवों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ ही गांव वालों को भी विकास के लिए आगे आना होगा। जन सहभागिता से ही देश का विकास हो सकता है। जबतक हर नागरिक विकास कीई यात्रा में सहभागी नहीं होता, तब तक सही अर्थों में गांव का विकास नहीं होता। इसलिए आप सभी इस विकास यात्रा में सहभागी हो।

गोयल ने कहा कि तेजी से विकास का दौर अब शुरू हो चुका है। गांवों के विकास के लिए जो राशि खर्च की जा रही है, वह आप ही की है। इसलिए सरकारी कामों की पड़ताल जरुरी है। प्रत्येक काम में क्वालिटी होनी चाहिए। यह तभी संभव है जब भ्रष्टाचार न हो। इसलिए गांववासी देखें कि ट्रक में सीमेंट कितना आया, उसका उपयोग ठीक से हो रहा है या नहीं। यदि आप इसका ध्यान रखेंगे तो काम अच्छा होगा। ऊर्जा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार पर जब आप चुप होते हैं तो आप भी भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के साथ दोषी हैं। इसलिए कुछ गड़बड़ी हो तो मुझे बताएं।

सरकार की योजनाएं आपके लिए

पियूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनता के लिए प्रधानमंत्री बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना तथा मुद्रा योजना बनाई है। किसानों को कर्ज लेने के लिए अब साहूकारों के पास नहीं जाना है। छोटे-मोटे व्यवसाय के लिए यदि रुपयों की आवश्यकता है तो बैंक में मुद्रा योजना के तहत लोन लीजिए। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने मुद्रा योजना के अंतर्गत लगभग तीन करोड़ लोगों को 1 लाख, 20 हजार करोड़ रूपये का लोन दिया गया है। इस वर्ष 1 लाख, 80 हजार रूपये का लोन दिया जाएगा। इसलिए आप भी इस योजना का लाभ उठाइए। यदि कोई बैंककर्मी आपको इस योजना के तहत आपको लोन नहीं देता है तो सीधे मुझे बताइए। अकारण जनता को परेशान करनेवालों पर केन्द्र सरकार योग्य निर्णय लेगी।

शुभारम्भ और घोषणाएं

25 जून को अपने एक दिवसीय अमरावती प्रवास के दौरान केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल ने दत्तक लिए गए पांच गांवों में विकास कार्यों का शुभारम्भ किया। इस दौरान केन्द्रीय मत्री ने एलईडी स्ट्रीट लाइट व मोबाइल से चलाए जा सकनेवाले कृषि पम्प का शुभारंभ किया। गायत हो कि पहले उन्होंने केवल चार गांव को ही दत्तक लिया था, लेकिन जब समारोह के बीच अडगांव के सरपंच ने अपने गांव को भी सांसद आदर्श ग्राम योजना में शामिल करने की मांग की तो ऊर्जा मंत्री ने तुरंत इस मांग को स्वीकार कर लिया।

केन्द्रीय मंत्री गोयल ने यह भी कहा कि जनुना स्थित विद्यालय की इमारत जर्जर हो चुकी है, इसलिए वहां नए विद्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन पांचों गांवों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विकासात्मक क्लस्टर की स्थापना की गई है। इस क्लस्टर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंक, पोस्ट ऑफिस, रास्तों का विकास और चौड़ीकरण, शौचालयों का निर्माण, पीने का शुद्ध जल, बिजली आपूर्ति तथा खाद्य सामग्री वितरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि नहर द्वारा पानी की सुविधा की जाएगी। उन्होंने पारंपरिक ऊर्जा बचत पर जोर देते हुए पुराने कृषि पम्पों व बल्बों को बदलने की बात कही तथा बिजली बचत के लिहाज से किफायती कृषि पम्प व एलईडी लाइट का प्रयोग करने पर बल दिया। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान अमरावती मनपा को जल्द ही 34 हजार एलईडी स्टीट लाइट देने की बात भी की।

गोयल ने कहा कि जलयुक्त शिवार योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध की जाएगी। इन गांवों में लगभग 232 मोटरपम्प वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कृषि पम्प वितरण योजना के तहत अमरावती जिले में लगभग 1 लाख, 16 हजार कृषि पम्प वितरित किए जाने की बात कही।        

ग्राम विकास संकुल का होगा निर्माण 

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल ने इस बात की घोषणा कि आगामी कुछ वर्षों में दत्तक लिए गए पांच गावों के मध्य स्थल पर 3 एकड़ भूमि पर ग्राम विकास संकुल का निर्माण किया जाएगा। इस संकुल में सभी प्रकार की सुविधाएं होंगी ताकि किसी आवश्यक वस्तुओं तथा सेवाओं के लिए ग्रामवासियों को शहर की ओर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि ग्राम विकास संकुल में ग्राम पंचायत का सचिवालय, राष्ट्रीयकृत बैंक ग्राहक सेवा केन्द्र, भारतीय दूरसंचार निगम सुविधा टॉवर, कृषि उपकरण तथा बीज विक्री केन्द्र, पोस्ट ऑफिस, वाचनालय, स्वास्थ्य केन्द्र, दवाई स्टोर, नागरी ई-सुविधा केन्द्र, महावितरण कार्यालय बिजली बिल भरने का केन्द्र, कम्पूटर प्रशिक्षण केन्द्र, व्यायाम शाला सहित अनेक जीवनावश्यक वस्तुओं के भंडार होंगे। उन्होंने गांव के बालक, युवाओं के साथ ही बड़ों को आह्वान किया कि सभी कम्प्यूटर का प्रशिक्षण लें।

इससे पहले केन्दीय ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विदर्भ के महान संत कर्मयोगी गाडगे बाबा तथा विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक एकनाथजी रानडे की प्रतिमा को अभिवादन किया। इस दौरान उन्होंने निरसाना, खिरसाना, जनुना और टिमटाला के गांवों का प्रवास किया। किसानों से संवाद साधा। टिमटाला में आयोजित पियूष गोयल के समारोह में अमरावती के पालक मंत्री प्रवीण पोटे, सांसद आनंदराव अडसूळ, वर्धा के सांसद रामदास तडस, विधायक डॉ.अनिल बोंडे, कांग्रेस विधायक वीरेन्द्र जगताप, जिला परिषद् सदस्य अभिजित ढेपे, भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश सूर्यवंशी, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी, विवेकानन्द केन्द्र के महाराष्ट्र प्रान्त के सहसंचालक किरण कीर्तने, तुषार भारतीय, जिलाधिकारी किरण गीते, सुनील सरोदे, टिमटाला से सरपंच अशोक भेंडे, अरविन्द नळकांडे, गटविकास अधिकारी सूरज मोहोड आदि प्रमुखता से उपस्थित थे। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री गोयल ने सावित्रीबाई फुले शिष्यवृत्ति योजना के अंतर्गत गुणवान विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिया, साथ ही राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को अन्न धान्य का वितरण किया गया। समारोह में हजारों की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। 

Friday, June 24, 2016

यम, नियम के पालन के बिना ‘योग’ पूरा नहीं होता

International Day of Yoga Nagpur Maharashtra 2016अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र द्वारा सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन लक्ष्मीनगर स्थित सुयोग 
मंगल कार्यालय में किया गया। इस आयोजन में कुल 88 लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
इस दौरान योग के मर्म को समझाते हुए विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, शाखा नागपुर के संचालक तथा नागपुर मेडिकल कॉलेज के सुप्रिटेंडेंट एवं प्रसिद्ध सर्जन डॉ.जगदीश हेडाऊ ने कहा कि महर्षि पतंजलि ने “अष्टांग योग” की संकल्पना रखी थी। यम, नियम, आसान, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि, इन सबको मिलाकर पूर्ण योग बनता है, इसे ही उन्होंने अष्टांग योग कहा है। लेकिन वर्तमान में लोग केवल आसन और प्राणायाम को ही योग कहने लगे हैं। डॉ.हेडाऊ ने कहा कि यम, नियम का पालन एक योगी के लिए अनिवार्य माना गया है, इसलिए इसके पालन के बिना पूरा योग नहीं हो सकता।
पातंजल योग सूत्र में निहित सन्देश की चर्चा करते हुए डॉ.हेडाऊ ने कहा कि "युज्यते अनेन इति योगः" यह सूत्र बताता है कि योग जुड़ने की एक प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को समष्टि से, आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। योग दर्शन में ‘यम’ पांच प्रकार के हैं – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह। इसी तरह पांच नियम भी हैं, शौच (शरीर और मन की शुद्धि), संतोष, तप, स्वाध्याय तथा ईश्वर-प्रणिधान। ये यम और नियम योग दर्शन में बहुत महत्वपूर्ण माने गए हैं। लेकिन आज परिस्थिति ऐसी है कि लोग अपनी सुन्दरता निखारने और स्वास्थ्य लाभ के लिए योगासन और प्राणायाम करते हैं। ऐसे अनगिनत लोग हैं जो रोगी होने के बाद योग की ओर मुड़ते हैं।
डॉ.हेडाऊ ने कहा कि आजकल अभिनेत्रियों, मॉडल्स द्वारा किए गए योगा टिप्स की सीडी खरीदते हैं। अभिनेत्रियां आदि अपने फिटनेस बनाए रखने के लिए योग करती हैं, ऐसा वे बताती भी हैं। लोग उनसे आकर्षित होते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शारीरिक फिटनेस तो जरुरी है ही, पर योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य और सुन्दरता तक सीमित न करें। यम, नियम का पालन अवश्य करें, क्योंकि जो लोग केवल शरीर के लिए योगासन करते हैं वो भौतिक तृष्णाओं में फंसे रहते हैं, कई बार अपराध भी कर जाते हैं। इसलिए योग का उद्देश्य समझना होगा। डॉ.हेडाऊ ने कहा कि योग से शरीर और मन की शुद्धि तो करना ही है, पर यह सब किसलिए? योगी बनना है राष्ट्र के उत्थान के लिए, इसलिए हम गीत गाते हैं,- “बने हम राष्ट्र के योगी करेंगे ध्यान भारत का।”
इससे पहले कार्यक्रम की शुरूवात तीन ओमकार और प्रार्थना से हुई। इसके बाद कुमारी ऋचा अग्रवाल ने “बनें हम राष्ट्र के योगी, करेंगे ध्यान भारत का” गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती दीपाली अग्रवाल ने किया तथा योगाभ्यास का संचालन श्रीमती अर्चना लपालकर तथा डॉ.हेडाऊ ने किया। इस दौरान संस्कार वर्ग के वर्ग शिक्षक कुमारी श्रुति टोळ तथा वैदेही पाठक एवं वेदांग पाठक ने मंच पर योगासन का प्रात्यक्षिक किया।
मंजूषाताई लागु का अभिनन्दन व सत्कार, 2 वर्ष अरुणाचल में देंगी सेवा
इस अवसर पर डॉ.हेडाऊ ने श्रीमती मंजूषाताई लागु (57) का पुष्पगुच्छ तथा भेंटवास्तु देकर सत्कार किया। उल्लेखनीय है कि मंजूषाताई सामाजिक कार्यों में रूचि रखती हैं। नेत्रहीनों के अध्ययन की पुस्तकों का रिकार्डिंग करने का कार्य वह वर्षों से करती आई हैं। सेतु तथा निसर्गायन मंडल से वे जुडी हुई हैं। गत वर्षभर से वे विवेकानन्द केन्द्र से जुडी हुई हैं। उन्होंने कन्याकुमारी में विवेकानन्द केन्द्र द्वारा आयोजित योग शिविर तथा आध्यात्मिक शिविर में प्रशिक्षण लिया है। डिब्रूगढ़ (असम) में 15 दिवसीय मेडिकल कैम्प में उन्होंने अपनी सेवा दी है। विभिन्न शिविरों में विवेकानन्द केन्द्र के सेवाकार्यों का परिचय पाकर उन्होंने संकल्प लिया कि वे आगामी 2 वर्ष अरुणाचल प्रदेश में सेवा देंगी। उनके 2 वर्षीय वानप्रस्थी जीवन राष्ट्र को अर्पित करने पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उनका सत्कार किया गया और उन्हें राष्ट्रकार्य हेतु शुभकामनाएं दी गई।

Personality Development Camp at Nagpur

Personality Development Camp at Nagpur : June 2016Non Residential Personality Development camps were held from 21st May to 3rd June, 2016 at 9 places of Nagpur.
Children enjoyed the games, patriotic songs, SuryaNamaskar and stories along with chanting of Stotras. They also learn to make different things in craft session. This year the theme was ‘Love towards Motherland’ and the stories told to the children were on cleanliness, environment, fearlessness, regularity, hard work and self-confidence and they were oriented towards the theme. The team of young karyakartas of the age 14 years to 17 years, made this camp successful. 284 children participated in these camps.

Monday, May 30, 2016

मा.एकनाथजी की जन्मभूमि टिमटाला में ‘प्रेरणा शिविर’ संपन्न

Prerana-Shibir-Timtala 2016नागपुर, मई 15 : विवेकानन्द शिलास्मारक के निर्माता तथा विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी के संस्थापक मा.श्री एकनाथजी रानडे की जन्मस्थली टिमटाला (अमरावती, विदर्भ) में एक दिवसीय "प्रेरणा शिविर" सम्पन्न हुआ।
15 मई, 2016 को संपन्न हुए इस शिविर में टिमटाला, जनुना, खिरसना तथा नीरसाना गांव के 135 युवा, 12 बालक-बालिकाएं और लगभग 40 प्रौढ़ व बुजुर्ग सहभागी हुए। शिविर में विवेकानन्द केन्द्र (विदर्भ विभाग प्रमुख) श्री आनंद बगड़िया, विवेकानन्द केन्द्र नागपुर के सम्पर्क प्रनुख और युवा 
प्रमुख श्री लखेश्वर चंद्रवंशी अमरावती नगर के संयोजक श्री संजय पाचखेड़े उपस्थित थे।
‘स्वामी विवेकानन्द एवं एकनाथजी के जीवन कार्य’ इस विषय पर बतौर मुख्य वक्ता लखेश्वर चंद्रवंशी ने कहा कि आत्मग्लानि से ग्रस्त भारत में आत्मविश्वास और चेतना की लहर जगानेवाले स्वामी विवेकानन्द के सन्देश हमारे कार्यों का आधार है। स्वामी विवेकानन्द के जीवन के अनेक प्रसंगों को बताते के बाद उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के संदेशों को देशभर पहुंचाने के लिए माननीय एकनाथजी ने विवेकानन्द केन्द्र की स्थापना की। उन्होंने स्वामीजी के समग्र साहित्य से चयनीत संदेशों को “हे हिन्दू राष्ट्र, उत्तिष्ठत! जाग्रत!!” नामक पुस्तिका में संकलित किया। एकनाथजी ने पूरे देश में स्वामीजी के “शिव भावे जीव सेवा” के संदेशों को साकार करने के लिए भरसक प्रयत्न किया। विवेकानन्द केन्द्र शिक्षा, साहित्य, संस्कार, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए 12 प्रकल्प और अनेक उपक्रम चला रहा है। योग वर्ग, स्वाध्याय वर्ग और संकर वर्गों के माध्यम से देश के सभी आयु वर्गों तक स्वामीजी के सन्देश पहुंचा रहा है।
चंद्रवंशी ने कहा कि आज जब एकनाथजी की जन्मभूमि में इस शिविर का आयोजन हुआ है। यह भी एक प्रेरक अवसर है। इस शिविर में सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित युवाओं, बालकों और गांव के बड़े-बुजुर्गों की उपस्थिति भी इस बात का संकेत है कि यहां विवेकानन्द केन्द्र का कार्य आप सभी के सहयोग से खड़ा होगा। एकनाथजी का जन्म इसी गांव में, टिमटाला में हुआ और आप सभी यहां के निवासी है। यह अपनेआप में गौरव की बात है।
इस अवसर पर श्री आनंद बगड़िया ने कहा कि किसी भी कार्य की शुरुवात प्रेरणा से होती है। स्वामीजी और एकनाथजी हम सभी की प्रेरणास्रोत हैं। कार्य खड़ा करना है तो जरुरी है कि सबसे पहले कार्यकर्ता तैयार हो। कार्यकर्ता श्रद्धा और भक्तिभाव से खड़ा होता है, पर कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण जरुरी है। इस अवसर पर अमरावती नगर के संयोजक श्री संजय पाचखेड़े ने कहा कि हम टिमटाला में विवेकानन्द केन्द्र का कार्य खड़ा करना चाहते हैं। इसके लिए यहां के स्थानीय लोग भी हमारे साथ हैं और आप सभी शिविराथियों का भी यही मानस है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इस शिविर में खेल, गीत और मंथन सत्र के संचालन के लिए विवेकानन्द केन्द्र की शाखा वर्धा के कार्यकर्ता श्री सावरकर, कुमारी प्रियंका अवचट, सुषमा और संजना ठाकरे उपस्थित थे। इस अवसर पर नवल बुक डेपो के संचालक श्री नरेन्द्र झाडे, स्थानीय निवासी श्री जगताप तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे। शिविर में टिमटाला के निवासियों ने सभी भोजन कराया।  

Tuesday, May 17, 2016

Personality Development Camp Nagpur

The Nagpur branch of Vivekananda Kendra Kanyakumari had organized a residential Personality Development Camp from 24th to 27th April, 2016 at Ravindra Nagar Sabhagruha. 81 children from the age group of 10 years to 16 years participated in the camp. The theme of the camp was “Atulya Bharat” – Incredible India. 

The inaugural session started at 10.30 am on 24th April with prayer. Shri Vaibhav Joshi , Shibir Pramukh, in his inaugural speech motivated the children and congratulated them for choosing to attend the camp. He also told them the schedule and activities they will be performing during the 4 days. Ma. Gauritai Kher, Nagpur Nagar Pramukh, told stories to the children and also told them how this camp will help them to develop their personality and to become good and responsible future citizens. The children were divided into six groups. The groups were named after the famous personalities from the fields of science and spirituality – Shriramakrishna Paramahansa, Swami Vivekananda, Bhagini Nivedita, APJ Abdul Kalam, Vikram Sarabhai and Jayanta Naralikar. One more group named Ma Sharada group was formed separately for 30 organizing team karyakartas. Every evening from 5 to 6 pm lectures and activities were organized for this group.

The topic for the first day was ‘Self Confidence’. Kum. Shivani Dani, Director of Money Bee company, Nagpur delivered a lecture on Sw. Vivekananda and self confidence which was followed by a group discussion session. Ways to overcome fear and how to develop self confidence were discussed. Sau Gauri Deshpande concluded the session.

The Topic for the second day was ‘Discipline’. Shri Chintan Magia explained the importance of discipline in simple interactive and effective way. Shri Lakheshwar Chandravanshi conducted the group discussion session after the lecture.

‘Bravery’ was the topic for the third day. Col. Sunil Deshpande, Director of Prahar School, motivated the children by his own war experiences. The lecture was followed by Question Answer session. Small stories of bravery were given to each group. Every group had to perform a skit based on the story.

On the concluding day i.e. 27th April, Ma. Vishwasji Lapalkar, Maharashtra and Goa Pranta Sangathak, delivered a lecture on ‘Renunciation and Service’. The lecture was followed by Question Answer session.

The main attraction of the camp was ‘Prerana se Punarutthan’ – a session after dinner – in which the theme ‘Atulya Bharat’ was highlighted through small skits and songs. A group of young karyakartas (age between 12 to 16 years) who regularly conduct the Samskar vargas, presented the theme in three parts of 30 mins. every day.

In the creative session, envelop making and one stroke painting was taught. Dr. Hemant Wagh told the importance of conserving the environment. He conducted a workshop named ‘Fruit Basket’. He told how to collect seeds of different fruits and how the seeds will be helpful in saving mother Earth. Many seeds of different fruits were shown to the children and their role was explained very well. The children actively participated in this workshop.

The concluding programme was conducted by the participants Vedant Lande and Shreya Dabe. All the parents were invited for the programme. The participants demonstrated Surya namaskars, group songs, small skits etc. Ma. Vishwasji Lapalkar, the main speaker was introduced by Shri vipin Vaidya, Saha Shibir pramukh. The vote of thanks was delivered by Dr. Vilasji Deshpande, Nagar Sahasanchalak. Sthanik Karyakartas worked hard to make the camp successful. 

Friday, April 15, 2016

देशभक्ति पर आधारित युवा प्रेरणा शिविर संपन्न

Yuva-Prerana-Shibir-Nagpur-2016
नागपुर, अप्रैल 12 : ‘देशभक्ति फिर जगे, देश का ये प्राण है’ इस थीम पर आधारित युवा प्रेरणा शिविर में तरुणों ने अपने विद्यार्थी जीवन में देश, समाज और परिवार में अपनी भूमिका को लेकर गहन विमर्श किया।
विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी, शाखा नागपुर की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय युवा प्रेरणा शिविर में 10, 11 और 12 के विद्यार्थी सम्मिलित थे। विशेष बात यह रही कि इस शिविर का संचालन और व्यवस्था युवाओं ने किया। शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विवेकानन्द केंद्र की नागपुर नगर प्रमुख सौ.गौरीताई खेर ने कहा कि जीवन को सही दिशा में ले जाने के लिए युवावस्था महत्वपूर्ण पड़ाव है। युवापन में ही बड़े से बड़े संकटों से लड़ा जा सकता है। इसलिए युवावस्था में खूब मेहनत करना चाहिए।
इस शिविर में 4 बौद्धिक सत्र हुए। प्रथम सत्र ‘यह अपनी भारतमाता, सम्पूर्ण विश्व की माता’ इस विषय पर बोलते हुए भारत वाणी के सम्पादक तथा शिविर प्रमुख श्री लखेश्वर चंद्रवंशी ने बताया कि भारत विश्व की प्राचीनतम राष्ट्र है। भारत की संस्कृति, धर्म की अवधारणा और गौरवशाली अतीत को अनेक उदाहरणों के माध्यम से समझाते हुए लखेश ने कहा कि भारत पुण्यभूमि है, धर्म भूमि है, वीर भूमि है, वेद भूमि है। इसलिए वाल्मीकि से लेकर कालिदास, भारतेंदु से लेकर आज तक देश के जानेमाने कवि भारत की महिमा गाते हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट भरत अपनी मातृभूमि को माता कहते थे। यही कारण है कि भरत की भूमि को भारतमाता के रूप में जाना जाता है और युगों से भारतमाता की जय का उद्घोष इस भूमि के लोग करते आए हैं। हम सभी उन्हीं के वंशज हैं इसलिए हम भी भारत को भारतमाता कहते हैं। क्रांतिकारियों ने भारतमाता को दुर्गास्वरूप मानते हुए अपने जीवन को राष्ट्र के लिए हंसते-हंसते अर्पित कर दिया था और आज भी हमारे सुरक्षाबल मातृभूमि के सजग प्रहरी बनकर सीमा पर प्राणों की बाजी लगाकर पहरा दे रहे हैं।
द्वितीय सत्र में केंद्र की जीवनव्रती कार्यकर्ता प्रियंवदाताई पांडे ने “राष्ट्रभक्त संन्यासी स्वामी विवेकानन्द” के जीवन और सन्देश को अनेक प्रसंगों के माध्यम से शिविरार्थियों के सम्मुख रखा। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानन्द ने भारत के उत्थान को अपने जीवन का मिशन बनाया था। स्वामीजी ने जहां विश्व को भारत के गौरवमय संस्कृति और इतिहास से परिचित कराया, वहीं उन्होंने भारत में कोलम्बो से अल्मोड़ा तक भ्रमण करते हुए भारत की सुप्त चेतना को जगाया।
तीसरे बौद्धिक सत्र में नागपुर महानगर पालिका के सत्ता पक्ष नेता श्री दयाशंकर तिवारी ने देशभक्ति की आवश्यकता पर जोर दिया। ‘देशभक्ति फ़िर जगे, देश का ये प्राण है’ इस विषय पर बोलते हुए तिवारी ने कहा कि आज देश में भारतमाता की जय कहने को लेकर विवाद चल रहा है, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि हमारे शैक्षिक पाठ्यक्रम में देशभक्ति की प्रेरणा जगानेवाले पाठ नहीं होते, जिसके कारण अब की युवा पीढ़ी फूहड़ता में मजा लेने को मजबूर हैं। उन्होंने उधम सिंह, खुदीराम बोस, भगतसिंह, रामप्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक उल्ला खां के जीवन प्रसंगों को उल्लेख कर देशभक्ति के मर्म को समझाया।
शिविर का चौथा सत्र “देश की वर्त्तमान चुनौतियां और हमारी भूमिका” पर आधारित था। इस विषय पर बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री विराग पाचपोर ने कहा कि हम बचपन से अपनी पाठशाला में नित्य रूप से प्रतिज्ञा करते हैं कि “भारत मेरा देश है।...” पर यह केवल रटा जाता है। यदि यह प्रतिज्ञा जीवन का संकल्प बन जाता तो जेएनयु जैसे शिक्षा संसथान में भारत की बर्बादी के नारे नहीं लगते। उन्होंने कहा कि सत्ता के लोभी लोग समझते हैं कि भारत का जन्म 1947 से हुआ है, जबकि भारत का इतिहास करोड़ों वर्ष पुराना है। पाचपोर ने कहा कि भारत के बारे में भारतीयों की अज्ञानता आज के सन्दर्भ में सबसे बड़ी चुनौती है। यह अज्ञानता देश के इतिहास को गलत ढंग से पढ़ाने के कारण हुआ।
शिविर में ‘विद्यार्थी जीवन और करियर’ को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। परसिस्टन्स कंपनी में बड़े पद पर कार्यरत श्री तुषार जोशी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में मन के बंदर विद्यार्थी को लक्ष्य से भटकाता है। इसलिए मन को सही दिशा देने के लिए एकाग्रता और संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का मजाक बनाकर विद्यार्थी गलत करते हैं। शिक्षकों के प्रति सम्मान और सहपाठी मित्रों में परस्पर सहयोग से ज्ञान बढ़ता है।
शिविर में योग, सूर्यनमस्कार, प्राणायाम के साथ ही दिनचर्या और मित्रता व जिम्मेदारी को लेकर शिविराथियों ने आपस में चर्चा की। शिविरार्थियों ने खेल सत्र के दौरान तितिक्षवर्धक, बलवर्धक, चापलातावर्धक तथा एकाग्रतावर्धक विविध मैदानी खेल का आनंद लिया। ‘भारत की विश्व को देन’ को लेकर मंथन किया। प्रेरणा से पुनरुत्थान सत्र में इनडोर गेम्स के साथ ही मदनलाल धींगरा-सावरकर प्रसंग तथा विवेकानन्द केंद्र के संस्थापक श्री एकनाथजी रानडे के जीवन पर आधारित वीडियो क्लिप दिखाया गया। इस सत्र में चंद्रशेखर आजाद के जीवन के प्रेरक प्रसंगों से युवाओं को अवगत कराया। शिविर में मदनलाल धींगरा-सावरकर प्रसंग और चंद्रशेखर आजाद पर आधारित नाटिका शिविरार्थियों ने प्रस्तुत किए। शिविर में कुल 16 तरुण तथा 6 युवा, ऐसे कुल 22 लोग सहभागी थे। शिविर की सफलता के लिए शिविर प्रमुख के साथ ही महेश गुप्ता, पंकज घटोड़े, वैभव जोशी, विपिन वैद्य, रोकेटसो माम, शोभाताई पितले, अरुणाताई देशपांडे आदि कार्यकर्ताओं ने महती भूमिका निभाई। 

Workshop for Parents in Nagpur

Parents-workshop-in-nagpur-2016
Vivekananda Kendra Kanyakumari, Branch Nagpur had organised a parent workshop for the young parents of the students of Nursery, K.G.I,and K.G.II of "School of Scholars" on Saturday, the 2nd of April, 2016.
Fifty parents participated in the workshop. The topic of the workshop was "Spiritual ways to solve problems and handle children". The first session of the workshop started with lighting of lamp and prayer followed by a patriotic song "Nirmanoke pavan Yug me" sung by Sou. Mohini Deshpande. An interactive talk was made after the song by Sou Kshama Dabholkar. She stressed on how the early years are important in the development of children and how parents play an important  role in moulding the children into a good human being  and making them an asset for the family and Nation through quoting various examples
The second session began with Action song and games conducted by Sou. Monika Khare and Sou Nilima Ketkar followed by group discussion conducted by Sou. Archana Lapalkar. The young parents actively participated in the group discussion and enthusiastically presented their views through small skits. The summing up of the workshop was done by Sushri. Priyamvada Pande Vidarbha Vibhga Sanghathak. The workshop ended with shanti mantra.

Tuesday, February 9, 2016

स्थानिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर, नागपुर

Sthanik Karyakarta Prashikshan Shivirनागपुर के अमरावती रोड स्थित नारायण नगर में स्थानिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर दिनांक 30 और 31 जनवरी, 2016 इस कालावधि में हुआ। शिविर की शुरुवात दिनांक 30 जनवरी को सुबह 11 बजे प्रार्थना से हुई। 4 विस्तारों से 28 
कार्यकर्ताओं ने इस शिविर में सहभाग लिया।
शिविर की जानकारी तथा परिचय के पश्चात राष्ट्रभक्त स्वामी विवेकनन्द इस बौद्धिक सत्र के साथ शिविर का क्रम आगे बढ़ा। माननीय एकनाथजी तथा शिलास्मारक, प्रार्थना, कार्यकर्ता और अनुशासन इन विषयों पर भी बौद्धिक सत्र हुए। व्यवहार में राष्ट्रभक्ति तथा केन्द्र प्रार्थना इन विषयों पर मंथन हुआ। दोपहर के अभ्यास सत्र में भजन और देशभक्ति गीतों के साथ कार्यपद्धति, कार्यपत्रक, कार्यक्रम तथा उत्सव इन विषयों पर अभ्यास हुआ। सायं. खेल सत्र के पश्चात भजन संध्या का आयोजन नारायण नगर स्थित शिव मंदिर में किया गया था। 'प्रेरणा से पुनरुत्थान' में संगठन यह विषय सूत्र बांधते हुए मा. विश्वासजी ने प्रेरणादायी प्रसंगों को मध्य रखकर वैचारिक आदान प्रदान किया।
कार्यकर्ता के जीवन में भारत मा का कार्य सतत रूप से करने का संकल्प अत्यंत महत्वपूर्ण है ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र तथा गोवा प्रान्त संगठक मा. विश्वासजी लपालकर ने समापन सत्र में किया। इस सत्र में विदर्भ विभाग प्रमुख श्री आनंदजी बगड़िया उपस्थित थे।
लखेश्वर चंद्रवंशी, शोभाताई पितले, गौरीताई खेर, क्षमाताई दाभोलकर इन कार्यकर्ताओं ने शिविरार्थियों को मार्गदर्शन किया। शिविर प्रमुख का दायित्व गौरीताई खेर और सहशिविर प्रमुख का दायित्व क्षमाताई दाभोलकर ने निभाया।