कार्यक्रम को कई गणमान्य अतिथियों का सान्निध्य प्राप्त हुआ, जिनमें श्री सुशील कुमार ठाकुर जी (अधीक्षक, कांडा जेल), श्री जोगिंदर सिंह जी (स्टेशन मास्टर), श्री राम ऋषि भारद्वाज जी (VHP), प्रो. वी. के. मिश्रा जी (पूर्व अध्यक्ष, संस्कृत विभाग, HPU) एवं प्रो. अमरजीत सिंह जी (भौतिकी विभाग, HPU) शामिल थे।
इस बौद्धिक और आध्यात्मिक सत्र में विभिन्न विषयों पर गहन चिंतन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पठन रहा, जिसके साथ ही गीता व रामायण के माध्यम से भगवत भक्ति की प्रासंगिकता पर सारगर्भित चर्चा हुई। सत्र के दौरान राष्ट्र सेवा की भावना, धर्म और विज्ञान के समन्वय पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तथा स्वामी विवेकानंद जी के साहित्य पर स्वाध्याय जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार साझा किए गए।
विमर्श के उपरांत एक दिव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। डॉ. हेम राज चंदेल जी (आचार्य, राजकीय कोटशेरा महाविद्यालय) और श्री जितेंद्र जी (पुलिस विभाग, कांडा जेल) ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इसने समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्र सेवा और आध्यात्मिक चेतना के सूत्र में पिरोने का सफल प्रयास किया।