विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा इंदौर द्वारा आज गुरुपूर्णिमा उत्सव को सेवानिवृत शिक्षको के सम्मान के रूप मे मनाया गया। जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षको का सम्मान एवं उद्बोधन हुआ। मुख्य वक्ता श्री मनोहर देव जी ने गुरुपूर्णिमा उत्सव के निमित्त विवेकानन्द केंद्र की कार्य की महत्ता आज के परिपेक्ष मैं केंद्र कार्य पद्धति के महत्व बताते हुए बताई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वनस्पतिशास्त्र के वैज्ञानिक डॉ मोहन बान्डे जी ने अपने उद्बोधन मैं शिक्षक व विद्यर्थी तथा गुरु व शिष्य के बीच का अंतर बताया। शिक्षक भौतिक ज्ञान की ओर ले जाता है, और गुरु शाश्वत ज्ञान की ओर। इस कार्यक्रम की संख्या १२० थी। जिसमें २० सेवानिवृत्त शिक्षको का सामान किया गया।
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Wednesday, July 23, 2014
इंदौर में गुरुपूर्णिमा का उत्सव
विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा इंदौर द्वारा आज गुरुपूर्णिमा उत्सव को सेवानिवृत शिक्षको के सम्मान के रूप मे मनाया गया। जिसमें सेवानिवृत्त शिक्षको का सम्मान एवं उद्बोधन हुआ। मुख्य वक्ता श्री मनोहर देव जी ने गुरुपूर्णिमा उत्सव के निमित्त विवेकानन्द केंद्र की कार्य की महत्ता आज के परिपेक्ष मैं केंद्र कार्य पद्धति के महत्व बताते हुए बताई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वनस्पतिशास्त्र के वैज्ञानिक डॉ मोहन बान्डे जी ने अपने उद्बोधन मैं शिक्षक व विद्यर्थी तथा गुरु व शिष्य के बीच का अंतर बताया। शिक्षक भौतिक ज्ञान की ओर ले जाता है, और गुरु शाश्वत ज्ञान की ओर। इस कार्यक्रम की संख्या १२० थी। जिसमें २० सेवानिवृत्त शिक्षको का सामान किया गया।
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