Thursday, June 6, 2019

योग सत्र - अजमेर

दिनांक 31-मई को पुराना छतरी योजना उद्यान, अजमेर में चल रहे विवेकानन्द केन्द्र के योग सत्र का समापन हुआ। आज अधिकांश व्यक्ति युवाअवस्था में ही हाइपरटेंशन, मधुमेह, कमरदर्द, हृदयरोगों से ग्रस्त होता जा रहे हैं। रोगों पर हुए आधुनिक शोधों से यह सिद्ध हो चुका है कि ये सभी साइकोसोमेटिक रोगों की श्रेणी में आते हैं जिनसे मुक्ति केवल योग द्वारा ही संभव है। विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी का आवर्तन ध्यान शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक स्तर पर मनुष्य के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करता है तथा उसे राष्ट्र पुनरूत्थान के लिए तैयार करता है। उक्त विचार अखिल भारतीय सर्जन एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के रामकृष्ण विस्तार संचालक डाॅ0 श्याम भूतड़ा ने वैशाली नगर स्थित पुराना छतरी योजना उद्यान में दस दिवसीय योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण सत्र के समापन पर व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख डाॅ0 स्वतन्त्र शर्मा ने सभी उपस्थित साधकों को ‘मेरा योग वर्ग मेरा स्वर्ग’ का संकल्प कराते हुए पुराने छतरी योजना उद्यान में निःशुल्क नियमित योग वर्ग की नींव रखी। 

विस्तार प्रमुख कुशल उपाध्याय ने बताया कि योग सत्र में साधकों को कमर, पीठ व गर्दन के दर्द से मुक्ति तो मिली ही है साथ ही अच्छी नींद, मानसिक तनाव से मुक्ति, भूख खुलकर आना, शरीर में हलकापन, दिनभर ताज़गी, प्रसन्नता एवं चुस्ती बने रहना जैसे अनुभव हुए हैं। सत्र के समापन पर बीना कासलीवाल, अतुल जैन, मोहिनी इसरानी, नीलू अग्रवाल, नुपुर जैन, सीमा जैन, रिद्धिमा, मीना दोषी, सुधा बोहरा, चिराग आदि ने अपने अनुभव साझा किए। सत्र का संचालन राकेश शर्मा, लक्ष्मीचंद मीणा, राखी वर्मा व मनोज बीजावत ने किया। सुनील गर्ग ने विवेकानन्द केन्द्र का आभार जताते हुए बताया कि पुराना छतरी योजना उद्यान में 1 जून से प्रातः 5.30 बजे से  6.30 बजे तक नियमित निःशुल्क योग कक्षा प्रारंभ की जा रही है।

प्रचार प्रमुख भारत भार्गव ने बताया कि विवेकानन्द केन्द्र का अगला योग सत्र 1 जून से लादूराम अग्रवाल धर्मशाला, नसीराबाद में आयोजित किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए आप हमारे कार्यालय (पता : "एकाक्षरं", 226-A/28, शिव मंदिर के पास, नई बस्ती, भजन गूंज, अजमेर-305001), दूरभाष 0145-2666042 / 9414259410 अथवा  ईमेल [email protected] पर  संपर्क  करे।

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