कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय सिंह के स्वागत अभिभाषण से हुआ, जिन्होंने सभी अतिथियों का अभिनंदन करते हुए दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त पूर्व भारतीय वन अधिकारी आदरणीय श्री राकेश चतुर्वेदी जी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता आदरणीय श्री राकेश चतुर्वेदी जी ने भारतीय जीवन-दर्शन के सार्वभौमिक संदेश 'वसुधैव कुटुंबकम' को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों पर चलने तथा समाज में एकजुटता व पर्यावरण-हितैषी चेतना के प्रसार के लिए प्रेरित किया।
विमर्श के दौरान वक्ताओं ने विश्व बंधुत्व, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक धरोहर एवं सामाजिक समरसता जैसे गंभीर व समसामयिक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।
पूरा आयोजन मध्य प्रांत के प्रांत प्रमुख आदरणीय श्री शशि दत्त गगरानी जी की विशेष एवं गरिमामयी उपस्थिति में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।