Wednesday, September 23, 2026

विश्व बंधुत्व दिवस का आयोजन नागार्जुन शासकीय स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, रायपुर द्वारा विश्व बंधुत्व दिवस के पावन अवसर पर नागार्जुन शासकीय स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर में एक विशेष एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन 11 सितम्बर को किया गया। आयोजन में महाविद्यालयीन स्टाफ, शोधार्थियों और विद्यार्थियों सहित कुल 151 प्रतिभागियों की उत्साहजनक उपस्थिति रही। 

यह गरिमामयी कार्यक्रम विवेकानन्द केन्द्र, मध्य प्रांत के प्रांत प्रमुख आदरणीय श्री शशि दत्त गगरानी जी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ, रायपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला जी कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। 

अपने ओजस्वी उद्बोधन में मुख्य वक्ता एवं अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद जी द्वारा 11 सितम्बर 1893 को शिकागो विश्व धर्म संसद में दिए गए ऐतिहासिक संदेश की प्रासंगिकता पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि विश्व बंधुत्व, मानवता, सहिष्णुता एवं राष्ट्रनिष्ठा के स्वामी जी के विचार आज भी समाज के लिए सच्चे मार्गदर्शक हैं।

वक्ताओं ने युवाओं का आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को जीवन में अपनाकर अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

विश्व बंधुत्व दिवस के इस आयोजन ने सभी उपस्थितजनों को स्वामी जी के विचारों एवं सर्व-मानवता के संदेश से गहराई से अनुप्राणित किया।

विश्व बंधुत्व दिवस का आयोजन इन्दौर द्वारा

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, इन्दौर एवं एसजीएसआईटीएस SGSITS, इन्दौर के संयुक्त तत्वावधान में 11 सितम्बर 1893 को शिकागो विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानन्द द्वारा दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन की स्मृति में विश्व बंधुत्व दिवस का भव्य आयोजन किया गया। युवाओं को स्वामी जी के जीवन, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण के संदेश से प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में 200 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. अजीत बरगले ने किया, संयोजन प्रो. निधि ओसवाल द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रसाद व्यास ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर  श्री अतुल शैठ,  श्री उमेश खंडेलवाल, श्री सोनू गुप्ता और श्री हितेश सोनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री लखन यादव ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन की प्रेरणादायक घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि कन्याकुमारी की शिला पर 72 घंटे के ध्यान के पश्चात स्वामी जी को अपने जीवन ध्येय की स्पष्टता प्राप्त हुई। उन्होंने आर्थिक अभावों, अपरिचित वातावरण और विभिन्न चुनौतियों का धैर्यपूर्वक सामना करते हुए शिकागो में भारत की सांस्कृतिक समृद्धि का परचम लहराया। 

सीए अनुराग जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रिटिश शासनकाल में भारत के प्रति बनी पिछड़ी धारणा को स्वामी जी के भाषण ने बदल दिया, जिसकी सराहना अमेरिकी समाचार पत्रों ने भी की।

वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे SGSITS के निदेशक प्रो. नितेश पुरोहित ने वैज्ञानिक दृष्टांत देते हुए कहा कि जिस प्रकार इलेक्ट्रॉन को उच्च कक्षा में पहुँचने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार जीवन में उच्च उपलब्धियाँ प्राप्त करने के लिए युवाओं को स्वामी जी के विचारों से प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। 

इस अवसर पर आगामी “उत्तिष्ठ भारत” युवा प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन भी किया गया और कार्यक्रम का समापन पूर्ण वन्दे मातरम् के सुमधुर गायन के साथ हुआ।

108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं शिव-अमृत पूजन का आयोजित भावनगर द्वारा

भावनगर स्थित प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक आस्था के केंद्र तख्तेश्वर महादेव मंदिर के पावन सान्निध्य में स्वामी विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, गुजरात, भावनगर द्वारा पवित्र श्रावण मास के उपलक्ष्य में 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं शिव-अमृत पूजन का एक अत्यंत भव्य, दिव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। 6 सितंबर 2026 को प्रातः 7:00 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 20 परिवारों ने अपने बच्चों सहित उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें कुल 53 श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस अवसर पर श्रीमती मंजु दीदी ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वचन एवं धर्म और संस्कारों के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया, वहीं श्री नरेंद्रभाई त्रिवेदी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी भावकों ने पूर्ण श्रद्धा, भक्ति और स्वच्छता के साथ शुद्ध मिट्टी से 108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया, जिसके पश्चात विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में शास्त्रोक्त विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं शिव-अमृत पूजन के साथ भगवान आशुतोष का अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ।

भारतीय वैदिक एवं आध्यात्मिक परंपरा में पार्थिव शिवलिंग पूजन का विशेष महात्म्य बताया गया है; मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण करना, उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर पूजन करना और तत्पश्चात जल में विसर्जन करना—सृष्टि के निर्माण, स्थिति और विलय के शाश्वत एवं दार्शनिक चक्र को जीवंत रूप में अभिव्यक्त करता है। तख्तेश्वर महादेव के सुरम्य परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छोटे-छोटे बच्चों और परिवारों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति, जीवन-मूल्यों, संस्कारों तथा आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ने का एक प्रत्यक्ष एवं सुंदर अवसर मिला। 

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, जो सतत रूप से समाज में सेवा, संस्कार, योग और भारतीय संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन हेतु प्रयासरत रहता है, उसकी यह एक अत्यंत सार्थक और प्रेरणादायी पहल साबित हुई। पूजन और शिव-अमृत आरती के उपरांत सभी श्रद्धालुओं ने तख्तेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन किए और निर्मित पार्थिव शिवलिंगों का पूर्ण विधि-विधान से विसर्जन किया। 

अंततः, यह संपूर्ण आयोजन अगाध भक्ति, दृढ श्रद्धा, पारिवारिक आत्मीयता तथा संस्कारमय वातावरण में अत्यंत हर्षोल्लास एवं दिव्यता के साथ संपन्न हुआ।

 

Tuesday, September 22, 2026

दो दिवसीय 'दंपति कार्यशाला 2026' का आयोजन भावनगर विभाग द्वारा

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, भावनगर विभाग द्वारा 8-9 अगस्त 2026 को दो दिवसीय 'दंपति कार्यशाला 2026' का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में भावनगर से 16, पालिताणा से 6, गढ़ड़ा से 7 तथा अमरेली से 4, कुल मिलाकर 33 परिवारों के साथ 45 बच्चों और 10 कार्यकर्ताओं सहित कुल 121 प्रतिभागियों की उत्साहजनक उपस्थिति रही। 

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विभाग संचालिका आ. मंजु बहन गौड़, गढ़ड़ा के मार्गदर्शक श्री भगुभाई खाचर तथा व्यवस्था प्रमुख श्री प्रभाकर भाई मोदी का गरिमामयी मार्गदर्शन मिला। कार्यशाला के दौरान शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, वैवाहिक जीवन का उद्देश्य, दंपति संवाद, तथा बाल-पालन एवं संस्कार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समूह चर्चाएं आयोजित की गईं, साथ ही जोड़ों के लिए मनोरंजक व रचनात्मक खेल खेले गए। संध्या काल में भक्तिमय भजन संध्या और केंद्र वर्ग का सुंदर आयोजन किया गया।

इन दो दिनों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए चित्रकला, कोलाज निर्माण, कागजी कला, उत्साहवर्धक खेल एवं हनुमान चालीसा पाठ जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। 

समापन सत्र में प्रांत साहित्य सेवा प्रमुख आ. शैलेष भाई वैद्य ने वैवाहिक जीवन को सुखमय व सार्थक बनाने के लिए व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी विचार साझा किए। 

कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने 'सहस्रधारा' पर्यटन स्थल की आनंददायक यात्रा की और मधुर स्मृतियों के साथ अपने-अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान किया।

विश्व बंधुत्व दिवस कार्यक्रम का आयोजन सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी, मध्य प्रदेश प्रांत, भोपाल द्वारा सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी में विश्व बंधुत्व दिवस के शुभ अवसर पर एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का सफल आयोजन 11 सितम्बर 2026 को किया गया। इस आयोजन में कुल 76 विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। 

इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा छात्र-छात्राओं को स्वामी विवेकानंद जी के विश्व बंधुत्व के शाश्वत संदेश से परिचित कराना तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण एवं सकारात्मक सामाजिक सहभागिता के महत्व के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता महानगर प्रमुख श्री सौरभ शुक्ल जी रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में युवाओं को चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और समाज कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

 इस अवसर पर यूनिवर्सिटी परिसर में “युवा भारत नेतृत्व अभियान” के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन भी किया गया और उपस्थित युवाओं को इस राष्ट्रव्यापी अभियान से जुड़कर अपना सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया गया।