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Saturday, April 26, 2025

कार्यकर्ता का जीवन तप और त्यागमय होना चाहिए : हनुमंत राव

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की जबलपुर शाखा द्वारा हाल ही में "विमर्श कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय था "संगठन की शक्ति: कार्यकर्ता"जिसमें जबलपुर नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता श्री हनुमंत राव जीअखिल भारतीय उपाध्यक्षविवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मनुष्य का अस्तित्व अकेले कुछ नहीं हैउसके विकास में संगठित शक्तियों की भूमिका होती है। जैसे एक संतान का जन्म केवल माता-पिता के कारण नहीं होताबल्कि अनेक अदृश्य शक्तियाँ एक साथ काम करती हैंउसी प्रकार एक कार्यकर्ता भी समाज और संगठन के सहयोग से आकार लेता है।

उन्होंने आगे कहा कि सनातन संस्कृति व्यष्टि से समष्टि” की ओर प्रेरित करती है। व्यक्ति का सच्चा आनंद केवल अपनी स्वार्थपूर्ति में नहींबल्कि समाज के लिए निस्वार्थ सेवा में है। सच्चा कार्यकर्ता वही होता है जो अपने व्यक्तिगत विकास के लिए नहींबल्कि संगठन की उन्नति के लिए सम्पूर्ण समर्पण से कार्य करता है। इसी कारण से कार्यकर्ता को संगठन की शक्ति कहा गया है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेश ग्रोवर जी ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हिन्दू समाज संगठित कार्य की प्रेरणा देता है। जब हम सामूहिक भावना से राष्ट्र कार्य करते हैंतो उसके परिणाम भी अत्यंत श्रेष्ठ होते हैं।

इस अवसर पर आरोग्य भारतीसंस्कार भारतीमयूर मेमोरियलकदम संस्थाश्रेष्ठ उपहार फाउंडेशनश्रीधरा फाउंडेशनऔर मानव उत्थान समिति सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर विवेकानन्द केन्द्र जबलपुर के विभाग संचालक माननीय डॉ. अखिलेश गुमास्ता जी ने सभी आगंतुकों और सहभागी संगठनों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

Friday, April 18, 2025

कार्यकर्ता का जीवन तप और त्यागमय होना चाहिए : हनुमंत राव

 


कार्यकर्ता का जीवन तप और त्यागमय होना चाहिए : हनुमंत राव

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की जबलपुर शाखा द्वारा हाल ही में "विमर्श कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का विषय था "संगठन की शक्ति: कार्यकर्ता", जिसमें जबलपुर नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता श्री हनुमंत राव जीअखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मनुष्य का अस्तित्व अकेले कुछ नहीं है, उसके विकास में संगठित शक्तियों की भूमिका होती है। जैसे एक संतान का जन्म केवल माता-पिता के कारण नहीं होता, बल्कि अनेक अदृश्य शक्तियाँ एक साथ काम करती हैं, उसी प्रकार एक कार्यकर्ता भी समाज और संगठन के सहयोग से आकार लेता है।