विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी उत्तर प्रांत के तत्वावधान में कार्यस्थान मयूर विहार फेज 3 की कार्यकारिणी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा एक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन दिनांक 8 अगस्त 2026 को संपन्न किया गया। जिसमें कुल 8 सदस्यों की उत्साहजनक उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, गुरु परंपरा और धार्मिक अनुष्ठानों पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर एक विशेष सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें श्री रमन जी ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपनी क्षेत्रीय भाषा मलयालम में गुरु के माहात्म्य का सुंदर एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने समझाया कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है और किस प्रकार एक सच्चा गुरु साधक को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है।
इसके साथ ही, कार्यक्रम में दक्षिण भारत (विशेषकर केरल) की एक अत्यंत पवित्र परंपरा पर विशेष प्रकाश डाला गया। रमन जी ने बताया कि इस माह 15 जुलाई से 15 अगस्त के दौरान केरल समाज में 'रामायण मास' कर्किडकम माह मनाया जाता है। इस अवधि में केरल के लोग प्रतिदिन अपने-अपने घरों में श्रद्धा एवं भक्ति भाव से रामायण पारायण करते हैं। इस परंपरा का उद्देश्य घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना और भावी पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन भाषाई विविधता में सांस्कृतिक एकता का एक सुंदर उदाहरण सिद्ध हुआ।