विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, राजस्थान प्रांत, शाखा जोधपुर द्वारा वीर योद्धा सन्यासी व भारत की युवा शक्ति प्रेरणा स्त्रोत स्वामी विवेकानन्द की 163वीं जन्म जयंती समारोह उत्साह पूर्वक मनाया गया।
कुडी भगतासनी में मुख्य अतिथि श्री सोहनलाल सारण की उपस्थिति रही, विवेकानन्द केन्द्र के जीवनव्रती शिवपूजन भैया ने राउमावि कुडी भगतासनी सेक्टर 7 में स्वामी विवेकानन्द जयन्ती पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। आज का युवा स्वामी विवेकानन्द के व्यक्तित्व से प्रेरित हो स्वयं के जीवन में सफलता प्राप्त करने के साथ साथ राष्ट्र का भविष्य भी संवार रहा है।
केन्द्र के व्यवस्था प्रमुख श्री एन.के. प्रजापत ने बताया की समारोह की शुरूआत प्रातः काल शहर के संवित सर्कल पर स्वामी विवेकानन्द की विराट प्रतिमा पर युवाओं द्वारा स्वामीजी को पुष्पांजलि व राष्ट्रभक्ति गीतों के माध्यम से हुई। इस अवसर पर हम है सूपत भारत के... स्वामीजी की जीवनगाथा आदि देशभक्ति-समूह गान ने वातावरण को विवेकानन्द मय कर दिया। युवाओं के जोश व उत्साह पूर्ण नारों से सर्द सुबह में भावनाओं की गर्माहट का अलौकिक अनुभव हुआ।
विवेकानन्द केन्द्र के युवा प्रमुख श्री मनीष राठौड़ के अनुसार, स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती के उपलक्ष्य में जोधपुर जिले के विभिन्न विद्यालयों में उत्साहपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शास्त्री नगर स्थित राउमावि विशिष्ट पूर्व विद्यालय, श्रीमती सरला गर्ग राउबामावि और श्रीरामस्वरूप गणेशीदेवी चिल्का राउमावि सहित कुड़ी भगतासनी, बासनी, देवनगर एवं बालेसर के सीनियर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने सामूहिक सूर्य नमस्कार का अभ्यास कर स्वामी विवेकानंद के विचारों के साथ अपनी भावांजलि अर्पित की।
इस दौरान बासनी विद्यालय में प्रिंसिपल श्री अनिल ललवानी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया, जबकि विस्तार प्रमुख विनीत कपूर ने ध्यान का अभ्यास कराया। राजकीय विशिष्ट पूर्व विद्यालय में व्याख्याता श्री अजय शर्मा ने स्वामीजी के बचपन के प्रेरक संस्मरण सुनाए और छात्रा छवि खींची ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्री संजय देव द्वारा सांस्कृतिक स्वाध्याय प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित किए गए और सह नगर प्रमुख श्री श्याम मालवीय ने गीतों के माध्यम से देशभक्तिपूर्ण वातावरण निर्मित किया। बालेसर के देवनगर विद्यालय में भी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री पंकज व्यास, श्री गौरव शर्मा, श्री भगवान भैया, श्री प्रकाश चौहान और श्री मोहित भैया जैसे कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।

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