Friday, February 13, 2015

बिहार प्रान्त का प्रांतीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर संपन्न

विवेकानन्द केंद्र कन्याकुमारी बिहार प्रांत द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रान्तीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन गया नगर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में किया गया ,जिसमें पटना नगर के 11, गया नगर से 03, तिलकपुर से 05 कार्यकर्ता उपस्थित रहे| 08 कार्यकर्ता संचालन चमू में रहे| शिविर का प्रारम्भ 28 जनवरी 2015 शाम 6.30 बजे भजन संध्या से हुआ तत्पश्चात बिहार प्रांत संगठक मुकेश भैया द्वारा पञ्चप्रेरणा श्रोत में से भारतमाता और प्रणव मन्त्र  विषय पर मार्गदर्शन किया गया| 29 जनवरी प्रात: 4:30 जागरण के साथ 5.15 प्रात:स्मरण इसके बाद योगवर्ग, फिर गीता पठन, श्रमसंस्कार, श्रमपरिहार तत्पश्चात प्रथम दिवस के उदघाटन सत्र में श्री महंत कन्हैयादासजी (सिंघ्रा स्थान,गया ) का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ| प्रथम सत्र  और द्वितीय सत्र राष्ट्रभक्त स्वामी विवेकानन्द और मनुष्य निर्माण से राष्ट्रपुननिर्माण विषय पर मार्गदर्शन आ. मोहन जी, संघ के उत्तर पश्चिम क्षेत्र के क्षेत्र कार्यवाह द्वार किया गया|12.30 भोजन 01.45 पर गीत सत्र | मंत्र अभ्यास कराया गया 2.15 नैपुण्य वर्ग में भिन्न -भिन्न विषयों पर हमारे उत्सव, प्रेस विज्ञप्ति ,अभियान,लेखा-जोखा का प्रशिक्षण कराया गया| द्वितीय दिवस प्रथम सत्र और द्वितीय सत्र राष्ट्र के समक्ष चुनौतियां और समय की मांग विवेकानन्द केंद्र विषयों पर मार्गदर्शन  क्रमशः आ. राणाप्रताप जी (सह प्रांत प्रचारक,दक्षिण बिहार ) और डॉ. दयाशंकर पाण्डेय जी,पर्व प्रमुख बिहार द्वारा किया गया, तत्पश्चात 4.45 पर संस्कार वर्ग में खेल, गीत, कहानी, संकल्प और उद्घोष का प्रशिक्षण दिया गया|

तृतीय दिवस के विषय क्रमशः कार्यप्रणाली एवं कार्यपद्धति और संपर्क मंत्र,तंत्र और यन्त्र पर मार्गदर्शन आ. मुकेश भैया द्वारा किया गया उसके बाद चतुर्थ दिवस के प्रथम सत्र में कार्यकर्ताओं प्रत्यक्ष संपर्क करने गए और उसका अनुभव कथन भी हुआ | द्वितीय सत्र में कार्यकर्ता के गुण और विकास पर आ. दयाशंकर पाण्डेय जी द्वारा मार्गदर्शन किया गया |

पंचम दिवस आहुति सत्र आ. मुकेश भैया द्वारा लिया गया उसमें सेवाव्रती, अल्पकालीन, और पूर्णकालीन के लिए आवाहन किया गया तथा नगर सह बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमे संस्कार वर्ग, स्वाध्याय वर्ग, योग वर्ग की योजना बनायीं गई साथ ही साथ परिपोषक सदस्य बनाने का भी उस बैठक में संकल्प लिया गया | शिविर में एक विशेस सत्र पाथेय रखा गया  जिसमें भिन्न भिन्न विषय जैसें कथा शिलास्मारक, कार्य रचना और कार्य व्यवस्था, केंद्र प्रर्थाना और चमू निर्माण पर मार्गदर्शन किया गया | रात के समय प्रेरणा से पुनरुथान में प्रतिदिन मा. एकनाथ जी की छोटी छोटी कहानियों पर प्रकाश डाला गया तत्पश्चात हनुमान चालीसा, आत्मावलोकन व गण बैठक के पश्चात पुरे दिवस की समाप्ति होती थी |

शिविर के शिविर अधिकारी का दायित्व श्री सत्येन्द्र शर्मा जी (प्रांत व्यवस्था प्रमुख) शिविर मार्गदर्शक और शिविर प्रमुख का दायित्व आ. मुकेश भैया द्वारा निर्वहन किया गया | इसके अतिरिक्त अलग अलग कार्यकर्ताओं द्वारा अलग अलग दायित्व का निर्वहन किया गया |