कार्यक्रम का शुभारम्भ 22 मिनट की प्रेरक डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन से हुआ। तत्पश्चात तीन ओंकार, शांति पाठ एवं प्रार्थना के साथ औपचारिक कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। मंचस्थ अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के अखिल भारतीय महासचिव माननीय श्री भानुदास धाक्रस जी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विवेकानन्द केन्द्र जबलपुर विभाग के संचालक माननीय श्री वेदप्रकाश शर्मा जी ने की।
अपने उद्बोधन में श्री भानुदास धाक्रस जी ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि व्यवहार और जीवन जीने की कला सिखाने वाली मार्गदर्शिका है।
अपने उद्बोधन में श्री भानुदास धाक्रस जी ने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि व्यवहार और जीवन जीने की कला सिखाने वाली मार्गदर्शिका है।
में गीता : स्वयं को ऊँचा उठाने का मार्ग दिखाती है गीता
कृतज्ञता, विनम्रता और श्रेष्ठ व्यवहार ही गीता का सार
विपरीत परिस्थितियों में हमारा व्यवहार ही हमारे व्यक्तित्व की पहचान
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी पर्वत पर चढ़ने के बाद नीचे का दृश्य अधिक व्यापक और सुंदर दिखाई देता है, उसी प्रकार जब मनुष्य स्वयं को मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से ऊँचा उठाता है तो उसे जीवन और समाज का व्यापक स्वरूप दिखाई देने लगता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पर्वत की ऊँचाई से नीचे का दृश्य अधिक व्यापक दिखाई देता है, उसी प्रकार मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति से मनुष्य को जीवन तथा समाज का वास्तविक स्वरूप समझ आने लगता है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में व्यक्ति के असली चरित्र के प्रकट होने की बात कहते हुए निरंतर आत्ममंथन, दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन और प्रशंसा मिलने पर अहंकार से बचने का संदेश दिया। साथ ही, कृतज्ञता के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने ऑटो चालक जैसे हर सहयोगी व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त करने और समाज के प्रति अपने व्यवहार के निरंतर अवलोकन पर बल दिया।
विभाग संचालक श्री वेदप्रकाश जी ने उपस्थित नागरिकों से विवेकानन्द केन्द्र के विविध सेवा एवं राष्ट्रनिर्माण कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि समाज परिवर्तन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय और क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में जबलपुर नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विवेकानन्द केन्द्र के कार्यकर्ताओं ने समर्पण भाव से विभिन्न व्यवस्थाओं का संचालन किया।
अंत में आभार प्रदर्शन तथा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके पश्चात उपस्थित जनों ने जलपान एवं साहित्य सेवा का लाभ प्राप्त किया।